छ्पी-अनछपी: एसाईआर के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, ट्रंप ने भारत पर लगाया 25% टैरिफ

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है, हालांकि इसके लिए निर्धारित तिथि एक अगस्त थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ और जुर्माना लगाने की घोषणा की है। रूस में ज़बर्दस्त भूकंप से अमेरिका तक ऊंची लहरें उठीं, 50 देशों में अलर्ट जारी किया गया।

और, जानिएगा कि जमीन दस्तावेज में सुधार के लिए राजस्व विभाग की टीम घर-घर पहुंचेगी।

पहली खबर

बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 जुलाई को ही जारी कर दी गई है। आज के अखबारों में यह खबर नहीं है लेकिन इसे नीचे दिए गए लिंक से चेक किया जा सकता है:

https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S04&fbclid=IwQ0xDSwL3wPZjbGNrAve_R2V4dG4DYWVtAjExAAEeS1_PbwLIOsGY28-XINxSm4w7Tv-AepMgC6nHpkDTB8I5u0EG0oXp_V1Rv0k_aem_HcCPa0HEKjZ82fk1wpjLKw

 

मतदाता सूची पर दावा आपत्ति के लिए 2 अगस्त से लगेगा स्पेशल कैंप

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में मतदाता सूची के प्रारूप पर दो अगस्त से सभी जिलों में शिविर लगाकर दावा-आपत्ति का निपटारा किया जाएगा। ये शिविर 2 अगस्त से 1 सितंबर तक सोमवार से रविवार तक रोजाना लगेंगे। ये शिविर सभी प्रखंड सह अंचल कार्यालय तथा शहरी निकाय कार्यालयों में आयोजित होंगे। चुनाव आयोग के निर्देश पर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय द्वारा राज्य के सभी जिलों में आम नागरिकों को विशेष सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मिशन मोड में दावा-आपत्तियों के निपटारे के लिए विशेष शिविर आयोजित करने को कहा गया है।

‘मित्र’ भारत पर ट्रंप का टैरिफ हमला

इस हेडलाइन के साथ जागरण ने लिखा है एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय आयात पर 20-25% शुल्क लगाने की बात कही थी और बुधवार को उन्होंने इस पर अमल करने की घोषणा भी कर दी। भारत को मित्र बताते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय पर 1 अगस्त से 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया और यह धमकी भी दी कि इसके अलावा उस पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी। उनका यह ऐलान  अप्रत्याशित तो नहीं है लेकिन यह ऐसे समय किया गया है जब दोनों देशों की सरकारों के बीच टैरिफ ढांचे पर वार्ता चल रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर की गई घोषणा में ट्रंप ने भारत की तरफ से अमेरिकी उत्पाद पर लगाए जाने वाले शुल्क की उच्च दरों, रूस से रक्षा सामान और ईंधन की खरीद को लेकर भी आरोप लगाए हैं। इधर भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के निर्यात पर 25% टैरिफ लगाने के फैसले पर ध्यान दिया है और वह इसके प्रभावों का अध्ययन कर रहा है। भारत सरकार किसान, एमएसएमई, उद्यमी और राष्ट्रहित के साथ कोई समझौता नहीं कर सकती है और हम अपने इस रुख पर कायम हैं।

भारत के निर्यात पर पड़ सकता है बड़ा असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 25% टैरिफ लगाने की घोषणा पर अमल हुआ तो भारतीय निर्यात के लिए यह निश्चित रूप से झटका होगा। भारत सालाना 440 अरब डॉलर का सामान निर्यात करता है और इसमें 90 अरब डॉलर का निर्यात अकेले अमेरिका के बाजार में होता है। टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, जेम्स व ज्वेलरी इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग गुड्स जैसे रोजगार सेक्टर का 22% निर्यात अमेरिका में होता है। चीन पर अमेरिका ने फिलहाल 30% का शुल्क लगा रखा है, इस हिसाब से चीन और भारत के बीच शुल्क का अंतर काफी कम रह जाएगा।

