छ्पी-अनछपी: खड़गे बोले- कुंभ में हज़ारों मरे, बिहार में रेल प्रोजेक्ट के लिए 10 हज़ार करोड़
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। संसद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के इस बयान पर भारी बवाल मचा कि कुंभ में हजारों लोग मारे गए हैं। बिहार में रेलवे प्रोजेक्ट के लिए 10 हज़ार करोड़ का प्रस्ताव मिला है। मधुबनी में एक मौलाना की पिटाई पर पांच पुलिस वाले सस्पेंड किए गए हैं। नेपाल पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के जरिए नेपाल और भारत में ठगी करने वाले गिरोह के 24 लोगों को गिरफ्तार किया है।
और जानिएगा कि विदेश मंत्री जयशंकर ने राहुल गांधी के बारे में क्यों कहा कि वह झूठ बोल रहे।
जागरण के अनुसार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या के स्नान के अवसर पर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या हजारों में है। उनके इस निजी आकलन पर सत्ता पक्ष ने कड़ा एतराज जताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश बताया। राज्यसभा के सभापति जगदीश धनखड़ ने पहले तो खड़गे को अपना बयान वापस लेने का मौका दिया और फिर उन्हें सदन की कार्यवाही समाप्त होने तक अपने दावे के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि गंगा को साफ स्वच्छ बनाने का सरकार का वादा झूठा साबित हुआ है और अब तो लोग नहा कर उसे गंदा कर रहे हैं। खड़गे ने कहा कि सरकार बताए कि कुंभ हादसे में जान गवाने वालों की सही संख्या क्या है। हजारों लोगों के मरने की बात किसी को दोष देने के लिए नहीं कही है लेकिन कितने लोग मारे हैं और कितने लापता हैं, कम से कम इसकी जानकारी तो दीजिए।
चीन पर राहुल के बयान से बवाल
हिन्दुस्तान के अनुसार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान चीन के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला। उनके बयान पर संसद में नई रार छिड़ गई। राहुल ने कहा, सीमा पर चीन की घुसपैठ को लेकर प्रधानमंत्री और सेना के बयान में अंतर है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की अगुआई वाली यूपीए और एनडीए सरकार बेरोजगारी को लेकर युवाओं को स्पष्ट जवाब देने में विफल रही। पीएम ने मेक इन इंडिया का प्रयास किया, पर विफल रहे। राहुल ने मोबाइल फोन दिखाते हुए कहा-यह मेक इन इंडिया नहीं, असेंबल्ड इन इंडिया है।
बिहार में रेल प्रोजेक्ट के लिए 10 हज़ार करोड़ का प्रस्ताव
प्रभात खबर की सबसे बड़ी खबर के अनुसार केंद्रीय आम बजट 2025 26 में भारतीय रेलवे के विकास के लिए 252200 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इसमें बिहार की रेलवे परियोजनाओं के लिए 10 हज़ार 66 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। यह जानकारी सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णवी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित प्रेस वार्ता में दी। पूर्व मध्य रेल हाजीपुर मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2009 से 2014 में बिहार में रेलवे के विकास के लिए प्रतिवर्ष 1132 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
मौलाना की पिटाई पर पांच पुलिस वाले सस्पेंड
जागरण के अनुसार मधुबनी जिले की बेनीपट्टी पुलिस द्वारा 29 जनवरी को वाहन चेकिंग के दौरान कटैया निवासी मौलाना मोहम्मद फिरोज के साथ की गई मारपीट में थानाध्यक्ष का स्थानांतरण करने के साथ पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। एसपी योगेंद्र कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि जांच की जिम्मेदारी मुख्यालय डीएसपी रश्मि को दी गई थी। उन्होंने मौलाना का बयान लेने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष की पड़ताल की। इस मामले में दोषी पाए गए बेनीपट्टी थाने के एएसआई मुकेश कुमार, हवलदार रंजीत, सिपाही विक्रम कुमार, चौकीदार सुरेश पासवान और सुरदीप मंडल को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं बेनीपट्टी थानाध्यक्ष प्रोबेशनर डीएसपी गौरव गुप्ता का ट्रांसफर पुलिस हेडक्वार्टर में कर दिया गया है।
तेजस्वी ने कहा- मानव अधिकार आयोग में करेंगे शिकायत
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को बेनीपट्टी प्रखंड के कटिया गांव पहुंचे। पुलिस की पिटाई के शिकार मौलाना मोहम्मद फिरोज के घर पहुंच कर उनसे जानकारी ली। इस दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि जब तक दोषियों को सजा नहीं दी जाती तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि वह इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग से करेंगे। पटना में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस को आरएसएस की मानसिकता से काम नहीं करना चाहिए। उधर भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने पुलिस इमाम मोहम्मद फिरोज की पिटाई को पुलिस के भाजपाकरण का खतरनाक संकेत बताया है।
सट्टेबाजी ऐप से 304 करोड़ ठगे, 24 गिरफ्तार
