छ्पी-अनछपी: ईरान बोला- शहीदों का बदला लेंगे, रसोई गैस के लिए कतार-जाम
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ईरान अपने शहीदों का बदला लेगा। सरकार के तमाम दावों के बावजूद घरेलू रसोई गैस के लिए मारामारी जारी है और जाम और कतर का सिलसिला भी।
और, जानिएगा की किस विभाग के डीजीएम ने छापा पड़ने के बाद सवा करोड़ के गहने और 32 लाख नकद कचरे में फेंके।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को कहा कि ईरान अपने शहीदों का बदला लेगा। पद संभालने के बाद पहले संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि खाड़ी देशों में अमेरिकी बेसों पर हमले जारी रहेंगे। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहेगा। मोजतबा खामेनेई ने कहा कि बदले का एक सीमित हिस्सा अब तक लिया जा चुका है, लेकिन जब तक यह पूरी तरह पूरा नहीं हो जाता तब तक यह हमारी प्राथमिकताओं में बना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हम दुश्मन से मुआवजा मांगेंगे। अगर वह मना करता है तो हम उनकी उतनी संपत्ति लेंगे जितनी ईरान तय करेगा। मोजतबा खामेनेई ने कहा कि होर्मुज की खाड़ी को बंद करने के विकल्प को दबाव के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
तेल ठिकानों पर ईरान के ताबड़तोड़ हमले
दुनिया भर में गहराते ईंधन संकट के बीच ईरान ने गुरुवार को मध्य पूर्व के तेल ठिकानों को तबाह करने की मंशा से ताबड़तोड़ हमले किए। वहीं इसराइल ने तेहरान और लेबनान में आक्रामक तरीके से मिसाइल और बम बरसाए। ईरानी हमलों के चलते मध्यपूर्व में कई तेल संयंत्रों को बंद कर दिया गया है। ईरान ने यूएई के शेबार तेल क्षेत्र को निशाना बना ड्रोन से हमला किया जिसे समय रहते मार गिराया गया। दुबई में तट पर कंटेनर पोत पर हमला किया। फारस की खाड़ी में बसरा बंदरगाह के पास दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद इराक ने अपने सभी तेल टर्मिनल को बंद कर दिया है।
गांव में अब 45 दिन के अंतर पर ही मिलेगी रसोई गैस
प्रभात खबर ने लिखा है कि सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सिलिंडर रिफिल से जुड़ा नया नियम लागू किया है. इसके तहत ग्रामीण और डीकेवी (दुर्गम क्षेत्रीय वितरक) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए रिफिल गैप बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है. यानी अब इन उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर बुक कराने के बाद अगली बुकिंग के लिए कम से कम 45 दिन इंतजार करना होगा. इसकी पुष्टि पेट्रोलियम मंत्रालय ने की है. हालांकि शहरी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए पहले से लागू 25 दिनों का रिफिल गैप बरकरार रखा गया है. इधर, बिहार में भी एलपीजी गैस सिलिंडर के गंभीर संकट के संकेत मिलने लगे हैं. राज्य में रोजाना छह लाख सिलिंडर रिफिलिंग की क्षमता होने के बावजूद चार-पांच दिनों से सप्लाइ घट कर 4.5 लाख सिलिंडर रह गयी है. रिफिलिंग क्षमता में कटौती से एजेंसियों को मिलने वाले सिलिंडर में 25% की कमी हो गयी है. राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल कंपनियों के नौ एलपीजी बॉटलिंग प्लांट हैं, जबकि तीन निजी एजेंसियों के प्लांट हैं. हाल में उत्पादन कम होने से आपूर्ति पर सीधा असर पड़ा है. कई जगहों से लंबी कतार और सड़क जाम करने की खबर भी है।
प्रधानमंत्री और पेट्रोलियम मंत्री का दावा
जागरण के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और देश के कुछ हिस्सों से रसोई गैस की किल्लत की खबरों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को एलपीजी की स्थिति पर डर का माहौल पैदा करने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधा और कहा कि ऐसे लोगों की न सिर्फ जनता सामने कलई खुल रही है, बल्कि वे देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य रूप से काम कर रही है।
पीएफआई के राज्य प्रमुख पर एनआईए की चार्जशीट
हिन्दुस्तान के अनुसार एनआईए ने देश विरोधी गतिविधि और धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश में गुरुवार को प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के राज्य प्रमुख महबूब आलम उर्फ महबूब आलम नदवी और उपाध्यक्ष शमीम अख्तर के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की। आरोप है कि भारत को 2047 तक इस्लामिक देश बनाने की साजिश के तहत पीएफआई एक समुदाय के युवाओं को प्रशिक्षण दे रहा था।
