छ्पी-अनछपी: वक़्फ़ क़ानून- कोर्ट से पहले सरकार ने ही लगाई ‘रोक’, तेजस्वी को महागठबंधन की कमान

बिहार लोग संवाद डॉट नेट, पटना। विवादास्पद नए वक़्फ़ कानून के कुछ प्रावधानों पर सुप्रीम कोर्ट से पहले सरकार ने ही स्टे (रोक) लगा दी है। तेजस्वी यादव महागठबंधन समन्वय समिति की कमान संभालेंगे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट के हाल के एक फैसले के बारे में विवादास्पद बयान दिया है कि अदालतें राष्ट्रपति को दिशा निर्देश नहीं दे सकतीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के 600 स्थान पर होने वाले महिला संवाद की शुरुआत करेंगे।

और, जानिएगा कि अमेरिका के टैरिफ की वजह से भारत के होम टेक्सटाइल्स के 17000 करोड़ रुपए के ऑर्डर अटके।

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार नए वक़्फ़ क़ानून पर गुरुवार को दूसरे दिन भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार को 7 दिन का समय दिया। याचिका कर्ताओं को जवाब देने के लिए 5 दिन का समय दिया गया है। अगली सुनवाई 5 मई को होगी। केंद्र सरकार ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि 5 मई तक किसी भी वक़्फ़ संपत्ति (वक़्फ़ बाय यूजर संपत्ति, पहले से पंजीकृत या नोटिफिकेशन के जरिए घोषित) से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। उन्हें डीनोटिफाई भी नहीं किया जाएगा। ना ही केंद्रीय वक़्फ़ परिषद और वक़्फ़ बोर्डों में किसी गैर मुस्लिम की नियुक्ति की जाएगी। अगली सुनवाई तक कलेक्टर वक़्फ़ संपत्ति को लेकर कोई भी आदेश जारी नहीं करेंगे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र का जवाब आने तक वक़्फ़ घोषित संपत्ति पर यथा स्थिति बनाए रखने को कहा। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने वक़्फ़ ऐक्ट के प्रावधानों पर रोक लगाने के कोर्ट के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया।

तेजस्वी को महागठबंधन की समिति की कमान

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार चुनाव में इंडिया गठबंधन का सर्वाधिक जोर एकजुटता के प्रदर्शन पर रहेगा। एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए प्रखंड स्तर तक सहयोगी दलों की समन्वय समिति बनेगी। गुरुवार को पटना में राजद कार्यालय में महागठबंधन की पहली बैठक हुई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को राज्य स्तरीय समन्वय समिति का अध्यक्ष घोषित किया गया। समन्वय समिति सीटों की साझेदारी, न्यूनतम साझा कार्यक्रम, साझा घोषणा पत्र समेत बिहार विधानसभा चुनाव की तमाम रणनीतिक फैसले लेगी। 13 सदस्यीय समिति में तेजस्वी के अलावा सभी छह दलों से दो-दो सदस्य शामिल किए जाएंगे। तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राजद, कांग्रेस, भाकपा माले, भाकपा, माकपा एवं वीआईपी के प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक में तय हुआ कि महागठबंधन की अगली बैठक में सीटों की साझेदारी पर चर्चा होगी। पहली बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रधानमंत्री की हर बिहार यात्रा पर उसी दिन साझा प्रेस कांफ्रेंस कर महागठबंधन सवाल खड़े करेगा। इन दो फैसलों के अलावा तय हुआ कि 13 सदस्यीय समन्वय समिति सर्वोच्च बॉडी होगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जगदीप धनखड़ को एतराज

प्रभात खबर के अनुसार उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्वारा विधायकों पर निर्णय लिए जाने की समय सीमा निर्धारित करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत ने ऐसे लोकतंत्र की कल्पना नहीं की थी जहां जज कानून बनाएंगे। कार्यपालिका का काम स्वयं संभालेंगे और एक सुपर संसद के रूप में काम करेंगे और उनकी कोई जवाबदेही नहीं होगी। क्योंकि देश का कानून उन पर लागू नहीं होता। राज्यसभा के प्रशिक्षुओं के एक समूह को संबोधित करते हुए धनखड़ ने सवालिया लहजे में कहा कि हम कहां जा रहे हैं? देश में क्या हो रहा है। हमें बेहद संवेदनशील होना होगा। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 142 को परमाणु मिसाइल करार दिया।

बिहार सरकार का महिला संवाद कार्यक्रम आज

हिन्दुस्तान की खबर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को महिला संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम को लेकर अपने आवास से 50 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न प्रखंडों के लिए रवाना भी करेंगे। पहले दिन राज्य के 600 जगहों पर महिला संवाद कार्यक्रम होगा। वहीं, अगले दिन से प्रतिदिन करीब 1200 जगहों पर इसका आयोजन होगा। ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए महिला संवाद का आयोजन किया जा रहा है।

