छ्पी-अनछपी: बांग्लादेश में बीएनपी सरकार के आसार, राहुल की सदस्यता रद्द कराने का नोटिस
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने संसद की 300 सीटों में से आधी से ज़्यादा सीट जीत ली है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदस्यता रद करने और भविष्य में उनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग को है। पटना नीट छात्र की मौत का मामला अभी सुलझा भी नहीं की फुलवारी शरीफ में कोचिंग गई छात्रा की मौत, घर वालों ने कहा मर्डर हुआ।
और, जानिएगा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘रेरा’ डिफाल्ट करने वाले बिल्डरों की मदद करने के अलावा कुछ नहीं कर रही।
पहली खबर
जागरण के अनुसार बांग्लादेश में गुरुवार को हुए संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। बीएनपी ने 300 सदस्यों वाली संसद में 151 सीटें जीत ली हैं जबकि कई अन्य सीटों पर उसके उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी दूसरे स्थान पर चली रही है। बीएनपी के अध्यक्ष और पीएम पद के प्रत्याशी पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान दोनों सीटों से चुनाव जीत गए हैं। उधर प्रेट्र के अनुसार, बांग्लादेश में सत्ता की दौड़ में बीएनपी बंपर जीत की ओर अग्रसर है।
राहुल की सदस्यता रद्द करवाने को नोटिस
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में गुरुवार को सब्सटेंटिव मोशन (विशिष्ट प्रस्ताव) पेश कर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदस्यता रद करने और भविष्य में उनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग को है। दुबे ने दिए गए नोटिस में आरोप लगाया कि सोरोस फाउंडेशन और देश को टुकड़े करने वाली ताकतों के साथ मिलकर राहुल भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल झूठ बोलकर सदन को गुमराह करने का प्रयास भी कर रहे हैं। उनके प्रस्ताव के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ, जिससे कार्यवाही प्रभावित हुई और अंततः सदन दिनभर के लिए स्थगित करना पड़ा।
एक इंच पीछे नहीं हटेंगे: राहुल
संसद में अमेरिका से हुई ट्रेड डील को लेकर गंभीर सवाल उठाने के बाद सरकार और भाजपा की ओर से हो रहे हमलों के बावजूद लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस डील में किसानों और देश के हितों की बलि चढ़ाए जाने के अपने आरोपों को दोहराया है। लोकसभा की उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दिए गए प्रस्ताव के बाद राहुल गांधी ने सत्तापक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि चाहे उन्हें गालियां दी जाएं, एफआइआर हो या विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जाए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि संसद में उन्होंने सच्चाई बोली है। भाजपा उनके खिलाफ जो चाहे वह करे, मगर वह अपनी बातों से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
राहुल पर नहीं बन सका प्रिविलेज मोशन का मामला
भास्कर ने लिखा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला नहीं बन सका। इसलिए सरकार ने उनके खिलाफ यह प्रस्ताव लाने का विचार छोड़ दिया है। अब सिर्फ उनके भाषण के कुछ विवादित अंशों को रिकॉर्ड से हटा लिया गया है। इन अंशों को लेकर ही सत्ता पक्ष को आपत्ति थी।
कोचिंग गई छात्रा की मौत, रिश्तेदार बोले मर्डर
प्रभात ख़बर के अनुसार पटना से सटे फुलवारीशरीफ में गुरुवार को एक निजी कोचिंग संस्थान की बहुमंजिला इमारत के चौथे तल्ले से गिरकर 16 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी. परिजनों ने दुष्कर्म या छेड़खानी के बाद हत्या की आशंका जतायी है. इधर, मेडिकल बोर्ड गठित कर पटना एम्स में शव का पोस्टमार्टम कराया गया. पुलिस कोचिंग संस्थान में निर्माण कार्य में लगे तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस सभी पहलुओं दुष्कर्म, हत्या या दुर्घटना को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. एफएसएल टीम साक्ष्य जुटा रही है. घटना फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के एनएच-98 किनारे हरिनगर इलाके की है. कोचिंग से महज एक किलोमीटर दूर चकमूसा गांव की रहने वाली 12वीं की छात्रा सोमवार की सुबह आठ बजे कोचिंग के लिए घर से निकली थी. करीब नौ बजे परिजनों को संस्थान की ओर से फोन कर बताया गया कि छात्रा चक्कर खाकर गिर गयी है और उसे एम्स पटना में भर्ती कराया गया है. परिजन जब एम्स पहुंचे तो छात्रा मृत मिली.
