बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार के 13 जिलों में आई बाढ़ से लगभग 28 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इमारत-ए-शरिया का फर्जी बैंक अकाउंट खोलने के मामले में हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष पर फिर हुई है।
और, जानिएगा कि अमेरिका और इसकी कंपनियों को ईरान के साथ आधा युद्ध क्यों भा रहा
पहली ख़बर
गंगा, पुनपुन, गंडक, सोन, कोसी समेत अन्य नदियों के उफान से बिहार के 13 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। विभिन्न स्रोतों के अनुसार 52 प्रखंडों की 270 पंचायतों की करीब 28 लाख आबादी प्रभावित है। हालांकि, आपदा प्रबंधन विभाग ने करीब आठ लाख आबादी को ही बाढ़ से प्रभावित माना है। इधर, पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से रेल परिचालन पर भी असर पड़ने लगा है। शुक्रवार रात करीब आठ बजे पुनपुन घाट रेल पुल संख्या-21 के डाउन लाइन ट्रैक पर पानी चढ़ जाने के बाद डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। वहीं, शनिवार को चार मेमू ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। पटना, भोजपुर, सारण, बेगूसराय और वैशाली में बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में है। वहीं, बक्सर, जहानाबाद, अरवल, रोहतास, नालंदा और कैमूर में भी गांवों और खेतों में पानी फैल गया है। उत्तर बिहार के दरभंगा, समस्तीपुर और पश्चिम चंपारण में भी बाढ़ का प्रकोप जारी है। 200 सड़कों पर आवागमन बाधित है। हजारों एकड़ में धान व अन्य फसलें डूब गई हैं। पशुपालन विभाग के अनुसार 70 हजार पशु भी प्रभावित है।
पुनपुन नदी का पानी रेलवे ट्रैक तक पहुंचा
प्रभात खबर के अनुसार पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से गया-पटना रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होने लगा है. पटना-गया ‘रेल सेक्शन के पुल संख्या-21 पर जलस्तर बढ़ने के कारण ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया है. कई ट्रेनों को धीमी गति से चलाने का निर्णय लिया गया. ऐसे में गया से पटना आने वाली आधा दर्जन ट्रेनें दो से तीन घंटे देरी से आयी. इधर, शुक्रवार रात करीब आठ बजे पुनपुन घाट स्थित रेल पुल संख्या-21 के डाउन लाइन ट्रैक तक पानी चढ़ जाने के बाद डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन चार सितंबर की रात 8:10 बजे से अगले आदेश तक रोक दिया गया.
नेपाल त्रासदी में 275 भारतीय लापता
हिन्दुस्तान के अनुसार नेपाल में आई बाढ़ में 275 भारतीय नागरिक लापता हैं और तमाम कोशिशों के बावजूद इनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें 49 वे लोग भी हैं, जो चीन की तरफ से गायब हुए शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने प्रेसवार्ता में थे। जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब तक 169 लोगों को आपदा प्रभावित इलाकों से सकुशल निकाला गया है। वहीं चीन में फंसे सभी 1907 लोगों को वापस नेपाल लाया जा चुका है।
इमारत-ए-शरिया के नाम से फर्जी बैंक खाता खोलने की एफआईआर
भास्कर के अनुसार इमारत-ए-शरिया के नाम से कथित तौर पर फर्जी बैंक खाता खोलने और संचालित करने के मामले में कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इमारत-ए-शरिया, फुलवारीशरीफ के ट्रस्टी एवं अधिकृत प्रतिनिधि फहद रहमानी की ओर से फुलवारी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी में बिहार राज्य हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मौलाना अनीसुर्रहमान कासमी, मोहम्मद शिबली अलकासमी, मोहम्मद सोहेल अहमद कासमी, इनामुल हक समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों पर ‘इमारत-ए-शरिया बिहार, ओडिशा एवं झारखंड’ के नाम से कथित रूप से अनधिकृत बैंक खाता खोलने और उसका संचालन करने तथा सार्वजनिक चंदा एवं जकात की रकम एकत्र करने का आरोप है। इसके अलावा इमारत-ए-शरिया के लेटरहेड, मुहर, हस्ताक्षर एवं संस्थागत पहचान के कथित दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है। प्राथमिकी में मौलाना शिबली कासमी द्वारा खुद को जेनरल सेक्रेटरी घोषित किए जाने तथा बैंक खाते में हस्ताक्षर बदलने समेत कई अन्य मामलों का भी उल्लेख किया गया है। फुलवारी थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बक्सर में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में एक शिक्षक गिरफ्तार, दूसरा फरार
