बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। नीट पेपर लीक और विद्यार्थियों के दूसरे मुद्दे को लेकर बुधवार को पटना में छात्रों ने अपना जंतर मंतर बना लिया और पुलिस की तमाम ज्यादतियों के बावजूद दिनभर प्रदर्शन किया। ईरान के सख्त रवैया से बने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने और पुलों और पावर प्लांट को निशाना बनाने की धमकी दी।
और, जानिएगा कि कैमूर में डीटीओ ऑफिस में जुर्माने में वसूले गए 15 करोड़ रुपए का कैसे हुआ घोटाला।
पहली ख़बर
नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत अन्य मांगों को लेकर आइसा के आह्वान पर हजारों छात्र गांधी मैदान में जुटे और सड़कों पर उतरे। हिन्दुस्तान के अनुसार छात्रों ने पुलिस को छकाया और लोकभवन और मुख्यमंत्री आवास के समीप तक पहुंच गए। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस में तीन बार लाठी चार्ज किया आंसू गैस के गले धागे और पानी की बौछार की। पुलिस की लाठी चार्ज में दर्जन भर से छात्र घायल हो गए। दूसरी तरफ कई मीडिया कर्मियों को भी चोट आई और पुलिस वाले भी जख्मी हुए। विधान मंडल और सचिवालय के मुख्य द्वार को भी बंद करना पड़ा। डाकबंगला चौराहा रणक्षेत्र बना रहा और नेहरू पथ तीन घंटे जाम रहा। उधर, प्रधानमंत्री आवास पर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के खिलाफ सदाकत आश्रम पर प्रदर्शन करने पहुंचे भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में जोरदार भिड़ंत हो गई। दोनों तरफ से लाठी और पत्थर चले। वहीं राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस ने शाम में कैंडल मार्च निकाला।
भाजपा के मंत्री व विधायक की गाड़ियों में तोड़फोड़
प्रभात खबर के अनुसार हंगामे के दौरान कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और विधानसभा सत्र में शामिल होने जा रहे भाजपा विधायक विनय बिहारी के काफिले को भी प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया. उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गयी. भाजपा का झंडा लगे कई अन्य वाहनों के शीशे भी तोड़ दिये गये. प्रदर्शनकारियों ने आइजी जितेंद्र राणा की एस्कॉर्ट गाड़ी पर भी पथराव कर उसका शीशा तोड़ दिया. हंगामे के दौरान एक ट्रॉली उनके पैर पर गिर गयी. सुरक्षा को लेकर बिहार विधानसभा व विश्वेश्वरैया भवन के तमाम गेट को बंद कर दिया गया था.
500 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज
इस घटना को लेकर गांधी मैदान, कोतवाली और सचिवालय थाने में 500 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. साथ ही पुलिस जेपी गोलंबर से लेकर सीएम हाउस और लोकभवन तक का सीसीटीवी कैमरा का फुटेज खंगाल रही है. पुलिस ने 40 छात्रों को हिरासत में लिया जिनमें दो छात्राएं भी शामिल हैं। आइजी जितेंद्र राणा ने बताया कि कई जगहों पर गंभीर स्थिति बन गयी थी. लेकिन हमलोगों ने संयमित रूप से काम किया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है. आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
सदाकत आश्रम के बाहर भाजपा का प्रदर्शन, मारपीट
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम के समीप बुधवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई। इस दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पथराव किया और लाठियां चलाईं। कांग्रेस ने 12 और भाजपा ने 30 कार्यकर्ताओं के घायल होने की बात कही है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता कुर्जी अस्पताल से चलकर सदाकत आश्रम का घेराव करने पहुंचे। यहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उनकी तीखी झड़प हो गई। दोनों ओर से जमकर लाठियां चलने लगीं और एक दूसरे पर पथराव हुआ। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हाथ, सिर और चेहरे पर चोट लगी।
राहुल की मांग- प्रधान इस्तीफा दें और मोदी माफ़ी मांगें
नीट पेपर लीक मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, हमला करने वालों की जवाबदेही और प्रधानमंत्री की माफी से कम मंजूर नहीं है। युवाओं सहित देश के लोगों के लिए आवाज उठाना उनके लिए सम्मान की बात है। अपने लोगों के लिए वह और भी लात-घूंसे खाने के लिए तैयार हैं। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी ने संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के चार वीडियो जारी किए। राहुल ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया।
नड्डा का अलग राग- विपक्ष के राज्यों में हुए पेपर लीक पर भी चर्चा हो
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्षी दलों खास तौर पर नेता विपक्ष राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश का आरोप लगाया। नड्डा ने कांग्रेस, उसके सहयोगी और समर्थन वाली सरकारों के कार्यकाल में हुए पेपर लीक के लगभग 12 मामले उठाते हुए कहा कि इसकी लंबी सूची है। नड्डा ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी ‘सेलेक्टिव’ क्यों हैं, क्या यूपीए और अन्य सहयोगी सरकारों के दौरान हुए पेपर लीक पर भी चर्चा नहीं होनी चाहिए। नड्डा ने बुधवार रात सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए विपक्ष पर सवाल उठाए।
ट्रंप की धमकी- ईरान के पुल उड़ाएंगे
जागरण के अनुसार पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच लगातार 11वें दिन लड़ाई छिड़ी रही। अमेरिका ने बुधवार को जहां ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए तो वहीं ईरान ने भी पलटवार किया। उसने जार्डन समेत कुछ खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले को लेकर तेहरान को साफ चेतावनी दी और कहा कि हर हमले के जवाब में उसका एक पुल या बिजली संयंत्र को निशाना बनाया जाएगा। इधर, लड़ाई के चलते कच्चे तेल की कीमत में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कैमूर में डीटीओ ऑफिस में जुर्माने में वसूले गए 15 करोड़ रुपए का घोटाला
प्रभात ख़बर की खास ख़बर है कि कैमूर जिला परिवहन कार्यालय में 15.96 करोड़ रुपये के गबन का एक बहुत बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है. प्रधान महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट में यह पता चला है कि मई 2019 से दिसंबर 2023 के बीच वाहन चालकों से नकद जुर्माने के रूप में वसूले गये करोड़ों रुपये सरकारी खाते में जमा ही नहीं किये गये. रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान कुल 26.91 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया, लेकिन सरकारी खाते में मात्र 10.96 करोड़ रुपये ही पहुंचे. बाकी के लगभग 15.96 करोड़ रुपये परिवहन विभाग के तत्कालीन डीटीओ, एमवीआइ, इएसआइ और कर्मचारी खुद डकार गये.
