छपी-अनछपी: रेल किराया बढ़ाया गया, बिहार में अगले दो दिन कड़ाके की ठंड
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। 26 दिसंबर से रेल यात्रा महंगी हो जाएगी। बिहार में 24 दिसंबर तक कड़ाके की ठंड और जबरदस्त कोहरे का दौर जारी रह सकता है. केंद्र सरकार अब ऐसा नियम बना रही है जिससे मरीज को लंबे वक्त तक बिना जरूरत वेंटिलेटर पर रखने की जांच होगी।
और, जानिएगा कि कैसे फ़िल्म स्टार सलमान खान का सेक्रेटरी बन एक दंपति से कई बैंक खाता खोलवाकर साइबर फ्रॉड किया गया।
पहली ख़बर
जागरण की खबर है कि 26 दिसंबर से रेल यात्रा महंगी हो जाएगी। लंबी दूरी की रेल यात्रा के किराये में आंशिक बढ़ोतरी की गई है। रेलवे ने 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर भाड़ा बढ़ाने का फैसला किया है। रेलवे का कहना है कि इससे अगले साल 31 मार्च तक 600 करोड़ की अतिरिक्त आमदनी होगी, जिससे रेलवे के विस्तार और सुरक्षा मानकों पर होने वाले खर्च में थोड़ी मदद मिलेगी। साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर एक पैसा प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है, जबकि मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की नान एसी और एसी श्रेणियों में दो पैसे प्रति किलोमीटर अतिरिक्त चुकाने होंगे।
अब एसी 3 से पटना दिल्ली का किराया ₹1390 तो मुंबई का ₹1905
पटना से कोलकाता जाने पर स्लीपर और वातानुकूलित श्रेणी के यात्रियों को अब दस रुपये जबकि अन्य श्रेणियों के यात्रियों को पांच रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। इसी तरह पटना से दिल्ली जाने पर स्लीपर और वातानुकूलित श्रेणी के यात्रियों को 20 रुपये, जबकि अन्य श्रेणियों के यात्रियों को 10 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। पहले जहां पटना से कोलकाता के लिए स्लीपर के लिए 350 रुपये, 3ई के लिए 845, 3 एसी का 915, 2एसी का 1,275 एवं 1 एसी का 2,115 रुपये देने पड़ते थे। अब बढ़ने के बाद स्लीपर का 360, 3 ई का 855, 3 एसी का 925, 2 एसी का 1,285 एवं 1 एसी का 2,125 रुपये देने होंगे। वहीं, अभी जनशताब्दी के 2एस का किराया 230 रुपये एवं एसी चेयरकार का किराया 805 रुपये देना पड़ता है। बढ़ी दर के मुताबिक, 240 व 815 रुपये देने होंगे। वंदे भारत के सीसी के लिए 1515 व एक्सक्यूटिव क्लास के 2,735 रुपये देने होते हैं। बढ़ी दर के मुताबिक, सीसी के लिए 1,525 व एक्सक्यूटिव के लिए 2,745 रुपये देने होंगे। इसी तरह पटना से नई दिल्ली के लिए स्लीपर श्रेणी के लिए 520, 3ई 1,270, 3एसी का 1,370, 2 एसी का 1,930, 1ए का 3,245 देना होता था। अब बढ़े किराये के मुताबिक, स्लीपर के लिए 540, 3ई का 1,290, 3 एसी का 1,390, 2 एसी का 1,950 एवं 1एसी का 3,265 रुपये देने होंगे।
बिहार में दो दिन कड़ाके की सर्दी
प्रभात खबर के अनुसार आसमान में जेट स्ट्रीम हवा के चलने से बिहार में ठंडी हवा चलने और घने कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पछुआ की वजह से कंपकंपी का दौर अगले कुछ दिन और जारी रह सकता है. अगले 48 घंटे तक कड़ाके की ठंड और जबरदस्त कोहरे का दौर जारी रह सकता है. रविवार को सबसे कम न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस गया में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 8 से 14 डिग्री के बीच रहा। मौसम विभाग, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार 22 दिसंबर को गया, नालंदा, अरवल और जहानाबाद जिलों के कुछ स्थानों पर कोल्ड डे जैसी स्थिति होने की संभावना है. वहीं, उत्तर-पश्चिम हिस्से के जिलों सीतामढ़ी व शिवहर में कई स्थानों पर घना कोहरा छाये रहने की संभावना है. राज्य के शेष भाग के जिलों के कुछ स्थानों में हल्के से माध्यम स्तर का कोहरा छाये रहने की संभावना है. आइएमडी, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार कमोबेश यही मौसमी दशा मंगलवार को रहने की संभावना है. आइएमडी ने राज्य के अधिकतर क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. लोगों को सतर्क किया है कि वह बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलें, इस दौरान बिहार में पछुआ हवा की वजह से कंपकंपी का दौर राज्य में जारी रह सकता है. सुबह से शाम तक छाए कोहरे के कारण सडक, रेल और विमान यातायात प्रभावित रही।
वेंटिलेटर के नाम पर होने वाली धांधली रोकेगी सरकार
