बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार के 13 जिलों में सोन और गंगा की उफान की वजह से बाढ़ का दबाव बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच हमलों में तेज़ी आ गई है। बक्सर के एक सरकारी स्कूल के दो शिक्षकों को एक दर्जन छात्राओं से रेप के आरोप के बाद उन्हें सस्पेंड किया गया है।
और, जानिएगा कि पीएम मोदी की अपील के बावजूद विदेश से सोना मंगाने में 47% का इज़ाफ़ा।
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार बिहार में बाढ़ का संकट गहरा गया है। राज्य की आठ नदियां-गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घघरा खतरे के निशान से ऊपर हैं। 13 जिले इस आपदा की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पटना जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है क्योंकि में गंगा, सोन और पुनपुन नदियां खतरे के निशान का पार कर चुकी हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 127 सेमी, दीघा घाट पर 61 सेमी और श्रीपालपुर में पुनपुन नदी 2.01 मीटर ऊपर बह रही है। इसके अलावा, इंद्रपुरी बराज से सोन नदी में 5.54 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण मनेर, दानापुर, बख्तियारपुर और मोकामा के दियारा इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। फंसे लोगों को निकालने के लिए 12 सरकारी नावें तैनात हैं। गंगा नदी समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में खतरे के निशान से 1.50 मीटर ऊपर बह रही है। भागलपुर में राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर तेज कटाव से रेलवे के टैगिंग बांध को गंभीर खतरा है, जिसे बचाने के लिए दिन-रात 200 ट्रैक्टर और 3 स्टीमर बालू की बोरियां गिराने में जुटे हैं। सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से रोहतास के नौहट्टा में नदी के टीलों पर खेती करने वाले करीब सौ लोग फंसें हैं।
ईरान-अमेरिका के बीच हमलों में तेज़ी
अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार को जुलाई के बाद सबसे बड़ा सैन्य टकराव हुआ। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, मंगलवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स की वायु रक्षा प्रणालियों, रडार, संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई होर्मुज के पास की गई, जहां ईरान ने जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने की धमकी दी है। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और इराक के एरबिल में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। हालांकि, अमेरिका ने किसी भी सैनिक के मारे जाने से इनकार किया। ईरान का कहना है कि अमेरिकी हमलों में 12 लोगों की जान गई है। सिरीक शहर में शादी के कार्यक्रम पर हुए हमले में चार साल के बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हो गई। उधर, ईरान ने होर्मुज में दो तेल टैंकरों के बारूदी सुरंग से टकराने का दावा किया।
रूस गुप्त रूप से ईरान को दे रहा सुपर सोनिक मिसाइल तकनीक
प्रभात खबर के अनुसार रूस गुपचुप तरीके से ईरान को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकसित करने में तकनीकी मदद कर रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, सी430एल नाम के इस गुप्त कार्यक्रम के तहत रूस 2023 से ईरान को रैमजेट प्रणोदन प्रणाली विकसित करने में मदद कर रहा है. यह तकनीक मिसाइल को ध्वनि की गति से कई गुना तेज उड़ान भरने में सक्षम बनाती है. रूस की सरकारी हथियार निर्यात कंपनी रोसोबोरीनएक्सपोर्ट ने कार्यक्रम का समन्वय किया और मिसाइल डिजाइन कंपनी एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया के वरिष्ठ इंजीनियर इसमें शामिल रहे. नवंबर 2023 में अनुबंध होने से पहले रूसी अधिकारियों और इंजीनियरों ने ईरान की कई यात्राएं की थीं. 2025 में ईरान ने रैमजेट प्रणाली का उड़ान परीक्षण किया, जिसके आंकड़ों का रूसी विशेषज्ञों ने विश्लेषण किया. जून 2026 के एक पत्र से कार्यक्रम के अगले चरण पर बातचीत का संकेत मिलता है. हालांकि, रूसी मदद से विकसित मिसाइल की ईरान द्वारा तैनाती का प्रमाण नहीं है.