जागरण के अनुसार किशोरी से दुष्कर्म का वीडियो प्रसारित होने के मामले में पुलिस ने डुमरांव प्रखंड के एक मध्य विद्यालय के बीपीएससी शिक्षक अरविंद कुमार को ब्रह्मपुर से गिरफ्तार कर लिया। दूसरा आरोपित शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद फरार है। प्राथमिकी से स्पष्ट हुआ है कि वीडियों में दिख रही किशोरी उसी विद्यालय की पूर्ववर्ती छात्रा है। प्रधानाध्यापक इमाम अली अंसारी को गुरुवार शाम को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। तीनों लोगों को बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अमेरिका को क्यों भा रहा ईरान के साथ आधा युद्ध?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को ईरान से चल रहे संघर्ष को ‘युद्ध’ कहने से इनकार किया। साथ ही यह बताने से इनकार किया कि यह संघर्ष कब पूरी तरह खत्म होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, वेंस के बयान से साफ है कि ट्रम्प प्रशासन तेल कंपनियों के दबाव में आकर खाड़ी में जानबूझकर अनिश्चितता बनाए रखना चाहता है। दरअसल, इसी ‘नियंत्रित अस्थिरता’ के कारण कच्चे तेल के दाम ऊंचे स्तर पर टिके हुए हैं, जिसने अमेरिकी तेल दिग्गजों की कमाई को चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। अगर पूर्ण युद्ध होता है तो होर्मुज पूरी तरह बंद हो जाएगा, तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी और इजराइल व खाड़ी में शेवरॉन जैसी अमेरिकी कंपनियों की अरबों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचेगा। पूरी तरह शांति हो जाती है तो खाड़ी देश फिर सस्ता तेल और गैस बाजार में उतार देंगे। इससे ‘रिस्क प्रीमियम’ खत्म हो जाएगा और अमेरिकी कंपनियों का दबदबा कम हो जाएगा।
कुछ और सुर्खियां:
- सोनिया गांधी की जीवनी छपेगा हार्पर कॉलिंस, पेंगुइन इंडिया ने किया था इंकार
- पश्चिम बंगाल में न्यू फरक्का जंक्शन के पास दूसरी बार जमीन फैंसी 81 ट्रेनें रद्द की गईं
- बिहार में कुशल युवा कार्यक्रम कप के 1700 से अधिक केदो का रिनुअल होगा, इसके लिए चल रही भूख हड़ताल समाप्त
- मुंबई से श्रीनगर पहुंचा इंडिगो का विमान एयरपोर्ट पर पार्किंग के दौरान विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम पोल से टकराया
- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने भारत आएंगे
अनछपी: आपने अब तक यह ख़बर सुन ली होगी कि दरभंगा निवासी यूट्यूबर स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया हालांकि बुलंदशहर पुलिस ने इसकी जानकारी से इनकार किया है। यह स्वतंत्र कौन है? दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई मारपीट और विवादित बयानों को लेकर स्वतंत्र चर्चा में आया था। स्वतंत्र ने खुलेआम दावा किया था कि उस छात्र आंदोलन के दौरान उसने एक दलित छात्रा के पिता गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसी घटना में स्वतंत्र का नाम सामने आया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने पूछताछ कर उसे छोड़ दिया था। इसके बाद स्वतंत्र ने पॉडकास्ट में इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि उसे कुछ नेताओं के फोन के बाद छोड़ दिया था। उन नेताओं में बिहार के चिराग पासवान भी शामिल हैं हालांकि बाद में चिराग ने स्वतंत्र पर कार्रवाई की मांग की। यह वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित छात्रा ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द सुनाया। बुलंदशहर में भी उसने दावा किया कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। चाहे ट्रंप, नेतन्याहू या फिर विपक्ष के किसी भी नेता को बुला लाओ। जेल जाएंगे, बाहर आएंगे और अगर कोई सनातन के खिलाफ बोलेगा तो फिर उसका इलाज करेंगे… जलवा है हमारा। जब बड़े पैमाने पर इस मामले में सरकार और पुलिस को दोषी ठहराया जाने लगा तब उसने कुछ मीडियाकर्मियों से बातचीत में अपनी सफाई दी। इस वक्त तक उसकी सारी अकड़ निकल गई और फिर उसने दिल्ली में लाठीचार्ज वाले दिन मौजूद होने से इनकार करते हुए कहा कि अगर वह वहां होता तो उसका कोई न कोई वीडियो जरूर सामने आता। उसने दावा किया कि उस पर पहले हमला हुआ था और उसने सिर्फ ‘सेल्फ डिफेंस’ में हाथ चलाया था जिसमें उसके कड़ा से एक व्यक्ति को चोट लगी थी। हद तो यह है कि दिल्ली पुलिस ने भी फैक्ट चेक के नाम पर इसकी यही सफाई सामने रख दी। इस घटना से एक बार फिर यह बात साफ होती है कि कैसे एक दो कौड़ी का गुंडा भी बड़े-बड़े दावे कर सकता है और सच्चाई भी यही है कि पुलिस ऐसे लोगों को बचाती है क्योंकि सरकार चलाने वाली भारतीय जनता पार्टी यही चाहती है। ऐसे असामाजिक तत्व को गिरफ्तार करने के लिए इतने बड़े पैमाने पर आवाज बुलंद करनी पड़ती है और कॉकरोच जनता पार्टी ने इस मामले पर दबाव बनाया तब जाकर एफआईआर में स्वतंत्र के खिलाफ एससी एसटी ऐक्ट जोड़ा गया।
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