छ्पी-अनछपी: पाकिस्तान से व्यापार बंद, डिफेंस सर्विस का इंजीनियर घूस लेते गिरफ्तार
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। भारत ने पाकिस्तान से सभी तरह के आयात को बंद करने का फैसला लिया है। दरभंगा में डिफेंस सर्विस का एक इंजीनियर ₹50000 घूस लेते गिरफ्तार किया गया। शिक्षा विभाग की सुस्ती की वजह से सक्षमता परीक्षा पास 90 हज़ार शिक्षकों को सैलरी मिलने में परेशानी हो रही है। बिहार में हर दिन 10 हजार से ज्यादा लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं।
और, जानिएगा कि बिहार में हर दिन एक करोड़ से ज्यादा अंडे का उत्पादन हो रहा है।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को रोकने से शुरू किए गए रणनीतिक कदमों के तहत शनिवार को पाकिस्तान पर तिहरा प्रहार किया है। पहले कदम के तहत पाकिस्तान से हर तरह का आयात बंद कर दिया गया है। दूसरे कदम के तहत पाकिस्तान के साथ सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं का आना-जाना रोका गया है। तीसरे कदम के तहत पाकिस्तान के जहाज अब भारतीय बंदरगाहों पर प्रवेश नहीं कर पाएंगे। भारत की ओर से शनिवार को उठाए गए कदम ऐसे वक्त पर आए हैं जब पाकिस्तान की तरफ से लगातार सैन्य तैयारी को तेज किए जाने की सूचना आ रही है। विदेशी कारोबार महानिदेशक (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना जारी कर पाकिस्तान निर्मित या वहां से आने वाली किसी भी तरह के वस्तुओं के आयात को तत्काल रोक दिया है। किसी अन्य देश के माध्यम से आने वाले पाकिस्तानी सामान का आयात भी रोक दिया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि पाकिस्तान से परोक्ष या प्रत्यक्ष तौर पर किया जाने वाला कोई भी आयात चाहे वह मुक्त आयात की सूची में हो या सशर्त आयात की सूची में उसे तत्काल रोका जा रहा है।
डिफ़ेंस सर्विस का इंजीनियर घूस लेते गिरफ्तार
प्रभात खबर के अनुसार सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने शनिवार को इंडियन डिफेंस सर्विस के गैरिसन इंजीनियर कौशलेश कुमार को ₹50000 रिश्वत लेते रंगे हाथ दरभंगा में गिरफ्तार किया। कुमार ने एयर फोर्स स्टेशन के सड़क निर्माण से संबंधित बिल का भुगतान करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। उसने एक ठेकेदार से बिल के भुगतान और मेजरमेंट में इधर-उधर करने के लिए रिश्वत मांगी थी। आरोपी की गिरफ्तारी एयरपोर्ट स्टेशन ऑफिस से की गई। सूत्रों के मुताबिक अभियान के दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने मजदूर के भेस में परिसर में प्रवेश किया। एक टीम परिसर के बाहर इंतजार कर रही थी। इंजीनियर को पकड़े जाने के बाद दूसरी टीम ने एयर फोर्स स्टेशन परिसर में प्रवेश की कोशिश की लेकिन गेट पर सुरक्षा इंसान से उनकी बहस हो गई। सीबीआई ने कौशलेश कुमार के एमईएस एरिया, एयर फोर्स स्टेशन और दरभंगा स्थित घर की तलाशी ली। उनके नाम पर विभिन्न बैंक खातों में 63 लाख रुपए से अधिक जमा राशि मिली।
सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों की सैलरी में देरी
