छ्पी-अनछपी: राहुल बोले- नीतीश पर बीजेपी का रिमोट कंट्रोल, शाह का दावा- सीएम पोस्ट की नो वैकेंसी
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार के चेहरे का इस्तेमाल कर भाजपा उन्हें रिमोट कंट्रोल कर रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि बिहार में सीएम पोस्ट की कोई वैकेंसी नहीं है। चक्रवाती तूफान मोंथा से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तबाही, बिहार में भी अलर्ट।
और, जनिएगा कि दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी एनवीडिया की दौलत कितनी हुई।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी कुछ भी कर सकते हैं। अगर आप चुनाव से पहले नाचने के लिए कहोगे तो वह मंच पर आकर डांस करने लगेंगे। चुनाव के बाद नजर नहीं आएंगे। वह सिर्फ ड्रामा करते हैं। छठ जैसे पर्व में भी ड्रामा किया। उनके लिए यमुना जी में अलग से साफ पानी की व्यवस्था हुई। वह यमुना जी नहीं, तालाब था। पाइप दिख जाने के कारण वह नहीं आए। चुनाव के बाद मोदी अंबानी के यहां शादी में नजर आएंगे। सूट-बूट के लोगों के साथ दिखेंगे। किसानों और गरीबों के साथ नहीं दिखेंगे। बिहार के चुनाव में नीतीश कुमार के चेहरे का बस इस्तेमाल हो रहा, रिमोट से भाजपा सरकार चला रही है। यह मत सोचिए कि अति पिछड़ों की आवाज उन्हें सुनाई देती है। उन्हें तीन- चार लोग कंट्रोल करते हैं। उन्हें कंट्रोल करने वाली भाजपा को सामाजिक न्याय से लेना-देना नहीं है। मुजफ्फरपुर और दरभंगा में बुधवार को सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हमें ऐसा बिहार नहीं चाहिए जिसमें अंबानी और अदाणी की एक रुपये में जमीन मिल जाए और युवाओं को रोजगार नहीं मिले। ऐसा बिहार चाहिए जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार हो। बिहार को देश नहीं विश्व स्तर का सेंटर बनाएंगे।
शाह का दावा- सीएम पोस्ट की नो वैकेंसी
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार हैं। यहां सीएम पढ़ की वेकेंसी नहीं है। पीएम पद की भी वेकेंसी नहीं है। केंद्र में नरेन्द्र मोदी रहेंगे। विपक्ष परिवारवादी पार्टी है। लालू अपने बेटे को मुख्यमंत्री तो सोनिया गांधी अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाना चाहती हैं। केवल भाजपा ही है, जो परिवारवाद का पोषण नहीं करती है। वे बुधवार को दरभंगा के अलीनगर, समस्तीपुर के रोसड़ा एवं बेगूसराय के भगवानपुर में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फुलवारीशरीफ तक पीएफआइ पहुंच गई थी। कांग्रेस शासन में उसके खिलाफ कुछ नहीं हुआ। मोदीजी ने एक ही रात में पीएफआइ के 100 ठिकानों को समाप्त कर दिया। एनडीए सरकार ने उसपर बैन लगाया। लालू एंड कंपनी की सरकार आई तो पीएफआइ के सदस्य जेल में नहीं रहेंगे।
चुनाव बुलेटिन:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज मुजफ्फरपुर और छपरा में चुनावी जनसभा
- डेहरी के राजद विधायक फतेह बहादुर सिंह और बिहार शरीफ के पूर्व विधायक पप्पू खान समेत 10 लोग पार्टी से निकल गए
- भ्रम फैलाने में राजद, बीजेपी और कांग्रेस सहित 25 सोशल मीडिया हैंडल पर केस
- गया के टिकरी से हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के उम्मीदवार पर हमला, बॉडीगार्ड ने कई राउंड फायरिंग की
- महागठबंधन के घटक दल सीपीआई ने कांग्रेस पर लगाया बछवाड़ा सीट को लेकर झूठ बोलने का आरोप
‘मोंथा’ से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही
हिन्दुस्तान के अनुसार चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने बुधवार को आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। इन राज्यों के कई जिले भारी बारिश के चलते जलमग्न हो गए हैं। तेज आंधी से जगह-जगह पेड़ धराशायी हुए। वहीं आंध्र प्रदेश में तीन की मौत हो गई। बिजली के पोल गिरने से आपूर्ति बाधित हुई, जबकि आंध्र प्रदेश में अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। खेतों में खड़ी फसलों के नष्ट होने से किसानों को भारी क्षति पहुंची है। बंगाल की खाड़ी से उठे ‘मोंथा’ ने मंगलवार रात आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों से टकराने के बाद तेलंगाना में भी तबाही मचाई।
बिहार में भी असर, 16 जिलों मैं बारिश की संभावना
प्रभात ख़बर के अनुसार बिहार के मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है. बंगाल की खाड़ी मैं सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मोथा’ के असर से बिहार में गुरुवार को 16 जिलों के कई इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं. इन मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए आइएमडी ने बिहार के लोगों को सतर्क किया है. बारिश का यह दौर अगले तीन दिन तक जारी रह सकता है. इस दौरान राज्य में खासतौर पर उच्चतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज होने की संभावना है. इधर, बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में सामान्य से भारी बारिश तक बारिश दर्ज की गयी है. गया में डोभी में 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है. इसके अलावा गया के कई इलाकों, सीवान, औरंगाबाद, भभुआ, पूर्वी चंपारण, बक्सर, सीतामढ़ी और रोहतास में बारिश दर्ज की गयी है.
