छपी-अनछपी: बिहार में 400% तक बढ़ेगा सर्किल रेट, बांग्लादेश ने दिल्ली में वीज़ा सर्विस बंद की
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। पूरे बिहार में जमीन के सर्किल रेट को चार सौ फीसदी तक बढ़ाकर बाजार की दर तक लाने की तैयारी की जा रही है। नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग ने सोमवार को कांसुलर और वीजा सेवाओं को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है।
और, जानिएगा कि बिहारशरीफ की आरती गुप्ता सूबे की पहली महिला बन गई हैं, जिन्हें अंटार्कटिका जाने का अवसर मिला है।
पहली ख़बर
प्रभात ख़बर के अनुसार जमीन के सौदों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राज्यभर में जमीन के सर्किल रेट को चार सौ फीसदी तक बढ़ाकर बाजार की दर तक लाने की तैयारी की जा रही है. इस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार को लेना है और इसके लिए प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट को भेजा जायेगा. जिन इलाकों में सर्किल रेट और बाजार रेट में बहुत अंतर नहीं है, वहां वर्तमान दर में मात्र 50 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी. राजधानी पटना के पश्चिमी और पूर्वी बोरिंग कैनाल रोड पर जमीन का सर्किल रेट अभी भी 30 लाख रुपये प्रति डिसिमल है. वहीं निबंधन विभाग को मिली रिपोर्ट के मुताबिक, जमीन खरीदने वाले कागजों में ही प्रति कट्ठा कीमत करीब एक करोड़ रुपये है, जबकि वास्तविक सौदे छह से सात करोड़ रुपये में पूरे हो रहे हैं. ऐसा केवल पटना में ही नही हो रहा है, बांका में भी जिस जमीन की सर्किल रेट करीब 12 हजार है, वहां भी सौदे छह से सात लाख रुपये प्रति कट्ठा में हो रहे हैं.
बांग्लादेश हाई कमीशन ने वीज़ा सर्विस सस्पेंड की
हिन्दुस्तान के अनुसार एक नए राजनयिक घटनाक्रम के तहत नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग ने सोमवार को कांसुलर और वीजा सेवाओं को निलंबित कर दिया है। बांग्लादेश ने इससे पहले अगरतला और सिलीगुड़ी में अपने सहायक उच्चायोग में वीजा का काम बिना किसी समय सीमा के रोक दिया था। इसे भारत के फैसले का जवाब माना जा रहा है।
एक और छात्र नेता पर जानलेवा हमला
बांग्लादेश के खुलना में सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना विरोधी छात्र नेता मोतालेब सिकदर के घर में घुसकर जानलेवा हमला किया। सिकदर अस्पताल में भर्ती है। नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) की संयुक्त प्रधान समन्वयक महमूदा मितु ने फेसबुक पर पोस्ट कर कहा, मोहम्मद मोतालेब सिकदर को दोपहर 12 बजे गोली मार दी गई। वह एनसीपी के खुलना डिवीजन के प्रमुख और पार्टी के कार्यकर्ता मोर्चे के केंद्रीय समन्वयक हैं। वह पेशे से चिकित्सक हैं। सिकदर को गंभीर हालत में खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। समाचार पत्र ‘कालेर कंठ’ ने बताया कि सिकदर के सिर में बाईं ओर गोली मारी गई।
दिल्ली में मोदी से मिले नीतीश
जागरण के अनुसार बिहार में राजग की नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि राज्य में डबल इंजन की सरकार पूरी रफ्तार से बढ़ने के लिए तैयार है। शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके केंद्र में विकास एजेंडे, आंध्र प्रदेश को मिल रही मदद की तरह ही बिहार के लिए कुछ विशेष मदद, केंद्र-राज्य समन्वय और राजनीतिक स्थिरता जैसे अहम मुद्दे भी शामिल थे। माना जा रहा है कि यह मुलाकात आने वाले समय में कुछ बड़ी योजनाओं की मंजूरी और केंद्रीय फंडिंग को आसान बना सकती है। केंद्र और राज्य के संबंधों को नई ऊर्जा दे सकती है। विकास योजनाओं को गति, वित्तीय सहयोग को मजबूती और राजनीतिक समन्वय के स्तर पर भी दूरगामी असर दिख सकता है।
सबसे कम न्यूनतम तापमान राजगीर में 6.6 डिग्री सेल्सियस