भास्कर की खबर है कि शिक्षा विभाग की सुस्ती का खामियाजा 90 हजार 716 शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले 90 हजार 716 निकाय शिक्षक राज्य कर्मी तो बन गए लेकिन उनकी सैलरी रोक दी गई है। सरकार पर इन शिक्षकों का 1157 करोड़ रुपए से अधिक बकाया है। निकाय शिक्षक रहने के दौरान उन्हें 16 से 12 वर्ष से लगातार सैलरी मिल रही थी। शिक्षकों को सैलरी ना मिलने की वजह निकाय राज्य कर्मी बनने के बाद उनके प्रान नंबर अपडेट न होना है। इसके बाद एचआरएमएस सिस्टम में उनका नाम अपडेट किया जाता है लेकिन सक्षमता परीक्षा पास निकाय शिक्षकों के राज्यकर्मी बनने के बाद भी वह एचआरएमएस सिस्टम पर अपडेट नहीं हुए।
बिहार में हर दिन दस हज़ार से ज़्यादा लोग साइबर ठगी के शिकार
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में एक साल की अवधि में स्मार्ट फोन का उपयोग करने वाले करीब 40 लाख लोग साइबर ठगी का शिकार बने हैं। यानी प्रतिदिन औसतन 10 हजार 958 लोगों को साइबर अपराधियों ने तरह-तरह के तरीके से अपने जाल में फंसाया। दूरसंचार विभाग के अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक के आंकड़ों से यह चिंताजनक तस्वीर उजागर हुई है। राज्य में करीब साढ़े पांच करोड़ लोगों के पास स्मार्ट फोन हैं। दूरसंचार विभाग के मुताबिक, बिहार के सात करोड़ लोगों के पास कोई न कोई फोन है। लेकिन, साइबर ठगी के शिकार केवल स्मार्ट फोन वाले हो रहे हैं। स्मार्ट फोन उपभोक्ता का नंबर साइबर ठगों के पास कई माध्यमों से पहुंच जाता है। साइबर अपराधी ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान डिजिटल पेमेंट, एटीएम कार्ड से पेमेंट आदि के माध्यम से मोबाइल नंबर को प्राप्त कर ठगी करते हैं। साइबर ठगी के सबसे ज्यादा शिकार ग्रामीण इलाकों के लोग बने हैं।
संजौली की पूरी मस्जिद ही अवैध करार, गिराने का आदेश
जागरण के अनुसार हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के उपनगर संजौली की बहुचर्चित मस्जिद पूरी तरह अवैध घोषित की गई है और इसकी सभी मंजिलें गिराने का आदेश दिया गया है। 15 वर्ष पुराने इस मामले पर यह निर्णय शनिवार को नगर निगम आयुक्त के न्यायालय ने सुनाया। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने मस्जिद की निचली दो मंजिलों को भी तोड़ने के आदेश दिए। वक़्फ़ बोर्ड को शनिवार को मस्जिद की जमीन के मालिकाना हक के कागजात व मस्जिद का नक्शा अदालत में पेश करना था लेकिन वक़्फ़ बोर्ड के वकील यह दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। मामले की सुनवाई के दौरान वक़्फ़ बोर्ड के वकील ने कहा कि इस जगह मस्जिद वर्ष 1947 से पहले की है और नई मस्जिद उसे तोड़कर बनाई गई है।
बिहार में हर दिन एक करोड़ अंडे का उत्पादन
हिन्दुस्तान के अनुसार में अब रोजाना अंडा उत्पादन एक करोड़ से अधिक होने लगा है। राज्य में कुल अंडा उत्पादन 365 करोड़ से अधिक हो रहा है। इसके पहले बिहार में सालाना अंडा उत्पादन 344 करोड़ था। यानी सालाना लगभग 21 करोड़ अंडा उत्पादन बढ़ गया है।
