छ्पी-अनछपी: भारत-पाक के कई शहरों में विस्फोट-ब्लैकआउट, बिहार में भी सुरक्षा और सख्त
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। भारत और पाकिस्तान के कई शहरों में ड्रोन और मिसाइल हमले से विस्फोट और ब्लैक आउट की खबर है। बदले हालात में बिहार में सुरक्षा और सख्त कर दी गई है और छुट्टियां रद्द की गई हैं। भारत के 27 एयरपोर्ट बंद किए गए, पटना से कई उड़ानें रद्द। अमेरिका सहित कई देशों ने एडवाइजरी जारी की है। राष्ट्रपति ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है।
और, जानिएगा कि ब्रिटेन से समझाना होने के बाद भारतीय फलों और सब्जियों की बिक्री कैसे बढ़ेगी।
पहली खबर
प्रभात खबर के अनुसार पाकिस्तान ने गुरुवार की रात जम्मू सहित कई भारतीय क्षेत्र को निशाना बनाकर मिसाइल पर ड्रोन से हमला किया। पाकिस्तान सेना ने आरएस पुरा सेक्टर में इंटरनेशनल बॉर्डर पर भीषण गोले बरसाए। उसने जम्मू, अखनूर, पठानकोट, सांबा, राजौरी पुंछ, तंगधार और जैसलमेर आदि को निशाना बनाया। राजौरी और पुंछ में भारी गोलाबारी की गई। जम्मू एयरपोर्ट पर स्वार्म ड्रोन से हमला किया गया। तंगधार में भारी मोर्टार दागे गए।
भारत ने नाकाम किए हमले
इधर रक्षा अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान के इन हमलों को नाकाम बना दिया गया। सभी हम लोग को s400 वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया। यह भी बताया गया कि पाकिस्तान के चार फाइटर जेट को मार गिराया गया है। प्रभात खबर नहीं लिखा है कि जैसलमेर में पाकिस्तान के लड़ाकू विमान एफ-16 का पायलट पकड़ा गया है हालांकि रक्षा सूत्रों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। हिन्दुस्तान के अनुसार पाकिस्तान ने ड्रोन, मिसाइल, लड़ाकू विमान से एक साथ हमले किए। भारत ने पाक को उसी की भाषा में जवाब देते हुए लाहौर, कराची और पेशावर पर ड्रोन हमले किए।
भारत की जवाबी कार्रवाई
भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद लाहौर में गुरुवार देर रात एक के बाद एक तीन बड़े धमाके हुए। इसके साथ ही कराची और पेशावर में भी धमाके सुने गए। कराची, लाहौर और सियालकोट के हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। पाक की तरफ से जम्मू के आरएसपुरा सेक्टर में भारी गोलाबारी हो रही है। कुपवाड़ा, बारामूला में पाकिस्तानी की ओर से भारी फायरिंग हो रही है, जिसका भारतीय सेना कड़ा जवाब दे रही है।
पाक का हमले से इनकार
समाचार एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान ने कहा कि हमने भारत पर हमला नहीं किया है। हम सतर्क हैं और शांति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। पाकिस्तान सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भड़काने, धमकाने, गुमराह करने के प्रयासों से हम रुकेंगे नहीं। हम हर हमले का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। पाक सरकार ने कहा कि पठानकोट, जैसलमेर, श्रीनगर जैसे भारतीय शहरों पर हमले करने के पाकिस्तान पर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। हम इन आरोपों को खारिज करते हैं। इससे पहले, पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भी पाकिस्तान अपना हाथ होने से इनकार कर चुका है।
आज की हेडलाइन्स
- पाक का गुरूर चूर-चूर: हिन्दुस्तान
- पाकिस्तानी हिमाकत का करारा जवाब, भारत का इस्लामाबाद तक वार: जागरण
- पाकिस्तान का हमला नाकाम, मुंहतोड़ जवाब: प्रभात खबर
- लाहौर से कराची तक दहलाया: भास्कर
बिहार में सुरक्षा सख्त
हिन्दुस्तान के अनुसार आतंकवाद के खिलाफ आपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में बिहार में सुरक्षा सख्त कर दी गई है। सभी प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीमावर्ती जिलों में कड़े सुरक्षा प्रबंध और सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुवार शाम मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, राज्य के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा और डीजीपी विनय कुमार समेत अन्य आलाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में हर संदिग्ध व्यक्ति तथा वस्तु पर कड़ी नजर रखने को कहा है। खासकर सीमावर्ती जिलों में तमाम एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री खुद 10 मई को पूर्णिया में राज्य के सीमावर्ती जिलों के वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा करेंगे।
27 एयरपोर्ट बंद, पटना से कई उड़ानें रद्द
प्रभात खबर के अनुसार भारत-पाकिस्तान के बीच शुरू संघर्ष के कारण 10 मई तक पटना से हिडन, चंडीगढ़ और भुवनेश्वर की उड़ानें स्थगित कर दी गई हैं। पटना से गाजियाबाद और भुवनेश्वर इंडिगो की फ्लाइट और चंडीगढ़ एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आती जाती है। इसके साथ ही देश के 27 हवाई अड्डे आंशिक या पूर्ण रूप से बंद किए गए हैं जिनमें हिडेन और चंडीगढ़ भी शामिल है। भारतीय वायु सेवा ने चंडीगढ़ के मोहाली स्थित शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पूरा नियंत्रण कर लिया है और अगली सूचना तक सभी 52 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रद्द कर दी हैं। यह एयरपोर्ट अहमदाबाद, बेंगलुरु, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, गोवा, हैदराबाद, इंदौर, लेह, जयपुर, लखनऊ, चेन्नई, पटना, पुणे और श्रीनगर सहित कई प्रमुख मार्गों की सेवा प्रदान करता है।
अमेरिका सहित कई देशों ने जारी की एडवाइजरी
भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को अमेरिका सहित कई देशों ने अपने नागरिकों को चेतावनी देते हुए इन देशों की यात्रा न करने की सलाह दी है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की यात्रा से बचने की सलाह दी है। अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए जल्द से जल्द लाहौर और पंजाब प्रांत छोड़ने के लिए कहा। विदेश मंत्रालय ने कहा, नागरिक या तो शहर छोड़ दें या किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएं।
लालू के खिलाफ मुक़दमे की राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
जागरण के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद के खिलाफ रेलवे में जमीन के बदले कथित नौकरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि मुर्मू ने सीआरपीसी की धारा 197(1) या भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 218 के तहत की अनुमति दी है। इस मामले की जांच ईडी ने की थी और एजेंसी ने पिछले वर्ष अगस्त में 76 वर्षीय बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, उनके बेटे व राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।
ब्रिटेन में बढ़ेगी भारतीय फल सब्जियों की बिक्री
ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पर अमल से रोजगारपरक सेक्टर के साथ फल और सब्जी व प्रोसेस्ड फूड के निर्यात में भी बढ़ोतरी होगी। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक एफटीए के बाद ब्रिटेन के बाजार में भारतीय अंगूर ब्राजील और मिस्र के अंगूर से मुकाबला कर सकेंगे। वहीं भारतीय प्रोसेस्ड और बेकरी फूड अब ब्रिटेन में अमेरिका, चीन व थाईलैंड को टक्कर दे सकेंगे। ब्रिटेन में अब ब्राजील, अमेरिका व चीन की तरह भारतीय सब्जी भी आसानी से बिकेंगी। एफटीए पर अमल के बाद ब्रिटेन के बाजार में भारत से निर्यात होने वाली अधिकतर वस्तुओं पर शून्य टैक्स लगेगा जिससे उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ जाएगी।
कुछ और सुर्खियां:
- पटना में बस चुकीं 27 पाकिस्तानी महिलाओं का वीजा 10 मई को रद्द किया जाएगा, 10 जुलाई तक ट्रांस आईटी पीरियड होगा
- उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यात्रियों को गंगोत्री ले जा रहा है हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, पायलट समेत 6 की मौत
- अमेरिका के रॉबर्ट प्रीवोस्ट को नया पोप चुन लिया गया, 69 वर्षीय प्रीवोस्ट को लियो 14वें के नाम से जाना जाएगा।
- बिहार शरीफ के पास भागन बीघा ओपी क्षेत्र में तिलक समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग में अधेड़ की मौत दो बालक भी जख्मी
- हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में बीच में रोका गया आईपीएल का मैच, स्पेशल ट्रेन से निकाले जाएंगे खिलाड़ी
- घर पर नकदी मिलने से चर्चित जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ भारत के मुख्य न्यायाधीश ने महाभियोग चलाने की सिफारिश की
- पटना हाई कोर्ट के एक दफ्तर में आग लगने से कई फाइलें जलीं, दमकल की तीन गाड़ियों ने आग पर काबू किया
अनछपी: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि अदालतें फूलों की तरह नाजुक नहीं हैं जो बेतुके बयानों से मुरझा जाएं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट भारतीय जनता पार्टी के विवादास्पद सांसद निशिकांत दुबे द्वारा अदालत और मुख्य न्यायाधीश पर की गई टिप्पणियों पर अपनी राय दे रहा था। सुप्रीम कोर्ट की इस राय पर जो पहली बात ध्यान में आती है वह यह है कि ठीक है, अदालतें फूलों जैसी नहीं हैं लेकिन आखिर अदालतों के खिलाफ अवमानना भरी टिप्पणियों को कैसे रोका जा सकता है और क्या ऐसी टिप्पणियां करने वाले बिना किसी सजा के निकलते रहेंगे? चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने कहा कि भाजपा सांसद की टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं और सुप्रीम कोर्ट के अधिकार को कम करती हैं। अदालत की यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान आई है जिसमें निशिकांत दुबे के खिलाफ अदालत की अवमानना का आरोप लगाया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि उसकी राय में टिप्पणियां बेहद गैर जिम्मेदाराना थीं और सुप्रीम कोर्ट और उसके जज पर आक्षेप लगाकर ध्यान आकर्षित करने की प्रवृत्ति को दर्शाती हैं। अदालत ने यह भी कहा कि इन टिप्पणियों के जरिए न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप करने और बाधा डालने की प्रवृत्ति नजर आती है। अदालत के मुताबिक सांसद की टिप्पणी संवैधानिक अदालतों की भूमिका तथा संविधान के तहत उन्हें सौंप गए कर्तव्यों और दायित्वों के बारे में उनकी अज्ञानता को दर्शाती है। चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया संजीव खन्ना ने यह भी कहा कि सांप्रदायिक नफरत फैलाने या घृणा भरे भाषण देने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कड़ी टिप्पणियां की हैं उनके मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के सांसद पर कड़ी कार्रवाई कौन करेगा? ऐसा ना हो कि सुप्रीम कोर्ट बस टिप्पणियां करते रह जाए और घृणा फैलाने वाले और अवमाना करने वाले सांसद पर कोई कार्रवाई नहीं हो। यहां यह याद दिलाना भी जरूरी है कि मीडिया में निशिकांत दुबे के ज़हरीले बयानों की जिस तरह आलोचना होनी चाहिए उसकी कोई झलक नहीं दिखी।
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