छ्पी-अनछपी: तेजस्वी बोले- समय नहीं दे रहा चुनाव आयोग, बिहार सरकार की इंटर्नशिप योजना
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि वोटर वेरीफिकेशन पर बातचीत के लिए चुनाव आयोग समय नहीं दे रहा है। बिहार सरकार ने 18 से 28 साल के युवाओं के लिए इंटर्नशिप लाने की घोषणा की है। बिहार के 12 लाख बच्चों को गर्मी की छुट्टी के बाद भी किताबें नहीं मिली हैं। हिमाचल प्रदेश में 11 जगह बादल फटने से 300 पर्यटक यमुनोत्री मार्ग में फंसे हुए हैं।
और, जानिएगा कि छह महीनों में पटना में 25 लाख से एक करोड़ तक की कितनी लग्जरी कारें खरीदी गईं।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर महागठबंधन लगातार अपनी आपत्ति दर्ज कर रहा है। मंगलवार को कांग्रेस नेताओं के साथ प्रेस वार्ता कर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र की जननी बिहार से ही लोकतंत्र को समाप्त करने का काम शुरू हुआ है। उन्होंने कहा, “अपना पक्ष रखने व आपत्ति दर्ज करने के लिए हम समय मांग रहे हैं लेकिन निर्वाचन आयोग द्वारा भेंटवार्ता का समय निर्धारित नहीं किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग स्वयं ही असमंजस में है। वह प्रतिदिन अपने ही निर्णय और पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बदलाव कर रहा है। इससे इस पूरी प्रक्रिया पर संशय खड़ा होता है। महागठबंधन पहले ही सर्वदलीय बैठक की मांग कर चुका है लेकिन हमारी बातें अनसुनी की जा रहीं।” कम समय में पुनरीक्षण पर प्रश्न खड़ा करते हुए तेजस्वी ने कहा कि मताधिकार से वंचित करने के बाद जनता से राशन, पेंशन और छात्रवृत्ति का हक छीन लिया जाएगा।
18 से 28 साल के युवाओं के लिए इंटर्नशिप योजना
भास्कर के अनुसार बिहार सरकार ने 18 से 28 वर्ष के एक लाख से अधिक युवाओं को आर्थिक सहायता के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के लिए मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस योजना को हरी झंडी दी गई। सरकार इस योजना पर 5 वर्षों में करीब 1 लाख युवाओं पर 686 करोड़ रुपए खर्च करेगी। चालू वित्तीय वर्ष में 5000 युवा और अगले पांच वित्तीय वर्षों में एक लाख युवाओं को लाभ मिलेगा। उनको 3 से 12 माह की इंटर्नशिप दी जाएगी। यह अवधि प्रक्षेत्रों व नियोक्ता प्रतिष्ठानों की आवश्यकतानुसार निर्धारित की जाएगी। इसमें 12वीं पास को चार हजार, आईटीआई व डिप्लोमा छात्रों को पांच हजार और स्नातक व स्नातकोत्तर को छह हजार मासिक मिलेगा।
केंद्र सरकार पहले नौकरी वालों को देगी 15 हज़ार
अगर आप पहली नौकरी करने जा रहे हैं तो केंद्र सरकार अपनी तरफ से 1 महीने का वेतन या अधिकतम 15000 रुपए दो किस्तों में देगी पूर्ण ग्राम नई नौकरी देने वाले नियुक्ताओं को ₹3000 प्रति माह तक इंसेंटिव मिलेगा। केंद्र में मंगलवार को 1.007 लख करोड़ की एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ईएलआई) स्कीम को मंजूरी दे दी। 1 अगस्त से लागू होने वाली योजना 31 जुलाई 2027 तक मिलने वाली नौकरियों के लिए है।
बिहार के 12 लाख बच्चों को नहीं मिली हैं किताबें
हिन्दुस्तान के अनुसार प्रारंभिक स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के 12 लाख बच्चों को अब भी किताब का इंतजार है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के शरू हुए तीन माह से अधिक हो चुके हैं, लेकिन सभी नामांकित बच्चों के हाथ में किताब नहीं मिली है। इससे बच्चे और अभिभावक परेशान हैं। शिक्षा विभाग ने दावा किया था कि स्कूलों में गर्मी की छुट्टी खत्म होते ही छूटे सभी बच्चों को किताब दे दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आवश्यतानुसार किताबों की छपाई हो रही है। 25 जुलाई तक छूटे हुए सभी बच्चों को किताबें मिल जाएंगी। लगभग 70 हजार स्कूलों में विशेष अभियान के तहत कक्षा एक से आठ तक नामांकित 1.03 करोड़ बच्चों को नि:शुल्क किताब वितरण करना था।
हिमाचल प्रदेश में 11 जगह बादल फटे, 300 यात्री फंसे
