बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार के 18 ज़िले मानव तस्करी और बच्चों की गुमशुदगी के लिहाज से हाई रिस्क वाले हैं। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए अमेरिका के सामने 5 शर्तें रखी हैं। अररिया में उद्योग विभाग के जीएम अनिल कुमार मंडल को ₹50000 घूस लेते गिरफ्तार किया गया।
और जानिएगा कि अयोध्या जाने वाले 6 महीने में 70% घट गए।
पहली खबर
हिन्दुस्तान के अनुसार मानव तस्करी और बच्चों की गुमशुदगी के दृष्टिकोण से राजधानी पटना सहित बिहार के 18 जिले सर्वाधिक संवेदनशील तथा उच्च जोखिम (हाई रिस्क) श्रेणी में चिह्नित किए गये हैं। हाई रिस्क वाले जिले हैं: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चपारण, सारण, सिवान, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, गया, नालंदा, पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, मुंगेर एवं बेगूसराय। यही नहीं, मानव तस्करी के मामले में बिहार स्रोत (सोर्स), गंतव्य (डेस्टिनेशन) तथा पारगमन (ट्रांजिट) तीनों रूपों में प्रभावित है। गुमशुदा बच्चों एवं मानव तस्करी विषय पर शनिवार को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित एक दिवसीय पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने इस चिंताजनक स्थिति की चर्चा की। साथ ही इन तथ्यों के आधार पर प्रभावी अंतरराज्यीय समन्वय एवं समेकित कार्रवाई की आवश्यकता जताई। बिहार में असम, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं नेपाल से पीड़ितों की तस्करी के मामले चिह्नित हुए हैं। वहीं, बिहार से महाराष्ट्र, ‘राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा तक मानव तस्करी के प्रकरण सामने आए हैं।
होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने 5 शर्तें रखीं
भास्कर के अनुसार होर्मुज खुलने की उम्मीद के बीच ईरान ने आखिरी वक्त शनिवार को सौदे का गणित बदल दिया। ईरान ने अमेरिका के सामने 5 शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी और प्रतिबंध हटाए, ईरान के आसपास तैनात अमेरिकी सेना हमेशा के लिए हटा दे। युद्ध का मुआवजा दे, विदेशों में में फ्रीज ईरानी संपत्तियां जारी करे और क्षेत्र में उसके सहयोगियों पर हमले व ईरान को धमकियां बंद करे। ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाघेर ने कहा कि शतों के पूरा होने तक होर्मुज नहीं खुलेगा। इससे ओमान के साथ लगभग तैयार डील के बाद जहाजों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद कमजोर हो गई। बता दें कि 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध से पहले रोज औसतन 130 जहाज होर्मुज से गुजरते थे। यह संख्या घटकर 12 जहाज प्रतिदिन रह गई है।
उद्योग विभाग के जीएम अनिल कुमार मंडल ₹50000 घूस लेते गिरफ्तार
प्रभात खबर के अनुसार निगरानी विभाग ने शनिवार की सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए अररिया उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल को 50 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी उनके अररिया शहर शिवपुरी स्थित निवास स्थान से की गयी. जानकारी अनुसार अररिया नगर थाना क्षेत्र के बनगामा निवासी मोहम्मद कमरे आलम ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि उन्हें 17 लाख रुपये की मशीन उपलब्ध कराने के एवज में जीएम अनिल कुमार मंडल 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं. शिकायत की सत्यता जांचने के बाद निगरानी की टीम ने जाल बिछाया. जैसे ही जीएम अनिल कुमार मंडल ने कमरे आलम से 50 हजार रुपये लिये निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया.
