छ्पी-अनछपी: NEET पेपर लीक में छापेमारी-तलाश जारी, अभी जेल में ही रहेंगे केजरीवाल

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मेडिकल दाखिला इम्तिहान NEET के पेपर लीक मामले में नालंदा से सॉल्वर गैंग के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जबकि इस मामले में एक अन्य की तलाश जारी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार को जेल से रिहा होना था लेकिन हाई कोर्ट ने जमानत पर रोक लगा दी, इसलिए फिलहाल वह जेल में ही रहेंगे। 20 साल पुराने रजिस्ट्री पर अब एडीएम की जांच के बाद दाखिल खारिज होगा। ब्रिटेन के सबसे अमीर हिंदुजा परिवार के चार लोगों को घरेलू नौकरों के शोषण में सजा सुनायी गयी है। (साथ लगी तस्वीर।) यह  हैं आज के अखबारों की प्रमुख खबरें।

हिन्दुस्तान की पहली खबर के अनुसार नीट पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने शुक्रवार को नालंदा के एकंगरसराय प्रखंड में छापेमारी की और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। पूछताछ के लिए हिरासत में लिये गये व्यक्ति का नाम राकेश कुमार है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा के अनुसार वह सॉल्वर गैंग का सदस्य है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जागरण की सबसे बड़ी खबर के अनुसार इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई अब मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है। जांच टीम का मानना है कि पिछले दिनों हुए सिपाही भर्ती परीक्षा, शिक्षक भर्ती परीक्षा और नीट पेपर लीक के तार आपस में जुड़े हैं। इन सभी पेपर लीक में बिहार के नालंदा के रहने वाले संजीव मुखिया का नाम सबसे प्रमुखता से सामने आ रहा है। पुलिस ने संजीव की तलाश भी तेज कर दी है। इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान को दिल्ली बुलाया गया है। वे शनिवार को दिल्ली जाएंगे। अब तक हुई पूरी जांच के बारे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अवगत कराएंगे।

पुलिस का दावा: एक और परीक्षार्थी ने पेपर लीक की बात मानी

पेपर लीक मामले में लाभ लेने वाले दूसरे छात्र आयुष ने भी पुलिस के सामने बड़ा खुलासा किया है। आयुष ने बताया है कि उसकी सेटिंग भी सिकंदर प्रसाद यदुवंशी ने ही कराई थी। ईओयू सूत्रों के अनुसार पटना के राजवंशीनगर स्थित डीएवी स्कूल में नीट की परीक्षा देने वाले आयुष ने पुलिस को दिए बयान में अपना अपराध स्वीकार किया है। उसने कहा, मैं नीट की तैयारी के लिए कोटा गया था इसी क्रम में पापा ने फोन पर बताया कि तुम वापस पटना आ जाओ यहां नीट परीक्षा पास कराने की सेटिंग हो गई है। चार और पांच मई की रात मैं पिताजी के साथ सिकंदर अंकल के पास गया जहां नीट का प्रश्न और उत्तर रटाया जा रहा था। परीक्षा देने के बाद पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया।

केजरीवाल जेल से बाहर नहीं आ सके

जागरण की दूसरी सबसे बड़ी खबर के अनुसार कथित आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गुरुवार को राउज़ एवेन्यू कोर्ट से मिली जमानत पर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। ईडी की याचिका पर हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सुनवाई तक जमानत पर अंतरिम रोक रहेगी। अवकाशकालीन पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन ने कहा कि कोर्ट दो-तीन दिन के लिए आदेश सुरक्षित रखा जा रहा है क्योंकि पूरे रिकॉर्ड देखने हैं और रिकॉर्ड पढ़ने के लिए समय चाहिए। हाई कोर्ट का निर्णय आने तक केजरीवाल जेल में ही रहेंगे।

