छ्पी-अनछपी: मोदी की अपील- एक साल सोना न खरीदें, सम्राट सरकार में नीतीश के पसंदीदा अफसरों के तबादले

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए नागरिकों से अगले एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है। बिहार में पहली बार बीजेपी के नेतृत्व में बनी सरकार में उन अफसरों का तबादला किया गया है जिन्हें नीतीश कुमार का पसंदीदा माना जाता था। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी पेपर लीक की शिकायतों की जांच केंद्रीय एजेंसी को दी गई है।

और, बिहार में 208 नए डिग्री कॉलेजों को चलाने के लिए दिए जाएंगे 50-50 लाख रुपये।

पहली ख़बर

प्रभात खबर के अनुसार पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से एक गंभीर अपील की है. हैदराबाद में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान पीएम ने कहा कि वर्तमान वैश्विक हालात में पेट्रोल, डीजल और गैस का संयमित उपयोग समय की मांग है. उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए नागरिकों से अगले एक साल तक सोना न खरीदने का भी आह्वान किया. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है और युद्ध के कारण विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि आयातित संसाधनों की बचत ही इस संकट की घड़ी में असली देशभक्ति है. पीएम ने भावुक अपील करते हुए कहा कि अतीत में युद्ध के समय भारतीयों ने अपना सोना दान कर दिया था, लेकिन आज उन्हें केवल संयम चाहिए, यदि देशवासी एक वर्ष तक सोने के आभूषणों की खरीद टाल दें और अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें, तो भारत इस वैश्विक संकट का मजबूती से सामना कर पायेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सौर ऊर्जा और एथनॉल जैसे विकल्पों पर काम कर रही है, लेकिन जनता का सहयोग अनिवार्य है.

कुमार रवि और नैयर हसनैन समेत कई अधिकारियों का तबादला

बिहार लमें एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के चौथे दिन रविवार को पुलिस-प्रशासन के शीर्ष पदों पर बड़ा फेरबदल किया गया। इस फेरबदल के तहत 10 आईएएस, 16 आईपीएस और बिहार पुलिस सेवा के एक पदाधिकारी को नयी जिम्मेदारी सौंपी गयी है। वहीं, दो आईएएस को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। विकास वैभव मगध क्षेत्र (गया) के आईजी बनाये गये हैं। राज्य सरकार ने समाज कल्याण, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, स्वास्थ्य, ऊर्जा, वित्त, भवन निर्माण और जल संसाधन विभाग में शीर्ष स्तर पर नये आईएएस अधिकारी तैनात किये हैं। इन सभी का तीन-चार विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी बरकरार है। इसके साथ ही बिहार पुलिस में दो डीजी, नौ एडीजी व चार आईजी स्तर के अफसरों का भी तबादला किया गया है। नैयर हसनैन खान को ईओयू से हटाकर बीसैप का एडीजी बनाया गया। उनकी जगह अमित कुमार जैन को ईओयू के एडीजी की कमान सौंपी गई है। पहली बार साइबर सुरक्षा एडीजी के रूप में अमृत राज को तैनात किया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में गठित नयी एनडीए सरकार का यह पहला बड़ा तबादला है।

नीट यूजी पेपर लीक की शिकायतों की जांच केंद्रीय एजेंसी

जागरण के अनुसार मेडिकल के स्नातक कोसौं में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट-यूजी (नेशनल एलिजविलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडर ग्रेजुएट) में गड़‌बड़ी व कथित पेपर लीक मामले के तूल पकड़ते देख नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी है। एनटीए ने रविवार को एक एडवाइजरी जारी कर छात्रों के साथ यह जानकारी साझा की है। साथ ही उन्हें यह भी बताया है कि तीन मई को हुई नीट-यूजी की परीक्षा देशभर में कड़े सुरक्षा प्रोटाकाल के तहत आयोजित की गई थी। एनटीए ने कहा कि जांच एजेंसियां जो भी रिपोर्ट देंगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई पारदर्शी तरीके से की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, नीट-यूजी के बाद देहरादून, राजस्थान के सीकर व झुंझुनूं से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियों को शक है कि परीक्षा से पहले कुछ कैंडिडेट्स को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने की कोशिश हुई थी।

