छ्पी-अनछपी: धमकियों के बीच इस्लामबाद टॉक्स, गोपालगंज में फ़र्ज़ी कंपनी 80 करोड़ लेकर फरार

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को पहले दौर की बातचीत होनी है। गोपालगंज शहर में आस्था नामक फर्जी कंपनी 350 से अधिक निवेशकों से 80 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गयी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब औपचारिक तौर पर दिल्ली के हो गए। उन्होंने शुक्रवार को संसद भवन में राज्यसभा सदस्य की शपथ ली।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को होने वाली शांति वार्ता को लेकर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खासकर उन सड़कों पर जो ‘रेड ज़ोन’ की ओर जाती हैं, जहां अहम इमारतें हैं, दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी गई है। इस बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख सेना कर रही है, जिसमें रेंजर्स जैसी अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ इस्लामाबाद पुलिस और पंजाब पुलिस भी सहायता कर रही हैं। यातायात के लिए सड़कों पर इस्लामाबाद ट्रैफिक पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग एवं मोटरवे पुलिस को तैनात किया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है। इस्लामाबाद की सड़कों पर सख्त लॉकडाउन लागू है।

अमेरिका क्या बोला

शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद रवाना होते समय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अमेरिका के साथ ‘खेल’ न करे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान जाते समय कहा कि हम बातचीत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह सकारात्मक रहेगी। उन्होंने कहा, अगर ईरानी सद्भावना के साथ बातचीत को तैयार हैं, तो हम दोस्ती का हाथ बढ़ाने को तैयार हैं। लेकिन उन्होंने आगे कहा, अगर वे हमारे साथ ‘खेल’ खेलने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि हमारी बातचीत करने वाली टीम इतनी नरम नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर ईरान से बातचीत नाकाम रहती है तो ईरान पर जोरदार हमले होंगे। ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर ईरान के साथ बातचीत से कोई समझौता नहीं हो पाता है, तो ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिका के जंगी जहाजों में फिर से हथियार भरे जा रहे हैं। पोस्ट ने ट्रंप के हवाले से कहा कि हम एक रीसेट कर रहे हैं। हम सबसे बेहतरीन गोला-बारूद और अब तक बने सबसे बेहतरीन हथियार भर रहे हैं। जो पहले से भी बेहतर हैं। ट्रंप ने कहा कि आज वे सिर्फ इसलिए जिंदा हैं ताकि बातचीत कर सकें।

ईरान की शर्तें

ईरान ने शुक्रवार को बातचीत से पहले दो शर्तें रख दी, पहला- लेबनान में युद्धविराम और दूसरा ईरान की जब्त की गई संपत्तियां जारी की जाएं। ईरानी संसद के स्पीकर एमबी गालिबफ ने कहा कि वार्ता शुरू होने से पहले दोनों शर्तों को पूरा किया जाना चाहिए। इधर, ईरानी मीडिया के अनुसार बाकर क़लीबाफ़ के नेतृत्व में एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंचा। मीडिया ने यह भी बताया कि यदि वाशिंगटन तेहरान की ‘पूर्व शर्तों’ को स्वीकार करता है तो वार्ता शुरू हो जाएगी। 

फ़र्ज़ी कंपनी 80 करोड़ लेकर फरार

प्रभात ख़बर के अनुसार गोपालगंज शहर के साधु चौक पर आस्था नामक फर्जी कंपनी 350 से अधिक निवेशकों से 80 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गयी. कंपनी के कर्मी ऑफिस को बंद कर गायब हो गये हैं. कंपनी के सीएमडी गोरखपुर के पादरी बाजार हरसेवकपुर के सुधीर श्रीवास्तव के पुत्र विश्वजीत श्रीवास्तव व उनकी पत्नी चंदा श्रीवास्तव, रानीबाग बगडों के रहने वाले बृजेश ओझा की पत्नी मीनाक्षी के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी है. आस्था कंपनी बिहार व यूपी के हजारों की संख्या में जमाकर्ताओं से राशि जमा कर फरार हो गयी है. विशंभरपुर थाना क्षेत्र के काला मटिहिनियां निवासी सुदामा कुशवाहा ने बताया कि उससे विश्वजीत श्रीवास्तव की मुलाकात हुई, जिसने अपने को ट्रेड प्लस व बीएस टू टेक्नोलॉजी ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का सीएमडी बताया. इसके बाद गोपालगंजे के एक होटल में मीटिंग कराकर सुदामा कुशवाहा की मुलाकात कथित डायरेक्टर मीनाक्षी और चंदा श्रीवास्तव से करायी गयी. इन लोगों ने पांच से 15 प्रतिशत मासिक लाभ का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया. उसने 10 लाख रुपये का निवेश किया और परिचितों को भी इससे जोड़ा. लेकिन, अप्रैल, 2025 के बाद कंपनी ने भुगतान बंद कर दिया. इसके बाद ऑफिस बंद कर फरार हो गये. 