प्रभात खबर के अनुसार नेपाल पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के माध्यम से नेपाल तथा भारत में ऑनलाइन व ऑफलाइन तरीके से लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह के 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 10 भारतीय नागरिक व 14 नेपाली नागरिक हैं। उनके पास से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए गए हैं। इसमें ठगी की कई ठोस दस्तावेज नेपाल पुलिस के हाथ लगी हैं। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को खंगालने के बाद नेपाल पुलिस को पता चला है कि 3 अब 4 करोड़ 73 लाख 56612 रुपए का लेनदेन भारत के कई बैंक खातों में किया गया है। सारा पैसा ऑनलाइन ठगी ऐप से इधर से उधर किया गया है। बदमाशों ने काठमांडू को केंद्र बना रखा था।
कांग्रेस विधायक शकील अहमद के बेटे की मौत
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार विधान सभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान के बेटे अयान जाहिद खान (17) ने गर्दनीबाग स्थित मिनिस्टर इंक्लेव के बंग्ला नंबर 2/20 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सिलिंग में लगे हुक के सहारे अयान का शव लटक रहा था। वह पटना के एक प्रतिष्ठित स्कूल में 12वीं का छात्र था। सोमवार की सुबह नौ बजे गर्दनीबाग थाने की पुलिस को छात्र की खुदकुशी की सूचना मिली। सुबह के वक्त डीजीपी विनय कुमार भी सरकारी आवास पर पहुंचे। मामले की जानकारी ली। एक भाई और बहन में अयान छोटा था। सुबह के वक्त परिजनों को इस घटना की जानकारी हुई। अयान ने आत्महत्या क्यों की, इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है। शकील अहमद खान कटिहार जिले के कदवा विस क्षेत्र से विधायक हैं। राज्यपाल आरिफ खान समेत बहुत से लोगों ने दुख व्यक्त किया और शकील खान के घर जाकर ढांढस बंधाया।
राहुल झूठ बोल रहे: जयशंकर
जागरण के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह का न्योता नहीं दिये जाने के बारे में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणी पर विदेश मंत्री जयशंकर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, मेरी अमेरिकी यात्रा के बारे में उन्होंने जानबूझकर झूठ बोला। उन्होंने कहा, सबको पता है कि हमारे प्रधानमंत्री ऐसे समारोहों में नहीं जाते बल्कि अपने प्रतिनिधि भेजते हैं। राहुल गांधी ने सोमवार को सदन में आरोप लगाया कि ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के लिए आमंत्रण हासिल करने के लिए जयशंकर तीन-चार बार अमेरिका के दौरे पर गए।
कुछ और सुर्खियां
- भारतीय रुपये में गिरावट जारी, 1$=₹87.11, सेंसेक्स भी 319 अंक गिरा
- बीपीएससी अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से जवाब मांगा
- 5 फरवरी को पटना आएंगे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी
- भारी विरोध के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको पर 25% आयात शुल्क टाला
अनछपी: इस कॉलम में हमारी कोशिश रहती है कि आपको अखबारों की छपी ख़बरों के बारे में बताया जाए और यह भी बताया जाए कि किसी खबर के साथ नाइंसाफ़ी की गई है। हम इस कोशिश में कई बार नाकाम भी होते हैं और ऐसा ही एक मामला एक फ़रवरी का है जब गुजरात के पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफ़री की पत्नी ज़किया जाफ़री का इंतकाल हो गया और हम इसके बारे में चर्चा नहीं कर सके। इसकी एक वजह तो वही रही कि अखबारों में इसकी या तो चर्चा थी नहीं या ऐसी जगह थी जिस पर नजर नहीं पड़ सकी। हम अपने एक सुधी पाठक का शुक्रिया अदा करते हैं जिन्होंने इस ओर ध्यान दिलाया। ज़किया जाफ़री 2002 के गुजरात के मुस्लिमकुश दंगों में गुलबर्ग सोसाइटी में मारे गए 69 लोगों के इंसाफ की लड़ाई लड़ने वाली वह बहादुर महिला थीं जिन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता था कि सरकार और अदालतों का फैसला क्या आता है। हालांकि कुछ ऑनलाइन पोर्टल्स और अंग्रेजी अखबारों में ज़किया जाफ़री की संघर्ष की कहानी जरूर छपी लेकिन हिंदी के अखबारों ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। अजीब लगने वाली बात यह है कि गुजरात में 1969 में जो दंगा हुआ था उसमें भी ज़किया और उनके परिवार का घर तबाह हो गया था। उसे वक्त गुलबर्ग सोसाइटी बन रही थी और यह परिवार वहां शिफ्ट हुआ था। 28 फरवरी 2002 को हिंदुओं की एक भीड़ ने मुस्लिम बहुल गुलबर्ग सोसाइटी पर हमला किया जिसमें ज़किया के शौहर पूर्व सांसद एहसान जाफ़री समेत 69 लोग मारे गए थे। हमलावरों के डर से मुसलमान ने एहसान जाफ़री के घर में पनाह ली थी। उस भीड़ ने पूरी सोसाइटी को चारों तरफ से घेर लिया और कई लोगों को जिंदा जला दिया। ज़किया जाफ़री का कहना था कि उनके पति ने उस वक्त के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई और लोगों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। ज़किया ने इस मामले में गुजरात के डीजीपी और हाई कोर्ट से मदद मांगी लेकिन उनकी दरख़्वास्त को खारिज कर दिया गया। ज़किया जाफ़री ने हिम्मत नहीं हारी और मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले गईं। यह और बात है कि सुप्रीम कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद भी दंगों के लिए असल जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई लेकिन ज़किया जाफ़री ने न्याय के लिए जो संघर्ष किया उसे हमेशा याद किया जाएगा। और शायद यह भी याद रहे कि उनके संघर्ष को हिंदी अखबारों और मीडिया ने कैसे भुला दिया।
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