छ्पी-अनछपी: पीएम मोदी के शो में नीतीश नहीं, तेजस्वी का दावा- 18 को लेंगे शपथ
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पटना में आयोजित रोड शो में नीतीश कुमार शामिल नहीं हुई हालांकि अखबारों ने इस बात की चर्चा नहीं की है। महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि वह 18 नवंबर को शपथ लेंगे। भारत की महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीत लिया है।
और, जनिएगा कि विदेशों में भारत के सबसे ज्यादा मजदूर बिहार और उत्तर प्रदेश के हैं।
पहली खबर
जागरण के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रखकर तेजस्वी को सीएम पद का चेहरा घोषित कराया गया है। उन्होंने कहा कि मैं एक अंदर की बात बता रहा हूं, नामांकन से एक दिन पहले बिहार में खेल खेला गया था, कांग्रेस नहीं चाहती थी कि तेजस्वी यादव को सीएम पद का चेहरा घोषित करें, लेकिन कांग्रेस की कनपटी पर जबरदस्ती कट्टा रखकर मुख्यमंत्री प्रत्याशी के नाम की घोषणा कराई गई। उन्होंने कहा कि राजद और कांग्रेस में झगड़ा भयंकर बढ़ गया है, ना घोषणा पत्र में कांग्रेस की सुनी गई, ना प्रचार में उनकी सुनी जा रही है। मतभेद इतना बढ़ गया है कि चुनाव के बाद एक-दूसरे का सिर फोड़ने लगेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बातें आर और नवादा की चुनावी सभाओं में कहीं। पटना से भास्कर की खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड शो का आयोजन किया जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। (पटना में पिछली बार आयोजित मोदी के रोड शो में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल थे लेकिन इस बार वह नजर नहीं आए और उनकी जगह जैदियों के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह और ललन सिंह शामिल हुए।
18 को लेंगे शपथ: शपथ
प्रभात खबर के अनुसार महागठबंधन के सीएम के चेहरे तेजस्वी यादव ने कहा कि 14 नवंबर को नतीजे आ जाएंगे, इसके बाद 18 नवंबर को हमारी महागठबंधन सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा. इसके बाद 18 नवंबर को हमारी महागठबंधन सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा. सरकार बनते ही 26 नवंबर से लेकर 26 जनवरी 2026 के बीच बिहार के सभी अपराधी और असामाजिक तत्वों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जायेगा. उन्होंने रविवार को ये बातें अपने एक्स हैंडल और संवाददाता से चर्चा के दौरान कही हैं. तेजस्वी यादव ने जोर देकर कहा कि खरमास में सब अपराधियों का खात्मा हो जायेगा. किसी को भी नहीं बख्शा जायेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे वह अपराधी किसी भी जाति या धर्म के हों, सभी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी. एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार बिहार अपराध में शीर्ष पर है. लेकिन इस पर प्रधानमंत्री कोई चर्चा नहीं कर रहे हैं. बिहार में लगातार हत्याएं हो रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री को यह नजर नहीं आ रहा है. सच तो यह है कि एनडीए के शासनकाल में महाजंगल राज चल रहा है. राजद नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री गुजरात में फैक्ट्री लगाते हैं और बोट बिहार में मांग रहे हैं. ऐसा पक्षपात नहीं चलने देंगे. बिहार में इस बार हमारी सरकार बनने जा रही है.
देश की नीतियां कुछ उद्योगपतियों के हाथों में: राहुल
हिन्दुस्तान के अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की एनडीए सरकार पर कुछ खास उद्योगपतियों के साथ साठगांठ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश की नीतियां अब कुछ उद्योगपतियों के इशारे पर उनके हित में चल रही हैं। दूसरी तरफ आम जनता के अधिकार छीने जा रहे हैं। राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वे युवाओं को रील बनाने का सपना दिखाते हैं। रील बनाने से न पैसा और न ही रोजगार मिलेगा। इससे न ही पेट भरेगा। राहुल ने रविवार को बेगूसराय के परना और खगड़िया के जेएनकेटी मैदान में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित किया। दोनों सभाओं में उन्होंने बिहार को ज्ञान, उद्योग व रोजगार का केंद्र बनाने का वायदा किया। बोले, बिहार में महागठबंधन की जो अगली सरकार बनेगी उसमें सभी का प्रतिनिधित्व होगा। उसमें बिहार के युवाओं की आवाज गूंजेगी। नीतीश कुमार को उनके तीन-चार ब्यूरोक्रेट्स चला रहे हैं। वे मोदी से, दिल्ली से ऑर्डर लेते हैं।
राहुल ने मछलियां पकड़ीं और की तैराकी
बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र के परना-सांख में आयोजित चुनावी सभा में कांग्रेस प्रत्याशी अमिता भूषण के समर्थन में रविवार को पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाषण के बाद स्थानीय युवाओं की गुजारिश पर पोखर में मछली पालन देखने का आग्रह स्वीकार किया। आम जन से सहज रूप में घुलते-मिलते हुए वे सड़क मार्ग से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित तालाब तक पहुंचे और लगभग 40 मिनट तक वहां समय बिताया। इस दौरान राहुल ने नौकायन का आनंद लिया। मछलियां पकड़ीं और तैराकी करते भी नजर आए।
