छ्पी-अनछपी: तेजस्वी का वादा ‘जीविका’ में देंगे पक्की नौकरी, महागठबंधन में एकजुटता की कोशिश

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। हर घर एक नौकरी देने के वादे के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने जीविका समूह के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि 80000 कम्युनिटी मोबिलाइजर्स की नौकरी स्थाई की जाएगी जिसमें ₹30000 महीने का वेतन मिलेगा। महागठबंधन में एकजुटता की कोशिश तेज हो गई है। मोहनिया से राजद उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद तेजस्वी प्रसाद ने निर्दलीय रविशंकर पासवान को समर्थन दिया है। दिवाली के मौके पर देसी पटाखा गन या कार्बाइड गन से कम से कम 110 बच्चों की आंख की रौशनी मुश्किल में पड़ गई है।

और, जनिएगा कि कैसे दिवाली ऑफर के नाम पर छह हज़ार से ज़्यादा लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए।

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार राजद नेता तेजस्वी यादव ने ऐलान किया कि अगर बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनी, तो राज्य सरकार के सभी संविदा कर्मियों को स्थायी किया जाएगा। जीविका परियोजना से जुड़ी करीब 80 हजार कम्यूनिटी मोबिलाइजर्स को सभी स्थाई करेंगे। ₹30,000 वेतन दिया जाएगा। जीविका दीदियों के कर्ज पर ब्याज माफ होगा। साथ ही अगले दो साल तक उन्हें ब्याजमुक्त लोन मिलेगा। जीविका दीदियों को ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा होगा। दीदियों को अन्य सरकारी कार्यों में लगे रहने पर ₹2,000 अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने ‘माई-बहिन मान योजना’ लागू करने की घोषणा की। इसके तहत हर महिला को प्रतिमाह 2500, सालाना 30,000 और पांच साल में 1.5 लाख रुपए दिए जाएंगे। तेजस्वी ने ‘बेटी योजना’ (BETI) और ‘मां योजना’ (MAA) लाने की भी बात कही। कहा- बेटियों के जन्म से लेकर उनकी आय तक की व्यवस्था करेंगे। मांओं के लिए मकान, अन्न और आमदनी (MAA) की गारंटी देंगे। इससे पहले तेजस्वी यादव सरकार बनते ही 20 दिन में नौकरी रोजगार अधिनियम लागू करने की बात कह चुके हैं।

महागठबंधन में एकजुटता की कोशिश

जागरण के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव के बीच सीट बंटवारे के साथ दोस्ताना संघर्ष को लेकर महागठबंधन में बढ़ी दरारों को पाटने की कोशिशें तेज हो गई हैं। पहल कांग्रेस की ओर से की गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने राजद-कांग्रेस के रिश्तों में आई दूरी को कम करने का जिम्मा राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधानसभा चुनाव पर्यवेक्षक अशोक गहलोत को सौंपा है। आलाकमान के निर्देश पर गहलोत बुधवार को पटना पहुंचे। यहां आते ही उन्होंने सबसे पहले राजद प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से उनके आवास 10 सर्कुलर रोड पर मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, “8-10 सीटों पर दोस्ताना संघर्ष संभावित है ऐसा हर प्रदेश में हर चुनाव में होता है। यह सामान्य बात है। महागठबंधन एकजुट है और इसमें कोई विवाद नहीं है। हमारा लक्ष्य एनडीए को सत्ता से बाहर करना है।”

मोहनिया से राजद का नामांकन रद्द, तेजस्वी ने निर्दलीय रविशंकर पासवान को दिया समर्थन

राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने मोहनिया विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी रविशंकर पासवान को राजद का समर्थन दिये जाने की घोषणा की है। पासवान बुधवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मिलकर राजद की तरफ से दिये गये समर्थन पर पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया है। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बताया कि रविशंकर पासवान पूर्व सांसद छेदी पासवान के पुत्र हैं। जानकारी के अनुसार कैमूर जिले की मोहनिया सीट से राजद उम्मीदवार श्वेता सुमन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। आयोग ने पाया कि सुमन उत्तर प्रदेश की निवासी हैं जबकि मोहनिया सीट अनुसूचित जाति एससी के लिए आरक्षित है। ऐसे में दूसरे राज्य से जारी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं है।

