छपी-अनछपी: अब तीन लाख और वोटरों पर शक, आरएसएस चीफ ने कहा- हिंदुस्तान हिन्दू राष्ट्र
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए गए तीन लाख लोगों को दस्तावेज न मिलने की वजह बता कर चुनाव आयोग नोटिस भेज रहा है। आरएसएस के चीफ मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र है, इसे घोषित करने की जरूरत नहीं। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया है कि बिहार के पैसों से गुजरात में फैक्ट्री लगाई जा रही है। वोटर अधिकार यात्रा में सीतामढ़ी पहुंचे राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों की जमीन अदानी और अंबानी को दे दे रही है।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार चुनाव आयोग राज्य के तीन लाख मतदाताओं को नोटिस भेजेगा। इन मतदाताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावा-आपत्ति के दौरान जरूरी दस्तावेज जमा नहीं कराए थे। ऐसे वोटरों से उनकी नागरिकता की पहचान स्थापित करने को कहा जाएगा। ऐसा नहीं करने पर उनके नाम मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में शामिल नहीं किए जाएंगे और उन्हें मताधिकार से वंचित कर दिया जाएगा। निर्वाचन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, ऐसे मतदाताओं को विभिन्न जिलों में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है। सूत्रों ने बताया कि जिन मतदाताओं को दस्तावेज जमा नहीं करने को लेकर नोटिस भेजी जाएगा उनमें बिहार के सीमावर्ती जिलों सहित अन्य जिलों के भी मतदाता शामिल हैं। आयोग ने किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, सहरसा, मधुबनी, पश्चिमी चंपारण के अतिरिक्त अन्य जिलों में ऐसे करीब तीन लाख मतदाताओं को चिन्हित किया है जिन्होंने सत्यापन के दौरान अपने जरूरी दस्तावेज जमा नहीं कराए। सूत्रों ने बताया कि इन जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी की निगरानी में नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चुनाव आयोग द्वारा चल रही गहन पुनरीक्षण के क्रम में ये वोटर संदिग्ध हैं।
हिंदुस्तान हिन्दू राष्ट्र: मोहन भागवत
जागरण के अनुसार भारत की हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को कल्पना बताने वालों को दो टूक जवाब देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर्वसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र घोषित नहीं करना है, वह है। ऋषि मुनियों ने उसको घोषित कर दिया है। वह सत्य है। यह किसी अधिकृत घोषणा का मोहताज नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे मानने वाले को लाभ है, नहीं मानने वालों को नुकसान, नहीं तो उसे आजमा कर देख लो। संघ प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदू शब्द पर संघ का आग्रह बना रहेगा। कहा, इसका हमारी संस्कृति से जुड़ाव है।
इस्लाम को खतरे के सवाल पर क्या बोले
इस्लाम को खतरे के सवाल पर मोहन भागवत ने कहा कि इस्लाम नहीं रहेगा, यह सोचने वाला हिंदू सोच का नहीं है। “हिंदू सोच ऐसा नहीं है। पहले दिन से जब से इस्लाम भारत में आया, उस दिन से इस्लाम यहां है और रहेगा। लेकिन हिंदू मुस्लिम के बीच की दूरी पाटने के लिए अविश्वास खत्म करना होगा। एक तरफ यह डर कि हिंदुओं के पास गए तो धर्म से चले जाएंगे। दूसरी तरफ हिंसात्मक इतिहास का डर। इसके कारण 75 वर्ष बाद भी आज अविश्वास बना हुआ है। इसके लिए अरब और तुरकिये से नहीं देश से जुड़ना होगा।
हर परिवार में हो तीन संतान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मतभिन्नता और विचारधारा पर प्रबुद्धजनों के साथ विस्तृत विमर्श के दौरान सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत ने जनसंख्या नीति को लेकर भी अपना मत स्पष्ट कर दिया। 2.57 दर की भारत की जनसंख्या नीति को अपने विचारों और वैज्ञानिक तथ्यों की कसौटी पर करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि जिनकी जन्म दर तीन से कम होती है, वह धीरे-धीरे लुप्त हो जाते हैं। संघ प्रमुख ने स्पष्ट रूप से संदेश दिया भारत में हर परिवार में तीन संतानें होनी चाहिए। अपनी इस बात पर जोर देते हुए उन्होंने इस देश हित के दृष्टिकोण से भी जोड़ा। एक और सवाल के जवाब में मोहन भागवत ने कहा कि उन्होंने 75 वर्ष में रिटायर होने की बात कभी नहीं कही।
बिहार के पैसों से गुजरात में फैक्ट्री लग रही: पीके
