छपी-अनछपी: नेपाल में जिंदगी बचाने की जंग, आरक्षण पर चिराग और मांझी भिड़े

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच अब जिंदगी बचाने की जंग तेज हो गई है। आरक्षण किसे मिले,  इस बहस में चिराग पासवान और जीतन राम मांझी ने एक दूसरे के इस्तीफा की मांग की है। गोपालगंज ज़िल में निर्माणाधीन शौचालय की टंकी में शटरिंग खोलने के दौरान जहरीली गैस से दम घुटकर चार मजदूरों की मौत हो गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हल्द्वानी में शुद्धिकरण करने वालों पर एससी एसटी एक्ट के तहत एफआईआर की मांग की।

और, जानिएगा कि भागवत क्यों बोले कि देश में मुस्लिम नहीं हो ऐसी सोच वाला हिंदू नहीं।

पहली ख़बर

जागरण के अनुसार ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच अब जिंदगी बचाने की जंग तेज हो गई है। आठ जिलों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन खराब मौसम के कारण इसमें लगातार दिक्कतें आ रही हैं। शनिवार को इस वजह से बचाव अभियान को बीच में रोकना पड़ा। शुक्रवार को भी तीन घंटे तक बचाव कार्य ठप रहा था। आपदा से करीब एक लाख नेपाली नागरिक बेघर हो गए हैं, जबकि तीन करोड़ लोगों के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। हालात को देखते हुए नेपाल सरकार ने दुनिया भर से मदद की गुहार लगाई है। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने अनुमान जताया है कि देश को चार से पांच अरब डालर की मदद की जरूरत पड़ेगी। अब तक नेपाल में 675 और तिब्बत में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

मुर्दाघरों में जगह नहीं

बाढ़ में बह गए लोगों के शव जैसे-जैसे बहकर नीचे की ओर आ रहे हैं, अस्पतालों के लिए इन्हें रखने में मुश्किल हो रही है। आपदा से जूझ रहे नेपाल के मुर्दाघरों में सिर्फ 350 शव रखने की क्षमता है। जब तक स्वजन आएंगे और शवों को पहचानकर ले जाएंगे, तब तक इनकी देखभाल करनी है। लेकिन, अस्पतालों के मुर्दाघरों में इसके लिए जगह नहीं हैं। इसे देखते हुए कई स्थानों पर अधिकारियों को अस्थायी इंतजाम करना पड़ रहा है।

बिहार के 13 लोग लापता

नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई जलप्रलय में रोजी-रोजगार के लिए नेपाल गए उत्तर बिहार के 13 लोग लापता हैं। इसमें पूर्वी चंपारण जिले सात, पश्चिमी चंपारण व मधुबनी के तीन-तीन लोग शामिल हैं। वहीं, पर्सा जिले के बीरगंज स्थित जिलाधिकारी कार्यालय ने 31 लोगों के नाम और फोटो सार्वजनिक किए हैं, जिनमें से चार भारतीय हैं। वाल्मीकिनगर गडक बराज से वाटर डिस्चार्ज में शनिवार सुबह तक वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि दोपहर बाद से इसमें थोड़ी कमी आई है। फिलहाल गंडक का जलस्तर स्थिर है।

आरक्षण पर चिराग और मांझी भिड़े

आरक्षण की समीक्षा किए जाने के मुद्दे पर एनडीए में चिराग पासवान और पिता-पुत्र की जोड़ी जीतन राम मांझी व संतोष कुमार सुमन आमने-सामने आ गए हैं। जुवानी जंग इस कदर बढ़ गई है कि दोनों ओर से एक-दूसरे को मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देने की चुनौती दी जा रही है। इस प्रकरण की शुरुआत हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन द्वारा आरक्षण की समीक्षा किए जाने और एससी-एसटी आरक्षण में कोटे के अंदर कोटा दिए जाने की वकालत से हुई। लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि अगर बत क्रीमी लेयर की है, तो जीतन राम मांझी और उनके बेटे संतोष सुमन भी इसमें आते हैं, पहले वे दोनों ही मंत्री पद से इस्तीफा दें। इस वयान पर जीतन राम मांझी ने कहा कि ऐसे लोगों को आरक्षण से वंचित रहना पड़ेग, इसलिए चिराग विरोध कर रहे। वह इस्तीफा दें। उनके बेटे संतोष सुमन ने भी कहा कि चिराग बड़ी पार्टी के नेता हैं। वह पहले इस्तीफा दें, हम उनका अनुसरण करेंगे।

गोपालगंज में सेप्टिक टैंक में दम घुटने से चार मजदूरों की मौत

हिन्दुस्तान के अनुसार गोपालगंज के गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनहीं जगदीश गांव में शनिवार की सुबह निर्माणाधीन शौचालय की टंकी में शटरिंग खोलने के दौरान जहरीली गैस से दम घुटकर चार मजदूरों की मौत हो गई। मृत मजदूरों में सवनहीं वृत्त के उमेश यादव (35), सवनहीं बाजार के जावेद आलम (31), सवनहीं पट्टी के राकेश बैठा (26 वर्ष) और गिदहा गांव के सफी आलम (18) शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार हकीक अहमद ने दो शौचालयों का निर्माण कराया है। करीब पंद्रह दिन पहले दोनों टंकियों की ढलाई हुई थी। शनिवार को श्रीपुर थाना क्षेत्र के सवनहीं बाजार निवासी ठेकेदार जावेद आलम मजदूरों को लेकर ढलाई का शटरिंग खोलने पहुंचा। एकटकी का ढक्कन पहले से खुला था। मजदूरों ने उसमें उतरकर शटरिंग को खोल दिया। इसके बाद दूसरी टंकी, जिसका ढक्कन बंद था, उसमें शटरिंग हटाने के लिए सबसे पहले सफी आलम अंदर घुसा। उसके काफी देर तक बाहर नहीं निकलने और अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर एक-एक करके तीन अन्य मजदूर भी टंकी के भीतर उतर गए। इस दौरान अंदर भरी जहरीली गैस से चारों की दम घुटने से मौत हो गई।

