छपी अनछपी: लंदन से ज्यादा दिल्ली का किराया, वक़्फ़ रजिस्ट्रेशन की तारीख नहीं बढ़ी
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। इंडिगो में चल रही दिक्कतों की वजह से हवाई जहाज का किराया आसमान पर पहुंचा हुआ है और इस वक्त पटना से दिल्ली जाने का किराया लंदन के किराए से भी ज्यादा हो गया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा है कि वक्फ संपत्ति के रजिस्ट्रेशन की तारीख नहीं बढ़ेगी।
और, जानिएगा कि बिहार सरकार ने शिक्षकों को ‘टैब’ तो दे दिया लेकिन 35 हजार ने इसे चालू भी नहीं किया।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो की उड़ानों में तीन दिनों से जारी संकट शुक्रवार को और गहरा गया। चौथे दिन बिहार में 22 सहित देशभर में 1000 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं। इससे घरेलू उड़ानों का किराया आसमां पर पहुंच गया है। पटना से नई दिल्ली का किराया, नई दिल्ली से लंदन के किराये को भी पार कर गया। रविवार को पटना से नई दिल्ली (स्पाइसजेट) का विमान किराया 41380 रुपए है, जबकि उसी दिन दिल्ली से लंदन (हिथ्रो) का किराया (एयर इंडिया) 26351 रुपये है। शुक्रवार को पटना से नई दिल्ली का किराया 30 हजार रुपये के पार रहा। इंडियो की फ्लाइट रद्द होने से एयर इंडिया, स्पाइसजेट की उड़ानों की मांग बढ़ गई हैं। कई मार्ग पर टिकटों की कीमत सामान्य दिनों की तुलना में 4 से 5 गुना तक है। दरभंगा से दिल्ली और मुंबई का किराया 37 हजार से 44 हजार रुपये के बीच है। सामान्य दिनों में पटना-नई दिल्ली का किराया 5 से 6 हजार के बीच होता है, जो पांच दिसंबर को 32215 रुपए, पटना से मुंबई के लिए 8-9 हजार रुपये का किराया 35-40 हजार, पटना से बेंगलुरु का किराया करीब सात हजार से बढ़कर करीब 40 हजार रुपए पहुंच गया।
वक्फ रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाने से इनकार
जागरण ने खबर दी है कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि जिन लोगों ने पंजीकरण का प्रयास किया, लेकिन पूरा नहीं कर सके, उनके लिए रास्ता निकाला जाएगा और उन्हें अगले तीन महीनों के लिए जुर्माने से छूट दी जाएगी। रिजीजू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वजह से समयसीमा नहीं बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने ये भी कहा कि शुक्रवार सुबह तक 1.51 लाख संपत्तियां पंजीकृत की गई हैं। हालांकि देशभर में कुल वक्फ संपत्तियों की संख्या नौ लाख के आसपास बताई जा रही है।
भारत-रूस में ट्रेड 9 लाख करोड़ रुपए तक होगा
भास्कर के अनुसार भारत और रूस की दोस्ती का नया अध्याय शुरू हुआ है। दोनों देशों ने 2030 तक के नए रोडमैप पर सहमति जताई। इसके तहत ट्रेड को 9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत यात्रा पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता में उम्मीद जताई कि 9 लाख करोड़ रुपए के ट्रेड का लक्ष्य समय से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। हैदराबाद हाउस में शुक्रवार को पीएम मोदी ने यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण हल के लिए कहा। इस पर पुतिन ने सहमति जताई। भारत न्यूट्रल नहीं, शांति के साथ है। पुतिन ने कहा, रूस अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा है। रूस यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण हल के लिए हमेशा से तैयार है। बता दें कि अभी भारत-रूस के बीच ट्रेड लगभग पौने 6 लाख करोड़ है। दोनों देश अपनी-अपनी मुद्रा में ट्रेड ढांचे को विकसित करने पर सहमत हुए।
बिहार सरकार में तीन नए विभाग बनेंगे
हिन्दुस्तान के अनुसार में तीन नए विभाग बनेंगे। एक निदेशालय और एक निगम की भी स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में अलग से तीन नए विभाग- युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग तथा नागर विमानन विभाग सृजित करने का निर्देश दिया गया है। वर्तमान में कुल 42 विभाग हैं। इन तीन विभागों के गठन के बाद राज्य में विभागों की कुल संख्या 47 हो जाएगी। सरकार के इस निर्णय को पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी-रोजगार का लक्ष्य पाने की कसरत के रूप में देखा जा रहा है। इन तीन नए विभागों के सृजन से युवाओं को नौकरी एवं रोजगार दिलाने में काफी मदद मिलेगी।
पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर 44 लाख की साइबर ठगी
प्रभात खबर के अनुसार साइबर बदमाश लगातार लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. धनरुआ निवासी एक रिटायर्ड शिक्षक के बेटे से साइबर बदमाशों ने 44 लाख की ठगी कर ली. इस संबंध में रिटायर्ड शिक्षक के बयान पर साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है. उन्होंने पुलिस को जानकारी दी है कि उनके बेटे के व्हाट्सएप पर बदमाशों ने पार्ट टाइम जॉब का ऑफर दिया. इसके बाद एक कंपनी से संबंधित जानकारी * भेजी. साथ ही खुद को कंपनी का एचआर मैनेजर बताया और कुछ टास्क दिया. गुगल मैप पर रिव्यू लिखने का टास्क देने के बाद एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया.