बक्सर के स्कूल में दर्जन भर छात्राओं से रेप, आरोपी दो शिक्षक सस्पेंड
प्रभात खबर के अनुसार बक्सर ज़िले के डुमरांव प्रखंड के एक मध्य विद्यालय में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है. विद्यालय के दो शिक्षकों पर आरोप है कि उन्होंने करीब 12 नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म किया, उनका अश्लील वीडियो बनाया और उसे वायरल भी कर दिया. मामला उजागर होने और सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद उग्र ग्रामीणों ने दोनों आरोपित शिक्षकों की जमकर पिटाई कर दी. घटना पर संज्ञान लेकर जिला शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. बुधवार की देर रात तक बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने के पास जुटे थे. थाना प्रभारी ने बताया कि ग्रामीणों से आवेदन ले लिया गया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गयी है वहीं, प्रभारी डीएसपी समीर कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है. इसकी जांच करवायी जा रही है. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
पीएम मोदी की अपील के बावजूद विदेश से सोना मनाने में 47% का इज़ाफ़ा
जागरण के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से सोना नहीं खरीदने की अपील के बावजूद चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में सोने के आयात में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 32.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही। चालू वित्त की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में तो सोने के आयात में 47 प्रतिशत का इजाफा रहा। जबकि सरकार ने मई में आयात शुल्क को छह प्रतिशत से 15% कर दिया था। इस साल अप्रैल-जुलाई में 15.17 अरब डालर मूल्य के सोने का आयात किया गया। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के मुताबिक इस साल अप्रैल-जून में सोने की छड़ या बिस्कुट के आयात में 47.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही। सोने के बढ़ते आयात को दुबई कनेक्शन से जोड़कर देखा जा रहा है और इसकी समीक्षा की मांग की जा रही है। इसकी वजह यह है कि सोने का आयात मुख्य रूप से दुबई से ही बढ़ रहा है जबकि दुनिया के अन्य हिस्सों से होने वाले आयात में कमी आ रही है।
कुछ और सुर्खियां:
- बिहार में 47 पुलों और 55 स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लगेगा
- बार कॉउन्सिल ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट ने अस्थाई अध्यक्ष कहा, नीतिगत फैसला लेने पर रोक
- डाक विभाग देशभर में ब्रांच पोस्टमास्टर और असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर के 23757 पदों पर भर्ती करेगा, बिहार में 1098 पद
- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय एयरफोर्स के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र राम मंदिर के सीईओ बने
अनछपी: बक्सर के सरकारी स्कूल में दर्जन भर छात्राओं के साथ उसी स्कूल के ही टीचरों के ज़रिए रेप का इल्ज़ाम समाज को पूरी तरह झकझोरने वाला होना चाहिए लेकिन अफसोस की बात है कि आजकल ऐसे अत्याचारों पर सरकार और पार्टी देखकर विरोध प्रदर्शन होता है, इसलिए इस मामले में क्या होगा, फ़िलहाल कहना मुश्किल है। अगर शुरुआती रिपोर्ट देखी जाए तो यह कहा जा सकता है कि शिक्षा विभाग ने या तो बहुत ही असंवेदनशील रवैया अपनाया या उसके अधिकारियों की दोषी शिक्षकों को बचाने में मिलीभगत है। दुस्साहस देखिए कि इन शैतानों ने अपने कुकर्म का वीडियो बनाया और उसे वायरल भी कर दिया। इसका मतलब है कि इन दरिंदों ने असल में ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो बनाया था। मगर क्या स्कूल वालों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की यह ज़िम्मेदारी नहीं थी कि समय रहते इस मामले को पुलिस तक ले जाएं ताकि दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो? खबरों के अनुसार यह मामला दो महीने से चल रहा था और इसमें एक दर्जन छात्राएं पीड़ित हैं तो क्या पुलिस की अब तक की कार्रवाई को संतोषजनक माना जा सकता है? उम्मीद की जानी चाहिए कि इस मामले में न केवल दोषी शिक्षको को कठोरतम सज़ा मिले बल्कि उन्हें मदद करने वाले हर आदमी को भी जेल में डाला जाए। ध्यान रहे कि इस तरह की घटनाओं से हमारे समाज में बालिका शिक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ता है और मां-बाप उन्हें स्कूल भेजने से कतराने लगते हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार इस मामले में दोषियों को अधिकतम सज़ा दिलवा पाएगी?
239 total views