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को जिलों से अंडा उत्पादन की मिली रिपोर्ट से यह उपलब्धि सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अंडा उत्पादन के मामले में दक्षिण बिहार की तुलना में उत्तर बिहार बहुत आगे हैं। कुल अंडा उत्पादन का लगभग 70 प्रतिशत उत्तर बिहार में होता है। इसमें गोपालगंज जिला सबसे अव्वल है। गोपालगंज में औसतन रोजाना 17 लाख 75 हजार अंडा उत्पादन होता है, जो कुल उत्पादन का लगभग 18 प्रतिशत है। रोजाना सबसे कम 5 हजार अंडा उत्पादन मुंगेर में है।
कुछ और सुर्खियां:
- उत्तरी गोवा के एक मंदिर में उत्सव के दौरान भगदड़ मचने से 6 लोगों की, मौत 75 घायल
- मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2025 आज, 22 लाख अभ्यर्थी, 5453 एग्जामिनेशन सेंटर
- पीएमसीएच में 1117 बेड के दो नए भवनों का उद्घाटन
- एंथोनी अल्बनीज़ लगातार दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री चुने गए
- बिहार में खेलो इंडिया यूथ गेम्स आज से, 28 राज्यों के 8500 खिलाड़ी 28 खेलों में होंगे शामिल
अनछपी: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के पास छोटे से शहर संजौली की मस्जिद नफरत फैलाने वाले तबके के निशाने पर थी और बहुत कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद उसकी दो मंजिलों को किसी तरह बचाया जा सका था लेकिन अब वहां के नगर निगम की अदालत ने पूरी मस्जिद को ही अवैध घोषित कर दिया है और इन दो मंजिलों को भी गिराने का आदेश जारी किया है। अखबारों के अनुसार यह मस्जिद वक़्फ़ बोर्ड के अधीन थी और वक़्फ़ बोर्ड इसके नक्शा पास कराने और इसके मालिकाना हक के बारे में दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इस मुद्दे पर कई बात विचार करने लायक है। पहली बात तो यह है कि इस गलतफहमी से निकलना चाहिए कि अगर कांग्रेस का शासन हो तो मस्जिदें सुरक्षित रहेंगी क्योंकि हिमाचल प्रदेश में तो कांग्रेस की ही सरकार है। फिलहाल हम पुरानी बात नहीं कर रहे लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि ऐसी साजिशों का सिलसिला शुरू से रहा है। दूसरी बात यह है की मस्जिदों को कानूनी तौर पर नक्शा वगैरा पास करके ही बनाया जाना चाहिए और मालिकाना हक के कागजात दुरुस्त करने चाहिए। तीसरी अहम बात यह है कि इसकी लड़ाई भी लड़नी होगी कि अगर नक्शा पास नहीं कराया गया और मालिकाना हक के कागजात नहीं हैं तो भी कानूनी तौर पर किसी मस्जिद को तोड़ना सही नहीं होगा। इसकी दो वजहें हैं। एक तो जितनी पुरानी मस्जिदें हैं या दूसरे धर्मस्थल हैं, उनमें अक्सर के मालिकाना कागजात नहीं होते और उन्हें इसीलिए मस्जिद या दूसरा धर्मस्थल माना जाता है कि लंबे समय से उनका इस्तेमाल उसी तरह हो रहा है। संजौली की मस्जिद पर किसी दूसरे पक्ष का दावा नहीं था और यह कोई जमीन जायदाद का मामला भी नहीं था। दूसरी बात यह कि भारत में ऐसी अनगिनत इमारतें हैं जिनके पास नक्शा नहीं तो क्या हर इमारत को इस बुनियाद पर गिराया जाएगा? यह बात भी याद रखने की है कि बिना नक्शा पास और अन्य कारण बताकर अगर आप एक समुदाय के धर्मस्थल को तोड़ते हैं और दूसरे समुदाय के धर्मस्थलों को छोड़ देते हैं तो इससे पता चलता है कि आप चाहते क्या हैं। क्या यह बेहतर नहीं होता कि चाहे जिस भी समुदाय का धर्मस्थल हो, उन सबके लिए कानून समान रूप से लागू हो। अगर नक्शा, अतिक्रमण और मालिकाना कागजात आधार बनाते हैं तो सभी धर्मस्थल पर इसे लागू करें?
512 total views
