छपी-अनछपी: बिहार के 15 ज़िलों में कोल्ड डे, रक्षा मंत्रालय में घूसखोरी- कर्नल गिरफ्तार
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को प्रदेश के 15 जिलों में अत्यंत घना कोहरा छाए रहने के साथ कोल्ड डे जैसे हालात बने रहने की संभावना है। सीबीआई ने रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले रक्षा उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र के नागपुर में शनिवार को सोलर पैनल निर्माण फैक्ट्री में पानी की टंकी फटने से मारे गए बिहार के छह मजूदरों के परिजनों को राज्य सरकार दो-दो लाख रुपये मुआवजा देगी।
और, जानिएगा कि चीन और भारत के बीच तनातनी के बावजूद कैसे भारत से चीन को निर्यात पड़ रहा है।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार घने कोहरे के साथ बर्फीली पछुआ हवा के प्रवाह से कनकनी बढ़ गई है। पटना सहित अधिसंख्य जिलों में इसका व्यापक असर तीसरे दिन शनिवार को भी रहा। घने कोहरे के कारण बीते तीन दिनों से धूप नहीं निकलने से अधिकतम तापमान में तेजी से गिरावट आई है। इससे दिन में कनकनी का प्रभाव बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को प्रदेश के 15 जिलों में अत्यंत घना कोहरा छाए रहने के साथ कोल्ड डे (शीत दिवस) जैसे हालात बने रहने की संभावना है। उत्तरी भागों में घना कोहरे के साथ दक्षिणी भाग में कनकनी लोगों को परेशान करेगी। उत्तर बिहार की तुलना में पटना सहित दक्षिण भागों में कोहरे का प्रभाव कम रहेगा। हालांकि, मौसम में चार दिनों बाद सुधार के आसार हैं। राजधानी पटना का अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री गिरावट के साथ 16.6 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री वृद्धि के साथ 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश का अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस के साथ किशनगंज में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। राजधानी के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में चार डिग्री को अंतर दर्ज किया गया।
रक्ष मंत्रालय में घूसखोरी- कर्नल गिरफ्तार
भास्कर के अनुसार सीबीआई ने शनिवार को रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले रक्षा उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक निजी व्यक्ति विनोद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। शर्मा और उनकी पत्नी के ठिकानों से सीबीआई ने कुल 2.36 करोड़ रुपए नकद जब्त किए हैं। सीबीआई ने शुक्रवार को दीपक शर्मा और राजस्थान के श्रीगंगानगर में 16 इन्फेंट्री डिवीजन ऑर्डिनेंस यूनिट की कमांडिंग ऑफिसर उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली के खिलाफ मामला दर्ज किया सीबीआई प्रवक्ता के मुताबिक, शर्मा रक्षा उत्पादों के निर्माण, निर्यात आदि का कारोबार करने वाली निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों से संपर्क में रहते थे और इन कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले नियमित रूप से रिश्वत ले रहे थे।
नागपुर में बिहार के छह मजूदरों की मौत
महाराष्ट्र के नागपुर में शनिवार को सोलर पैनल निर्माण फैक्ट्री में पानी की टंकी फटने से मारे गए बिहार के छह मजूदरों के परिजनों को राज्य सरकार दो-दो लाख रुपये मुआवजा देगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को यह ऐलान किया। जिनकी मौत हुई: गोपालगंज के शमीम अंसारी, मुजफ्फरपुर के सुधांशु कुमार सहनी और अजय राजेश्वर पासवान, चंपारण के अरविंद कुमार ठाकुर, पहाड़पुर के अशोक कंचन पटेल के अलावा बुलेट कुमार
नौ घायल: अनवर अंसारी, मुक्तार अंसारी व प्रकाश बुल्ला सहनी (तीनों आईसीयू में), जाकिर शहनवाज हुसेन, बाबूचन्द्र प्रसाद मुन्नर प्रसाद, मयुरी रविन्द्र तूरक, इब्राहिम नईम अंसारी का इलाज चल रहा है।
महिला रोजगार योजना: 31 तक कर सकते हैं आवेदन
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय की गयी है. इस तय अवधि में आवेदन करने वाली महिलाओं को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा. इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए तय मानक के अनुसार महिलाएं 31 दिसंबर तक आवेदन कर सकती हैं. इस योजना के तहत दस हजार रुपये के बाद महिलाओं को दो लाख रुपये भी रोजगार के लिए दिये जाने हैं. जीविका की ओर से प्रारंभिक रूप से तय किया जा रहा है कि ये दो लाख रुपये किस्तों में दिये जायेंगे. एक साथ दो लाख रुपये नहीं मिलेंगे. रोजगार शुरू करने और उसकी प्रगति की जांच के बाद ही दो लाख रुपये लाभुक महिलाओं को मिलेंगे. इसके साथ ही महिलाओं को रोजगार का प्रशिक्षण देने का भी मॉडल तैयार किया जा रहा है, इस योजना के तहत राज्य की एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को दस-दस हजार रुपये दिये जा चुके हैं. शहरी क्षेत्र की महिलाएं जो स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़ी हैं वह जीविका की वेबसाइट www.brlps.in पर जाकर आवेदन कर सकती हैं.