नीतीश कुमार ने राज्यसभा की शपथ ली

भास्कर के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब औपचारिक तौर पर दिल्ली के हो गए। उन्होंने शुक्रवार को संसद भवन में राज्यसभा सदस्य की शपथ ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें शपथ दिलाई। राज्यसभा सांसद बनने के साथ ही उनका 20 साल का मुख्यमंत्री कार्यकाल खत्म हो जाएगा। बताया जा रहा है कि वे 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। नीतीश अब देश के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने चारों सदनों (लोकसभा, राज्यसभा, विस व विप) का सफर तय किया है। बतौर सीएम चारों सदनों के सदस्य रहने वाले वे लालू के बाद दूसरे नेता हैं।

शपथ लेने के बाद नीतीश ने किसे प्रणाम किया? 

शपथ लेने के बाद नीतीश ने कहा-आपका नमन। प्रणाम सबको। बाहर निकलने पर मीडियाकर्मियों से किन्हीं की तरफ इशारा करते हुए बोले-तीन गो हैं आप। आपको प्रणाम कर रहे हैं। सुन नहीं रहे हैं। अरे, पहले तो हम यहीं (दिल्ली) न थे। जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार दो-चार दिन में सीएम पद छोड़ देंगे। 15 के बाद एनडीए की नई सरकार शपथ ले सकती है। वहीं, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर तथा शिवेश राम 16 को शपथ लेंगे।

ज़िले की पुलिस के प्रभारी रहेंगे सीनियर आईपीएस अधिकारी

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में जिला स्तर पर विधि व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) से लेकर अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) स्तर तक के अधिकारी भी संभालेंगे। बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने पुलिस मुख्यालय में तैनात 32 सीनियर पुलिस अधिकारियों को 38 जिलों में विधि व्यवस्था संभालने और आवश्यक कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें अलग-अलग जिलों का प्रभारी नोडल पुलिस पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। राज्य में विधि व्यवस्था की स्थिति को दुरुस्त एवं चाक-चौबंद करने के लिए ये तैनाती की गई है। इनके ऊपर विधि व्यवस्था को लेकर थानों का निरीक्षण करने तथा अनुसंधान में तेजी लाने की जिम्मेदारी होगी। साथ ही, गंभीर कांडों का स्पीडी ट्रायल भी कराना होगा। शुक्रवार को डीजीपी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार ईओयू के एडीजी एनएच खान को पटना, पुलिस मुख्यालय में आईजी मनोज कुमार को वैशाली, एडीजी अमित कुमार जैन को सारण व बक्सर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, आईजी संजय कुमार को मुजफ्फरपुर, एडीजी रवींद्रण शंकरन को गयाजी, एडीजी आर मलार विजी को नालंदा, एडीजी पंकज कुमार दराद को भोजपुर, एडीजी सुधांशु कुमार को दरभंगा, एडीजी सुनील कुमार को जहानाबाद और अरवल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कुछ और सुर्खियां:

  • पंजाब से ब्रज तीर्थ पर आए पर्यटकों की मोटरबोट वृंदावन में यमुना में डूबी, 10 लोगों की मौत
  • घर पर नकदी मिलने के आरोप में विवादों में चल रहे इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने पद से इस्तीफा दिया
  • राज्यसभा के निवर्तमान उपसभापति और पूर्व पत्रकार हरिवंश को राष्ट्रपति ने राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया
  • पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड में आग लगने से 200 घर राख, 60 से अधिक बकरियों की मौत

अनछपी: सन 2014 के बाद के भारत के राजनीतिक इतिहास में यह बाद बहुत गंभीरता से लिखी जानी चाहिए कि किस तरह धर्म के मामले में सरकार ने भेदभाव किए हैं और हिंदू धर्म की मान्यताओं को सरकारी दर्जा देने और दूसरे धर्म वालों पर थोपने की कोशिश की गई है। इससे शिक्षा का क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है और इसमें वंदे मातरम जैसे विशुद्ध बहुदेववादी गीत को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। याद रखने की बात यह है कि वंदे मातरम में जिस तरह हिंदू देवी देवताओं की स्तुति की गई है, वह हिंदू धर्मावलंबियों के लिए तो सही हो सकती है लेकिन भारत जैसे बहुधर्मी देश में इसे सार्वजनिक स्थलों पर लागू करना किसी भी तरह सही नहीं माना जा सकता, खासकर इसलिए कि भारत का संविधान भारत को एक धर्मनिरपेक्ष देश बताता है। हाल के दिनों में इस बात की चर्चा रही है कि वंदे मातरम को गाना स्कूलों में जरूरी होगा और वह भी उसके पूरे छंदों के साथ। उम्मीद की जानी चाहिए कि कम से कम इस गाने से उन बच्चों को छूट मिलेगी जिनकी आस्था एकेश्वरवाद में है और वह किसी और देवी देवता की स्तुति नहीं कर सकते। असल बात यह है कि स्कूल हो या कोई और जगह ऐसे धार्मिक गीत सिर्फ धार्मिक स्थल पर गाए जाने चाहिए। 

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