एम्स के डॉक्टर हिंदी में लिखेंगे दवाओं के नाम
एम्स जैसे संस्थान जल्द हिंदी में काम करते नजर आएंगे। छात्र-छात्राएं हिंदी में ही मेडिकल की पढ़ाई करेंगे। डॉक्टर भी मरीजों के पर्चे पर हिंदी में ही दवा लिखेंगे, ताकि मरीजों और तीमारदारों को आसानी से समझ में आ सके। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एम्स को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बाद एम्स के हिंदी अनुभाग ने संस्थान के सभी विभागों को हिंदी में कामकाज की शुरुआत करने को कहा है। इसके लिए पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। एम्स में मेडिकल की पढ़ाई के लिए हिंदी में प्रकाशित पुस्तकें खरीदी जाएंगी, मेडिकल के क्षेत्र में शोध कार्य भी हिंदी में करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। न सिर्फ पढ़ाई में बल्कि दैनिक कामकाज में भी हिंदी का प्रयोग किया जाएगा। एम्स को मिलने वाले पत्रों का जवाब भी हिंदी में दिया जाएगा।
दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी एनवीडिया की दौलत कितनी
एनवीडिया 5.13 ट्रिलियन ₹453 लाख करोड़ दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनी गई है। इसके बाद माइक्रोसॉफ्ट का नंबर है। अमेरिकी चिप विनिर्माता एनवीडिया के शेयरों में सिर्फ दो दिनों में करीब 10% से ज्यादा की तेजी देखी गई। दिग्गज चिप कंपनी ने हाल ही में अपने एआई प्रोसेसर के लिए 500 अरब डॉलर के ऑर्डर मिलने और अमेरिकी ऊर्जा विभाग के लिए सात नए सुपरकंप्यूटर बनाने की योजना की घोषणा की थी, जिसके बाद शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। कंपनी के शेयरों ने केवल छह महीनों में 84.40 फीसदी और एक वर्ष में 44.27% का मुनाफा दिया है।
कुछ और सुर्खियां:
- मोबाइल फोन पर 31 मार्च से कॉलर की पहचान दिखेगी
- अमेरिकी प्रतिबंधों के मद्देनजर लक्ष्मी मित्तल समूह और हिंदुस्तान पैट्रोलियम रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेंगे
- पश्चिम चंपारण के मैनाटांड़ से कोलंबिया के नागरिक समेत दो लोग गिरफ्तार
अनछपी: भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपनी चुनावी रणनीतियों के लिए बहुत मशहूर हैं लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी क्या योजना है, यह उनके बयानों से रहस्यमयी होती जा रही है। इतना जरूर है कि अमित शाह और भाजपा के दूसरे नेता यह कहते हैं कि चुनाव में एनडीए का चेहरा तो नीतीश कुमार होंगे लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर स्पष्टता नहीं है। आज के अखबारों में उनका यह बयान जरूर आया है कि बिहार में सीएम पोस्ट के लिए कोई वैकेंसी नहीं है। पहली बात तो यह है कि अगर सीएम पोस्ट की वैकेंसी नहीं है तो चुनाव आयोग आखिर चुनाव क्यों करा रहा है? एमएलए या सीएम कौन बनेगा, यह जनता तय करती है लेकिन भाजपा नेता अमित शाह ने यह जिम्मेदारी खुद पर ले ली है तो उनसे यह सवाल होना चाहिए कि क्या सीएम पोस्ट की वैकेंसी उनके पास ही रहती है? वैसे तो उन्होंने सीएम पोस्ट के साथ पीएम पोस्ट की भी ‘नो वैकेंसी’ की बात कही है लेकिन फिलहाल हम इस चर्चा को सीएम तक ही सीमित रखते हैं। एक चर्चा यह भी हो रही है कि आखिर अमित शाह ने पहले यह क्यों कहा था कि सीएम का चुनाव तो चुने हुए विधायक करेंगे और अब उन्हें अपना बयान क्यों थोड़ा बदलना पड़ा है? ऐसा माना जा रहा है कि जब जदयू को यह लगा कि अमित शाह चुनाव के बाद नीतीश कुमार के साथ एकनाथ शिंदे वाला हाल कर सकते हैं तो जदयू में भाजपा की विचारधारा से दूर रहने वाले नीतीश कुमार के समर्थकों के कान खड़े हो गए। जदयू के नेता चाहे बाद में जो कहें लेकिन यह बताया गया है कि इसका जदयू के परंपरागत समर्थकों में गलत संदेश गया और ऐसा लगने लगा कि वह भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में आक्रामक होकर वोट डालने नहीं जाएं। हो सकता है कि अमित शाह का बयान इस स्थिति को संभालने के लिए डैमेज कंट्रोल का एक बयान हो। अब तो यह जनता ही तय करेगी कि किसे कितना डैमेज करना है और कौन कितना डैमेज कंट्रोल में कामयाब हो पाएगा।
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