सीतामढ़ी में बिहार का पहला मछली बैंक खुला
हिन्दुस्तान के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सीतामढ़ी के बखरी में बने बिहार के पहले फिश ब्रूड बैंक का शुभारंभ किया। राज्य में अब पहली बार फिश ब्रूड का उत्पादन और उन्नत मत्स्य बीज का वितरण शुरू होगा। इसके साथ ही सीतामढ़ी में 76.60 करोड़ की लागत से बनने वाले मिल्क पाउडर संयंत्र का भी कार्यारंभ किया। फिश ब्रूड का उत्पादन शुरू हो जाने से हैचरी संचालकों को राज्य में सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण प्रजनक मछली बीज उपलब्ध हो सकेगा। होगा: इसका निर्माण 10.92 करोडकी लागत से किया गया है। 40 एकड़ में फैले इस ब्रूड बैंक में आधुनिक वैज्ञानिक तरीके से स्वस्थ, बड़े और आनुवंशिक रूप से उन्नत मछलियों (ब्रूडर्स) को तैयार किया जाएगा, ताकि उनसे गुणवत्तापूर्ण और रोग-मुक्त बीज तैयार किया जा सके।
अयोध्या जाने वाले 6 महीने में 70% घट गए
भास्कर के अनुसार अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावा चोरी को लेकर चल रही सियासी बहस के बीच उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के आंकड़े सामने आए हैं। इस साल जनवरी से जून के बीच अयोध्या में 7.20 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। पिछले साल 2025 के इन्हीं छह महीनों में संख्या 23.82 करोड़ थी। यानी पिछले साल के मुकाबले इस बार करीब 16.62 करोड़ या 70% कम श्रद्धालु पर्यटक आए। 2024 से तुलना करें तो भी इस साल आने वाले श्रद्धालुओं-पर्यटकों की संख्या खासी कम रही। राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी। उस साल जनवरी से जून के बीच करीब 11 करोड़ श्रद्धालु पर्यटक अयोध्या पहुंचे थे। इसके मुकाबले 2026 के इन्हीं छह महीनों में संख्या 7.20 करोड़ रही। यानी 2024 के मुकाबले करीब 3.79 करोड़ की कमी रही है। हाल के 13 दिन में 26.5% बढ़े श्रद्धालु और पर्यटकः छह महीने के आंकड़ों में बड़ी गिरावट है, लेकिन इस साल जून के आखिरी और जुलाई के शुरुआती दिनों में तस्वीर अलग है। 21 जून से 3 जुलाई 2025 के बीच 13 दिनों में 9.12 लाख श्रद्धालु पर्यटक अयोध्या आए थे। इस साल इन्हीं 13 दिनों में संख्या 11.54 लाख हो गई। यानी पिछले साल से 2.42 लाख या 26.5% ज्यादा।
कुछ और सुर्खियां:
- 10 अगस्त को पटना के जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक निकलेगी तिरंगा यात्रा, सात बजे से ही गांधी मैदान की ओर नहीं जाएंगी गाड़ियां
- जेपी विश्वविद्यालय में बिना सीनेट की मंजूरी के चार कॉलेजों को दी गई मान्यता रद्द की गई
- पटना विश्वविद्यालय के कन्वोकेशन में 38 छात्राओं को गोल्ड मेडल मिले, हंगामा की वजह से राज्यपाल बीच में ही उठकर वापस गए
- पटना सिटी के अगम कुमार थाना क्षेत्र में 44 लाख की कफ सिरप जब्त, एक गिरफ्तार
- मुंगेर पुलिस ने पशु तस्करी के आरोप में एक एएसआई समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया
अनछपी: पटना में जुटे विशेषज्ञों ने बिहार के 18 जिलों को बच्चों और दूसरे लोगों की तस्करी या उनके व्यापार के लिए हाई रिस्क वाला माना है लेकिन क्या सरकार और उसके अमले को पहले से यह बात नहीं मालूम है कि बिहार में क्या स्थिति है? इस मुद्दे पर बड़ा सम्मेलन या कार्यक्रम कर लेना इस बात की गारंटी नहीं हो सकता कि इससे बिहार में बच्चों और बड़ों की तस्करी और उनका व्यापार बंद हो जाए। यह जरूर है कि ऐसे कार्यक्रमों के बाद सरकार की ओर से बयान आता है कि वह इसकी रोकथाम के लिए बड़ी कोशिश करेगी। बिहार में बड़े पैमाने पर बच्चों के गायब होने की खबरें आती रहती हैं और बीच-बीच में पुलिस इससे सावधान करने के लिए अपील भी जारी करती है लेकिन हकीकत यह है कि इसमें कोई कमी नहीं आ रही है। कई बार तो पुलिस वाले बच्चों के गायब होने की बताकर खारिज कर देते हैं। ध्यान रहे कि बच्चों के गायब होने और उनकी गुमशुदगी में फर्क होता है। इस बात को समझने के लिए मोबाइल फोन झपटने की घटना को याद किया जा सकता है। जैसे ही मोबाइल झपटने की रिपोर्ट दिखाने की कोशिश की जाती है थाने वाले कहते हैं कि खोने या गिर जाने की रिपोर्ट लिखाइए। इसी तरह बच्चों के गायब होने के मामले में भी पुलिस वाले पहले तो कहते हैं कि वह आसपास खोजें और बाद में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखने के लिए किसी तरह तैयार होते हैं। बच्चों के अलावा कम उम्र लड़कियों को आर्केस्ट्रा में भर्ती करना भी मानव तस्करी का ही मामला है। कभी-कभार पुलिसवाले ऐसी बच्चियों को छुड़ाते भी हैं लेकिन उससे यही साबित होता है कि बच्चियों की तस्करी हो रही है। सरकार अगर वाकई इस मामले में गंभीर है तो उसे ऐसे कदम उठाने पड़ेंगे जो सिर्फ खानापूर्ति के नहीं हों बल्कि ठोस और प्रभावी हों।
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