छ्पी-अनछपी: मुजफ्फरपुर में अगवा मां व तीन बच्चों का मर्डर, ‘नीट’ छात्रा से दरिंदगी की पुष्टि
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मुजफ्फरपुर में 10 जनवरी को अपहृत महिला औरं उसके तीन बच्चों की लाश बूढ़ी गंडक नदी में मिली है। एक निजी हॉस्टल में मृत जहानाबाद निवासी नीट की छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दरिंदगी बात मानी गई है। बिहार में 26 जनवरी से 31 मार्च तक भूमि मापी महाअभियान चलेगा।
और जानिएगा कि बांग्लादेश के एक क्रिकेट अधिकारी को तमीम इकबाल को भारत का एजेंट बताने पर भारी विरोध के बाद हटाया गया।
पहली ख़बर
जागरण ने मुजफ्फरपुर से खबर दी है कि अहियापुर थाना क्षेत्र से 10 जनवरी को अपहृत महिला एवं उनके तीन बच्चों की हत्या कर शव को बूढ़ी गंडक नदी में फेंक दिया गया। गुरुवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे चंदवारा पुल के नीचे सभी के शव आपस में एक ही पीले कपड़े से बंधे मिले। एफएसएल (फारेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम ने मौके पर नमूने लिए। एक बच्चे की नाक से खून निकला था। मृतक के स्वजन ने घटनास्थल पहुंच शवों की पहचान पीयर थाना क्षेत्र के बगाही निवासी कृष्ण मोहन कुमार की पत्नी ममता देवी (22), पुत्र आदित्य (छह) एवं अंकुश (चार) और बेटी कृति कुमारी (दो) के रूप में की। चारों के अपहरण के बाद जिन नंबरों से फोन आया था, उससे एक व्यक्ति की पहचान पुलिस ने कर ली है। वह औराई का है। उसे हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। देर शाम चारों का पोस्टमार्टम कर दिया गया। मुंह व गला दबाकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना पर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा व सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसडीपीओ टू विनिता सिन्हा और अहियापुर थानाध्यक्ष रोहन कुमार से जानकारी लेते हुए घटनास्थल का मैन किया।
500 और 1000 रुपये में होगी नापी
नई व्यवस्था के तहत विवादित और अविवादित दोनों मामलों में आवेदन के साथ ही मापी शुल्क का भुगतान करना होगा। ग्रामीण क्षेत्र में यह शुल्क 500 रुपये प्रति खेसरा और शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये प्रति खेसरा निर्धारित किया गया है। तत्काल मापी के मामलों में यह राशि दोगुनी होगी।
निजी हॉस्टल में मृत जहानाबाद की छात्रा से हुई थी दरिंदगी
पटना से प्रभात खबर की ख़बर है कि चित्रगुप्त नगर थाने के मुन्नाचक स्थित एक निजी हॉस्टल में मृत जहानाबाद निवासी नीट की छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट गुरुवार को पुलिस को मिल गयी. जानकारी के अनुसार उसके साथ यौन हिंसा हुई है. रिपोर्ट में डॉक्टरों ने साफ तौर पर लिखा है कि छात्रा के साथ यौन हिंसा की बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है. इसके बाद पुलिस ने हॉस्टल के मकान मालिक को गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया. एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है. मकान मालिक, गर्ल्स हॉस्टल संचालक समेत दोनों के बेटे व अन्य लोग अब पुलिस के शक के दायरे में आ गये हैं. इसीलिए मकान मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. पूर्वी एसपी ने बताया कि मकान मालिक के द्वारा साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ का शक है, गिरफ्तार मकान मालिक चित्रगुप्त नगर के मुन्नाचक स्थित डॉ सहजानंद गली में रहते है. इस मामले में पुलिस ने तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है.
बिहार में 26 जनवरी से 31 मार्च तक भूमि मापी महाअभियान
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में 26 जनवरी से 31 मार्च तक भूमि मापी महाअभियान चलेगा। अविवादित जमीन की मापी 7 और विवादित जमीन की मापी 11 दिनों में पूरी कर ली जाएगी। अमीन भूमि मापी रिपोर्ट 14 दिन में पोर्टल पर अपलोड करेंगे। मापी के लिए बिहार भूमि ई मापी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिलों में जनसुनवाई के दौरान नापी से संबंधित शिकायतें भी मिल रही थीं। इसलिए यह फैसला लिया गया है। पहले 30 दिन में मापी की व्यवस्था थी।
मुंबई म्युनिसिपल चुनाव में स्याही मिटने पर बवाल
जागरण के अनुसार देश की समृद्धि महानगरपालिका बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनावों के दौरान गुरुवार को मतदान की प्रक्रिया उस समय विवादों के घेरे में आ गई, जब ‘अमिट’ कही जाने वाली स्याही ने जवाब दे दिया। विपक्षी दलों ने चुनाव की शुचिता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मार्कर पेन की स्याही साधारण सैनिटाइजर या थिनर से आसानी से मिट रही है। यही नहीं, इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर भी आम मतदाताओं और कई राजनेताओं के वीडियो प्रसारित हुए जिसमें वे मतदान के बाद अपनी अंगुलियों पर लगी स्याही को हटाने के लिए थिनर का इस्तेमाल करते दिखे। कुल मिलाकर, इस मुद्दे ने न केवल राजनीतिक गलियारों में विवाद पैदा किया है, बल्कि मतदान की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उधर राज्य चुनाव आयोग ने मामले की जांच का आदेश दिया है।
