छ्पी-अनछपी: ईरान के निशाने पर अमेरिकी कंपनियां, मंदिर में भगदड़- 8 महिलाओं की मौत


बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मंगलवार को पश्चिम एशिया में मौजूद मेटा, गूगल समेत 18 अमेरिकी कंपनियों की सूची जारी कर हमलों की चेतावनी दी। नालंदा के मघड़ा शीतला माता मंदिर में मंगलवार सुबह भगदड़ में 8 महिलाओं की मौत हो गई। पटना ज़िले के दानापुर में एसबीआइ की एटीएम को काट कर करीब 33 लाख रुपये से भरे कैश बॉक्स की चोरी कर ली गई.

और, जानिएगा कि राज्यसभा चुनाव में आरजेडी और कांग्रेस से बगावत करने वाले दो विधायकों को क्या इनाम मिला।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच तनाव नए मोड़ पर पहुंच गया है। सैन्य, ऊर्जा ठिकानों से आगे बढ़ते हुए अब प्रमुख कंपनियां निशाने पर हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने मंगलवार को पश्चिम एशिया में मौजूद मेटा, गूगल समेत 18 अमेरिकी कंपनियों की सूची जारी कर हमलों की चेतावनी दी। आईआरजीसी ने जिन कंपनियों के नाम की सूची जारी की है उनमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल, अमेजन, टेस्ला, इंटेल, आईबीएम, बोइंग, मेटा, नेवेदा, ओरेकल, डेल टेक्नोलॉजी, ह्यूलेट पैकार्ड एंटरप्राइज, सिस्को सिस्टम, इंटरनेशनल बिजनेस मशीन कॉर्प, जेपी मॉर्गन, जनरल इलेक्ट्रिक, पैलान्टिर का नाम शामिल है। हालांकि, यह नहीं बताया गया कि कार्रवाई कहां होगी।

इससे पहले, अमेरिका ने तड़के ईरान के इस्फहान शहर में नंताज परमाणु केंद्र के पास कई अहम सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान में चेताया कि अगर हमारे शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया गया तो अमेरिकी कंपनियों पर बुधवार से हमले किए जाएंगे। आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी टेक कंपनियां पहले भी अधिकारियों की हत्या में शामिल थीं। यह कदम ईरान पर हाल में हुए हमलों के प्रतिशोध के रूप में देखा जा रहा है।

चीन और पाकिस्तान ने पश्चिम एशिया में शांति के लिए पांच सूत्रीय प्रस्ताव रखा

जागरण के अनुसार पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के लिए चीन और पाकिस्तान ने मंगलवार को पांच सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग की मांग भी शामिल है। यह शांति प्रस्ताव चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने, चीन पहुंचे पाकिस्तानी उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ ईरान की स्थिति पर बातचीत करने के बाद पेश किया। इस प्रस्ताव में लड़ाई को तुरंत खत्म करना, जितनी जल्दी हो सके शांति वार्ता शुरू करना, असैन्य लक्ष्यों व नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की सर्वोच्चता की रक्षा करना शामिल है। डार यहां वांग को तुर्किये, मिस्त्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के साथ अपनी हालिया बातचीत के बारे में जानकारी देने आए थे।

स्पेन के बाद इटली ने भी अमेरिका को मिलिट्री बेस देने से इनकार किया

स्पेन के बाद इटली ने भी ईरान के खिलाफ जारी सैन्य संघर्ष में अमेरिका को अपने सैन्य अड्‌डों के उपयोग की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। इटली के रक्षा मंत्री गुड्डो क्रोसे‌ट्टो ने यह निर्णय तब लिया जब जानकारी मिली कि कुछ अमेरिकी बमवर्षक विमान पश्चिम एशिया की और जाते समय सिसिली स्थित सिगोनेला नौसेना एयर बेस पर उतरना चाहते हैं। इटली स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है।

