बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिका के हमले झेल रहे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई नेता ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने दिल्ली पहुंचे हैं। सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर के पास 4 करोड़ की काली कमाई के मामले में केस दर्ज हुआ है। गया की होटल कंपनी पर करोड़ों रुपए के हेरफेर के मामले में 17 जगह पर छापेमारी की गई है।
और जानिएगा कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने में भारत में सबसे आगे बिहार राज्य है।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार जब अमेरिका की टैरिफ नीति और पश्चिम एशिया संघर्ष से वैश्विक अर्थव्यवस्था डांवाडोल है. तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स देशों से कहा कि वे 10 सबसे बड़ी कारोबारी बाधाओं को चिह्नित करें और उन्हें दूर करें। ब्रिक्स बिजनेस फोरम में उन्होंने दो टूक कहा कि वैश्विक व्यापार तभी बढ़ेगा जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति मार्ग खुले हों और नाविक सुरक्षित हों। भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का दृढ़ समर्थक है। यह बात उन्होंने ब्रिक्स के उस मंच से कही, जहां रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान भी मौजूद थे। पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका तनाव और काला सागर में रूस-यूक्रेन युद्ध से ऊर्जा, उर्वरक और खाद्यान्न आपूर्ति प्रभावित हुई है। इन इलाकों में हमलों में कई भारतीय नाविकों की मौत हुई है।
ऐसी व्यवस्था बने की कोई देश दूसरे का व्यापार ना रोके: पेजेश्कियान
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा वित्तीय व्यवस्था कुछ मुद्राओं पर टिकी है, इसलिए दुनिया राजनीतिक झटकों के आगे कमजोर हो जाती है। एक देश पर प्रतिबंध का असर व्यापक होता है। उन्होंने कहा, ‘सबसे जरूरी कदम है सदस्यों के बीच राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाना।’ ईरान की भौगोलिक स्थिति और ऊर्जा भंडार को ब्रिक्स की आपूर्ति शृंखला के पुल के रूप में पेश करते हुए उन्होंने न्यू डेवलपमेंट बैंक को स्थानीय मुद्रा में कर्ज व गारंटी देने की मांग रखी। ईरान ने 10 अरब डालर पूंजी वाली ब्रिक्स संयुक्त पुनर्बीमा कपनी का प्रस्ताव भी रखा, ताकि बड़े ऊर्जा और इंफ्रा प्रोजेक्ट का जोखिम समूह खुद उठा सके। उन्होंने कहा, ‘ऐसी व्यवस्था बने जिसमें कोई देश दूसरे का वैध व्यापार रोक न सके।’
सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर के पास 4 करोड़ की काली कमाई
प्रभात खबर के अनुसार छपरा में लघु जल संसाधन विभाग में तैनात अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार ने अपनी 18 साल की सरकारी नौकरी में अकूत संपत्ति बनायी. राजेंद्र कुमार के मुंबई, पटना, छपरा व गोपालगंज स्थित छह ठिकानों पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट की शुक्रवार को हुई छापेमारी में इसका पर्दाफ़ाश हुआ है. इस छापेमारी के दौरान करीब चार करोड़ रुपये की अचल संपत्ति के साथ 76 लाख कीमत के जेवर और करीब दो लाख रुपये की नकदी मिली है. राजेंद्र कुमार ने मुंबई के पनवेल में 75 डिसमिल जमीन खरीद की है. उनके आवास से मां और पत्नी के नाम 16 भूखंड और फ्लैट खरीद और 57 लाख के दो प्लॉटों की खरीद के दस्तावेज भी मिले हैं. महंगी कारों व वस्तुओं की खरीद से जुड़े कागजात भी बरामद किये गये हैं। राजेंद्र कुमार के साथ उनकी पत्नी व मां के नाम अलग-अलग बैंकों में छह खाते मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है. इनमें बड़ी धनराशि होने की संभावना है. देर शाम तक एसवीयू की जांच जारी थी.
