बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। एंटी पेपर लीक या सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पर गुरुवार को संसद की मुहर लग गई। ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर खड़े तीन एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमानों को तबाह करने का दावा किया है। सिंचाई विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पास 12 साल की नौकरी में 10 करोड़ की काली कमाई का पता चला।
और, सुप्रीम कोर्ट ने उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के बारे में बिहार सरकार से पूछा-दीपक प्रकाश 6 महीने न एमएलए हैं, न एमएलसी; फिर मंत्री कैसे बने हैं
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जागरण के अनुसार एंटी पेपर लीक या सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पर गुरुवार को संसद की मुहर लग गई। विपक्ष के वाकआउट के बीच विधेयक राज्यसभा से भी ध्वनिमत से पारित हो गया। पेपर लीक समेत परीक्षाओं में गड़बड़ियों की त्वरित जांच एवं मुकदमे के साथ ही सजा में सख्ती लाने वाले इस विधेयक को लोकसभा ने बुधवार को ही पारित कर दिया था। अब इस पर राष्ट्रपति की स्वीकृति ही बाकी रह गई है। केंद्रीय राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश करते हुए इसके प्रविधानों का ब्योरा दिया तो विपक्षी सांसदों ने बैठे-बैठे ही नारेबाजी और टिप्पणियां शुरू कर दीं। इस पर जितेंद्र सिंह ने चुटकी ली, ‘शायद तीर सही निशाने पर लगा है।’ विपक्ष ने कानूनी प्रविधानों को सुधार के लिए नाकाफी बताते हुए सरकार की नीयत पर प्रश्न खड़े किए। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार से पांच प्रश्न पूछते हुए कहा कि गृह मंत्री इनका जवाब दें या इस्तीफा दें।
एनटीए को खत्म किया जाए: मनोज झा
हिन्दुस्तान के अनुसार पेपर लीक के मुद्दे पर गुरुवार को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन के दौरान जब गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग की गई तो सत्तापक्ष ने ऐतराज किया। वहीं, आप ने जब प्रधानमंत्री का नाम लेकर सीधे आरोप लगाए तो पुरजोर विरोध किया गया। राजद के नेता मनोज कुमार झा ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि नीट का पर्चा लीक होने से आहत छात्रों की पीड़ा पर मरहम लगाने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। यह कैसी व्यवस्था है? छात्र कहां जाएंगे? उन्होंने कहा कि एनटीए को खत्म कर देना चाहिए।
ईरान का दावा: तीन एफ 35 को तबाह किया
ईरान ने गुरुवार को जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर खड़े तीन एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमानों को तबाह करने का दावा किया है। हिन्दुस्तान के अनुसार ईरान के अनुसार, आईआरजीसी ने अल-अजराक एयरबेस पर खड़े अमेरिकी एफ-35 विमानों पर मिसाइलें दागीं। हमले में तीन एफ-35 विमान नष्ट हो गए। वहीं, तीन अन्य को भारी नुकसान पहुंचा। ईरान ने यह भी दावा किया कि हमले में कई अधिकारी तथा कर्मी मारे गए।
ईरान भड़का, की बमबारी
जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के मिसाइल हमले में एफ-35 नष्ट होने के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान में दर्जनों ठिकानों पर हमले किए। इससे पश्चिम एशिया में जारी जंग और भड़क गई है। साथ ही अब इसकी चपेट में कई नए देश भी आ गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स पर कहा कि हमले के दौरान ईरान के दर्जनों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों, अमेरिका के अरब सहयोगियों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए खतरा पैदा कर रहा है। इस बीच ईरान ने उत्तरी कुवैत में एक इमारत को निशाना बनाया, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई।
12 साल की नौकरी में 10 करोड़ की काली कमाई
भास्कर के अनुसार सासाराम में तैनात लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज होने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने गुरुवार को दानापुर, सासाराम, डेहरी, मुजफ्फरपुर और बांका समेत छह ठिकानों पर छापेमारी की। अरविन्द ने 12 साल की सेवा में करीब 10 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति बनाई। रिश्वत की रकम अरविन्द की सास मीरा जायसवाल के खाते में जाती थी। कार्रवाई में 9 लाख रुपए नकद, आधा किलो सोने के गहने, 21 बैंक खाते, 17 बीमा पॉलिसी, एफडी, दो फ्लैट, जमीन के दस्तावेज और अन्य निवेश के कागजात मिले। ईओयू ने उनके खिलाफ 1.20 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। यह उनकी वैध आय से 85.05 प्रतिशत अधिक है। दानापुर के आशोपुर में दो फ्लैट, भागलपुर में जमीन और पत्नी मेहा रानी के नाम पर बांका व दानापुर में संपत्तियां मिली हैं।
बांकीपुर उपचुनाव में 34 प्रतिशत वोटिंग
हिन्दुस्तान के अनुसार पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर मतदाता पूरी तरह उदासीन रहे। गुरुवार को शाम 6 बजे तक सिर्फ 34.30 फीसदी मतदान हुआ। यह 2010 में परिसीमन के बाद बने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में अब तक का सबसे कम मतदान है। उपचुनाव के नतीजे 3 अगस्त को आएंगे। कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम एएन कॉलेज पहुंचाई गई। बांकीपुर में 2025 के आम चुनाव में 41.10 फीसदी वोट पड़े थे। यानी उस चुनाव की तुलना में भी उपचुनाव में 6.8 फीसदी कम मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। वहीं, 2020 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 35.92 प्रतिशत था। इससे पहले साल 2015 के विस चुनाव में 40.25% वोटिंग हुई थी। वहीं, साल 2010 के विधानसभा चुनाव में 36.82 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया था।
कुशवाहा के बेटे पर सवाल: 6 महीने से एमएलए-एमएलसी नहीं तो मंत्री कैसे?