35000 शिक्षकों ने टैबलेट खोलकर देखा भी नहीं
हिन्दुस्तान ने खबर दी है कि बिहार के स्कूलों में 35 हजार टैबलेट महज शो-पीस बने हैं। शिक्षकों ने टेबलेट चालू करने की भी जहमत नहीं उठाई है। सूबे में स्कूलों को 1.61 लाख टैब उपलब्ध कराए गए हैं। विभागीय समीक्षा जब हुई तो पता चला कि लगभग 35 हजार टेबलेट एक्टिवेट भी नहीं हुए हैं। हालांकि, इस मामले में मुजफ्फरपुर कई जिलों से बेहतर है। यहां 7086 टैब दिए गए हैं, जिनमें 6914 टैब एक्टिवेट कर दिए गए हैं। मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट चालू करना है ताकि मिड डे मील व अन्य फर्जीवाड़ा थमे। टैब एक्टिवेट किये जाने की संख्या में भी घालमेल है। अलग-अलग रिपोर्ट में अलग-अलग संख्या एक्टिवेट करने की बताई गई है। इसके बाद राज्य परियोजना निदेशक मयंक वरवड़े ने सभी जिले के डीईओ और डीपीओ सर्वशिक्षा अभियान को इस दिशा में अविलंब आवश्यक पहल का निर्देश दिया है
कुछ और सुर्खियां:
● हाजीपुर में बारात निकलने से पहले डीजे ट्रॉली का गियर बॉक्स फंसा, बैक गियर लगने से ट्रॉली ने 14 को कुचला, दो बच्चों की मौत
● मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम 10वीं बार बिहार का मुख्यमंत्री बनने पर लंदन के प्रतिष्ठित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होगा
● मशहूर इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अंबानी की 1120 करोड़ रुपए की 18 से ज्यादा संपत्ति जब्त
● पुतिन के सम्मान में आयोजित डिनर में कांग्रेस के बागी चल रहे नेता शशि थरूर को न्योता, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को नहीं
अनछपी: कभी दुनिया भारत को गांधी और नेहरू की वजह से जानती थी और अब भी दुनिया में गांधी और नेहरू का नाम बहुत ही इज्जत से लिया जाता है लेकिन ऐसा लगता है कि कम से कम जवाहरलाल नेहरू को भारत में ही अविश्वसनीय बनाने और बदनाम करने का प्रोजेक्ट चल रहा है। यह गंभीर आरोप वैसे तो दूसरे लोग भी लगाते हैं लेकिन हाल ही में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इस मामले में साफ तौर पर कहा कि जवाहरलाल नेहरू को बदनाम करने का प्रोजेक्ट ही आज के सत्ताधारी दलों का मकसद है जिसका लक्ष्य सिर्फ उन्हें मिटाना नहीं बल्कि उन सामाजिक और राजनीतिक बुनियादों को भी नष्ट करना है जिन पर देश का निर्माण हुआ है। दिल्ली में जवाहर भवन में नेहरू सेंटर इंडिया के शुभारंभ के अवसर पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दावा किया कि नेहरू को अपमानित, विकृत, नीचा दिखाने और बदनाम करने का एक व्यवस्थित प्रयास किया जा रहा है जिसे कबूल नहीं किया जा सकता। आखिर वह कौन सी बातें हैं इसके बारे में सोनिया गांधी का रही हैं कि वह सामाजिक और राजनीतिक बुनियाद हैं जिससे नष्ट करने की कोशिश हो रही है? सोनिया गांधी ने कहा कि देश में इस समय सहिष्णुता सिकुड़ रही है, असहमति को देशद्रोह बताया जा रहा है और इतिहास को पक्षपातपूर्ण लड़ाई तक सीमित कर दिया गया है। दरअसल उन बुनियादी बातों में नेहरू की आधुनिक सोच शामिल है जिसमें देश की कल्पना एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के रूप में की गई है और जहां वैज्ञानिक तरीके से सोचने समझने को बढ़ावा दिया जाना है। क्योंकि अभी के सरकारी दलों को नेहरू की वैज्ञानिक सोच से अपने एजेंडे को लागू करने में परेशानी होगी इसलिए वह नेहरू को तरह-तरह से बदनाम करते हैं। किसी भी आम इंसान की तरह नेहरू भी हर मामले में सही नहीं करार दिए जा सकते लेकिन उनकी वैज्ञानिक और आधुनिक सोच पर शायद ही कोई सवाल करे। भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में रहने के बावजूद नीतीश कुमार अब भी नेहरू का नाम लेते हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले राज्यों में नेहरू को लगभग भुला दिया गया है या उन्हें केवल बदनाम करने के लिए याद किया जाता है। यही बात देश के स्तर पर भी लागू होती है।
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