छ्पी-अनछ्पी: NEET UG की जांच सीबीआई को, भारत-बांग्लादेश में दस समझौते

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मेडिकल दाखिला इम्तिहान NEET UG में जैसे-जैसे विवाद बढ़ रहा है वैसे-वैसे सरकार की कार्रवाई सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने अब कहा है कि वह इसकी सीबीआई से जांच कराएगी और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के डायरेक्टर जनरल को हटा दिया गया है। देवघर से नालंदा के 6 लोगों को नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है। भारत और बांग्लादेश के बीच 10 महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। आज के अखबारों की यह अहम खबरें हैं।

हिन्दुस्तान के अनुसार नेट और नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बीच सरकार ने शनिवार को कई अहम फैसले लिए। नीट यूजी की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। शनिवार रात शिक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी किए। रविवार को होने वाली नीट-पीजी प्रवेश परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है। वहीं, सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को पद से हटा दिया। उनकी जगह प्रदीप सिंह खरोला को नया डीजी नियुक्त किया गया है। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।

देवघर से नालंदा के छह गिरफ्तार

बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने नीट पेपर लीक मामले में शामिल सिंटू कुमार उर्फ चिंटु उर्फ बालदेव कुमार और 5 संदिग्धों को देवघर में गिरफ्तार कर लिया है। ईओयू की विशेष टीम सभी छह को लेकर शनिवार की दोपहर पटना पहुंची। गुप्त स्थान पर इनसे पूछताछ चल रही है। सिंटू कुमार नालंदा के कराय-पशुराय प्रखंड के गुलेरिया बिगहा गांव का रहने वाला है। इसे प्रश्न-पत्र लीक मामले का एक अहम किरदार माना जा रहा है। ईओयू को सिंटू के अपने साथियों के साथ देवघर के देवीपुर थाना क्षेत्र में एम्स के पास स्थित झुनु सिंह के मकान में छिपे होने की सूचना मिली। इसके बाद पटना से टीम वहां पहुंची और शुक्रवार की रात स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर सभी को गिरफ्तार कर लिया।

भारत-बांग्लादेश में दस समझौते

भारत और बांग्लादेश ने शनिवार को तीस्ता नदी के संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए एक बड़ी परियोजना समेत 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच वार्ता के दौरान इन समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। इन समझौतों में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता पर बातचीत शुरू करना और रक्षा संबंधों को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा दोनों पक्षों ने डिजिटल क्षेत्र, समुद्री क्षेत्र, समुद्री अर्थव्यवस्था, रेलवे, अंतरिक्ष, हरित प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने के लिए समझौता पर हस्ताक्षर किए।

अररिया में पुल गिरने की वजह- पाइलिंग आधी

भास्कर के अनुसार अररिया के सिकटी प्रखंड में बकरा नदी पर बने पुल के ध्वस्त होने के चौथे दिन दिल्ली व हैदराबाद की टीम ने इसकी जांच की। जांच टीम ने बताया कि पुल के लिए पाइलिंग 40 मीटर नीचे से की जानी चाहिए थी जो 20 मीटर नीचे से की गई। यह पुल तीन हिस्सों में बना और पहले दो बार में पाइलिंग 40 मीटर की गई लेकिन आखिरी बार में पाइलिंग 20 मीटर की गई। इसी की वजह से पुल गिर गया। इस बारे में अभी और जांच बाकी है जो दिल्ली से एक मशीन के आने के बाद की जाएगी।

तेजस्वी ने पूछा- माले के पास कितने साधन थे

लोकसभा चुनाव में 19 सीटों पर हार की समीक्षा के लिए बुलाई गई राजद की बैठक में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 2025 में राज्य में महागठबंधन की सरकार बनाने का टास्क दिया। बैठक के दौरान कई उम्मीदवारों ने साधनों की कमी उम्मीदवारों के चयन में अदूरदर्शिता और पार्टी से बाहर के लोगों को टिकट देने का मुद्दा उठाया। तेजस्वी ने कहा कि भाकपा माले के पास कितना साधन था कि उनके तीन में से दो उम्मीदवार चुनाव जीत गए। तेजस्वी ने उन विधायकों को चेतावनी दी जिनके विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार की हार हुई है। उन्होंने कहा कि 2 महीने के अंदर सघन भ्रमण कर कारणों की पड़ताल कर निदान कीजिए।

सोनाक्षी-ज़हीर की शादी आज

जागरण के अनुसार हिंदी सिनेमा क्षेत्र के शॉटगन अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी और अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा पिछले कई दिनों से अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं। वह 23 जून को अपने लंबे समय के बॉयफ्रेंड जहीर इकबाल के साथ परिणय सूत्र में बंधेंगी। चूंकि सोनाक्षी और ज़हीर दोनों अलग-अलग धर्म से हैं तो लोगों के मन में यह सवाल थे कि शादी किस रीति रिवाज से होगी और क्या शादी के बाद सोनाक्षी अपना धर्म परिवर्तन करेंगी। शादी से ठीक पहले शनिवार को इन सवालों का जवाब जहीर के पिता इकबाल रतनसी ने मीडिया से बातचीत में दिया। उन्होंने बताया कि सोनाक्षी और ज़हीर की शादी ना तो हिंदू और ना ही मुस्लिम रीति रिवाज से होगी। दोनों सिविल मैरिज करेंगे। उन्होंने कहा कि सोनाक्षी धर्म परिवर्तन नहीं कर रही हैं और यह सुनिश्चित है।