20 साल पुरानी रजिस्ट्री का म्यूटेशन

भास्कर की सुर्खी है: 20 साल से पुरानी रजिस्ट्री का म्यूटेशन अब एडीएम के ज़िम्मे। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि राज्य में नकली केबाला (जमीन रजिस्ट्री दस्तावेज) बनाने वाले रैकेट काम कर रहे हैं। उसी हैंडराइटिंग में नकली केबाला बनाकर उसका म्यूटेशन करके जमीन विवाद पैदा किया जा रहा है। ऐसे में बड़ा फैसला लिया गया है कि 20 साल से पुराने केबाला का म्यूटेशन अब एडीएम करेंगे। सीओ से यह अधिकार वापस ले लिया गया है।

पेपर लीक: क़ानून लागू, 10 साल तक की सज़ा

प्रभात खबर की सबसे बड़ी खबर के अनुसार लगातार हो रहे पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है। पेपर लीक को लेकर इस साल फरवरी में पारित कानून लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार ने इसे लोक परीक्षा कानून 2024 का नाम दिया है। इसमें नकल पर रोकथाम के लिए न्यूनतम 3 साल से 5 साल तक की जेल और ऐसे संगठित अपराध में शामिल लोगों को 5 से 10 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। कानून में न्यूनतम एक करोड रुपए के जमाने का प्रावधान है।

विदेशी महिला से साइबर ठगी में दो गिरफ्तार

पिछले वर्ष पटना में आयरिश महिला से 30-40 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में शुक्रवार को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) पटना की विशेष टीम ने कोलकाता में 4 स्थानों पर छापेमारी की। वहां के साल्ट लेक, पार्क स्ट्रीट आदि स्थानों पर मौजूद अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी के दौरान 30 लाख रुपये, करीब 50 एटीएम कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल समेत कई दस्तावेज जब्त किये गए हैं। इस दौरान दो संदिग्धों की गिरफ्तारी भी हुई है। इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता से पटना लाया जा रहा है।

ब्रिटेन के सबसे धनी हिंदुजा को 4.5 साल जेल

भास्कर के अनुसार भारतीय मूल के कारोबारी और ब्रिटेन के सबसे अमीर हिंदुजा परिवार के चार सदस्यों को स्विट्जरलैंड की कोर्ट ने जेल की सजा दी है। प्रकाश हिंदुजा, उनकी पत्नी कमल को 4.5-4.5 साल और बेटे व बहू को चार-चार साल की सजा मिली है। इन्हें घरेलू नौकरों के शोषण का दोषी पाया गया है। हिंदुजा परिवार पर श्रमिकों के पासपोर्ट ज़ब्त करने, उन्हें स्विस फ्रैंक की जगह रुपए में भुगतान करने, विला से बाहर जाने से रोकने और स्विट्जरलैंड में बहुत कम पैसे देकर लंबे समय तक काम करने के लिए मजबूर करने का आरोप है। यह सभी नौकर हिंदुजा के जिनेवा स्थित झील किनारे बने विला में काम करते थे। फोर्ब्स के अनुसार आईटी, मीडिया, रियल एस्टेट और हेल्थ इंडस्ट्रीज से जुड़े हिंदुजा परिवार की संपत्ति 1.67 लाख करोड रुपए है।

झुनझुनवाला के ठिकानों पर छापेमारी

हिन्दुस्तान के अनुसार उद्योगपति दीनानाथ झुनझुनवाला के जेवीएल एग्रो से जुड़े 2000 करोड़ के बैंक लोन फर्जीवाड़े के मामले में शुक्रवार को बिहार के रोहतास सहित उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब और गुजरात सहित 10 राज्यों में छापेमारी की गई। बताया जाता है कि यह छापेमारी ईडी ने की। छापेमारी जेवीएल एग्रो से जुड़े कार्यालय, राइस मिल और अधिकारियों के आवास सहित 38 ठिकानों पर हुई। ईडी की टीम ने बिहार के रोहतास के डेहरी अनुमंडल स्थित अकोढ़ीगोला में एक राइस मिल में सुबह ही पहुंच कर छानबीन शुरू कर दी। ईडी की टीम ने रसीद, बहीखाता के साथ ही कंप्यूटर, मोबाइल फोन के मेमोरी कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, रिकॉर्ड बुक को जब्त किया। फैक्ट्री परिसर में रखे रद्दी कागजों के साथ ही कबाड़ में जांच की। जिसमें अनिमियता के कई रिकार्ड मिलने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार झुनझुनवाला यूपी और बिहार में मशहूर वनस्पति तेल का कारोबार करते हैं। उनके ब्रांड का नाम झूला है।

