छपी-अनछपी: ‘बेड़ियों में भारतीय’ पर संसद में बवाल, मुज़फ़्फ़रपुर में हाजत में मौत-थाने पर हमला

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिका से अवैध आप्रवासी भारतीयों की बेड़ी और हथकड़ी में वापसी को लेकर संसद में बवाल हुआ है। मुजफ्फरपुर में हाजत में एक आरोपी की मौत के बाद थाने पर हमला हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के राज्यपाल के बारे में टिप्पणी की है कि उन्होंने अपनी ही प्रक्रिया अपना ली है। स्कूलों में नामांकन के लिए आधार के अलावा ‘पेन’ को भी जरूरी करार दिया गया है।

और जानिएगा कि कैसे साइबर क्राइम का पोर्टल बना कर लोगों से पैसे ऐंठ रहे थे साइबर ठग।

हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिका से निर्वासित भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर विपक्ष ने गुरुवार को संसद में जमकर हंगामा किया। लोकसभा में तीन बार स्थगन के बाद चौथी बार दिनभर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। सदन में सरकार ने जवाब दिया लेकिन असंतुष्ट विपक्ष वॉकआउट कर गया। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने निर्वासन का मुद्दे उठाने का प्रयास किया, लेकिन अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, वह 12 बजे कार्यस्थगन नोटिस पर विचार करेंगे। संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि विदेश मंत्री 3.30 बजे बयान देंगे। हालांकि, उनके बयान के बाद भी हंगामा नहीं थमा जिसके बाद शुक्रवार तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

हथकड़ी लगाकर 40 घंटे हिलने नहीं दिया

भास्कर के अनुसार पंजाब के हरविंदर को 2 फरवरी को उसके कमरे से इमीग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट ने पकड़ा था। हरविंदर को उसी वक्त हाथ में हथकड़ियां और पैर में बेड़ियां डाल दी गईं। उन्होंने बताया, मुझे कहा गया कि डिटेंशन कैंप लेकर चल रहे हैं। तब डिपोर्ट करने के बारे में नहीं बताया गया था। मुझे एक बस में दूसरे लोगों के साथ बैठा दिया गया। काफी देर चलने के बाद बस जब एयरपोर्ट पहुंची तब बताया गया कि हमें इंडिया भेजा जा रहा है। जहाज में अमृतसर तक 40 घंटे का सफर मुसीबतों भरा रहा। पूरे समय हम सभी स्टील की हथकड़ियां और बेड़ियों में कैद थे। हिलना डुलना भी मुश्किल था। कई बार मिन्नत करने के बाद वॉशरूम जाने की इजाजत दी गई। इसमें दो गार्ड साथ रहते थे।

यह कोई नई बात नहीं: जयशंकर

अमेरिका से भेजे गए 104 अवैध अप्रवासियों का वीडियो सामने आने के बाद संसद में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा, अवैध तरीके से रह रहे भारतीय को वापस भेजा गया है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। 2012 से ही डिपोर्टेशन के तहत मिलिट्री प्लेन से लोगों को वापस भेजा जाता रहा है। भारतीयों के साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं हुआ। भेजे गए लोगों को टॉयलेट ब्रेक दिया गया था। अवैध प्रवासियों को हथकड़ी लगाकर भेजना अमेरिका की नीति है और यह सभी देशों पर लागू है। महिलाओं और बच्चों को हथकड़ियां नहीं पहनी गई थी।

अपना जहाज़ क्यों नहीं भेजा: कांग्रेस

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार को इस बारे में बयान देना चाहिए कि भारतीयों को वापस लाने के लिए अपने जहाज क्यों नहीं भेजे। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री से अपील की कि भारतीयों से गरिमा और मानवता के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।