हिन्दुस्तान के अनुसार निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर के नाम पर भारी-भरकम बिल वसूली को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अगर किसी मरीज को 14 दिनों से ज्यादा समय तक वेंटिलेटर पर रखा जाता है तो अस्पताल को इसका कारण बताना होगा। ऐसे मामलों की विशेष डॉक्टरों की समिति समीक्षा करेगी और हर महीने इसका आंतरिक ऑडिट भी करना होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब डॉक्टरों को हर 48-72 घंटे में मरीज की स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करना होगा। अगर सुधार की संभावना कम है तो परिजनों के साथ काउंसलिंग करनी होगी। सरकार का कहना है, इस कवायद से अनावश्यक रूप से वेंटिलेटर पर मरीज को लंबे समय तक रखने पर रोक लगेगी।
सलमान खान का सेक्रेटरी खोलवाये नौ बैंक खाते
पटना के बेऊर थाना इलाके से साइबर ठगी का एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. साइबर ठग ने खुद को बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का सेक्रेटरी बता कर एक गरीब दंपती को जाल में फंसा लिया. मदद के नाम पर झांसा देकर दंपती से विभिन्न बैंकों में नौ खाते खुलवाये गये और फिर उन्हीं खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी के लिए किया जाने लगा. साइबर फ्रॉड ने दंपती से कहा कि बिंग ह्यूमन ने देशभर में आपके परिवार को चुना है और इसी को लेकर दो लाख रुपये की मदद की जायेगी. इसके लिए आपको खाते खुलवाने पड़ेंगे. यही नहीं, दो सिम भी लगेंगे. सिम और एटीएम लेने के बाद साइबर शातिर ने फोन उठाना बंद किया और फिर गुजरात व बेंगलुरु पुलिस का घर पर नोटिस आ गया. दंपती का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं और ठगी के शिकार हुए हैं, आरोपित नहीं. लेकिन, पुलिस और नोटिसों के दबाव से वे मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं. संतोष और सुमन ने रोते हुए कहा कि पुलिस हमारी नहीं सुन रही है, मेरी सात साल की एक बेटी है. अब हमारे पास आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.
कुछ और सुर्खियां:
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली गए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे
- बिना कागज पत्थर और ओवरलोडिंग के मामले में पटना में पिछले 10 दिनों में 5788 ऑटो रिक्शा वाले पकड़े गए
- इंडियन आर्मी के भगोड़े जवान राजबीर सिंह उर्फ फौजी को रक्सौल के पास पुलिस ने गिरफ्तार किया
- टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क की कुल संपत्ति 749 अरब डालर हो गई
- एशिया अंदर-19 क्रिकेट कप के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 191 रनों से हराया
- महाराष्ट्र के लोकल बॉडी इलेक्शन में भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और एनसीपी ने 288 में 215 सीटें जीतीं
- गया के वजीरगंज में बोरसी के धुएं से दम घुटा, पोती व परदादा की गई जान
अनछपी: 2014 के बाद के भारत में आम लोगों के लिए परेशानी बढ़ाने वाली खबरों को ऐसे पेश किया जाता है जैसे यह कोई खास बात नहीं। आज ट्रेनों के किराया बढ़ाने की खबर भी लगभग उसी तरह से छापी गई है। सरकार भी बड़े हुए किराए के असर को कम करने के लिए सीधे यह नहीं बताती कि किस जगह से किस जगह का किराया कितना बड़ा है बल्कि वह यह समझने की कोशिश में रहती है कि किराया तो बस एक किलोमीटर पर एक पैसे या दो पैसे बढ़े हैं। जब से रेलवे का बजट अलग से बना बंद हुआ है तब से ट्रेनों का किराया कब बढ़ाया जाएगा और किस तरह से बढ़ाया जाएगा इस पर बहुत कम बहस होती है। ऐसा लगता है कि कुछ तेज दिमाग अधिकारियों ने सरकार को यह रास्ता सुखाया है कि कैसे किराया बढ़ा भी दिया जाए और लोग इसका विरोध भी ना करें। रेलवे के आम टिकट पर आप यह संदेश भी देखेंगे कि टिकट पर जितना खर्च होता है उसे कितना कम पैसा लिया जा रहा है। आज सरकार चलाने वाले लोग जब विपक्ष में हुआ करते थे तब उन्हें ऐसा कोई तर्क नजर नहीं आता था और तब वह हर ऐसी बढ़ोतरी पर सरकार को घेरते थे और अपने लिए समर्थन मांगते थे। अब इस बढ़े हुए किराए को अगर ऐसे पेश किया जाए की सवारी को लगभग 600 करोड़ रुपए ज्यादा अदा करने होंगे तो लगेगा कि हां कुछ किराया तो बढ़ा है। जो यात्री 500, 1000 किलोमीटर या 2000 किलोमीटर की यात्रा करते हैं उनके लिए यह बढ़ोतरी थोड़ी नहीं है। बहरहाल यह अब वर्तमान विपक्ष का काम है कि वह किराए में इस बढ़ोतरी के बारे में जो भी ऐतराज रखते हैं उसे लोगों को आगाह करें लेकिन विपक्ष में ऐसा कोई दम नजर नहीं आता। इस बीच आम आदमी सरकार से यह उम्मीद कर सकता है कि किराया बढाने से जो ज़्यादा आमदनी होगी, सरकार उसे ट्रेनों में गंदगी दूर करने में लगाए और लोगों को सही समय पर आराम दे यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराए।
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