छपी-अनछपी: होली के दौरान बिहार में 187 लोगों की मौत, पटना से दिल्ली का हवाई किराया ₹20000 तक

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार में होली के 48 घंटे के दौरान सड़क हादसों, हत्या और डूबने से 187 लोगों की मौत हो गई। होली के बाद हवाई जहाज के किराए में बेतहाशा वृद्धि देखी गई और पटना से दिल्ली का किराया ₹20000 तक पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया है कि गुजरात दंगों के बाद उन्हें सजा दिलाने की साजिश रची गई। कांग्रेस के युवा नेता कन्हैया कुमार ने अपनी पदयात्रा शुरू की है और कहा है कि पलायन बिहार का सबसे बड़ा मुद्दा है। अमेरिका ने हूती विद्रोहियों पर बड़ा हमला किया जिसमें 31 लोगों की मौत हो गई।

और, जानिएगा कि लंबे समय से अंतरिक्ष में फंसी सुनीता विलियम्स धरती पर कब लौटेंगी।

प्रभात खबर के अनुसार होली के दौरान बिहार के विभिन्न हिस्सों में सड़क हादसों, डूबने और हत्या की घटनाओं में कुल 187 लोगों की जान चली गई। गोपालगंज जिले में सात, सीवान में चार, सारण जिले में आठ लोगों की जान चली गई। वहीं, बेगूसराय जिले में 11, बक्सर में तीन, भोजपुर में 6, जहानाबाद में दो, अरवल में चार, वैशाली में तीन, शेखपुरा में दो और नालंदा जिले में 13 लोगों समेत 61 लोगों की मौत हो गई। इसी तरह गया, औरंगाबाद, कैमूर, नवादा और रोहतास में 25 लोगों की जान चली गई। कोसी सीमांचल और पूर्व बिहार में 21 लोगों की मौत हो गई जबकि 10 लोगों की हत्या कर दी गई। उधर, उत्तर बिहार के जिलों में विभिन्न घटनाओं में 70 लोगों की जान चली गई।

पटना से दिल्ली का हवाई किराया ₹20000 तक

होली के बाद पटना से देश के बड़े महानगरों को लौटने का विमान किराया रविवार को अब तक के अधिकतम स्तर पर रहा। दिल्ली का ₹20000, पुणे का ₹18000, कोलकाता व बेंगलुरु का ₹16000 और मुंबई व चेन्नई का किराया ₹15000 से अधिक तक रहा। सुविधाजनक समय में शेड्यूल फ्लाइट से जाने वाले कई विमान यात्रियों को ₹5000 से ₹10000 अधिक तक भी देने पड़े।

नरेंद्र मोदी का आरोप: गुजरात दंगों के बाद साजिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के जाने-माने दक्षिणपंथी पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन को दिए गए करीब 3 घंटे के इंटरव्यू में गुजरात दंगों के बारे में दावा किया कि 2002 से पहले गुजरात में ढाई सौ से अधिक बड़े दंगे हुए। उन्होंने कहा कि 1969 में जो दंगे हुए वह करीब 6 महीने चले थे। उन्होंने कहा, “तब तो हम कहीं थे ही नहीं। झूठी कहानी फैलाई गई है। ज्यूडिशरी ने मामले का डिटेल एनालिसिस किया। हम पूरी तरह निर्दोष साबित हुए हैं। गोधरा कांड के बाद हुए गुजरात दंगों को लेकर झूठी कहानी गढ़ने का प्रयास किया गया था। केंद्र की सत्ता में बैठे प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक विरोधी चाहते थे कि मुझे सजा मिले, लेकिन अदालतों ने मुझे निर्दोष साबित किया।”

बिहार का सबसे बड़ा मुद्दा पलायन: कन्हैया

एनएसयूआई और इंडियन यूथ कांग्रेस की बहुचर्चित ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ पदयात्रा की शुरुआत रविवार को पश्चिम चंपारण के गांधी आश्रम, भितिहरवा से हुई। देश के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह और कांग्रेस प्रभारी कृष्ण अल्लावरु की उपस्थिति में कन्हैया कुमार ने पदयात्रा की शुरुआत की। इस मौके पर कन्हैया कुमार ने कहा कि क्यों बिहार में कोई भी भर्ती ठीक से नहीं होती है? उन्होंने कहा, “बिहार का सबसे बड़ा दंश है पलायन। जानबूझकर राजनीति और चुनाव में पलायन के मुद्दे को साइड लाइन किया जाता है। इसलिए हमने इस पदयात्रा की शुरुआत की।”

मुंगेर में दारोगा की पीट कर हत्या

भास्कर के अनुसार मुंगेर के नंदलालपुर गांव में शुक्रवार की शाम 7:30 बजे एक शराबी व उसके परिवार वालों ने मुफस्सिल थाना के एएसआई संतोष कुमार सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी। संतोष सिंह बाइक से एक सिपाही के साथ शराब पीकर हंगामा कर रहे लोगों को समझाने गए थे। नशे में हंगामा कर रहे रणवीर यादव और उसके परिजनों ने एएसआई पर हमला बोल दिया। मुंगेर सदर अस्पताल में तीन डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ रमन कुमार ने बताया कि सर में चार जगह गंभीर चोट के निशान थे। सर का अंदरूनी हिस्सा बाहर आ गया था।