हिन्दुस्तान के अनुसार जन सुराज सुप्रीमो प्रशांत किशोर ने गुरुवार को औरंगाबाद के कुटुंबा प्रखंड के बभनडीह खेल मैदान में बिहार बदलाव यात्रा के दौरान जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 से 60 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक पुरुष और महिला को 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। साथ ही 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसकी फीस सरकार भरेगी। युवाओं के लिए उन्होंने वादा किया कि आने वाले दिनों में बिहार के लाखों लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाया जाएगा, ताकि पलायन न करना पड़े। कहा कि वे कोई नेता नहीं हैं और न ही वोट मांगने आए हैं, बल्कि गरीबी से निकलने का रास्ता बताने आए हैं। उन्होंने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद बिहार के सैकड़ों बच्चों के पास ढंग का कपड़ा और पैरों में चप्पल तक नहीं है। उन्होंने कहा कि नेताओं के बच्चों का भविष्य सुरक्षित है, लेकिन आम परिवारों के बच्चे मैट्रिक, स्नातक और परास्नातक करने के बाद भी बेरोजगार हैं। बिहार के पैसे से गुजरात में फैक्ट्रियां लग रही हैं और बिहारी उसमें मजदूर के रूप में काम कर रहे हैं। यही नरेंद्र मोदी का कारनामा है।
सरकार गरीबों की जमीन अदानी और अंबानी को दे रही: राहुल
वोटर अधिकार यात्रा के 12वें दिन गुरुवार को सीतामढ़ी के बैरगनिया पहुंचे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों, दलितों और ओबीसी के अधिकार छीनना चाहती है। शहर के पटेल चौक पर आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार पहले वोट का अधिकार छीन रही है। इसके बाद राशन कार्ड खत्म किया जाएगा, जमीनें छीनी जाएंगी और अंत में सभी अधिकार खत्म कर दिए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों की जमीन अधिग्रहीत कर अदानी और अंबानी को दे रही है। सुबह यात्रा शुरू करने से पहले राहुल और तेजस्वी ने पुनौराधाम में जानकी मंदिर में पूजा की। नुक्कड़ सभा में राहुल ने कहा, संविधान कोई मामूली किताब नहीं है। यह हिन्दुस्तान की किताब है। हमारी सोच और विचारधारा की किताब है।
कुछ और सुर्खियां:
- ट्रंप के टैरिफ से लगातार दूसरे दिन भारतीय शेयर बाजार लुढ़के, सेंसेक्स 706 अंक गिर कर 80080 पर बंद हुआ
- दूध और पनीर से जीएसटी हटाया जाएगा
- दो दिनों में सेंसेक्स 1555 अंक गिरा, निवेशकों के डूबे 9.69 लाख करोड़ रुपए
- बिहार पुलिस ने अलर्ट जारी कर कहा- बिहार में तीन पाकिस्तानी आतंकवादी घुसे हैं, उन पर इनाम की भी घोषणा
- राजगीर में आज से शुरू हो रही है एशिया कप हॉकी चैंपियनशिप
- दरभंगा में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली देने की एनडीए नेताओं ने तीखी आलोचना की
अनछपी: हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जहां कब किसी की किस बहाने जान ले ली जाए, या किस वजह से किसी की जान चली जाए, कहना मुश्किल है। दो दिन पहले हमने देखा कि नवादा में इस वजह से एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई कि मोहल्ले का डीजे बार-बार बंद हो रहा था और इसके लिए यह आरोप लगाया गया कि उस व्यक्ति ने जादू टोना कर दिया है। अब जहानाबाद जिले से यह खबर आई है कि एक स्कूल की बस का फर्श टूटा हुआ था और उससे गिरकर पांच साल के एक बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। खबरों में बताया गया है कि उसे बस की सीट के नीचे का फर्श जर्जर होकर टूट चुका था। बस वालों ने उसकी मरम्मत नहीं कराई बल्कि उसे प्लाईवुड के एक टुकड़े से ढक दिया था। चलती बस में बच्चों के पैर के दबाव से प्लाईवुड सरक गया और वह उस जगह से नीचे गिर गया। नीचे गिरने के बाद पहिए से दबने की वजह से बच्चे की वहीं पर मौत हो गई। अफसोस की बात है कि ऐसी दर्दनाक घटनाओं के बाद भी हमारा समाज और हमारी सरकार नहीं जाग पाती है। कायदे से ऐसी बसों को चलाने वालों पर हमेशा के लिए प्रतिबंध लगाना चाहिए और अगर यह बस स्कूल वाले चला रहे थे तो स्कूल पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और उसकी मान्यता रद्द की जानी चाहिए। अक्सर ऐसे हादसे सिर्फ उस परिवार की समस्या बंद कर रह जाते हैं जिसके घर वाले किसी हादसे का शिकार होते हैं। चूंकि समाज समग्र रूप से इस समस्या पर सोच विचार नहीं करता इसलिए हम ऐसे हादसों के लिए अभिशप्त बने रहते हैं। ट्रांसपोर्ट डिपार्मेंट आखिर ऐसी गाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट कैसे देता है और अगर फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना गाड़ियां चल रही होती हैं तो परिवहन विभाग क्या करता है? इन सवालों को गंभीरता से उठाए जाने की जरूरत है।
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