ईरान के मामले में अमेरिका के तेवर ढीले पड़े
जागरण ने लिखा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रदर्शनकारियों की मदद करने एवं सैन्य हमले की अपने धमकी से पीछे हटते और फिलहाल इंतजार करो एवं देखों की नीति पर चलते दिखाई दे रहे हैं। ट्रंप कुछ घंटों पहले जहां ईरान को कड़ी कार्रवाई की धमकी दे रहे थे, वहीं अब ठिठके हुए दिख रहे हैं। संभवतः वेनेजुएला एवं ग्रीनलैंड के साथ वह एक और बड़ा मोर्चा नहीं खोलना चाहते। शायद यही वजह है कि उनके सुर नरम हो गए हैं। अब उन्होंने कहा है क्रि ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में हत्याएं कम हो रही हैं। उनका मानना है कि ईरान की बड़े पैमाने पर फांसी देने की अभी कोई योजना भी नहीं है।
तमीम को भारत का एजेंट बताने वाले नजमुल इस्लाम को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने हटाया
जागरण के अनुसार क्रिकेटरों के विद्रोह के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने गुरुवार को वित्त समिति के अध्यक्ष पद से नजमुल इस्लाम को बर्खास्त कर दिया, लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ी इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने मांग की है कि नजमुल को बोर्ड निदेशक के पद से भी बर्खास्त किया जाए। अगर बीसीबी ऐसा नहीं करता है तो बांग्लादेश प्रीमयर लीग (बीपीएल) का आयोजन खतरे में पड़ सकता है। खिलाड़ियों के विरोध के चलते गुरुवार को बीपीएल के दो मैचों को स्थगित करना पड़ा और अब बाकी मैचों को लेकर भी अनिश्चितता की स्थिति है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब नजमुल इस्लाम ने भारत में होने वाले आगामी टी-20 विश्व कप के लिए बांग्लादेश की टीम के न जाने के फैसले को सुरक्षा चिंताओं से जोड़ा। उन्होंने कप्तान तमीम इकबाल को भारत का प्रशिक्षित एजेंट कहा था। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों के वेतन को लेकर यह कह दिया कि खिलाड़ी किसी भी आइसीसी टूर्नामेंट में एक भी खिताब नहीं जीत पाए हैं, इसलिए वे टीम के विश्व कप से हटने पर मुआवजे के हकदार नहीं हैं। इस बयान ने खिलाड़ियों को नाराज कर दिया। बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन (सीडब्ल्यूएबी) ने नजमुल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
कुछ और सुर्खियां:
- अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने 5 घंटे एयर स्पेस बंद रखा
- 3 फरवरी को विधान मंडल में पेश होगा बिहार बजट, दो को आएगा आर्थिक सर्वेक्षण
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बेतिया से समृद्धि यात्रा शुरू करेंगे
- होली के लिए दिल्ली पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल के प्रमुख रोटन पर चलेगी 200 त्योहारी बसें
- पोस्टमैन पेंशनर्स के घर जाकर तैयार करेंगे पेंशन लाइफ सर्टिफिकेट
अनछपी: पटना और मुजफ्फरपुर की दो आपराधिक वारदात पूरे बिहार को शर्मसार करने वाली है हालांकि मीडिया में ऐसा माहौल बना दिया गया है कि अब क्राइम की खबरों पर कोई बड़ी चर्चा नहीं होती। मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए तैयारी करने वाली जहानाबाद की छात्रा के साथ जिस तरह की दरिंदगी हुई उसे कुछ अखबारों ने तो बहुत सही तेवर में सामने लाने की कोशिश की लेकिन दूसरे अखबारों ने और मीडिया संस्थानों ने उस पर वैसा ध्यान नहीं दिया जैसा कि देना चाहिए था। अफसोसनाक पहलू यह भी है कि पुलिस ने इस मामले को हल्के ढंग से लिया और जो आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं उन सभी को न करने की कोशिश की। संतोष की बात यह है कि कम से कम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस दरिंदगी के होने से इनकार नहीं किया गया है और उम्मीद की जा रही है कि पुलिस अब अपना रवैया बदलेगी और इस मामले में लॉज संचालक की गिरफ्तारी सही दिशा में उठाया गया कदम है। लेकिन पुलिस को इस मामले की गहरी तफ़्तीश करनी चाहिए और यह मालूम करना चाहिए कि क्या कोई गैंग इसके पीछे है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी को भी इस मामले पर गहरी नजर रखनी चाहिए क्योंकि यह बिहार की छात्राओं के लिए एक भयावह सन्देश है। यह उन माता-पिता के लिए भी डरावनी बात है जो अपने बच्चों को पढ़ने के लिए पटना भेजते हैं और यह समझते हैं कि प्राइवेट हॉस्टल उनके लिए सुरक्षित जगह है। उधर मुजफ्फरपुर से एक मां और उसके तीन बच्चों की लाश मिलने की खबर बेहद दुखदाई है जिनके बारे में कहा जा रहा है कि पुलिस को बताए जाने के बावजूद उसने कोई कार्रवाई नहीं की और अपहरण के बाद उनकी हत्या की गई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को अपने उस बयान पर फिर से सोचना करना चाहिए जिसमें उन्होंने कहा था कि 100 दिनों तक सरकार के प्रदर्शन पर वह कुछ नहीं बोलेंगे क्योंकि जब इस तरह के जघन्य अपराध हों और विपक्ष के नेता चुप रहें तो समाज किस उम्मीद लगाएगा?
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