मघड़ा मेले में भगदड़, 8 महिलाओं की मौत

भास्कर के अनुसार नालंदा के मघड़ा शीतला माता मंदिर में मंगलवार सुबह भगदड़ में 8 महिलाओं की मौत हो गई। हादसा सवा नौ बजे हुआ। चैत के अंतिम मंगलवार पर करीब 20 हजार श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी। मौके पर न पुलिस तैनात थी, न मंदिर कमिटी के वॉलेंटियर। गर्भगृह में प्रवेश को लेकर धक्का-मुक्की थी। पुरोहित रुपए लेकर श्रद्धालुओं को अंदर ले जा रहे थे। इसी दौरान एक महिला बेहोश होकर गिर गई। भीड़ से कोई चिल्लाया ‘मर गई, मर गई। अफवाह तेजी से फैली। लोग घबराकर भागने लगे। संकरे रास्ते और अव्यवस्थित लाइन के कारण लोग एक-दूसरे पर गिरते गए। कई महिलाएं कुचल गई। हादसे के बाद मंदिर को बंद करा दिया गया। हादसे में 15 महिलाएं जख्मी हुईं। तीन की मौत मौके पर हुई। अन्य ने अस्पताल ले जाने या इलाज के दौरान दम तोड़ा। एंबुलेंस जाम और संकरे रास्ते के कारण आधे घंटे देर से पहुंची। कई घायलों को ऑटो और निजी क्लिनिक से बिहारशरीफ भेजा गया। घटना के समय जिले की ज्यादातर पुलिस राजगीर में राष्ट्रपति के कार्यक्रम में तैनात थी। स्थानीय ग्रामीणों ने ही राहत कार्य शुरू किया। बाद में डीजीपी विनय कुमार, एडीजी कुंदन कृष्णन, डीएम कुंदन कुमार और एसपी भारत सोनी मौके पर पहुंचे। एसपी ने दीपनगर थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है।

अकूत धन के मामले में एसडीपीओ और डायरेक्टर के खिलाफ छापेमारी

जागरण के अनुसार बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति मामले में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की, जो देर शाम तक जारी रही। किशनगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) गौतम कुमार के पटना, पूर्णिया और किशनगंज के छह, जबकि सहरसा के (डीआरडीए) के निदेशक वैभव कुमार के मुजफ्फरपुर और सहरसा के छह ठिकानों पर तलाशी ली गई। दोनों अधिकारियों के पास बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, नेपाल समेत कई राज्यों में में साढ़े तीन दर्जन से अधिक जमीन, फ्लैट आदि के दस्तावेज मिले हैं। किशनगंज एसडीपीओ के पास सिलीगुड़ी में चाय बगान समेत कई राज्यों में 25 भूखंड, तो डीआरडीए निदेशक के पास मुजफ्फरपुर में आइटीआइ संस्थान के साथ 16 भूखंड और रियल इस्टेट में निवेश की जानकारी ईओयू को मिली है। ईओयू ने एसडीपीओ को नोटिस जारी कर एसपी के सामने हाजिर होने को कहा है।

15 मिनट एटीएम काट 33 लाख की लूट

प्रभात ख़बर के अनुसार पटना ज़िले के दानापुर के शाहपुर थाने के ढिबड़ा मोड़ स्थित एसबीआइ की एटीएम को बदमाशों ने मंगलवार तड़के चार बजे गैस कटर से काट दिया और करीब 33 लाख रुपये से भरे कैश बॉक्स की चोरी कर ली. महज 15 मिनट में एटीएम को काटा और कैश बॉक्स को कार में रख कर फरार हो गये. घटना को अंजाम देते हुए तीन नकाबपोश बदमाशों की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई है. खास बात यह है कि बदमाश कार से पहुंचे और सबसे पहले एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरे पर स्प्रे छिड़क दिया, ताकि फुटेज में तस्वीर धुंधली आये. इसके बाद बदमाशों ने दस्ताना पहन कर गैस कटर से एटीएम के ऊपरी हिस्से को काट कर कैश बॉक्स को निकाल लिया और उसे फरार हो गये.

