छपी-अनछपी: जातीय गिनती पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, करोड़पति क्लर्क

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार में 7 जनवरी से चल रही जातीय गिनती पर रोक लगाने के लिए दी गई अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है जिसकी खबर सभी अखबारों में प्रमुखता से ली गई है। भ्रष्टाचार में लिप्त करोड़पति क्लर्क के घर से लाखों रुपया बरामद होने की खबर भी प्रमुखता से ली गई है। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाने वाली पहलवानों का धरना तो समाप्त हो गया है लेकिन सांसद पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह खबर भी पहले पेज पर है।

हिन्दुस्तान की पहली हेडलाइन है: जातिगत गणना पर सुप्रीम सुनवाई नहीं। जागरण ने लिखा है जाति आधारित गणना के खिलाफ याचिका खारिज। भास्कर ने सुर्खी लगाई है: ‘जातिगत गणना के बिना आरक्षण की नीति सही तरीके से कैसे लागू होगी’। अखबारों के अनुसार: बिहार में जाति आधारित गणना जारी रहेगी। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बिहार सरकार को बड़ी राहत दी। अदालत ने जाति आधारित गणना कराने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर इसे खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि इन याचिकाओं में कोई दम नहीं है, लिहाजा इन्हें खारिज किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर सर्वे नहीं होगा, तो विभिन्न श्रेणियों में कितना आरक्षण देना है, इसका निर्णय कैसे होगा। शैक्षणिक और राजनैतिक क्षेत्र में भी आरक्षण तय नहीं हो पायेगा। हालांकि याचिकाकर्ता के हाईकोर्ट जाने की अनुमति मांगने पर सुप्रीम कोर्ट ने इसकी छूट दे दी । सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे से संबंधित तीन याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रहा था। मामले पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था, जिस पर 11 जनवरी को शीर्ष अदालत ने 20 जनवरी की तारीख तय की थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के वकील से कहा कि लोकप्रियता हासिल करने के इरादे से यह याचिका दाखिल की गयी है। हम यह निर्देश कैसे जारी कर सकते हैं कि किस जाति को कितना आरक्षण दिया जाना चाहिए।

विपक्ष का भ्रम

जातीय गणना के बारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। इस बारे में हिंदुस्तान ने पहले पेज पर खबर दी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जाति आधारित गणना सबके हित में है। इसे रोकने की कोशिश करने वाले गलत साबित हुए। इसपर सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमलोगों के पक्ष में आ गया है। विपक्ष जाति आधारित गणना को लेकर भ्रम फैला रहा है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को समाधान यात्रा के दौरान नालंदा जिले के विभिन्न हिस्सों में विकास योजनाओं का जायजा लेने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कहीं।

करोड़पति क्लर्क

भास्कर की एक अहम खबर है: करोड़पति क्लर्क के ठिकानों पर विजिलेंस का छापा, 27 लाख कैश मिला, शहर में क्लर्क का एक मॉल भी। हिन्दुस्तान की हेडिंग है: छापा: क्लर्क निकला काले धन का कुबेर। जागरण ने लिखा है: भ्रष्ट लिपिक के स्वजनों ने रुपयों से भरी बोरी घर के पीछे फेके, 27 लाख बरामद। ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) का प्रधान लिपिक सुभाष कुमार कालेधन का कुबेर निकला। आय से अधिक संपत्ति मामले में निगरानी ने शुक्रवार को प्रधान लिपिक के ठिकानों पर छापेमारी की तो उसकी अकूत कमाई का खुलासा हुआ। वह अभी दरभंगा कार्य प्रमंडल कार्यालय में तैनात है। उसके दरभंगा स्थित आवास और कार्यालय की तलाशी में चार कट्ठे में बने जी प्लस 1 के आलीशान घर, 27 लाख नकद, 10 लाख के जेवरात, जमीन के चार डीड के अलावा पत्नी, मां और साले के नाम 29 प्लॉट के कागजात मिले हैं।