भास्कर के अनुसार राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में सर्दी का सितम लगातार जारी है। सोमवार को तीन दिन बाद हल्की धूप निकली। लेकिन बर्फीली हवा के कारण ठंड से राहत नहीं मिली। सुबह से ही ठंडी पछुआ हवाओं ने कनकनी बढ़ा दी। सोमवार को राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान राजगीर में 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गया जी का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहा। पटना का न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 6.6 से 12.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। सबसे घना कोहरा गया जी में रहा। वहां दृश्यता मात्र 50 मीटर दर्ज की गई। ठंड बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
अंटार्कटिका जाने वाली बिहार की पहली महिला बनी आरती गुप्ता
हिन्दुस्तान के अंदर बिहारशरीफ निवासी मौसम वैज्ञानिक आरती गुप्ता सूबे की पहली महिला बन गई हैं, जिन्हें विश्व के सबसे ठंडे स्थान अंटार्कटिका जाने का अवसर मिला है। भारत मौसम केन्द्र की पटना शाखा की ओर भेजी गई आरती 45वें भारतीय वैज्ञानिक अंटार्कटिका शीतकालीन अभियान का हिस्सा हैं। इस उपलब्धि से उन्हें भारतीय मौसम विभाग की पहली महिला बनने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है। टीम में 52 लोग हैं। इनमें वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, लॉजस्टिक्सि (तर्कशास्त्री), मेडिकल टीम के सदस्य शामिल हैं। सभी अलग-अलग पृष्ठभूमि के होते हुए एक साझा लक्ष्य के लिए कार्य कर रहे हैं।
कुछ और सुर्खियां:
- बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने दारोगा के 1799 पदों की बहाली के लिए पीटी का कार्यक्रम जारी किया, 18 और 21 जनवरी को होगी
- पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनवाने वाले और तृणमूल कांग्रेस से सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी जन्म उन्नयन पार्टी बनाई
- नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी की याचिका पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से जवाब मांगा
- मधुबनी में रुपए के लेनदेन के विवाद में चाकू घोंपकर चाचा भतीजे की हत्या
अनछपी: क्या पुलिस डिपार्टमेंट के आईजी पद से रिटायर हुआ कोई इंसान इतने लालच में पड़ सकता है कि वह साइबर ठगी में अपने करोड़ों रुपए गंवा दे और डिप्रेशन में खुद को गोली मार कर सुसाइड करने की कोशिश करे? इसमें कोई शक नहीं कि लूटपाट करने वाले अपराधियों ने अब अपने क्राइम का तरीका बदल दिया है और बड़े पैमाने पर पढ़े-लिखे अपराधी साइबर फ्रॉड में लग गए हैं। यहां साइबर फ्रॉड से सिर्फ मतलब वह नहीं जो लिंक भेज कर या ओटीपी पूछ कर लोगों से पैसे ठगते हैं या डिजिटल अरेस्ट करके उगाही करते हैं बल्कि इससे कई और रूप भी हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2 महीने में उन्होंने 8 करोड़ रुपए से ज्यादा गंवा दिए। पूर्व आईजी ने जो सुसाइड नोट लिखा है, उसके मुताबिक एफ- 777 डीबीएस वेल्थ इक्विटी रिसर्च ग्रुप के नाम से एक ग्रुप के सदस्य बन गए थे। इसके अनुसार वह साइबर ठग वेल्थ मैनेजमेंट एडवाइजर बात कर व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप पर संपर्क में आए थे। इस ग्रुप में फर्जी डैशबोर्ड पर मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा जीत और बड़ी रकम निवेश करवा ली। सुसाइड नोट के अनुसार उन्होंने इतने पैसे दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर भी दिए थे। जब उनके यह पैसे डूब गए तो उन्हें यह लगा कि अब तो वह अपनी जमीन और दूसरी संपत्ति बेचकर भी इतना पैसा इकट्ठा नहीं कर सकते इसलिए वह अब किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब वह डिप्रेशन में आए तो उनके साथ घर वालों का संपर्क बहुत ज्यादा नहीं था। अब मालूम हुआ है कि वह घर वालों को बताए बिना डिप्रेशन की दवा खा रहे थे और जब यह वारदात हुई तो उनका बेटा और उनकी बीवी घर पर नहीं थे। जिस पुलिस से साइबर फ्रॉड के खिलाफ लोग मदद की उम्मीद करते हैं, उसी पुलिस का कोई अधिकारी ऐसे साइबर फ्रॉड में फंसकर अपनी संपत्ति कब गंवाएगा और उसके बाद अपनी जान गंवाने की भी कोशिश करेगा, इस बात पर यकीन नहीं होता। फिर भी इतना कहा जा सकता है कि पुलिस को साइबर फ्रॉड के खिलाफ अपनी कार्रवाई और सख्त करनी चाहिए और जागरूकता का काम भी साथ-साथ होते रहना चाहिए।
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