रूस में भूकंप, अमेरिका तक ऊंची लहरें

भास्कर के अनुसार रूस का दूर दराज का इलाका कामचटका प्रायद्वीप बुधवार सुबह 14 साल के सबसे शक्तिशाली 8.8 तीव्रता के भूकंप से थर्रा उठा। इससे प्रशांत महासागर में सुनामी की लहरें उठीं और जापान, अमेरिका के हवाई, कैलिफोर्निया व चीन समेत 50 से अधिक देश शहर सहम गए। इसके बाद तमाम देशों ने सुनामी की चेतावनी जारी की। हालांकि देर शाम जापान, रूस के द्वीपों ने चेतावनी वापस ले ली। अमेरिका के प्रशांत तट, चिली और कोलंबिया में सुनामी की आशंका बनी हुई है। इसके चलते घरों को खाली कराया गया है। रूस के कुरील द्वीप में सबसे ऊंची 16 फीट तक लहरें उठीं। भूकंप का भारत पर कोई असर नहीं है।

ज़मीन दस्तावेज में सुधार के लिए घर-घर पहुंचेगी राजस्व विभाग की टीम

जागरण के अनुसार जमीन के मालिकाना हक से जुड़ी समस्याओं के निदान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग राजस्व महाअभियान की शुरुआत होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 16 अगस्त से 20 सितंबर तक महाअभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के लिए गठित टीम के सदस्य इस अवधि में घर-घर जाकर लोगों को उनकी जमाबंदी की प्रति देंगे। इसका उद्देश्य भूमि संबंधी दस्तावेजों में पारदर्शिता लाना और जनता को जमीन से जुड़ी सुविधा सीधे उनके द्वार तक पहुंचाना है। अभियान के अंतर्गत डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटि सुधार, उत्तराधिकार नामांतरण, बंटवारा नामांतरण एवं छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन किया जाएगा। इन कार्यों को हल्का स्तर पर शिविर लगाकर पूरा किया जाएगा।

कुछ और सुर्खियां:

  • बिहार में आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़कर एक हज़ार से तीन हज़ार, ‘ममता’ को ₹300 से बढ़कर ₹600 मिलेगा
  • राजद प्रमुख लालू प्रसाद को जमीन के बदले नौकरी मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली
  • आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं को स्मार्टफोन खरीदने के लिए मिलेंगे 11-11 हज़ार रुपये
  • रुपए में 3 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट, 89 पैसे टूट कर $1 के बदले अब मिल रहा 87.80 रुपए
  • पटना हाई कोर्ट ने पटना जिला प्रशासन से कहा, 8 सप्ताह में नहीं हटा अतिक्रमण तो मामला केंद्र को सौंप सकते हैं
  • ईडी ने बांका में 131 करोड़ के बालू घोटाला की आशंका जताई

अनछपी: इस खबर का स्वागत किया जाना चाहिए कि बिहार सरकार ने प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों और डीम्ड यूनिवर्सिटीज को 50 फीसदी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों जितनी ही फीस पर दाखिला लेने का निर्देश दिया है। इस सिलसिले में बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) ने सीट मैट्रिक्स भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार एमबीबीएस कोर्स में नामांकन के वक्त 40,800 रुपये की फीस ली जाएगी। यानी, निजी मेडिकल कॉलेजों में भी 50 फीसदी सीटों पर 40,800 रुपये की फीस लगेगी। बीसीईसीईबी ने कहा है कि नौ निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 1350 सीट है, जिसमें से 675 सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों का शुल्क ढांचा लागू होगा। हालांकि सरकार ने इसी सत्र से इसे लागू करने को कहा है लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने इस आदेश पर किस हद तक अमल करवाने में कामयाब होती है क्योंकि अक्सर मेडिकल कॉलेजों में किसी न किसी बहाने से सरकार के ऐसे आदेशों को दरकिनार कर दिया जाता है। सरकार को ऐसा सख्त नियम बनाना चाहिए जिससे प्राइवेट मेडिकल कॉलेज फीस के मामले में अपनी मनमानी न कर सके और अगर ऐसा कुछ होता है तो एडमिशन लेने वालों को सही जगह पर आसानी से शिकायत करने की सुविधा दी जानी चाहिए।

 

 

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