बिहार से नौकरी चाहनेवालों में 42 फ़ीसद महिलाएं

हिन्दुस्तान की ख़ास खबर है कि घर में चूल्हा-चौका संभाल रही महिलाएं अब पुरुषों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर काम कर रही हैं। पुरुषों की तरह महिलाएं भी काम करने के लिए देश-दुनिया में रोजगार भी खोज रही हैं। नेशनल कॅरियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल पर हुए निबंधन से यह खुलासा हुआ है। इस पोर्टल पर अब तक बिहार से 17 लाख 68 हजार से अधिक बेरोजगारों ने निबंधन कराए हैं। इसमें से 42 फीसदी महिलाएं हैं। वहीं देश में दो करोड़ 20 लाख 92 हजार बेरोजगारों ने रोजगार मांगे हैं। इनमें से एक करोड़ 45 हजार से अधिक यानी 45 फीसदी महिलाएं हैं।

कुछ और सुर्खियां

  • बिहार के प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट के लिए पटना में दफ्तर खोलेगी केंद्र सरकार
  • रेलवे प्लेटफार्म टिकट और हॉस्टल पर जीएसटी में छूट
  • बारिश नहीं होने से बिहार में अब तक 40% भी नहीं गिरा धान का बीज
  • मुजफ्फरपुर में गैस कटर से एसबीआई की एटीएम काट 23 लाख ले गए
  • गुरुग्राम में फायर बॉल बनाने वाली फैक्टरी में धमाके के बाद आग लगी, चार कर्मचारियों की मौत
  • अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा करने वाले पंडित लक्ष्मीकांत का निधन

अनछपी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तरफ भारत के विश्व गुरु बनने की कल्पना करते हैं तो दूसरी ओर कई ऐसी खबरें आती हैं जिनसे लगता है कि हमारा समाज अभी बहुत ही पुराने काल में जी रहा है। ऐसी ही एक खबर भागलपुर के नवगछिया से आई है जहां एक महिला तांत्रिक के कहने पर कब्र से निकाल कर दस माह की एक बच्ची को अस्पताल लाया गया और उसने वहां झाड़ फूंक शुरू कर दी। नवगछिया की बच्ची की शुक्रवार को बीमारी से मौत हो गई जिसे दफना दिया गया। इसके बाद शनिवार को खुद को तांत्रिक बताने वाली एक महिला ने दावा किया कि वह बच्ची जिंदा है और उसे अस्पताल लेकर जाने को कहा। बच्ची के घर वालों ने उसकी लाश को कब्र से निकाला और दिन में 1:00 बजे अनुमंडल अस्पताल ले आए। इसके बाद उस तांत्रिक महिला अस्पताल में बेड पर पड़ी बच्ची की झाड़ फूंक करने लगी। डॉक्टर ने तो उसे मरा हुआ बता ही दिया था लेकिन डॉक्टर की बात मानने के बजाय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस तांत्रिक के झाड़ फूंक और हंगामा की बात सुनकर वहां पुलिस पहुंची। पुलिस ने उसे कथित तांत्रिक महिला को हिरासत में ले लिया। यह पता नहीं चल पाया कि उस महिला तांत्रिक ने आखिर किसी लालच में उस बच्ची के जिंदा होने की बात कही जिसे डॉक्टर द्वारा मृत घोषित करने के बाद दफन किया गया था। इतनी पढ़ाई लिखाई और जागरुकता के बावजूद समाज में तंत्र मंत्र करने वाले ऐसे लोग मौजूद हैं जो बेहद अवैज्ञानिक बात करके लोगों को भरमाते रहते हैं। सरकार की ओर से भी तंत्र-मंत्र की कथित विद्या के बारे में सही रुख अपनाने की जरूरत है और इस तरह की अवैज्ञानिक बातों पर रोक लगाने के लिए जागरुकता और सख्ती दोनों जरूरी है। जागरुकता उस स्तर पर भी जरूरी है जहां लोग तंत्र-मंत्र के नाम पर अपना धंधा चल रहे हैं और उस स्तर पर भी जहां लोग ऐसे तांत्रिकों की बातों और झांसे में आ जाते हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों पर ध्यान नहीं दिया जाता और बाद में पुलिस लीपापोती कर आरोपित को छोड़ देती है। यह भी देखना होगा कि तांत्रिक होने का दावा करने वालों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है। हमारे गांव देहातों में अभी बहुत जगहों पर तंत्र-मंत्र और जादू टोने के कारण झगड़ा फसाद होते रहता है और लोगों की जान भी चली जाती है। महिलाओं को डायन बताकर उनके साथ बर्बरता की जाती है लेकिन इस बारे में सरकार की ओर से किसी जागरुकता कार्यक्रम को अब तक नहीं देखा गया है। समाज और सरकार दोनों के लिए यह बेहद जरूरी है कि तंत्र-मंत्र के नाम पर जो धंधा चल रहा है उसे तत्काल बंद कराया जाए।

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