कोलंबिया ने क्या किया था

अमेरिका ने जब कोलंबिया के प्रवासी लोगों को सैन्य विमान सी 17 से भेजने को कहा तो राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने दो टूक चेताया कि विमान उतरने नहीं देंगे। पेट्रो ने पैसेंजर प्लेन भेजे और अपने नागरिकों को बुलाया। प्लेन जब कोलंबिया पहुंचा तो उन्हें रिसीव करने खुद राष्ट्रपति गए। कहा, अब आप आजाद हैं।

मुजफ्फरपुर में हिरासत में मौत पर थाने पर हमला

भास्कर के अनुसार बाइक लूट के आरोप में मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाने की पुलिस ने आनंद कुमार उर्फ शिवम कुमार को गिरफ्तार किया था लेकिन गुरुवार को उसकी लाश थाने के हाजत में मफलर से लटकती हुई मिली। उसके परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसकी इतनी पिटाई की कि उसकी मौत हो गई। शिवम का पैर नीचे तक लटका हुआ था और उसके घर वाले पुलिस पर हत्या का आरोप लगा रहे थे। इसके बाद लोगों ने भारी बवाल किया। कांटी थाने पर भीड़ ने हमला कर तोड़फोड़ की। भीड़ को नियंत्रित करने गए डीएसपी पश्चिमी अभिषेक आनंद समेत कई पुलिस पदाधिकारी को भीड़ ने पीट दिया। इसके बाद कई थानों की पुलिस और एसएसबी की टीम पहुंची तो हालात काबू में आए। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से कांटी थानाध्यक्ष सुधाकर पांडे और तीन दूसरे पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। शिवम की मां ने बताया कि 4 फरवरी को जब वह अपने बेटे से मिलने थाना पहुंची तो देखा कि वह हजरत में बंद है। उसने बताया कि उसे बहुत मारा गया है।

तमिलनाडु के राज्यपाल पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

जागरण के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तमिलनाडु के राज्यपाल आर्यन रवि द्वारा विधेयकों की मंजूरी लटकाए रखने पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगता है तमिलनाडु के राज्यपाल ने अपनी ही प्रक्रिया अपना ली है। कोर्ट ने कहा कि विधेयकों को रोके रखना और विधानमंडल को नहीं भेजना अनुच्छेद 200 के प्रावधानों का सफल करने जैसा है। मामले में कोर्ट शुक्रवार को फिर सुनवाई करेगा। कोर्ट ने तीन वर्षों तक विधेयकों को रोके रखने पर सवाल उठाया।

स्कूल एडमिशन के लिए ‘पेन’ जरूरी

हिन्दुस्तान के अनुसार स्कूलों में नामांकन के लिए परमानेंट एजुकेशन नंबर (पेन) अनिवार्य कर दिया गया है। दूसरी या इससे ऊपर की कक्षाओं में नामांकन के लिए पेन होना अनिवार्य है। किसी भी आवेदन में अगर परमानेंट एजुकेशन नंबर नहीं होगा या गलत पेन होगा तो आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही निजी और सरकारी स्कूलों में नामांकित बच्चों के लिए अपार आईडी भी अनिवार्य कर दी गई है। जिन बच्चों का पेन नहीं होगा उनकी अपार आईडी भी नहीं बनेगी।  परमानेंट एजुकेशन नंबर (पेन) एक खास पहचान संख्या है। यह छात्रों को उनके शैक्षिक जीवन की शुरुआत में दी जाती है। यह नंबर छात्र की पहचान को बरकरार रखता है। यह नंबर स्कूल से ही विद्यार्थियों के लिए जनरेट किया जाता है।