भास्कर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिहार सरकार से पूछा-दीपक प्रकाश 6 महीने न एमएलए हैं, न एमएलसी; फिर मंत्री कैसे बने हैं? दीपक पंचायती राज मंत्री हैं। रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र हैं। सुप्रीम कोर्ट, उनके मंत्री बनने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है। याचिका में कहा गया है कि दीपक का मंत्री रहना बिल्कुल असंवैधानिक है। मंत्री के लिए एमएलए या एमएलसी होना जरूरी है। हां, 6 महीने तक बिना किसी सदन का सदस्य रहे मंत्री रहा जा सकता है। लेकिन दीपक इसके दायरे में नहीं हैं। बहरहाल, सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा-यह कानून का शुद्ध प्रश्न है। बिहार सरकार को बताना होगा कि कोई बिना एमएलए एमएलसी बने 6 महीने से अधिक समय तक कैसे मंत्री बना रह सकता है। अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट से कहा-अब 6 महीने से अधिक समय हो चुका है। दीपक अब भी मंत्री बने हुए हैं। बिहार सरकार की ओर से कहा गया कि मामला पहले से ही सूचीबद्ध है।
कुछ और सुर्खियां:
- गया में 6000 करोड़ रुपए से इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट लगाने के लिए बिहार उद्योग विभाग और महाशक्ति समूह के बीच समझौता
- नेपाल के मधेश प्रांत में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू
- मेट्रो निर्माण की वजह से लग रहे जाम के मद्देनजर पटना के बेली रोड पर इनकम टैक्स गोलंबर से चिड़ियाघर तक बस, ई रिक्शा और ऑटो नहीं चलेंगे
- पूर्व टेस्ट क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया
अनछपी: भारत को एक बहुरंगी, बहुभाषी और बहु सांस्कृतिक देश माना जाता है और आजादी के बाद से इसके झंडे में भी तीन रंग हैं लेकिन पिछले कई वर्षों से भारत को एक ही रंग- भगवा में रंगने की कोशिश जारी है। इसकी ताजा कड़ी में भारतीय हॉकी टीम की जर्सी भी आ गई है जो अपने नीले रंग के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। खबरों में बताया गया है कि अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले हॉकी विश्वकप में भारतीय पुरुष और महिला टीमें नीली किट के बजाय केसरिया रंग की जर्सी में नजर आएंगी। हॉकी इंडिया ने तकनीकी जरूरत बताते हुए फैसले का बचाव किया है लेकिन शायद उसे ऐसा लगता है कि बाकी लोगों को इस बात की समझ नहीं है। हॉकी इंडिया का यह भी कहना है कि यह डिजाइन और रंग देश का गौरव दिखाने के लिए है तो सवाल यह है कि आजादी से पहले से जिस नीले रंग में भारतीय हॉकी टीम खेलती रही है, उससे देश का गौरव नहीं जुड़ा हुआ था? क्या हॉकी इंडिया भारत के लिए दुनिया भर में नाम कमाने वाले हॉकी के जादूगर ध्यानचंद की जर्सी का रंग नहीं जानती? इसीलिए पूर्व कप्तान और ओलंपियन वीरेन रस्किन्हा ने इस फैसले का विरोध करते हुए दशकों पुरानी खेल परंपरा को छोड़ने के पीछे की वजह पर सवाल उठाया। मशहूर हॉकी कप्तान परगट सिंह ने भी इस रंग बदलने के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि नीली जर्सी हमारी खेल पहचान का हिस्सा बन चुकी है, इसे केसरिया रंग में बदलना हर जगह अपनी विचारधारा थोपने की बीजेपी की सरकार की कोशिश दिखाई देती है। हाल के दिनों में भारत में हॉकी को बढ़ावा देने में बेहद अहम भूमिका निभाने वाले ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि उन्हें “यह जानकर गहरा दुख और पीड़ा हुई है कि भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के उस ऐतिहासिक रंग को बदलकर केसरिया कर दिया गया है। भारतीय हॉकी टीम का प्रतिष्ठित नीला रंग केवल एक रंग नहीं है, बल्कि यह देश की खेल विरासत से जुड़ी एक भावना है।” कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी ने भी कहा कि चाहे भाई यूनिफॉर्म बदलें या शिक्षा नीति के जरिए इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश करें वह कुछ भी करें इस देश की युवाओं ने अपनी राय साफ कर दी है। ऐसे में परगट सिंह की वह बात बिल्कुल सही मालूम होती जिसमें उन्होंने कहा कि खेलों का राजनीतिकरण करने के बजाय बेहतर बुनियादी ढांचा, वर्ल्ड लेवल की ट्रेनिंग और खिलाड़ियों को सपोर्ट करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि खेल का कोई धर्म या जाति नहीं होती केवल खेल भावना होती है लेकिन क्या भारतीय जनता पार्टी की सरकार यह बात समझ पाएगी?
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