छपी-अनछपी: सम्राट बोले- बिहार में बुलडोजर राज नहीं, इंडिगो की उड़ानें रद्द- देश हलकान

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि उनका नाम न तो “बुलडोजर बाबा” है और न ही “बुलडोजर” से उनका कोई संबंध है। इंडिगो की 550 से ज्यादा उड़ानों के रद्द होने से पूरा भारत परेशान रहा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के दौरे पर दिल्ली पहुंच चुके हैं। गैर कानूनी हथियार के मामले में पटना समेत 22 जगह पर एनआईए ने छापेमारी की है और चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

और, जानिएगा कि बोधगया में रसगुल्ला नहीं मिलने पर कैसे भिड़ गए बारात और सरात के लोग।

पहली ख़बर

प्रभात ख़बर के अनुसार बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि उनका नाम न तो “बुलडोजर बाबा” है और न ही “बुलडोजर” से उनका कोई संबंध है. उन्होंने कहा कि मैं केवल सम्राट चौधरी के नाम से ही जाना जाता हूं. चौधरी ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि वह उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तर्ज पर बिहार में “बुलडोजर राज” कायम करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार सुशासन के लिए जाना जाता है जिसके नीतीश कुमार पर्याय बन चुके हैं. उन्होंने साफ किया कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुशासन स्थापित किया है. यहां बुलडोजर कोई मुद्दा नहीं है. गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार की ओर से उत्तर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अतिक्रमण हटाने को लेकर न्यायालय ने आदेश दिया है और जिलों को इसका निर्देश दिया गया है.

सैकड़ों इंडिगो फ्लाइट्स रद्द, हवाई यात्री हलकान

भास्कर के अनुसार पायलट और क्रू मेंबर्स की कमी से जूझ रही देश की सबसे बड़ी विमान कंपनी इंडिगो में उड़ान संकट गुरुवार को और बढ़ गया। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेत्रई, हैदराबाद समेत करीब 12 एयरपोर्ट पर इसकी 300 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई। जागरण ने यह संख्या 500 से ज्यादा बताई है। सबसे ज्यादा 95 उड़ानें दिल्ली, 85 मुंबई, 70 हैदराबाद तो 50 बेंगलुरु एयरपोर्ट से रद्द हुई। इसके अलावा अन्य एयरपोर्ट्स पर भी कई फ्लाइट्स उड़ान नहीं भर सकीं। कई यात्री 8-10 घंटे एयरपोर्ट पर इंतजार करते रहे, लेकिन बाद में उन्हें घर लौटना पड़ा। बुधवार को करीब 150 उड़ानें रद्द हुई थीं। इसका असर बाकी विमान कंपनियों पर भी पड़ा। देश के 6 प्रमुख एयरपोर्ट का डेटा बताता है कि इंडिगो की समय पर उड़ान भरने की दर 2 दिसंबर को 35% थी, जो 4 दिसंबर को 18% से भी कम रह गई। डीजीसीए ने इंडिगो के अफसरों से सुधार की योजना मांगी है। पटना आने जाने वाली 19 फ्लाइट रद्द रही। उनमें से कुछ आज भी कैंसिल रहेगी।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे

हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिकी टैरिफ और दुनिया में व्याप्त अनिश्चितता के माहौल के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिवसीय यात्रा पर गुरुवार शाम सात बजे भारत पहुंचे। दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों को नई रफ्तार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पालम हवाईअड्डे पर पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच शुक्रवार को होने वाली शिखर वार्ता पुराने संबंधों को नई ऊंचाई देगी। वार्ता रक्षा संबंधों को मजबूत करने, व्यापार को बाहरी दबाव से सुरक्षित रखने और छोटे मॉड्यूलर संयंत्रों में सहयोग की संभावनाओं की तलाश जैसे मुद्दों पर केंद्रित होगी।

22 जगह पर एनआईए ने छापेमारी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गैर-कानूनी हथियार एवं गोला-बारूद तस्करी मामले में गुरुवार को बिहार के सात समेत यूपी और हरियाणा के 22 जगहों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद, एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी, कई डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा संदिग्ध पहचान पत्र सहित कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए हैं। एनआईए ने पटना से शशि प्रकाश, शेखपुरा से रवि रंजन सिंह और कुरुक्षेत्र से विजय कालरा व कुश कालरा को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे, जो हरियाणा से यूपी और फिर बिहार सहित देश के अन्य हिस्सों में अवैध गोला-बारूद की तस्करी बिक्री और खरीद में शामिल थे।