पहलवानों को इंसाफ का इंतज़ार

भास्कर की दूसरी सबसे बड़ी खबर है: फेडरेशन Vs पहलवान: जांच कमेटी बनाई गई मेरी कॉम चेयरपर्सन होंगी। हिन्दुस्तान में सुर्खी है: पहलवानों का धरना देर रात खत्म, सभी आरोपों की जांच होगी। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ दूसरे दौर की बैठक में शिकायतों को दूर करने का आश्वासन मिलने के बाद पहलवानों ने शुक्रवार रात धरना समाप्त कर दिया। इससे पहले भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए भारतीय ओलंपिक संघ ने एक समिति गठित की। मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम इस समिति की अध्यक्ष होंगी।

आटा-चावल का भाव

हिन्दुस्तान में एक अहम सुर्खी है: आटा, चावल और मैदा की बढ़ती कीमत ने किया लोगों को परेशान। अखबार के अनुसार दस से पन्द्रह दिन के अंदर आटा की खुदरा कीमत में दो से तीन रुपये किलो और पैकट बंद आटा की कीमत में चार से पांच रुपये किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। 36 रुपये किलो बिकने वाला आटा शुक्रवार को 38 रुपये किलो बिक रहा था। 190 रुपये में पांच किलोग्राम का पैकेट की कीमत बढ़कर 205 रुपये हो गई है। 25 किलोग्राम का आटा पैकेट की कीमत पहले 640 रुपये से बढ़कर 820 रुपये हुआ था। पर्व-त्योहार में यह बढ़कर 870 रुपये हो गया है। ब्रांडेड आटा की बात करें तो 25 किलोग्राम वाले आटा पैकेट की कीमत 840 रुपये से बढ़कर 855 रुपये और 30 किलोग्राम वाले आटा पैकेट की कीमत 890 रुपये वाले की बढ़कर 980 रुपये और 1080 रुपये पैकेट वाले की कीमत बढ़कर 1120 रुपये हो गई है। चावल की कीमत में भी काफी बढ़ोतरी बीते दस-पन्द्रह दिनों में देखा गया है। खुदरा विक्रेता महासंघ के महासचिव बताते हैं कि लंबा दाना चावल में 10 रुपये किलो तक और बिहार के खेतों से निकले चावल में 4 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।

कुछ और सुर्खियां

  • गबन के आरोप में निगरानी कोर्ट ने पूर्व आईएएस राजू को भेजा जेल
  • मुजफ्फरपुर में मैथिली में लिखे यीशु के संदेश घर-घर बांट रहे प्रचारक, गांव में चंगाई सभा हो रही, इसमें नक्सलियों की संलिप्तता मान जांच में जुटी एनआईए
  • यूरेनियम के नाम पर ठगी में दो विदेशी सहित नौ धराए
  • सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण का प्रारूप तैयार
  • बेली रोड में पिकअप ने डिवाइडर फांद स्कूल बस में मारी टक्कर, वैन के ड्राइवर-खलासी की मौत

अनछपी: बिहार में जातीय गिनती रोकने की सभी कोशिशें फिलहाल नाकाम हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने पहले सरकार में रहते हुए इसे लंबे समय तक टालने की कोशिश के बाद हारकर नीतीश कुमार का साथ देते हुए कैबिनेट से इसके लिए आदेश निकलवाने में सहमति दी थी। सरकार से अलग होने के बाद जातीय गिनती पर भाजपा नेताओं के राग अलग-अलग थे। कुछ नेता चाहते थे कि इसका श्रेय भारतीय जनता पार्टी को मिले तो कुछ नेता यह कह रहे थे कि इससे जातीय उन्माद फैलेगा। यह आरोप भी है कि सुप्रीम कोर्ट जाने वाले याचिकाकर्ता वास्तव में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। इस मुद्दे पर चुनाव विशेषज्ञ माने जाने वाले प्रशांत किशोर भी यही कहते हैं कि इससे जातीय संघर्ष का खतरा है। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट से रोक की कोशिश नाकाम हो गई है तो जातीय गणना के लिए सरकार को और अधिक सजगता से काम करना होगा। इस गणना के समर्थन में जो भी राजनीतिक दल हैं उनका मानना है कि इससे समाज में समान अवसर देने के लिए व्यवस्था बनाने में आसानी होगी। इस व्यवस्था में आरक्षण भी शामिल है। इसी वजह से भारतीय जनता पार्टी का सवर्ण तबका नहीं चाहता कि जातीय गणना हो और इसके आधार पर आरक्षण बढ़ाने की मांग की जाए।

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