कुछ और सुर्खियां

  • औरंगाबाद के सांसद अभय कुशवाहा होंगे लोकसभा में आरजेडी संसदीय दल के नेता, फैयाज अहमद राज्यसभा में बने सचेतक
  • जमुई की भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह का पेरिस ओलंपिक के लिए चयन
  • 26 से 28 जून को होने वाली साक्षमता परीक्षा स्थगित
  • सीएसआईआर यूजीसी नेट स्थगित, 25 से शुरू होने वाली थी परीक्षा
  • डेढ़ माह में बिहार में बालू की बिक्री ऑनलाइन शुरू हो जाएगी
  • मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी और समस्तीपुर में वाई-फाई टावर लगाने के नाम पर 30 करोड़ की ठगी

अनछपी: ब्रिटेन के सबसे धनी व्यक्ति प्रकाश हिंदुजा को जिस मामले में सजा सुनाई गई है उससे हमें दो बातों का पता चलता है। एक तो यह कि इंसान के पास चाहे जितना पैसा आ जाए, उसका आम आदमी के साथ व्यवहार अच्छा हो, यह जरूरी नहीं है। दूसरी बात यह कि दुनिया में अब भी ऐसी अदालतें मौजूद हैं जो बेहद शक्तिशाली लोगों को सजा सुना सकती हैं। वैसे तो बिहार और भारत में भी घरेलू नौकरों के साथ बेहद बुरा बर्ताव किया जाता है लेकिन स्विट्जरलैंड एक ऐसा देश है जहां इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया जाता है और इसका प्रमाण यह मामला है। अंतर यह है कि बिहार और भारत में घरेलू नौकरों के शोषण को कोई खास अहमियत नहीं दी जाती और बहुत ही कम मामले अदालतों में पहुंचते हैं। इंसान के साथ इंसान का यह बुरा बर्ताव शायद इसलिए होता है कि उसे किसी के प्रति जवाबदेही का एहसास नहीं होता है। अगर उसे यह एहसास हो कि दुनिया की अदालतों के अलावा भी कोई ऐसी व्यवस्था है जहां उसे अपने हर अच्छे बुरे काम का हिसाब देना होगा तो शायद ऐसे मामलों में कमी आए। वैसे हिंदुजा के वकीलों ने कहा है कि वह इस सजा के खिलाफ अपील करेंगे। अगर अपील के बाद भी यह सजा बरकरार रहती है तो ब्रिटेन के सबसे अमीर व्यक्ति के परिवार के चार सदस्यों को कम से कम 4 साल तक जेल में रहना पड़ेगा। घरेलू नौकरों के शोषण के मामले में यह सजा दुनिया के लिए एक मिसाल बन सकती है। भारत और पाकिस्तान जैसे देशों में ऐसे अमीर और शक्तिशाली लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होना और जेल से सजा होना बहुत मुश्किल माना जाता है। भारत में जो लोग घरेलू नौकरों के शोषण के खिलाफ सामाजिक गतिविधि चलाते हैं, उन्हें इस मामले से काफी प्रेरणा मिल सकती है। ध्यान रखने की बात यह है कि घरेलू नौकरों का शोषण करने वाले अक्सर अमीर और शक्तिशाली लोग ही होते हैं। दुनिया भर में नाइंसाफ़ियों की खबर के बीच हिंदुजा परिवार के सदस्यों को सजा देने की खबर इंसाफ में यकीन बहाल करने वाली है।

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