चुनाव बुलेटिन:

  • महागठबंधन आज जारी कर सकता है साझा घोषणा पत्र तेजस्वी के सीएमफेस पर भी लगेगी मुहर
  • लोजपा रामविलास के दो उम्मीदवारों को एनडीए के बागियों का सामना, बोधगया और साहेबपुर कमाल में होगी मुश्किल
  • राजद के स्टार प्रचारक पूर्व सांसद अनिल साहनी और पूर्व विधायक आशा देवी भाजपा में शामिल हुए
  • एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने कहा, टिकट बेचने का आरोप झूठा और बेबुनियाद
  • जन सुराज ने चुनाव आयोग से मिलकर भाजपा पर अपने उम्मीदवारों को डरा धमका कर नामांकन रोकने का आरोप लगाया

कार्बाइड गन से कम से कम 110 बच्चों की आंख की रोशनी मुश्किल में

प्रभात खबर के अनुसार राजधानी में दिवाली के दौरान देसी पटाखा गन (कैल्शियम कार्बाइड) के इस्तेमाल से बच्चों की आंखों में गंभीर चोट लगने के 110 से अधिक मामले सामने आये हैं. इनमें से सबसे अधिक 50 मरीज शहर के आईजीआईएमएस के क्षेत्रीय चछु संस्थान (आरआइओ) में इलाज के लिए पहुंचे. इसके अलावा पीएमसीएच, एनएमसीएच, राजेंद्रनगर नेत्रालय व पटना एम्स सहित कुछ बड़े निजी अस्पतालों में करीब 60 मामले रिपोर्ट किये गये हैं. ये सभी मामले बीते 19 से 22 अक्टूबर शाम सात बजे तक आये हैं. इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक, कार्बाइड के बारीक टुकड़े आंख में अंदर तक घुस गये थे. ऑपरेशन में उन्हें निकाल तो दिया गया, लेकिन अब भी कई की आंख की रोशनी को लेकर अनिश्चितता है. दृष्टिकुंज की निदेशक व नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ निम्मी रानी ने कहा कि यूट्यूब पर वीडियो देखकर देसी गन बना रहे हैं. जिसके इस्तेमाल के बाद कॉर्निया क्षतिग्रस्त होने के मामले सामने आ रहे हैं

दीवाली ऑफर के नाम पर छह हज़ार से ज़्यादा लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार

हिन्दुस्तान के अनुसार साइबर अपराधियों ने धनतेरस-दीपावली ऑफर का सब्जबाग दिखाकर 6547 लोगों को शिकार बनाया। किसी से 50 हजार तो किसी से एक लाख तक की ठगी हुई है। ठगे जाने के बाद लोग दूरसंचार विभाग के संचार साथी एप के अलावा साइबर सेल और विभिन्न थानों में भी शिकायत दर्ज कराई है। बता दें कि पिछले कुछ माह से सामान्य दिनों में साइबर ठगी के मामले कम हुए हैं। लेकिन,पर्व त्योहार, आपदा आदि के मौके पर साइबर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। जुलाई-अगस्त में भूस्खलन, बाढ़ आपदा के आने पर चंदा और डोनेशन मांगने पर साइबर ठगों ने कई लोगों को शिकार बनाया था। अब दुर्गापूजा से दीपावली पर ऑफर के नाम पर साइबर ठगी की गई है। दूरसंचार विभाग के सूत्रों की मानें तो पहली बार दीपावली पर इस तरह की ठगी हुई है। दानापुर के राकेश कुमार (बदला हुआ नाम) ने धनतेरस पर फ्रीज और वाशिंग मशीन खरीदी। दीपावली के एक दिन पहले उन्हें वार्शिंग मशीन पर मिक्सर गाइंडर ऑफर देने को फोन आया। कहा गया कि घर का पता दीजिए पहुंचाया जाएगा। घर का पता पूछते हुए साइबर ठग ने ओटीपी लिया और एक लाख 10 हजार रुपये ठग लिये। फुलवारीशरीफ के गुंजन कुमार (बदला हुआ नाम) ने धनतेरस पर 50 हजार की टीवी खरीदी। टीवी घर आने के कुछ देर के बाद फोन आया कि इस टीवी पर ऑफर है। ऑफर के नाम देकर ओटीपी लिया और 75 हजार की ठगी कर ली।