छह जिलों में आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए 15 छात्रावास बनेंगे
बिहार के छह जिलों में आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए 15 आवासीय छात्रावास बनेंगे। पीएम जनमन योजना के तहत कैमूर, किशनगंज, कटिहार, मधेपुरा, भागलपुर और पूर्णिया जिले में छात्रावासों का निर्माण होगा। इन छात्रावासों में सात जनजातीय समूह के 15 से 18 आयुवर्ग के छात्र-छात्राओं को रहने और खाने की सुविधा होगी। इस योजना को लेकर शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। इस पर जल्द ही लोकवित्त समिति से मंजूरी ली जाएगी। लोकवित्त के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दिला कर निर्माण शुरू हो जाएगा।
चीन को होने वाले भारतीय निर्यात में लगातार बढ़ोतरी
नई दिल्ली से जागरण की ख़बर है कि अमेरिका की ओर से 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद के पिछले चार महीनों से चीन को होने वाले भारतीय निर्यात में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नवंबर 2025 में तो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में चीन को निर्यात 90 प्रतिशत बढ़ा है। लेकिन अब भी चीन से होने वाला आयात काफी अधिक है। इसे देखते हुए चालू वित्त वर्ष 2025-26 में चीन के साथ व्यापार घाटा 100 अरब डालर से अधिक रह सकता है। चालू वित्त वर्ष में (अप्रैल-नवंबर 2025) भारत ने चीन से 84 अरब डालर का आयात किया है। इस अवधि में चीन को सिर्फ 12.22 अरब डालर का निर्यात किया गया है।
कुछ और सुर्खियां:
- हिजाब मामले में चर्चा में आई डॉक्टर ने नहीं ज्वाइन की नौकरी, जॉइनिंग की तारीफ 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई
- मधुबनी जिले के राजनगर बाजार में एसबीआई का एटीएम का कैश बॉक्स काट 16 लाख ले भागे चोर
- T20 विश्व कप क्रिकेट के लिए भारतीय टीम से शुभमन गिल ड्रॉप, ईशान किशन को मिली जगह
- असम के होजाई जिले में नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस से कट कर सात हाथियों की मौत
- जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी बीवी को तोशाखाने के दूसरे केस में 17 साल की सजा सुनाई गई
- अग्निवीर के तौर पर काम पूरा करने वाले जवानों को बीएसएफ में कांस्टेबल पद पर 50% कोटा मिलेगा
अनछपी: बिहार में लाखों आंगनबाड़ी केंद्र के रहते यह शिकायत मिलती है कि यहां के बच्चे कुपोषण के शिकार हैं जिनमें कुछ तो बहुत ही ज्यादा कुपोषित हैं। जाहिर है हमारे यहां इस्पात पर बहुत चर्चा नहीं होती लेकिन बिहार सरकार की आईसीडीएस यानी इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज में नवंबर में जो कुछ आंकड़े जारी किए हैं उसके मुताबिक बक्सर जिले में सबसे ज्यादा अतिकुपोषित बच्चे हैं। वैसे अति कुपोषित बच्चों की संख्या के लिहाज से गोपालगंज, बेगूसराय, मधेपुरा और पटना टॉप फाइव में शामिल हैं। यानी राजधानी वाले जिले में भी बच्चों के कुपोषण का हाल बेहद खराब श्रेणी में है। अफसोस की बात यह है कि जब सरकार की रिपोर्ट में भी ऐसी जानकारी दी जा रही है तब भी यह हमारे लिए भैंस का मुद्दा नहीं बन पा रहा है। अगर कोई गैर सरकारी संस्थान इस तरह का सर्वे करें तो और चौंकाने वाली जानकारी सामने आ सकती है। कुछ जिलों में तो 5% तक बच्चे अति कुपोषित श्रेणी में हैं। बच्चे और सेहत हमारी राजनीति के मुद्दे नहीं है हालांकि यह देश और समाज दोनों के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। हम यूनिसेफ जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर निर्भर रहते हैं कि बच्चों का भला होता रहे लेकिन सरकारी कोशिश बेहतर नजर नहीं आती। यह पूछा जाना चाहिए कि आखिर आंगनबाड़ी केंद्रों का बजट क्या है, वहां बच्चों के पोषण की व्यवस्था क्या है और स्कूलों के बच्चों के लिए पोषण की व्यवस्था सरकार कैसे कर रही है।
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