भास्कर के अनुसार पहाड़ों पर लगातार भारी बारिश से हिमाचल प्रदेश में तबाही मची रही। मंगलवार को बादल फटने की 11 और फ्लैश फ्लड की चार घटनाएं हुईं। एक बड़ा भूस्खलन हुआ। अधिकांश घटनाएं मंडी में हुईं। यहां 24 घंटे में 10 इंच बारिश हुई। फ्लैश फ्लड से पांच लोगों की मौत हो गई। 16 लापता हैं। वहीं, उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्ग बुरी तरह प्रभावित है। मंगलवार को तीसरे दिन भी यमुनोत्री मार्ग बन रहा। यहां 300 से अधिक श्रद्धालु विभिन्न पड़ाव पर फंसे हुए हैं।
पटना में छह महीनों में 25 लाख से 1 करोड़ तक की 400 लग्जरी गाड़ी बिकी
प्रभात खबर के अनुसार पटना के लोगों में अब महंगी या लग्जरी गाड़ी को रखने का शौक बढ़ता जा रहा है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के मुताबिक इस वर्ष जनवरी से अब तक 25 लाख से एक करोड़ रुपए तक की करीब 400 लग्जरी गाड़ियों की खरीद हुई। इनमें सबसे अधिक टोयोटा कंपनी की इनोवा क्रिस्टा गाड़ी की बिक्री हुई। इनकी संख्या कुल बिक्री हुई गाड़ियों की आधी यानी करीब 200 है। वहीं दूसरी सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों में टोयोटा कंपनी की ही फॉर्च्यूनर शामिल है। इसके अलावा इस समय सीमा में 9 मर्सिडीज़, 9 जैगुआर, 7 पोर्श, दो ऑडी, 4 रेंज रोवर की डिफेंडर और चार रेंज रोवर गाड़ियां शामिल हैं।
कुछ और सुर्खियां:
- आंगनबाड़ी के 52 लाख बच्चों को पोशाक सिल्क कर देगी ‘जीविका’
- इंडिया गठबंधन का साझा घोषणा पत्र 15 जुलाई तक तैयार होगा
- तेलंगाना फैक्ट्री विस्फोट में मरने वालों की संख्या 36 हुई, बिहार के भी तीन लोग मरे
- क्रिकेटर मोहम्मद शमी को अपनी पत्नी बेटी को हर महीने देना होगा चार लाख गुजारा भत्ता
- थाईलैंड की प्रधानमंत्री को फोन कॉल लीक मामले में पद से हटाया
अनछपी: शेखपुरा जिले के मेहुस के थानाध्यक्ष प्रवीण चंद्र दिवाकर ने ऑटो चालक की बेरहमी से पिटाई कर पुलिस की सामंती मानसिकता को ही उजागर किया है। वैसे तो पुलिस विभाग में सुधार की कोशिशें की जाती रही हैं लेकिन पुलिस वालों का रवैया अब भी अंग्रेजों के जमाने का है। जैसे अंग्रेजों के जमाने में सिपाही और दारोगा आम लोगों के लिए आतंक बने हुए थे, वैसे ही अब भी कुछ पुलिस वाले अपने आप को क़ानून से ऊपर मानते हैं। मेहुस थानाध्यक्ष ने उस ऑटो रिक्शा ड्राइवर की बेरहमी से पिटाई सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि उनके अनुसार उसने उन्हें उनकी बाइक के लिए साइड नहीं दिया। इतनी सी बात पर थानेदार ने उस ऑटो ड्राइवर को थाने लाया और वहां उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। इसके बाद पीड़ित ने जब इसकी शिकायत स्थानीय विधायक से की तो यह मामला एसपी तक पहुंचा और फिर एसपी ने उस थानेदार पर कार्रवाई की। बिहार में आए दिन इस पुलिसिया मानसिकता के शिकार आम लोग होते रहते हैं और पुलिस वाले अपनी वर्दी रौब गांठने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस मामले में पीड़ित का यह भी इल्जाम है कि थानेदार ने उसे थूक भी चटवाया था। अच्छी बात यह है कि शेखपुरा के एसपी ने थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया है। आमतौर पर ऐसे मामलों में पुलिस अपने अधिकारियों के बचाव में लग जाती है लेकिन इस मामले में पुलिस ने यह माना है कि थानाध्यक्ष पर लगाए गए आरोप सही हैं। यह अफसोस की बात है कि आम लोगों के लिए पुलिस वालों की मानसिकता अब तक सामंतों जैसे ही बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि पुलिस वालों को अब भी यह बताने की जरूरत है की वर्दी पहनने, हाथ में डंडा लेने या राइफल थामने से उन्हें इसका इस्तेमाल मनमानी ढंग से करने का लाइसेंस नहीं मिलता है। साथ ही उन्हें यह भी बताने की जरूरत है कि अगर उन्होंने मनमानी ढंग से ऐसा किया तो उनकी नौकरी जा सकती है और वह भी सलाखों के पीछे भेजे जा सकते हैं।
514 total views