अमेरिकी हमले में 31 हूती विद्रोहियों की मौत

जागरण के अनुसार अमेरिकी सेना की ओर से शनिवार को हूतियों पर किए गए घातक हमले में 31 लोग मारे गए। लाल सागर में जहाज पर किए जा रहे हमले के जवाब में यह कार्रवाई की गई। हमले हैरी एस ट्रूमैन विमान वाहक पोत के लड़ाकू विमान द्वारा किए गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शनिवार को यमन में हूती नियंत्रित क्षेत्र पर हवाई हमलों का आदेश दिया है। जब तक हूती जहाज पर हमले बंद नहीं करते तब तक अमेरिका हमला बोलते रहेगा।

गिरिडीह में तीन बच्चों को मारने के बाद पिता ने लगाई फांसी

गिरिडीह के खुखरा थाना क्षेत्र स्थित महेशलिट्टी गांव के सनाउल अंसारी ने अपने तीन बच्चों की गला दबाकर हत्या करने के बाद खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी। रविवार की सुबह चारों के शव उसके घर से बरामद करने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। मृतकों में 36 वर्षीय सनाउल के अलावा 12 वर्षीय आफरीन, 6 वर्षीय जेबा और 8 वर्षीय सफाउल शामिल है। घटना के समय सनाउल की पत्नी साजिदा अपने मायके में थी।

धरती पर जल्द लौटेंगी सुनीता विलियम्स

महीनों से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में फंसे अंतरिक्ष यात्री भारतवंशी सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के लिए रविवार का दिन राहत लेकर आया। धरती से रवाना हुआ ‘स्पेसएक्स’ का यान आखिरकार सफलतापूर्वक आईएसएस पहुंच गया। नए अंतरिक्ष यात्रियों के आगमन के साथ, विलियम्स और विल्मोर की धरती पर वापसी का रास्ता साफ हो गया। यदि सबकुछ सामान्य रहा तो विलियम्स और विल्मोर 19 मार्च तक धरती पर लौट आएंगे।

कुछ और सुर्खियां:

  • राजद नेता तेज प्रताप के कहने पर ठुमके लगाने वाला सिपाही लाइन हाजिर, बिना हेलमेट स्कूटी चलाने पर चालान
  • उत्तर मेसिडोनिया के नाइट क्लब में आग लगने से 59 लोगों की मौत
  • 24 और 25 मार्च को बैंकों में रहेगी दो दिवसीय हड़ताल
  • सातवें बिहार राज्य वित्त आयोग का गठन, अगले साल 31 मार्च तक देनी है रिपोर्ट
  • भोजपुर में 1 लीटर दूध के झगड़े में बहा खून, दो की हत्या
  • पाकिस्तान सेना की बस पर हमला, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का दावा- 90 मरे

अनछपी: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति से चर्चित हुए कन्हैया कुमार अब कांग्रेस के स्टार लीडर हैं, हालांकि उन्होंने बीच में सीपीआई में शामिल होकर बेगूसराय से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा। उस चुनाव में हार के बाद कन्हैया कुमार की चर्चा बहुत कम हो गई थी लेकिन उन्होंने रविवार से कांग्रेस की जो पदयात्रा शुरू की है उससे जहां यह समझा जा रहा है कि बिहार में कांग्रेस को मजबूती मिलेगी, वहीं यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या आरजेडी इससे असहज महसूस करेगा क्योंकि लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के बारे में यह आरोप लगता है कि वह नहीं चाहते कि कन्हैया कुमार बिहार में बहुत सक्रिय रहें। ऐसे में कांग्रेस पार्टी को यह तय करना है कि क्या वह आरजेडी को नज़र अंदाज़  कर बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है या उसके साथ समन्वय बनाते हुए महागठबंधन को भी मजबूत करना चाहती है। समन्वय बनाने का यह काम बहुत आसान नहीं है। आरजेडी यह कह सकता है कि 2020 में कांग्रेस पार्टी ने जितनी सीटें ली थीं, उस हिसाब से उसकी जीत कम हुई। ऐसे में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को राजद कम सीट देना चाहेगा। इसकी वजह यह है कि वामपंथी दलों को सीट के हिसाब से बेहतर कामयाबी मिली थी। खासकर सीपीआई-एमएल अपने लिए ज्यादा सीट की मांग कर सकती है। उधर विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी भी अपने लिए अधिक सीटों की मांग कर सकते हैं। ऐसे में लालू प्रसाद और तेजस्वी के लिए कांग्रेस को अधिक सीटें देना मुश्किल होगा लेकिन कांग्रेस भी कम सीटों पर समझौता नहीं करना चाहती। कुछ राजनीतिक विश्लेषक यह भी कह रहे हैं कि हो सकता है कांग्रेस पार्टी महागठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़े। अगर ऐसा होता है और कांग्रेस पार्टी का कोई नया गठबंधन नहीं बनता है तो बिहार में एक बार फिर एनडीए और खासकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने से कोई रोक नहीं सकता। यह बात सबको मालूम है कि इस समय बिहार में कोई भी राजनीतिक दल अपने दम पर सरकार नहीं बना सकता। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी और नीतीश कुमार की पार्टी का रास्ता आसान होगा। यह अलग बहस है कि भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार को अगला मुख्यमंत्री बनने देगी या नहीं लेकिन कांग्रेस और राजद में अगर समझौता नहीं हो पाता तो बीजेपी को एक बार फिर सरकार में आने से रोकना संभव नहीं होगा। इतना तय है कि अगर कांग्रेस ने दिल्ली की नीति अपनाते हुए यहां इस बात की चिंता नहीं की तो वह भारतीय जनता पार्टी को विजयी होने से नहीं रोक सकती।

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