साइबर ठगों ने बनाया ठगी से जुड़ा पोर्टल

हिन्दुस्तान के अनुसार साइबर ठगी के लिए अपराधी रोज नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। जबतक एक मामले को पुलिस सुलझाती पाती है, तब तक दूसरे नए मामले आने लगते हैं। अब साइबर ठगों ने लोगों से ठगी करने के लिए साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ही खोल लिया है और शिकायत दर्ज करने के लिए 1999 रुपए का शुल्क भी तय कर दिया। इसकी जानकारी साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 को मिलने के बाद बेंगलुरू के सब इंस्पेक्टर श्रीनिवास आर ने एक केस सेंट्रल डिवीजन साइबर क्राइम पुलिस में दर्ज कराया है। बताया गया कि कुछ अज्ञात साइबर ठगों ने फर्जी राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल ठगी के लिए बनाया है। जानकारी मिलने के बाद केस किया गया। इसे लेकर गृह मंत्रालय की इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर ने सभी राज्यों की पुलिस को सूचना जारी की है। इसमें बताया गया कि लोग अपनी रिपोर्ट साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर ही दें। इसकी जानकारी जमशेदपुर पुलिस को भी मिली है।

कुछ और सुर्खियां:

  • जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर गया-हावड़ा एक्सप्रेस की चपेट में आने से दो महिलाओं समेत तीन की मौत
  • गुवाहाटी से पटना आ रही फ्लाइट पक्षी से टकराई, बागडोगरा में इमरजेंसी लैंडिंग
  • निगरानी ब्यूरो ने पटना के रूपसपुर थाना के दो दरोगा को ₹50000 घूस लेते गिरफ्तार किया
  • पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह को एमपी एमएलए की विशेष अदालत से नहीं मिल सकी नियमित जमानत

अनछपी: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की राय यह है कि अवैध तरीके से अमेरिका में रह रहे भारतीयों को हथकड़ियों और बेड़ियों में वापस भेजना उनके साथ दुर्व्यवहार नहीं है। बहुत से लोगों का यह मानना है कि जो लोग अवैध तरीके से कमाने गए थे उन्हें उसी हिसाब से वापस भेजा जाना चाहिए लेकिन उन्हें जिस तरह भेजा गया उससे लग रहा था कि वह एक आम आदमी नहीं बल्कि आतंकी हैं। विदेश मंत्री चाहे जो कहें लेकिन इसे भारतीय विदेश नीति की एक असफलता ही माना जाएगा। विदेश मंत्री संसद में हंगामे के बाद यह कह रहे हैं कि उनकी कोशिश होगी कि भारतीयों को बेड़ियों और हथकड़ियां में ना भेजा जाए। यह काम वह पहले भी कर सकते थे और ऐसा लगता है कि अगर संसद में विपक्ष ने यह मुद्दा नहीं उठाया होता तो अमेरिका से भारतीयों को उसी तरह बेड़ियों और हथकड़ियां में भेजा जाता। दूसरी बात यह है कि विदेश मंत्री को यह स्वीकार करना चाहिए कि बेड़ियों और हथकड़ियां में लाना दरअसल भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार ही है। इस मामले में कोलंबिया के राष्ट्रपति ने जो कदम उठाया उसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। कोलंबिया ने अपने नागरिकों को लाने के लिए खुद अपना विमान भेजा और उन्हें हथकड़ियां और बेड़ियों का सामना नहीं करना पड़ा। लोग यह भी याद दिला रहे हैं कि कोलंबिया की आबादी महज 5.21 करोड़ है और विश्व अर्थव्यवस्था में उसका 43 वां नंबर है। भारत में इस बात का बहुत शोर मचाया जाता है कि देश अब तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह अमेरिकी दौरा भी याद आता है जिसमें उन्होंने लोगों से अबकी बार ट्रंप सरकार का नारा लगाया था। एक विपक्षी नेता ने ठीक ही तंज़ किया कि मोदी के अजीज दोस्त आखिर भारतीयों के साथ ऐसा क्यों कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर भारतीयों को यह समझाते हैं के उनके किन-किन नेताओं से कैसे गाढ़े संबंध हैं। वह भारत के विश्व गुरु होने का दावा भी करते हैं। भारतीयों को बेड़ियों और हथकड़ियों में लाने की घटना बताती की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में व्यक्तिगत दोस्ती कोई चीज नहीं होती और भारत के विश्व गुरु होने का दावा कितना खोखला है लेकिन जब लोगों का दिमाग बंद हो तो यह बात समझ में नहीं आती।

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