छ्पी-अनछपी: कई देश ईरान को परमाणु हथियार देने को तैयार, जंग बढ़ी तो भारत में बढ़ेगी महंगाई

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिका के ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद रूस ने कहा है कि कई देश ईरान को परमाणु हथियार देने के लिए तैयार हैं। ईरान के साथ अमेरिका और इसराइल की जंग बढ़ती है तो भारत में महंगाई बढ़ने की आशंका जाहिर की गई है। दरभंगा में एक किशोरी के गैंगरेप और मर्डर के बाद तालाब से शव बरामद किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुनौरा धाम में भव्य जानकी मंदिर के जल्द निर्माण की बात कही है।

और जानिएगा कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बाइक और कार का टेस्ट कितने सेकंड और मिनट में पास करना होगा।

पहली खबर

जागरण के अनुसार रूस के पूर्व राष्ट्रपति और रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दमित्री मेदवेदेव ने रविवार को एक्स पर पोस्ट में कहा कि अमेरिकी हमले में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को जरा भी नुकसान नहीं हुआ है और यह जारी रहेगा। उन्होंने किसी देश का नाम लिए बिना कहा कि कई देश ईरान को सीधे अपने परमाणु हथियारों की आपूर्ति करने के लिए भी तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह हमला करके अमेरिका के लिए नया युद्ध शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी रायटर के अनुसार मेदवेदेव ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, “शांति स्थापित करने वाले राष्ट्रपति के रूप में आए ट्रंप इस तरह की सफलता से नोबेल शांति पुरस्कार नहीं जीत पाएंगे। ईरान में तीन स्थलों पर हमला करके अमेरिका ने क्या हासिल किया? ऐसा लगता है कि परमाणु संवर्धन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचा है।” मेदवेदेव ने कहा कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा और अमेरिका के जमीनी कार्रवाई में शामिल होने का खतरा है। इस बीच ईरान की विदेश मंत्री अब्बास अरागची सोमवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिलने के लिए मॉस्को जाने की योजना बना रहे हैं।

हमलों के बावजूद रेडिएशन नहीं

ईरान के तीन प्रमुख परमाणु संयंत्रों पर अमेरिका के हमले के बाद भी आसपास के इलाकों में विकिरण नहीं फैला है। इससे अमेरिका व इसराइल के ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के उद्देश्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अमेरिका ने रविवार तड़के करीब 25 मिनट की कार्रवाई की जबकि इसराइल 10 दिन से हमले कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा है कि ईरान में कहीं पर भी विकिरण का स्तर नहीं बढ़ा है। यानी ईरान के संवर्धित यूरेनियम और कच्चे यूरेनियम भंडार हमले से अभी बचे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार इसराइली हमलों से पहले ही ईरान ने अपने यूरेनियम भंडार को सुरक्षित कर उसे संयंत्रों से दूर स्थानांतरित कर दिया था। इस बीच अमेरिकी हमलों को रूस ने विफल करार दिया है।

ऑपरेशन मिडनाइट हैमर में और क्या हुआ?

अमेरिका ने अपने हमले को मिडनाइट हैमर का नाम दिया है। इसके जरिए ईरान के प्रमुख परमाणु स्थल फोर्डो, नतांज और इस्फहान पूरी तरह बर्बाद करने के दावे किए गए। अमेरिका के सात बी-2 बमवर्षक विमानों ने 14 बंकर बस्टर बम गिराए। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हमले को अंजाम देने के बाद सभी विमान ईरान के हवाई क्षेत्र से सुरक्षित बाहर आ गए हैं। यह अमेरिका, इसराइल और दुनिया के लिए ऐतिहासिक क्षण है।” उन्होंने कहा, ईरान में या तो शांति होगी या त्रासदी। तेहरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी के बीच अमेरिका के सीधे तौर पर शामिल होने से बड़े स्तर पर लड़ाई छिड़ने के आसार बढ़ गए हैं। अब तक ईरान पर इसराइल के हमलों में कम से कम 865 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 3,396 अन्य घायल हैं। वहीं इसराइल पर हमले में 24 लोग मारे गए हैं, जबकि छह सौ अधिक घायल हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिखा

मीडिया रिपोर्ट में अमेरिकी हमले के बाद उपग्रह तस्वीरें जारी की गईं। इनमें फोर्डो परमाणु केंद्र के प्रवेश द्वारों को नुकसान दिख रहा है। ‘प्लैनेट लैब्स पीबीसी’ की तस्वीरों में पर्वतीय क्षेत्र को भी नुकसान नजर आ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला अमेरिकी स्टेल्थ बॉम्बर और 30 हजार पाउंड वजन वाले बंकर-बस्टर बम से किया गया। इसे जीबीयू-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर के रूप में जाना जाता है, जिसका इस्तेमाल जमीन के भीतर लक्ष्य भेदने में किया जाता है।

भारत में बढ़ सकती है महंगाई

ईरान-इसराइल युद्ध में अब अमेरिका के कूदने से इस लड़ाई के लंबा चलने की आशंका बढ़ गई है। भारत के लिहाज से देखा जाए तो यह संघर्ष व्यापार के मार्चे पर काफी नुकसान पहुंचा सकता है। इससे न केवल इसराइल और ईरान के साथ भारत का कारोबार प्रभावित होगा, बल्कि पश्चिम एशियाई देशों के साथ भी भारत के व्यापार पर व्यापक असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के लंबा चलने से हॉर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में माल ढुलाई महंगी होगी और देश में महंगाई बढ़ सकती है। वर्तमान में भारत और यूरोप के बीच 80 प्रतिशत व्यापार लाल सागर के माध्यम से होता है। अमेरिका के साथ भी काफी मात्रा में व्यापार इसी मार्ग के जरिए होता है।

