मौत के मुंह तक ले आया बच्चों को भुट्टे का शौक़

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट

भुट्टा खाने का शौक़ रखने वाले बच्चों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनकी यह ख़्वाहिश कभी पूरी नहीं होगी। मंगलवार की दोपहर अररिया केे पलासी थाना क्षेत्र के कबैया गांव में छह बच्चे फूस के बने घर में लोगों से छिपकर भुट्टा पका रहे थे। इसी दौरान उड़ी चिंगारी से घर में आग लग गई और बच्चों को घर से निकलने का मौका तक नहीं मिल सका और सभी जल कर रह गए।

मृतकों में पांच परिवार के बच्चे बच्चे हैं जिनमें यूनुस का 5 वर्षीय बेटा अशरफ और 3 वर्षीय बेटी गुलनाज, मंजूर का 6 वर्षीय बेटा दिलावर, फारूक का 4 वर्षीय बेटा बरकत, मतीन का पांच वर्षीय बेटा अली हसन और तनवीर का 5 वर्षीय बेटा खुसनिहार शामिल हैं। सारे बच्चे आपस में रिश्तेदार हैं।

बरकत


अली हसन


अशरफ

फारूक के समधी शोएब ने बिहार लोक संवाद डाॅट नेट को फोन पर बताया कि चिंगारी कहां से आई किसी को पता नहीं। लोगों को घटना का एहसास तब हुआ जब घर के चारों तरफ अंधेरा छा गया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना के समय बच्चों की मांएं दोपहर का खाना बना रही थीं और करीब के गेहूं के खेत में काम कर रही थीं।

फारूक लुधियाना में मजदूरी का काम करते हैं। घटना के वक्त वो लुधियाना में ही थे। बच्चों का अंतिम संस्कार मंगल की रात को ही कर दिया गया।

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कबैया गांव में भूसा घर में आग लगने से 6 बच्चों की झुलस कर हुई मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बच्चों के परिजनों को अविलंब चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है।

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