हल्द्वानी में शुद्धिकरण करने वालों पर एससी एसटी एक्ट के तहत एफआईआर की मांग

जागरण के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में रैली के बाद उक्त स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना पर सियासी विवाद बढ़ रहा है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भाजपा-आरएसएस के कार्यकर्ताओं द्वारा मंच का ‘शुद्धिकरण’ किए जाने को छुआछूत और एससी-एसटी एक्ट के तहत दंडनीय अपराध करार देते हुए आरोपितों के खिलाफ तत्काल एफआइआर करने की मांग की। राहुल गांधी ने उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के शुद्धिकरण को सही ठहराने पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह छुआछूत का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस का सोच यह दर्शाता है कि वे दलितों की तरक्की और सम्मान को नहीं चाहते।

भागवत क्यों बोले- देश में मुस्लिम नहीं हो ऐसी सोच वाला हिंदू नहीं

हिन्दुस्तान के अनुसार आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में कोई मुसलमान नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह जाएगा। अगर आप खुद को हिंदू कहलाना चाहते हैं, तो आपको यह मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर ले जाते हैं और हर इंसान की अपनी गरिमा होती है। इंसानों के बीच कोई फर्क नहीं होता। न्यूयॉर्क में वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि हरियाणा के दादरी में दो विमान आपस में टकरा गए थे। दोनों अरब देशों के थे। उनमें ज्यादातर यात्री मुसलमान थे। हादसे के बाद हमारे स्वयंसेवक सबसे पहले वहां पहुंचे और बचाव कार्य में लग गए। आरएसएस को समझने के लिए हमारे कामों को नजदीक से देखना होगा।

कुछ और सुर्खियां:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज़्बेकिस्तान की यात्रा पर ताशकंद पहुंचे
  • बिहार में एसटीईटी के लिए आवेदन की तारीख 15 सितंबर तक बढ़ी
  • जेपी आंदोलन को रंगमंच के जरिए धार देने में अहम भूमिका निभाने वाले बिहार के वरिष्ठ रणकर्मी सतीश आनंद का निधन
  • आईआरसीटीसी घोटाला मामले में लालू प्रसाद के परिवार समेत 16 पर अब 7 सितंबर को होगा फैसला
  • बिहार के 45000 गांवों में लगान के बकायदारोंको को अल्टीमेटम

अनछपी: वैसे तो कुछ को छोड़कर अमेरिका के ज़्यादातर राष्ट्रपति की कोई ना कोई ऐसी हरकत रही है जिसे दुनिया न केवल परेशान रही है बल्कि हैरत में यह सोचती है कि आखिर इस दुनिया में अमेरिका क्यों है। मिसाल के लिए अमेरिका के एक राष्ट्रपति ने जापान पर एटम बम गिराने का फैसला किया और उसका नतीजा जापान की कई पीढ़ियों ने झेला है। किसी राष्ट्रपति को वियतनाम पर अपनी दादागिरी जमानी थी तो वह देश और समाज तो हिल गया लेकिन लेकिन अमेरिका को वहां से भागना पड़ा। किसी राष्ट्रपति को इराक में वेपंस ऑफ मास डिस्ट्रक्शन का सपना आया और पूरा इराक उसके बाद के अमेरिकी हमलों से तबाह हो गया। किसी राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान में अपना आधिपत्य जमाना चाहा और 20 साल के बाद उसे मुंह की खाने के बाद वापस होना पड़ा। अब 21वीं सदी की एक चौथाई गुजरने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसी-ऐसी हरकतें कर रहे हैं जिससे लोगों को एक तरफ उनका मजाक उड़ाने का मौका मिल रहा है तो दूसरी तरफ चिंता की बात भी है क्योंकि वह कभी भी किसी देश या किसी जगह को अमेरिका का घोषित कर देते हैं। उदाहरण के लिए उन्होंने ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को भी अमेरिका का घोषित कर दिया है। इस पर कई लोगों ने यह भी मजाक किया कि अब उसे इलाके में रहने वाले लोगों को अमेरिकी नागरिकता मिलनी चाहिए। एक दिन पहले यह खबर आई कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के 6500 करोड़ बैरल तेल भंडार के बारे में ऐसी घोषणा की जिससे यह समझा जा रहा है कि दरअसल उन्होंने इस बड़े तेल भंडार पर कब्जा कर लिया है। दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप इसे डील यानी समझौते का नाम दे रहे हैं हालांकि कोई आम इंसान आसानी से समझ सकता है कि वेनेजुएला अपनी मर्जी से ऐसा कोई समझौता नहीं कर सकता। कुछ समय पहले की बात है जब अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के उस वक्त के राष्ट्रपति का अपहरण कर लिया था और उन्हें अपने देश ले आए थे। सवाल यह है कि वेनेजुएला कब तक इस गुलामी को बर्दाश्त करेगा और आखिरकार अमेरिका यहां से कब भागेगा?

 

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