कुछ और सुर्खियां:
- बिहार पुलिस मुख्यालय और हाई कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी देने वाला अनीश कुमार वर्मा जयपुर से गिरफ्तार
- अनंतनाग में आतंकी हमले के दौरान जम्मू कश्मीर पुलिस के एक जवान की गोली मारकर हत्या
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी भारत की जेनेरिक दावों पर 200% तक टैरिफ लगाएंगे
- अरवल सिविल सर्जन के साथ बदसलूकी के खिलाफ डॉक्टरों ने ओपीडी बंद रखा
अनछपी: दिल्ली, पटना और देश के अनेक बड़े शहरों में छात्रों और नौजवानों के आंदोलन के दौरान एक दुखद लेकिन अहम बात यह भी नोटिस में आई कि गोदी मीडिया के पत्रकारों पर प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा निकाला तो गोदी एंकरों मैं यह सवाल उठाया कि आखिर पत्रकारों का क्या कसूर है? इतना तो तय है कि हिंसा चाहे पुलिस करे या प्रदर्शनकारी, वह कबूल नहीं किया जा सकता लेकिन गोदी एंकरों ने इन प्रदर्शनकारियों और सरकार के खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ को जिस तरह बदनाम किया, उन्हें देशद्रोही करार दिया और उनसे दुश्मनों की तरह खुन्नस निकाली, उसमें वह दूसरी तरफ से प्यार और दोस्ती की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? यह सही है कि नफरत फैलाने वाले/वाली गोदी एंकर के पाप और अपराध की सजा फील्ड में काम कर रहे पत्रकारों को नहीं दी जा सकती लेकिन उनके मीडिया संस्थान के खिलाफ जो गुस्सा है, उसका पता तो चलना ही चाहिए। एक बार यह बात फिर दोहराते हुए कि हिंसा ग़ुस्सा निकालने का सही तरीका नहीं है, यह कहना जरूरी है कि इन नफरती और सरकार के चाटुकार एंकरों की वजह से ही उनके फील्ड रिपोर्टरों को यह हिंसा झेलनी पड़ती है। क्या फील्ड रिपोर्ट को इस बात का एहसास नहीं है कि उनके गोदी एंकरों की नफरत के जवाब में उन्हें भुक्तभोगियों की नफरत का सामना करना पड़ रहा है? यह बात याद रखने की है कि भारत में अपने विरोधियों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ जहर उगलने में जितना बड़ा रोल भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने निभाया है, उसमें गोदी एंकरों ने भरपूर मदद की है और खुद भी भयानक तरीके से हिस्सा लिया है। ऐसा ना हो कि दो-चार फील्ड रिपोर्टरों के साथ हुई बदसलूकी की आड़ में गोदी एंकर अपने पाप और अपराध छिपाने में कामयाब हो जाएं। अगर गोदी मीडिया हाय हाय का नारा लगता है और उनसे सवाल पूछे जाते हैं तो इसमें किसी को ऐतराज नहीं होना चाहिए हालांकि यह विरोध हिंसक होगा तो इसे गोदी एंकरों को ही खुशी होगी। बहरहाल, लाखों और करोड़ों का पैकेज लेकर नफरत के सौदागर बने गोदी एंकरों के खिलाफ गुस्सा जारी रहना चाहिए और उनका हर स्तर पर अहिंसक विरोध होना चाहिए। इन गोदी एंकरों ने सरकार के समर्थन में मजलूमों पर जो जुल्म किया है, हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच नफरत को जितना बढ़ाया है और देश की एकता को जो बेहिसाब नुक़सान पहुंचाया है, उसका हिसाब तो होना ही चाहिए।
114 total views