होटल कंपनी पर करोड़ों रुपए के हेरफेर के मामले में 17 जगह पर छापेमारी
हिन्दुस्तान के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड के 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी बिहार के गया जी और बोधगया के साथ ही नई दिल्ली और गुरुग्राम स्थित कंपनी के विभिन्न ठिकानों पर की गयी। कंपनी के निदेशक अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत और नितेश पर कथित धोखाधड़ी व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। कंपनी से जुड़े 85 करोड़ के बैंक ऋण में कथित हेराफेरी मामले की है। सीबीआई पूर्व से ही जांच कर रही इसमें इस अपराध से हुई कथित कमाई 131.79 करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में धन शोधन की आशंका को देखते हुए अब ईडी की एंट्री हुई है।
बाब अल मंदेब के क़रीबी द्वीप पर हूती विद्रोहियों का कब्जा
जागरण के अनुसार यमन में बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के नजदीक के पेरिम द्वीप पर ईरान समर्थित हुती लड़ाकों का कब्जा हो गया है। अब हुती लड़ाके चंद नाटिकल मील की दूरी पर स्थित विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल बाब-अल-मंदेब के आवागमन को कभी भी बाधित करने की स्थिति में आ गए हैं। पेरिम द्वीप पर हूती का कब्जा सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका है जबकि ईरान ने इसके लिए हुती की तारीफ की है। लाल सागर से गुजरने पर लगी रोक के चलते विश्व के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब की आपूर्ति घटकर बीते 30 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। इस बीच ईरान ने सऊदी अरब और हुती के बीच वार्ता पर जोर दिया है। कहा है कि सऊदी अरब के निर्यात के लिए लाल सागर का जलमार्ग खुलना चाहिए।
दारोगा भर्ती परीक्षा के रिजल्ट में गड़बड़झाला
भास्कर के अनुसार बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) द्वारा 1799 पदों पर आयोजित दारोगा मुख्य परीक्षा का आधिकारिक परिणाम ही अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। रिजल्ट शीट के पन्ना-दर-पन्ना एक्स-रे में क्रमवार चयन का बड़ा संदिग्ध पैटर्न उजागर हुआ है। परीक्षा केंद्रों के अलग-अलग कमरों और कतारों में क्रमवार बैठे करीब 301 अभ्यर्थी लगातार पास घोषित हुए हैं। आयोग की 68 पत्रों की रिजल्ट शीट में 79 स्थानों पर लगातार अभ्यर्थियों के पास होने की कतारें मिली हैं। अभ्यर्थियों ने मुख्य सचिव और ईओयू को ज्ञापन सौंपकर ‘हॉल मैनेजमेंट’ और मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
इंटरनेट का इस्तेमाल करने में सबसे आगे बिहार
जागरण के अनुसार मोबाइल फोन पर लगातार स्क्रालिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और इंटरनेट मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल ने डेटा की खपत को तेजी से बढ़ाया है। देश के बड़े आबादी वाले राज्यों महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ते हुए बिहार इंटरनेट डेटा उपयोग के मामले में सबसे आगे निकल गया है। दूरसंचार विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में प्रतिदिन 49.1 पेटाबाइट (पीबी) डेटा की खपत हो रही है, जो करीब पांच करोड़ 14 लाख जीबी के बराबर है। महाराष्ट्र 48.7 पीबी के साथ दूसरे और उत्तर प्रदेश पूर्व 42.31 पीबी के साथ तीसरे स्थान पर है। वीडियो देखने, रील्स देखने और इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय रहने के साथ आनलाइन खरीदारी में भी बड़ी मात्रा में डेटा खर्च हो रहा है। बिहार में यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर रील देखने में सबसे अधिक डेटा खर्च किया जा रहा है।
कुछ और सुर्खियां:
- शुक्रवार को बंद रहे बैंक बिहार में बैंक हड़ताल से 50000 करोड़ रुपये का कारोबार ठप रहा
- बिहार में मेडिकल के पीजी छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ा, अब पहले वर्ष में 8200 की जगह ₹92800 मिलेंगे हर माह
- भागलपुर के कुतुबगंज में भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष भूषण तांती की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या
अनछपी: बिहार में सरकारी स्तर पर बड़े-बड़े ऐलान होते हैं और हकीकत में उनका बुरा हश्र देखने को मिलता है। एक दिन पहले ही हमने जहानाबाद के सदर अस्पताल में हड्डी टूटने पर प्लास्टर की जगह गत्ता बांधने के मामले पर अपनी राय रखी थी। अब आज एक खबर स्कूलों से आई है जिससे पता चलता है कि कैसे सरकार बड़ी-बड़ी घोषणाएं करती है और उस पर अमल नहीं कर पाती है। खबर यह है कि पटना जिले के सरकारी स्कूलों करीब 2 लाख बच्चों को कंप्यूटर पढ़ने वाला कोई शिक्षक नहीं लेकिन उन्हें इस विषय का इम्तिहान देना होगा। यह बात केवल पटना तक सीमित नहीं है बल्कि हर जिले के सरकारी मिडिल स्कूल का यही हाल है। लगभग आधे स्कूलों में तो कंप्यूटर ही नहीं है और जहां यह है वहां कंप्यूटर की पढ़ाई के लिए शिक्षक मौजूद नहीं हैं। ऐसे में आसानी से समझा जा सकता है कि कंप्यूटर की पढ़ाई और उसके इम्तिहान का क्या हाल होगा। कहने के लिए तो दूसरे विषय के शिक्षकों ने कंप्यूटर की कुछ पढ़ाई कराई है लेकिन हम सब बिहार की शिक्षा प्रणाली से यह समझ सकते हैं कि किसी तरह कदाचार के सहारे उन बच्चों को कंप्यूटर के इम्तिहान में पास कर दिया जाएगा और इस मामले पर कभी चर्चा नहीं होगी। एक और अफ़सोसनाक खबर यह है कि राज्य के प्लस टू स्कूलों और इंटर कॉलेज में 11वीं की पढ़ाई शुरू हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ है लेकिन लगभग 10 लाख से अधिक विद्यार्थी 18 सितंबर से क्वार्टरली एग्जाम देंगे। इससे समझा जा सकता है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। दूसरी तरफ, विडंबना यह है कि सरकार और उसके अधिकारी उन बच्चों की व्यक्तिगत कोशिश से हासिल की गई कामयाबी को अपनी कामयाबी बताने में नहीं चूकते हैं।
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