पांच साल में बिहार को बाढ़मुक्त बनाएंगे: शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनडीए की सरकार बरकरार रहती है तो अगले पांच साल में बिहार को बाढ़मुक्त कर दिया जाएगा। बाढ़ नियंत्रण के लिए एक अलग मंत्रालय स्थापित किया जाएगा। शाह ने साहेबगंज क्षेत्र के देवरिया, महुआ क्षेत्र के चेहराकलां में एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में सभाएं कीं।
भारत की महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीता
प्रभात खबर के अनुसार भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए रविवार को वनडे विश्व कप का खिताब जीत लिया है। इसके साथ ही महिला टीम ने आईसीसी ख़िताब का 52 वर्षों का सूखा खत्म कर दिया है। बारिश से बाधित फाइनल मैच में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हरा दिया। भारत में शेफाली वर्मा (87 रन) और दीप्ति शर्मा (58 रन) के अर्धशतकों की बदौलत 7 विकेट पर 298 रन बनाए थे।
विदेशों में भारत के सबसे ज्यादा मजदूर बिहार और उत्तर प्रदेश से
हिन्दुस्तान के अनुसार उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रमिक देश के साथ ही रोजगार की तलाश में विदेश जाने में भी अव्वल हैं। हाल में विदेश मंत्रालय ने विदेश जाने वाले श्रमिकों के पांच साल के आंकड़े जारी किए हैं जिससे यह जानकारी हुई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा समय में 18 देशों में रोजगार के लिए जाने वाले कम पढ़े-लिखे लोगों को इमीग्रेशन चेक कराना होता है। इसका मकसद श्रमिकों को विदेशों में शोषण से बचाना है। ऐसे श्रमिकों की इमीग्रेशन चेक के दौरान रोजगार के दस्तावेज भी देखे जाते हैं। बहरहाल, इन 18 देशों में पिछले पांच सालों के दौरान करीब 16 लाख श्रमिक भारत से गए हैं। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 5.49 लाख, दूसरे नंबर पर बिहार से 2.84 लाख, तीसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल से 1.24 लाख, राजस्थान से 1.11 लाख तथा तमिलनाडु 96 हजार श्रमिक विदेश गए हैं
कुछ और सुर्खियां:
- कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने एनडीए पर तंज़ कसा, कहा- डबल इंजन सरकार अब जंग खा चुकी है
- दुलारचंद हत्याकांड में नामज़द अनंत सिंह और दो दूसरे आरोपित बेउर जेल भेजे गए
- राजस्थान के जोधपुर जिले में ट्रक से टकराने के बाद टेंपो ट्रैवलर पर स्वर 15 लोगों की मौत
- भारतीय अंतरिक्ष संस्थान इसरो ने सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च किया
- बिहार प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारियों को इस में प्रमोशन मिला मुमताज आलम रशीद कलीम अंसारी भी शामिल
अनछपी: जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वैसे तो मोबाइल फोन के बहुत विरोधी हैं और अगर कोई मोबाइल फोन से कुछ लिखता पढ़ता है तो उसे डांटते भी हैं लेकिन आजकल उनकी बातें सोशल मीडिया पर ही ज्यादा आ रही हैं जो जाहिर है ज़्यादातर मोबाइल फोन पर देखी जाती हैं। अगस्त में जब वह चुनावी वादों का ऐलान कर रहे थे तो उसके लिए भी उन्होंने सोशल मीडिया का ही सहारा लिया। अपने ताजा सोशल मीडिया पोस्ट पर नीतीश कुमार ने दावा कि 2005 से पहले बिहार में शिक्षा का बहुत बुरा हाल था। उनका कहना है कि राज्य में प्राथमिक विद्यालयों की संख्या बहुत कम थी और शिक्षक भी कम ही थे। वह यह भी कहते हैं कि 1990 से 2005 के बीच शिक्षा के लिए बुनियादी ढांचे का घोर अभाव था। नीतीश कुमार ने शिक्षा का बजट बढ़ाने का भी दावा किया। हो सकता है वह अपने इन तमाम दावों में सही हों लेकिन क्या कोई आज यह कह सकता है कि 2025 में बिहार में शिक्षा का हाल बहुत अच्छा है? इसमें कोई शक नहीं के पिछले दो-तीन वर्षों में बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति हुई है और नियोजित शिक्षकों को नियमित भी किया गया है लेकिन बिल्डिंग बनने के बाद भी स्कूलों में पढ़ाई का जो स्तर होना चाहिए वह 2025 में भी बहुत नीचे है। स्कूलों की शिक्षा से संबंधित जो रिपोर्ट्स आती हैं उन्हें देखकर यह बात मालूम होती है कि बिहार के स्कूली छात्र अब भी राष्ट्रीय औसत से नीचे चल रहे हैं। इसे सिमुलतला के आवासीय विद्यालय के उदाहरण से भी समझा जा सकता है जहां का रिजल्ट उस तरह का नहीं आया जैसा कि झारखंड बनने से पहले बिहार वाले नेतरहाट के नामी स्कूल के बारे में बताया जाता है। एक और तल्ख सच्चाई यह है कि 2025 में भी स्कूली शिक्षा के बाद तेज विद्यार्थी बिहार में नहीं रुकना चाहते क्योंकि विश्वविद्यालयों का सेशन अब भी लेट चल रहा है और यहां शिक्षकों की भारी कमी है। नीतीश कुमार के शासनकाल में हमने यह जरूर देखा कि विश्वविद्यालयों में भ्रष्टाचार का स्तर बहुत बढ़ा और कई बी भी भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े गए। विश्वविद्यालय के प्रमुख समझे जाने वाले कुलपति और शिक्षा विभाग में खुले आम झगड़े भी हम देख चुके हैं। यह कहा जा सकता है कि सड़क और बिजली के मामले में नीतीश कुमार की बातें जितनी सही मालूम होती हैं शिक्षा के मामले में उनके दावे उतने ही गलत हैं।
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