चुनाव के बाद शुभेंदु के का की हत्या के मामले में बक्सर से एक गिरफ्तार

हिन्दुस्तान के अनुसार बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच कर रही एसटीएफ ने बक्सर में दबिश दी है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांडेयपट्टी निवासी विशाल श्रीवास्तव को अपने साथ कोलकाता ले गई। विशाल के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में करीब एक दर्जन केस दर्ज हैं, जिनमें हत्या, आर्म्स एक्ट व मारपीट के मामले शामिल हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में विशाल श्रीवास्तव को पुलिस अपने साथ ले गई। इस हत्याकांड से जुड़े कई राज विशाल श्रीवास्तव के पास होने की संभावना है। हालांकि, बक्सर के एसपी शुभम आर्य ने यह स्पष्ट नहीं किया कि एसटीएफ विशाल को चंद्रनाथ रथ हत्याकांड से जुड़े मामले में अपने साथ ले गई है। एसपी ने बताया कि पश्चिम बंगाल की टीम आयी थी। उसने छापेमारी कर विशाल को हिरासत में लिया है। उसे पूछताछ के लिए बंगाल ले जाया गया है।

208 नए डिग्री कॉलेजों को चलाने के लिए मिलेंगे 50-50 लाख रुपये

प्रभात ख़बर के अनुसार बिहार में 208 नये डिग्री कॉलेजों के संचालन और आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए सरकार प्रत्येक कॉलेज को शुरुआती तौर पर 50-50 लाख रुपये उपलब्ध करायेगी. सरकार का मानना है कि नये कॉलेज खुलने से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा, अभी कई जिलों और प्रखंडों में छात्रों को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है. नये डिग्री कॉलेज शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन कॉलेजों में चरणबद्ध तरीके से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू की जायेंगी. शुरुआती राशि का उपयोग भवन, फर्नीचर, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कंप्यूटर और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास में किया जायेगा. शुरुआती दौर में सभी काम जिला अधिकारी के देखरेख में काम होगा.

कुछ और सुर्खियां:

  • तमिलनाडु में टीवीके पार्टी के प्रमुख सी जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
  • असम में राज्यपाल ने हिमंत बिस्वा सरमा को फिर से मुख्यमंत्री नियुक्त किया, 12 को शपथ ग्रहण
  • पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख़्वा प्रांत के बन्नू जिले में पुलिस चौकी पर आत्मघाती हमला, 15 सुरक्षाकर्मी मरे
  • उत्तर प्रदेश के योगी मंत्रिमंडल में 6 मंत्री और बढ़े, दो का कद बढ़ा
  • बिहार के 45000 पुल पुलियों की मानसून से पहले जांच का निर्देश

अनछपी: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में बिहार में मेडिकल कॉलेज खोलने और अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने की बहुत कोशिश की गई है लेकिन यह बात सब मानते हैं कि वहां मशीनों की गड़बड़ी की वजह से मरीजों को बहुत परेशानी होती रही है। अक्सर पीएमसीएच-एनएमसीएच से लेकर आईजीआईएमएस तक यह शिकायत मिलती है कि कभी एमआरआई मशीन खराब है तो कभी अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है और कभी नौबत एक्स-रे मशीन की खराबी तक पहुंच जाती है। इसके अलावा कई और मेडिकल मशीनरी है जिसकी खराबी की वजह से आम लोगों को बहुत परेशानी होती रही है। यानी मशीनों के रखरखाव का मामला बहुत ही गड़बड़ है और उसकी वजह से मरीजों को महंगी दर पर बाहर जांच करवानी पड़ती थी। अब स्वास्थ्य विभाग को मशीनों के रखरखाव के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 13 करोड़ 20 लाख रुपए की राशि खर्च करने के लिए रिलीज कर दी गई है। हालांकि राज स्वास्थ्य समिति ने इसके लिए 50 करोड़ 82 लख रुपए की जरूरत बताई थी। यह बात स्वतंत्र जांच की है कि दरअसल अस्पतालों की मशीनों के रखरखाव के लिए कितने पैसों की जरूरत है और जो पैसे मिलते हैं उनका सही इस्तेमाल होता है या नहीं। बिहार में मेडिकल सुविधा की सेहत के लिए यह एक बेहद गंभीर सवाल है और इसका जवाब जरूर ढूंढा जाना चाहिए।

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