दरभंगा में गैंगरेप के बाद मर्डर

जागरण के अनुसार दरभंगा के जाले थाना क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म के बाद एक किशोरी की हत्या कर दी गई तथा शव को तालाब में फेंक दिया गया। रविवार को तालाब में शव देख भीड़ जुटी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से शव को निकाल। शव की पहचान के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव आते ही लोग आक्रोशित हो गए तथा जाले- भरवाड़ा मुख्य मार्ग जाम कर दिया। वे प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए नारेबाजी करने लगे। इस बीच प्राथमिकी दर्ज कर एक प्रति पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराई गई। इसके बाद जाम हटा। किशोरी की गर्दन पर जख्म और सर के पीछे गहरी चोट के निशान मिले। किशोरी की मां ने हरि ओम महतो और अमर महतो समेत कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।

पुनौरा धाम में जानकी मंदिर का निर्माण जल्द: नीतीश कुमार

प्रभात खबर के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम सीतामढ़ी को समग्र रूप से विकसित किए जाने के लिए भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं का डिजाइन अब तैयार हो गया है। “इसका निर्माण पूरा करने के लिए हमलोग कृत संकल्पित हैं।” मुख्यमंत्री ने यह बातें रविवार को अपने एक्स हैंडल पर साझा की है। एक्स हैंडल पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लिखा, “मुझे बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं का डिजाइन आपके साथ साझा किया जा रहा है। “इसके लिए एक ट्रस्ट का भी गठन कर दिया गया है ताकि निर्माण कार्य में तेजी आ सके। मुख्यमंत्री की पहल से कैबिनेट से 50 एकड़ जमीन और अधिग्रहण की मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने इसको लेकर 272 करोड़ रुपए का फंड भी मंजूर किया है।

69 सेकंड में बाइक और 4 मिनट में कार टेस्ट पास करना होगा

भास्कर के अनुसार बिहार में स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए आपको 69 सेकंड में बाइक और 4 मिनट में कार चला कर दिखाना होगा। वह भी ऑटोमेटिक हाईटेक ट्रैक पर। इस समय अवधि में यदि अभ्यर्थी ट्रैफिक नियमों के अनुसार सफलतापूर्वक गाड़ी नहीं चला पाता है तो उसे फेल माना जाएगा। अगली बार फिर से स्लॉट बुक करना होगा। फिर से स्लॉट बुक करके टेस्ट प्रक्रिया से जाना पड़ेगा। परिवहन विभाग के अनुसार पहले चरण में पटना, दरभंगा, भागलपुर, गया, छपरा और पूर्णिया में यह नई प्रक्रिया लागू की जा रही है। फिलहाल पटना और दरभंगा में यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एक गाड़ी में फेल होने पर 800 और दोनों गाड़ियों में फेल होने पर 1150 रुपए शुल्क देना होगा।

कुछ और सुर्खियां:

  • बर्मिंघम से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट को बम की धमकी के बाद रियाद में उतारा गया
  • रक्सौल के पास भारत-नेपाल सीमा से घुसपैठ के आरोप में नागरिक गिरफ्तार
  • उत्तर बिहार के कई इलाकों में आज भी बारिश के आसार
  • ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान से और 311 भारतीयों को निकाला गया

अनछपी: पिछले कई महीनों से बिहार में नीतीश कुमार की सरकार पूर्णता और विशुद्ध रूप से भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे पर चल रही है जिसमें सांप्रदायिक एजेंडा भी शामिल है। ऐसे में यह खबर चौकन्ना करने वाली है कि बिहार में चुनाव से ठीक पहले वोटर लिस्ट से कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर करने की तैयारी चल रही है। ध्यान रहे कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगा रखे हैं। अब ताजा खबर में यह बताया गया है कि बिहार की मतदाता सूची का घर-घर जाकर सत्यापन होगा। इस खबर में बताया गया है कि इस दौरान बांग्लादेशी और विदेशी घुसपैठियों और लंबे समय से राज्य से बाहर रहकर नौकरी या कारोबार कर रहे लोगों की पहचान की जाएगी और उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। इस खबर में बताया गया है कि इस तरह के सत्यापन का काम जुलाई महीने से शुरू हो सकता है। जो बात चौकन्ना करने वाली है वह यह है कि पहले भी एक खास वर्ग के लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायत मिलती रही है। कहीं इस बार वह तैयारी बिहार में तो नहीं होने जा रही है? अगर मतदाता सूची के आम सत्यापन करने की बात होती तो यह एक सामान्य बात होती लेकिन इसमें बांग्लादेशी और विदेशी घुसपैठियों की बात की गई है जो काफी विवादास्पद है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने कभी यह मुद्दा नहीं उठाया कि बिहार में बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं लेकिन यह हमेशा भारतीय जनता पार्टी का एजेंडा रहा है। इसलिए जरूरी है कि विपक्षी दल विशेष तौर पर इस बात का ध्यान रखें कि बिहार के वोटरों को बांग्लादेशी घुसपैठिया बताकर या बिना बताए उनका नाम वोटर लिस्ट से ना हटा दिया जाए। इसके अलावा सामाजिक संगठनों की भी यह जिम्मेदारी है कि वह इस बात को सुनिश्चित करें कि चुनाव आयोग घुसपैठिए के नाम पर बिहार के नागरिकों को वोटर लिस्ट से बाहर न कर दे। वैसे तो यह जिम्मेदारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की थी लेकिन हाल के दिनों में उनकी सेहत और उनके ढुलमुल रवैए के बाद अब उनसे कोई उम्मीद बाकी नहीं रह गई है।

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