फिलहाल अंचल का काम बीडीओ और पंचायत सचिव के ज़िम्मे
सीओ, आरओ और कर्मचारियों की हड़ताल के कारण 537 अंचलों कार्यालयों का काम अब पंचायत सचिव और बीडीओ करेंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार ने कड़ा रुख अपनाते हुए ये तय किया है कि हड़ताल के बीच भी जनता का काम अंचलों में नहीं रुकेगा। उसे प्रखंड कार्यालय चलाने वाले बीडीओ और पंचायत कार्यालय चलाने वाले पंचायत सचिव से निबटाया जाएगा। इसके लिए ही दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसी सेवाओं को जारी के लिए यो वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। सचिव और बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपने के लिए दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के निपटारे के लिए विशेष डिजिटल मॉड्यूल तैयार कर सभी जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है।
छापा पड़ा तो डीजीएम ने कचरे में फेंका जेवर और कैश
जागरण के अनुसार विशेष निगरानी इकाई (एसबीयू) ने गुरुवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार स्वास्थ्य सेवाएं आधारभूत संरचना निगम (बीएमएसआइसीएल) के उप महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) पंकज कुमार के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। छापेमारी के लिए पहुंची टीम को देखते ही फ्लैट में रखे करीब सवा करोड़ रुपये के हीरा, सोना और चांदी के जेवरात तथा 32 लाख रुपये नकद बाहर फेंक दिए। हालांकि टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस संपत्ति को जब्त कर लिया। एसवीयू से मिली जानकारी के अनुसार, पंकज कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डीजीएम पंकज कुमार ने पद का दुरुपयोग करते हुए करीब 13 वर्ष की सेवा अवधि में अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। इनके खिलाफ 96.46 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद जांच एजेंसी ने कोर्ट से छापेमारी का वारंट प्राप्त किया।
कुछ और सुर्खियां:
- रसोई गैस सिलेंडर को ऑफलाइन बुक करने की व्यवस्था, पटना में शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 061-2219810
- संयुक्त राष्ट्र में भारत ने ईरान के हमले की निंदा करने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया
- चीफ इलेक्शन कमिश्नर को हटाने के लिए 193 सांसदों ने नोटिस दिया
- अनिल अंबानी ग्रुप की 581 करोड रुपए की संपत्ति ईडी ने कुर्क की
- नौकरी के बदले जमीन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद की अर्जी पर सीबीआई से जवाब मांगा
अनछपी: ईरान पर अमेरिका और इसरायल के हमले की वजह से दुनिया भर में गैस और तेल की समस्या पैदा हो गई है और भारत भी इससे अछूता नहीं है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी यह जताना चाहते हैं कि भारत में सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा है और लोग झूठ-मूठ अफवाह फैला रहे हैं। एक तरफ यह दावा है तो दूसरी तरफ सरकार यह भी कह रही है कि केरोसिन और कोयले की सप्लाई बढ़कर गैस की कमी की भरपाई होगी। प्रधानमंत्री ने तो यह आरोप लगा दिया कि एलपीजी के मामले में डर का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है और दावा किया कि ऐसा करने वालों की कलई खुल रही है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है की कलई सरकार की खुली रही है और तमाम दावे झूठे साबित हो रहे हैं। होटल का कारोबार बंदी का शिकार हो रहा है और आम लोग गैस बुक कराने के लिए परेशान हैं। कारखाने का काम गैस की कमी से बंद हो रहा है और यहां तक कि अस्पतालों में गैस की कमी की वजह से भोजन बनाना मुश्किल हो गया है और मरीजों के लिए परेशानी समझी जा सकती है। गैस का ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम तो लगभग ठप हो चुका है और ऑफलाइन में भी परेशानी बढ़ गई है। यहां तक कि जिन लोगों ने 28 फरवरी को भी नंबर लगाया उन्हें इसलिए गैस का सिलेंडर नहीं मिला कि पहले यह बताया गया कि होली की वजह से छुट्टी है और उसके बाद तो गैस की किल्लत शुरू हो गई। इसके बावजूद सरकार और उसके समर्थक लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि गैस की कोई किल्लत नहीं है और यहां भी उन्हें राजनीति नजर आती है तो यह बेहद अफसोस की बात ही कही जा सकती है।
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