रसगुल्ला नहीं मिलने पर कैसे भिड़ गए बारात और सरात के लोग

बोधगया के एक निजी होटल में 29 नवंबर को आयोजित शादी समारोह के दौरान दूल्हा और दुल्हन पक्ष के बीच रसगुल्ला के लिए विवाद हो गया। बात बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गई और वर-वधू पक्ष की तरफ से जमकर लात-मुक्के और कुर्सियां चलीं। इसमें दर्जनभर बराती-धराती घायल हो गए, इनमें चार-पांच लोगों के सिर फट गए। घटना से नाराज दुल्हन पक्ष के लोगों ने थाने में प्राथमिकी कराई और शादी से भी इंकार कर दिया। दुल्हन पक्ष ने प्राथमिकी में दहेज मांगने का आरोप लगाया है। बोधगया थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि दुल्हन पक्ष से आवेदन मिलने के आवेदन मिलने के ठीक बाद दूल्हा पक्ष ने भी आवेदन दिया है। बोधगया के एक होटल में अत्री से आया दुल्हन पक्ष के लोग ठहरे थे यहां शादी करने के लिए दूल्हा बारातियों को लेकर पहुंचा। भोज का जिम्मा वर पक्ष का था जिसमें रसगुल्ला घट गया तो दुल्हन पक्ष के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।

कुछ और सुर्खियां:

  • विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर दिए गए संशोधन प्रस्ताव पर बोलने का मौका नहीं मिलने पर विपक्ष का वॉकआउट
  • भीमा कोरेगांव मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर हनी बाबू को 5 साल कैद रहने के बाद जमानत
  • बिहार सर्किल में 3 दिसंबर को 1.77 लाख लोगों ने संचार साथी ऐप इंस्टॉल किया, बताया जा रहा प्राइवेसी को खतरा
  • बीएपीससी का ऐलान, एडिशनल एजुकेशन डेवलपमेंट ऑफिसर के लिए 10 जनवरी से तीन चरणों में परीक्षा
  • सैकड़ों मरीजों के बिना इलाज लौट के बाद पीएमसीएच में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हुई, 90 ऑपरेशन टालने पड़े
  • बिहार की 53 जेलों में 9000 सीसीटीवी लगेंगे, 155 करोड़ रुपए खर्च होंगे
  • पाकिस्तान के सेवा प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर को 5 साल के लिए के डिफेंस आफ फोर्सेज बनाया गया

अनछपी: बिहार में एक बड़ी आबादी के बीच इसकी बहुत चर्चा है कि क्या यहां भी उत्तर प्रदेश का योगी और बुलडोजर राज चलेगा। इस चर्चा की वजह यह बनी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार गृह विभाग भारतीय जनता पार्टी को सौंपा और सम्राट चौधरी इसके मंत्री बने हैं। इसके बाद कुछ जगहों पर बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की सूचना भी आई। ऐसा नहीं है कि बिहार में पहले बुलडोजर से अतिक्रमण नहीं हटाया गया लेकिन जब योगीराज या बुलडोजर राज कहा जाता है तो आमतौर पर इसका मतलब यह होता है कि किसी कानून कायदे की परवाह किए बिना बुलडोजर से किसी का घर गिरा देना। अभी रिटायर हुए भारत के चीफ जस्टिस ने बुलडोजर के बारे में गंभीर टिप्पणी की है और इसे कानून का मजाक बताया था। दरअसल भारतीय जनता पार्टी का समर्थक वर्ग बिहार में एक ऐसा माहौल पैदा करना चाहता है जिससे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और बढ़े और एक तबके को यह लगे कि अब यहां भी बुलडोजर चलेगा यानी भरपूर नाइंसाफी होगी। इस बुलडोजर राज की बहस में भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी राजनीति को समझना चाहिए। एक तरफ गृह मंत्री सम्राट चौधरी, जो उप मुख्यमंत्री भी हैं, का यह बयान आ रहा है कि बिहार में कोई बुलडोजर राज नहीं है तो दूसरी तरफ दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का कहना है कि वह माफिया के सीने पर बुलडोजर चलाएंगे। इस दो बयान से सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के बीच वर्चस्व की जो रस्साकशी है, उसे समझा जा सकता है और यह बात भी याद करने की है कि इन दोनों के बीच पहले भी इसी तरह का माहौल रहा है। एक और बात ध्यान देने की है कि विजय सिन्हा जहां तीखे बोल के लिए जाने जाते हैं तो सम्राट चौधरी इससे दूर रहने की कोशिश कर रहे हैं और वह खुद को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रास्ते पर चलने वाला बता रहे हैं। सम्राट चौधरी का वह बयान भी काफी चर्चा में है जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने का ख ग से पहले अलिफ बे सीखा था। सम्राट चौधरी आज भले भारतीय जनता पार्टी में है लेकिन उनके परिवार की राजनीति वहां से शुरू नहीं हुई थी। इसलिए जब बिहार में बुलडोजर राज की बात हो तो इसमें भारतीय जनता पार्टी के अंदर वर्चस्व स्थापित करने की चाल पर भी ध्यान रखना चाहिए।

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