छपी-अनछपी: दिल्ली में धमाका-नौ मरे, दूसरे फेज की 122 सीटों पर वोटिंग आज

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। दिल्ली में लालकिले के पास एक कार में धमाका हुआ, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। बिहार के 20 जिलों की 122 सीटों पर मंगलवार को सुबह सात बजे से मतदान आरंभ होगा। दिल्ली में हुए धमाके की घटना को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है। म्यांमार में साइबर गुलामी कर रहे 270 भारतीय को मुक्त कराया गया। इसमें 8 बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार दिल्ली में सोमवार शाम 6 बजकर 52 मिनट पर लालकिले के पास एक कार में धमाका हुआ, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। मृतकों में एक दिल्ली और एक यूपी के अमरोहा का रहने वाला है। यह धमाका, लालकिला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के बाहर आई-20 कार में हुआ। पुलिस के अनुसार, यह कार धीमी गति से चल रही थी और इसमें संभवत: तीन लोग सवार थे। खबर लिखे जाने तक इनकी पहचान नहीं हो पाई है। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास मौजूद कई लोगों के चीथड़े उड़ गए। कई वाहनों में आग लग गई और पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। यह घटना आतंकी हमला थी या महज दुर्घटना, खबर लिखे जाने तक पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की। हालांकि, हर कोण से मामले की जांच की जा रही है। एनआईए, एनएसजी और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंची हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी रात करीब साढ़े नौ बजे घायलों का हाल जानने एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद वह घटनास्थल भी गए। उन्होंने कहा कि सभी संभावनाओं को देखते हुए जांच की जाएगी। गृह मंत्री ने मंगलवार को अहम बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से घटनाक्रम पर चर्चा की।

“मैंने जिंदगी में इतना तेज धमाका कभी नहीं सुना”

भास्कर के अनुसार दिल्ली में लाल किले के पास कार में विस्फोट की भीषणता को प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया है। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा कि ‘मैंने जिंदगी में इतना तेज धमाका कभी नहीं सुना। मैं धमाके की वजह से तीन बार गिरा। ऐसा लगा जैसे हम सब मर जाएंगे।’ एक ऑटो ड्राइवर जीशान ने बताया कि मेरे सामने वाली कार लगभग दो फीट दूर थी। मुझे नहीं पता कि उसमें बम था या कुछ और लेकिन उसमें धमाका हुआ। हम दौड़े, हम आगे नहीं बढ़ सके। मैंने एक आदमी का हाथ और फेफड़े जमीन पर पड़े हुए देखा। प्रत्यक्षदर्शी बलबीर ने कहा कि मैं अपनी कार में बैठा था, धमाके की आवाज सुनकर मैं कार से बाहर निकला और घटनास्थल से भाग गया। 

बिहार में भी अलर्ट जारी

दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के समीप हुए धमाके की घटना को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है। सभी पुलिस अधीक्षकों को भीड़ भाड़ भरे इलाकों में सघन गश्ती व निगरानी रखने के साथ ही आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गये हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर देर शाम राजधानी पटना सहित कई जिलों में सघन जांच अभियान चलाया गया। रेलवे परिसरों में भी यात्रियों के सामान की सुरक्षा उपकरणों से जांच की गयी। डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के मतदान को लेकर बिहार में पहले से अलर्ट है। सोमवार को 20 जिलों में होने वाले मतदान को लेकर नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा 48 घंटे पहले से सील है। झारखंड, यूपी और पश्चिम बंगाल की सीमाओं को भी सील कर दिया गया है। 

20 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग आज

जागरण के अनुसार बिहार के 20 जिलों की 122 सीटों पर मंगलवार को सुबह सात बजे से मतदान आरंभ होगा। कुल 1302 प्रत्याशियों में 136 महिला एवं 1165 पुरुष एवं एक थर्ड जेंडर प्रत्याशी हैं। इनमें राज्य सरकार के एक दर्जन मंत्री एवं तीन दलों के प्रदेश अध्यक्ष भी सम्मिलित हैं। कुल 45,399 बूथ स्थापित किए गए हैं, जिसमें 40073 ग्रामीण और 5326 शहरी क्षेत्रों में हैं। 101 सामान्य, 19 अनुसूचित जाति, दो अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित सीटें हैं। 

सीवान में भी फेंकी मिली मतदान पर्चियां

प्रभात ख़बर के अनुसार सीवान के सराय थाना क्षेत्र के मौली के बथान मुहल्ले में सोमवार की शाम कूड़े के ढेर पर पॉलीथिन में भरी वीवीपैट पर्चियां मिलीं. इस मामले में डीएम के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है. साथ ही कमीशनिंग में लगे कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है. इससे पहले पचीं फेंके जाने की सूचना मिलने पर डीएम डॉ आदित्य प्रकाश, एसपी मनोज तिवारी, एसडीएम आशुतोष गुप्ता सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा, एसडीएम ने मौके से सभी पर्चियों को सावधानीपूर्वक इकट्ठा कराया और जांच के लिए अपने साथ ले गये. डीएम ने बताया कि प्रथम दृष्टया ये पर्चियां मॉक पोल की लग रही हैं, लेकिन ये बाहर कैसे आयीं, यह जांच का विषय है.