कुछ और सुर्खियां:

  • बेगूसराय में रेलवे ट्रैक पार करने में ट्रेन से कटने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
  • ₹15000 घूस लेते पकड़े गए सोनपुर रेल डिवीजन में ऑफिस सुपरींटेंडेंट मृत्युंजय कुमार को सस्पेंड किया गया
  • गया के सरकारी मगध मेडिकल अस्पताल में 6 महीने के बच्चे की चोरी
  • राजस्थान के कोटा में रेस्पाइज़र कफ सिरप पीने से एक महिला की

अनछपी: तेजस्वी यादव अपने राजनीतिक पिटारे से धीरे-धीरे ऐसे वादे कर रहे हैं जिससे एनडीए को परेशानी महसूस हो सकती है। तेजस्वी ने पहले हर घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात की और अब उन्होंने नीतीश कुमार का सबसे बड़ा समर्थक माना जाने वाला जीविका दीदी वर्ग को अपने पाले में करने के लिए एक बड़ा ऐलान करते हुए कम्युनिटी मोबिलाइजर को ₹30000 प्रति माह की पक्की नौकरी देने की बात की है। इससे पहले नीतीश कुमार कुमार ने करीब सवा सौ करोड़ महिलाओं के खाते में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत ₹10000 जमा करवाए हैं जिसमें जीविका समूह से जुड़ने की शर्त भी शामिल थी। चुनाव के बाद अगर नीतीश कुमार को कामयाबी मिलती है तो इस ₹10000 की बड़ी भूमिका मानी जाएगी जिसे विपक्ष चुनावी रिश्वत बता रहा है। इसके उलट अगर तेजस्वी यादव को चुनाव में मुख्यमंत्री बनने लायक कामयाबी मिलती है तो इनके यह दो वादे बहुत महत्वपूर्ण बताए जाएंगे। वैसे अर्थव्यवस्था और राजनीति पर नजर रखने वाले विश्लेषक यह सवाल जरूर खड़े करते हैं कि ऐसी लोक लुभावन घोषणाओं के लिए पैसे कहां से आएंगे? लेकिन यह बहस वोटरों के लिए महत्वपूर्ण नहीं मानी जाती है क्योंकि उनके लिए व्यक्तिगत लाभ हानि ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस बात में यह बात भी याद रखनी चाहिए कि महिलाओं के लिए कारखाने और बिजनेस के लिए नीतीश सरकार पहले से महिला उद्यमी योजना चला रही है जिसके तहत 10 लाख रुपए की राशि दी जाती है जिसमें ₹500000 की राशि सब्सिडी है। यहां सोचने की बात यह है कि लगभग 20 साल तक सरकार चलाने के बावजूद जनता का विश्वास दोबारा जीतने के लिए ऐसी मुफ्त की रेवड़ी वाली योजना क्यों चलानी पड़ी। इन ₹10000 के अलावा बिजली बिल में भी 125 यूनिट को मुफ़्त करने का मामला चुनावी लाभ से ही जुड़ा हुआ है। बहरहाल तेजस्वी यादव ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा कर रखा है इसलिए अगर वोटरों को वादे पर भरोसा करना होगा तो वह तेजस्वी यादव के ही पक्ष में जाएंगे। इसके अलावा दूसरी घोषणाएं भी ऐसी हैं जिस पर अगर वोटर को भरोसा हो तो उसका लाभ सीधे तेजस्वी यादव को होगा। मगर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वोटर तेजस्वी यादव की घोषणाओं पर आसानी से भरोसा कर लेंगे या उनकी पार्टी को इसके लिए गांव गांव तक ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी?

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