नीट छात्रा हत्या मामले की सीबीआई जांच शुरू
पटना के चित्रगुप्त नगर में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की रहस्यमय परिस्थितियों मे हुई मौत के मामले को गुरुवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने मामला दर्ज करके पटना पुलिस से जांच अपने हाथ में ले ली है. पटना सीबीआइ में दर्ज इस मामले की जांच का जिम्मा एजेंसी के एएसपी पवन कुमार श्रीवास्तव को सौंपा गया है. मामले में अभी किसी को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है. सीबीआई ने नौ जनवरी को छात्रा के पिता द्वारा चित्रगुप्त नगर में दिये गये आवेदन के आधार पर ही मामला पुनः दर्ज किया है. जिसमें किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकने, जानबूझकर चोट पहुंचाने, महिला का शील भंग करने, हत्या के प्रयास और कॉमन इंटेशन की धाराएं जोड़ी गई हैं।
मणिपुर की जातीय हिंसा की आग फिर भड़की
भास्कर के अनुसार मणिपुर की जातीय हिंसा की आग एक बार फिर भड़क उठी है। चूराचांदपुर में सैकड़ों कुकी महिलाएं सरकार समर्थक विधायक एलएम खाउते के घर के बाहर जमा हुईं और उग्र प्रदर्शन किया। उन्होंने खाउते सामेत तीन अन्य कुकी विधायकों को सरकार में शामिल होने को समुदाय के साथ विश्वासघात करार दिया। विधायक के घर को घेर रही महिलाओं की सुरक्षा बलों से झड़प हो गई। पुलिस को भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
रेरा से सुप्रीम कोर्ट नाराज़, कहा- घर लेने वालों की नहीं बिल्डर की मददगार
जागरण के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फटकार लगाने वाले लहजे में कहा कि समय आ गया है कि सभी प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) के गठन पर पुनर्विचार किया जाए क्योंकि यह संस्था डिफाल्ट करने वाले बिल्डरों की मदद करने के अलावा कुछ नहीं कर रही। अदालत ने कहा कि रेरा को जिन लोगों के लिए बनाया गया था, वे पूरी तरह से उदास, निराश और हताश हैं। बेहतर होगा कि इस संस्था को समाप्त कर दिया जाए, इस अदालत को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ ने ये टिप्पणियां हिमाचल प्रदेश सरकार को रेरा का कार्यालय अपनी पसंद की जगह पर स्थानांतरित करने की अनुमति देते हुए कीं।
कुछ और सुर्खियां:
● भारत ने अब तक की सबसे बड़ी 3.6 लाख करोड़ रुपए की रक्षा खरीद को मंजूरी दी, 114 रफाल विमान खरीदे जाएंगे
● 1980-2005 की मशहूर दूरदर्शन न्यूज़ एंकर सरल माहेश्वरी का 71 साल की उम्र में निधन
● फ़िल्म का नाम ‘घूसखोर पंडत’ रखने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, कहा- समाज के किसी वर्ग को अपमानित नहीं कर सकते
● जनरल एमएम नरवणे की किताब फ़ॉर स्टार ऑफ डेस्टिनी को लेकर दिल्ली पुलिस ने पेंगुइन से पूछा- राहुल गांधी तक कैसे पहुंची वह किताब
● सेंट्रल ट्रेड यूनियन की हड़ताल से बिहार में बीस हज़ार करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित
अनछपी: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है वह बेहद निंदनीय है और लोकतंत्र के लिए कहीं से भी स्वस्थ नहीं माना जा सकता। निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ न केवल अनर्गल आरोप लगाए बल्कि बेहद अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया और लोकसभा में इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी गई जिससे समझा जा सकता है कि इस समय भारत में किस तरह की राजनीति चल रही है। दूसरी तरफ राहुल गांधी ने भी अमेरिका से हुई ट्रेड डील को लेकर अपनी बात मजबूती से करते रहने और एक इंच भी पीछे नहीं हटने की बात कह कर स्पष्ट संदेश दे दिया है। दरअसल इस समय लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव भी है, जो हालांकि कामयाब नहीं होगा लेकिन इससे विपक्ष की भावनाओं का प्रदर्शन जरूर होगा। इस संदर्भ में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू का आचरण भी आलोचना का शिकार हो रहा है। जिस तरह उन्होंने स्पीकर ओम बिरला से कांग्रेस के सांसदों की मुलाकात का वीडियो इंटरनेट पर जारी किया उसे कहीं से सही नहीं कहा जा सकता। रिजीजू ने कांग्रेस सदस्यों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया लेकिन उनसे यह पूछा जा सकता है कि इस तरह वीडियो को सार्वजनिक करना कहां से सही है? यह लोकसभा की परिपाटी का अपमान है और इसके लिए रिजीजू और निशिकांत दुबे दोनों पर कार्रवाई जरूरी है।
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