पूर्णिया के सहायक बंदोबस्त अधिकारी के पास आय से काफी अधिक संपत्ति

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गुरुवार को पूर्णिया के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी मुकुल कुमार झा के पूर्णिया, भागलपुर और पटना के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने के मामले में हुई इस छापेमारी में देर शाम तक सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के ठिकानों से 44.50 हजार रुपये नकद, करीब 32 लाख रुपये के ज़ेवर, 15 विभिन्न बैंकों के खाते और इंश्योरेंस व म्युचुअल फंड में निवेश से संबंधित एक दर्जन से अधिक कागजात मिले हैं। इसके साथ ही आरोपी व उनके परिजनों के नाम पर दिल्ली, गाजियाबाद, सिलीगुड़ी आदि शहरों में फ्लैट एवं दुकान खरीदे जाने के निवेश से संबंधित कागजात भी मिले हैं।

होम टेक्सटाइल्स के 17000 करोड़ के अमेरिकी ऑर्डर अटके

भास्कर के अनुसार अमेरिका में टैरिफ से भारतीय होम टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री की परेशानी बढ़ गई है। होम टेक्सटाइल्स एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के मुताबिक 17000 करोड़ रुपए के आर्डर अटक गए हैं। या तो मोल भाव चल रहा है या उन्हें रोक दिया गया है। होम टेक्सटाइल्स में बेड लिनन, तौलिया, टेबल सेट, एप्रन, नैपकिन व पर्दे जैसे प्रोडक्ट होते हैं। भारत हर साल 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का टेक्सटाइल्स निर्यात करता है। इसमें करीब 85 हजार करोड़ रुपए के होम टेक्सटाइल्स होते हैं। भारत 60% होम टैक्सटाइल्स का निर्यात अमेरिका को करता है।

कुछ और सुर्खियां:

  • धमकी देने के मामले में राजद के विधायक रीतलाल ने भाई, साले और सहयोगी के साथ किया सरेंडर, बेउर जेल भेजे गए
  • यूजीसी नेट जून के लिए आवेदन शुरू, सात मई आखिरी तारीख
  • महाराष्ट्र में अब पांचवीं तक हिंदी अनिवार्य तीसरी भाषा, राज ठाकरे ने किया विरोध
  • पटना में दीघा से सभ्यता द्वार तक बनेगा पार्क और वॉकिंग व साइकिल ट्रैक

अनछपी: हमारे देश में कई सामाजिक बुराइयां ऐसी हैं जिन्हें रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई तो करती है लेकिन वह कामयाब नहीं होती। तेज आवाज में बजने वाले बाजे हों या सड़क पर लहरिया कट मोटरसाइकिल चलाने वालों का मामला हो, पुलिस हर तरह से इन्हें रोकने की कोशिश तो करती है लेकिन यह समस्या कम नहीं होती। डीजे की तेज आवाज जहां बीमारियों को दावत देती है वहीं समाज में कई बार इसकी वजह से देंगे भी हुए हैं। डीजे के साथ लेजर लाइट का भी धड़ल्ले से इस्तेमाल होता है और अब यह खबर सामने आई है कि पटना एयरपोर्ट पर गुरुवार को लैंडिंग के समय डीजे की लाइट चमकने से पायलट की आंखें चुंधिया गईं। ऐसे में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था हालांकि पायलट ने अपनी होशियारी से इसे टाला है। खबरों में बताया गया है कि पुणे से आई इंडिगो की फ्लाइट जमीन से लगभग 300-400 मीटर ऊपर थी और सचिवालय की तरफ से आकर रनवे पर लैंड करने ही वाली थी तभी फुलवारी शरीफ की तरफ से आई एक तेज डीजे लाइट पायलट की आंखों पर पड़ी। इसे सही एंगल का फैसला लेने में पायलट को दिक्कत हुई। पायलट ने लैंडिंग के बाद एटीसी यानी एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी और फिर यह मामला एयरपोर्ट थाने की पुलिस तक पहुंचा। जाहिर है कि पुलिस के लिए यह पता लगाना बेहद मुश्किल काम है कि किस डीजे की लेजर लाइट विमान के पायलट की आंखों पर पड़ी। और अगर वह यह पता लगा भी ले तो किस आधार पर और क्या कार्रवाई कर सकती है? सरकार और समाज को यह सोचना पड़ेगा कि ऐसी चीजें जो किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती हैं उन्हें कैसे जल्द से जल्द रोका जाए। इस सिलसिले में तुरंत यह आदेश पारित करना जरूरी है कि किसी लेजर लाइट का इस्तेमाल कम से कम एयरपोर्ट, रेलवे ट्रैक और सड़कों के आसपास ना हो। बेहतर तो यही होता कि इस लेजर लाइट का इस्तेमाल खुली जगह पर हो ही ना लेकिन फिलहाल कुछ जगहों पर तो इसे पूरी तरह रोकना जरूरी है। आदेश पारित करने के साथ-साथ डीजे और लेजर लाइट की सेवा देने वाले लोगों के साथ बैठक कर उन्हें इस मामले में जागरूक भी करना चाहिए।

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