राज्यसभा चुनाव में बगावत का इनाम, सभापति का पद मिला

भास्कर के अनुसार हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान अपनी ही पार्टियों (राजद और कांग्रेस) के खिलाफ स्टैंड लेने वाले विधायकों को नीतीश सरकार ने बड़ा सम्मान दिया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने समितियों का पुनर्गठन करते हुए राजद के बागी विधायक फैसल रहमान और कांग्रेस के बागी मनोहर प्रसाद सिंह को महत्वपूर्ण समितियों का सभापति नियुक्त किया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, फैसल रहमान को गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति की कमान सौंपी गई है। वहीं, मनोहर प्रसाद सिंह को प्रत्यायुक्त विधान समिति का सभापति बनाया गया है।

कुछ और सुर्खियां:

  • पटना में 31 मार्च को जमीन रजिस्ट्री का रिकॉर्ड टूटा, एक साल में 700 करोड़ रुपए से अधिक की आमदनी
  • टोल प्लाजा पर कैश पूरी तरह से बंद, आज से पूरी तरह डिजिटल पेमेंट
  • ब्रिटिश एयरवेज के पूर्व प्रमुख विलियम वॉल्श बने इंडिगो के सीईओ
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले पूर्व टेनिस दिग्गज लिएंडर पेस भारतीय जनता पार्टी में शामिल

अनछपी: गोरखपुर एसटीएफ की यूनिट ने जिस अंदाज में मौलाना सालिम चतुर्वेदी कासमी को सोमवार को बिहार के पूर्णिया जिले के अमौर थाने के दलमालपुर में गिरफ्तार किया, क्या वह नीतीश कुमार के बाद के बिहार की एक झलक है? अररिया के जोकीहाट थाने के पथरावाड़ी गांव निवासी मौलाना अब्दुला मोहम्मद सालिम चतुर्वेदी कासमी पर आरोप है कि उन्होंने भागलपुर के एक जलसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। हालांकि यह कोई नया मामला नहीं बल्कि बताया जा रहा है कि 2 साल पहले के एक भाषण के छोटे से क्लिप को काटकर मामला बनाया गया है। अब पुलिस का दावा है कि मौलाना ने जुर्म कबूल लिया है और कहा कि ऐसा नहीं कहना चाहिए था। यह पुलिसिया कार्रवाई विश्व हिन्दू परिषद के किसी सदस्य के आरोप पर की गई है। इस मामले में यह कहा जा सकता है कि हालांकि मौलाना सालिम का राजनीति से भी संबंध है लेकिन उन्होंने अगर किसी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया तो उन्हें बिल्कुल ऐसा नहीं करना चाहिए था। यह उनकी इस्लामी शिक्षा के भी खिलाफ था और भारत के कानून के भी खिलाफ। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस ने जो कार्रवाई की वह कानूनसम्मत है या वह भी कानून के खिलाफ है? अगर उत्तर प्रदेश की पुलिस को कानून के मुताबिक काम करना था तो उसेपZ कायदे से बिहार की स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी देनी थी। गिरफ्तारी के बाद मौलाना सालिम का जो वीडियो सामने आया उससे साफ लगता है कि पुलिस ने थर्ड डिग्री टॉर्चर का इस्तेमाल किया है। एक तरफ पुलिस ने कानून की खिलाफवर्ज़ी के आरोप में मौलाना सलीम को गिरफ्तार किया तो दूसरी तरफ पुलिस खुद ग़ैरकानूनी हरकत में फंसी हुई है। अफसोस की बात यह है कि जब यह मामला अदालत में जाएगा तो वहां भी मौलाना सालिम से ही सवाल किया जाएगा और पुलिस की इस अमानवीय हरकत पर कोई सवाल नहीं उठेगा।

 

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