तेजस्वी की आपत्ति: प्रधानमंत्री ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों से हाथ मिलाया

जागरण के अनुसार विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में जीत के लिए एनडीए हर तरह के हथकंडे अपना रहा है। वह चुनाव आयोग और केंद्रीय पुलिस बल की मदद ले रहा है। इसके बावजूद महागठबंधन की सरकार बनेगी। हम 18 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि चुनाव प्रचार में एनडीए की ओर से सभी मर्यादाएं तोड़ी गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों के साथ मंच साझा किया। भागलपुर के चर्चित सृजन घोटाला के आरोपी विपिन शर्मा की प्रधानमंत्री ने पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसी सभा में बिहार के विकास के लिए अपना विजन पेश नहीं किया। वही सब कहा जिससे पूरी दुनिया में बिहार की बदनामी हुई। उनका भाषण वेब सीरीज से प्रभावित था।

म्यांमार में साइबर गुलामी कर रहे 8 बिहारियों को छुड़ाया गया

भास्कर के अनुसार म्यांमार में साइबर गुलामी कर रहे 270 भारतीय को मुक्त कराया गया। इसमें 8 बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। आर्थिक अपराध इकाई की टीम दिल्ली पहुंची और सभी आठ बिहारियों को लेकर पटना आ गई। सभी से पूछताछ के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। बिहार के गोपालगंज के रहने वाले प्रशांत पटेल, गयाजी के सागर कुमार, मधुबनी के मो. राजिक, आसिफ शेख, सीतामढ़ी के आरिफ अली, मो. फैजान, आदित्य और अररिया के आदित्य कुमार झा को साइबर गुलामी से मुक्त कराया गया है। सभी एक साल से अधिक समय से म्यांमार में साइबर गुलामी कर रहे थे। मुक्त कराए गए पीड़ित 13 नवंबर को अपने-अपने जिले के साइबर थाने में संपर्क करेंगे। वहां साइबर थाने के प्रभारी डीएसपी इन लोगों से पूछताछ करेंगे। जिस एजेंट के माध्यम से म्यांमार भेजे गए थे, सभी के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।

कुछ और सुर्खियां:

  • वोटिंग खत्म होने के आधे घंटे बाद से आज आएगा एग्जिट पोल
  • रेलवे में जमीन के बदले नौकरी के कथित घोटाले में लालू, राबड़ी, तेजस्वी, मीसा और तेज प्रताप पर 4 दिसंबर को तय होगा आरोप
  • बिहार में नवजातों का भी आधार कार्ड बनेगा, राज्य के एक आंगनबाड़ी केदो में शुरुआत होगी
  • बारह राज्यों में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

अनछपी: बिहार में आज जब दूसरे और अंतिम चरण के लिए वोटिंग हो रही है तो इस पर दिल्ली में हुए धमाके का साया है। अब तक केंद्र सरकार ने इसके बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा है के इस धमाके की वजह क्या रही। हमें सरकार की ओर से जारी की जाने वाले बयान का इंतजार करना चाहिए। इस बीच हम एक बार फिर से यह याद कर सकते हैं कि बिहार में चुनाव के दौरान किस तरह के बयान दिए गए और विपक्षी पार्टियों को किस-किस बात पर आपत्ति रही। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयानों की बात की जाए तो साफ तौर पर हमें उनके बयानों में इस बार परिवारवाद कम सुनने को मिला या नहीं सुनने को मिला। इसकी वजह सबको मालूम है। सबको पता है कि वामपंथी दलों को छोड़ दिया जाए तो कोई भी पार्टी परिवारवाद से बची हुई नहीं है। यह जरूर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू परिवार पर हमले किए और इसके पीछे एक वजह यह हो सकती है कि उनके सोचने का कांटा कहीं अटका हुआ है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री पर इस बात को लेकर जरूर आपत्ति जताई है कि उन्होंने बाहुबलियों या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों के साथ मंच साझा किया। यानी टिकट देने के बाद जो लोक लाज का थोड़ा ध्यान रखा जाता था प्रधानमंत्री ने उसका भी ख्याल नहीं रखा। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का वह वादा भी याद किया जाएगा जिसमें उन्होंने बिहार को 5 साल के लिए बढ़ मुक्त बनाने की बात कही है। इसी तरह उन्होंने चीनी मिलों को चालू करने के वादे भी किये हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में भी ऐसे ही वादे किए थे। इसके अलावा नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने लालू परिवार और कांग्रेस पर घुसपैठियों को वोटर बनाने का आरोप लगाया और साथ ही बिहार के लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की के घुसपैठिए उनकी नौकरी खा रहे हैं। दिलचस्प बात यह रही कि नीतीश कुमार ने कभी इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोला। उम्मीद की जानी चाहिए कि चुनाव के दौरान अपने बयानों से जिन लोगों ने समाज में जहर घोलने की कोशिश की बिहार के लोग उन्हें नकारेंगे। 

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