छ्पी-अनछपी: बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी केस रद्द

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार के दक्षिण और पूर्वी जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर देशभर में 20 से 25 जुलाई के बीच दर्ज सभी प्राथमिकी रद्द कर दीं। जमीन कब्जाने के मुल्जिम लोजपा विधायक पर शिकंजा। बांका में ₹75000 घूस लेते बीडीओ अपने मामा के साथ गिरफ्तार।

और, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कहा- सोना खरीदने और विदेश भ्रमण से दूर रहें।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार गंगा और गंडक के बाद अब सोन नदी में उफान से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंगा और गंडक बीते कई दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। मंगलवार को सोन का जलप्रवाह सवा पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया, जो इस साल का सर्वाधिक है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंद्रपुरी बराज के 69 में से 56 गेट खोल दिए गए हैं। उधर, गंगा और गंडक से कई जिलों में कटाव भी हो रहा है। विभिन्न नदियां दस से अधिक स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे दक्षिण और पूर्वी बिहार के जिलों के निचले और दियारा इलाकों में पानी फैलने लगा है। मोतिहारी में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कहा कि बिहार में गंडक, कोसी, बागमती और गंगा नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सरकार बाढ़ प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रही है। भागलपुर जिले के नवगछिया के राघोपुर में भीषण कटाव से स्थिति विकट है। तटबंधों पर दबाव को देखते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और जल संसाधन सचिव डॉ चंद्रशेखर सिंह मंगलवार को नई दिल्ली की बैठक को बीच में ही छोड़कर पटना लौट आए। सचिव भागलपुर पहुंचकर तटबंध की सुरक्षा के किए जा रहे उपायों की खुद निगरानी कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राघोपुर में बांध की सुरक्षा एवं कटाव को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। नदी किनारे रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर सभी केस रद्द

प्रभात ख़बर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपनी ‘असाधारण शक्तियों’ का प्रयोग करते हुए उन सभी प्राथमिकियों को रद्द कर दिया, जो देशभर में 20 से 25 जुलाई के बीच नीट पेपर लीक मामले में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज की गयी थीं. इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी आपराधिक कार्यवाही बंद दी. प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि युवा प्रदर्शनकारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, हम पूरा न्याय करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हैं. पीठ ने केंद्र सरकार को यह भी निर्देश दिया कि नीट प्रश्नपत्र लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा दे. इसके बाद सीजेपी ने पांच सितंबर को प्रस्तावित अपने मार्च रद्द कर दिया. उसने कहा कि उसकी सभी मांगें मान ली गयी हैं और यह युवाओं की बड़ी जीत है.

जमीन कब्जाने के मुल्जिम लोजपा विधायक पर केगा शिकंजा

भास्कर के अनुसार मुजफ्फरपुर शहर के अहियापुर के झपहां उदनडीह में घरों और चहारदीवारी को तोड़ने के मामले में सीतामढ़ी के बेलसंड से लोजपा (आर) विधायक अमित कुमार रानू की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पुलिस मुख्यालय के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को विधायक के खिलाफ अब तक हुई पुलिस कार्रवाई और दर्ज मुकदमों की रिपोर्ट भेजी गई है। इस रिपोर्ट में विधायक पर भू-माफिया को संरक्षण देने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है। पुलिस अब विधायक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की तैयारी तेज कर चुकी है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में विधायक के खिलाफ जल्द ही वारंट के लिए अर्जी दी जाएगी।

बांका में ₹75000 घूस लेते वीडियो अपने मां के साथ गिरफ्तार

प्रभात खबर के अनुसार विजिलेंस टीम ने बांका जिले के फुल्लीडुमर प्रखंड के बीडीओ अमित प्रताप सिंह और उनके मामा को 75 हजार रुपये घूस लेते बांका नेहरू कॉलोनी स्थित किराये के एक आवास से रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. बीडीओ पंचायत समिति के संचालित 33 योजनाओं में से 26 योजनाओं के क्रियान्यवन के लिए पांच प्रतिशत घूस के रूप में कमीशन मांग रहे थे. इस मामले को लेकर प्रखंड प्रमुख गौतम प्रकाश ने विगत पांच अगस्त को निगरानी में शिकायत दर्ज की थी. इसमें प्राथमिकी दर्ज के बाद मामले का सत्यापन कराया गया. शिकायत के सत्यापन में मामला सही पाया गया. इसके बाद निगरानी ने जाल बिछाकर यह बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. निगरानी की यह कार्रवाई विभाग के डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम ने की. बीडीओ को जैसे ही रिश्वत उनके हाथ में दी, उसके बाद उस पैसे को उन्होंने अपने मामा को रखने दे दिया. उसी समय टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया. गिरफ्तार बीडीओ का पैतृक आवास जिले के बाराहाट प्रखंड के पलियार गांव में है. मालूम हो कि गत सोमवार को बीडीओ के साथ जाति प्रमाण पत्र बनाने को लेकर उनके कार्यालय में दो आवेदकों ने उनके साथ मारपीट की थी.

सोना खरीदने और विदेश भ्रमण से दूर रहें: मोदी

जागरण के अनुसार वैश्विक चुनौतियों के बावजूद उत्साहजनक आर्थिक प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकास गति को जारी रखने का मंत्र दिया और स्वदेशी व ‘वोकल फार लोकल’ को दोहराया। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जीडीपी विकास दर 7.8 प्रतिशत हासिल करने के बाद इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर दिए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर से देशवासियों को सोने की खरीदारी और विदेश भ्रमण से दूर रहने की सलाह दी। पहली तिमाही में भी भारत ने घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति की वजह से 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की।

कुछ और सुर्खियां:

  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में नेशनल स्कूल आफ ड्रामा के कैंपस की स्थापना की घोषणा की
  • शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई 4 के लिए अब 21 सितंबर से शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन
  • बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड लगा लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा, 1 अक्टूबर से आवेदन
  • जी नेटवर्क के मालिक सुरेश चंद्र को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल द्वारा 22 हजार करोड़ कर्ज के बदले सिर्फ 6.5 करोड़ देने के पुराने फैसले पर रोक
  • रूस के हमले में यूक्रेन में एक भारतीय समय 12 लोग मारे गए
  • पटना में डेंगू के 30 वर्षीय मरीज की मौत

अनछपी: पुलिस और खासकर बिहार पुलिस के बारे में आपने कई बार यह शिकायत सुनी होगी कि उसने किसी बेकसूर को पकड़ कर उसके पास कोई हथियार रखा हुआ दिखा दिया और झूठा केस बनाकर जेल भेज दिया। पुलिस किसी निर्दोष को फंसाने के लिए हथियार रखने से लेकर ड्रग्स मिलने तक का नाटक रचती है और बेकसूर बेबस आदमी उसकी प्रताड़ना झेलने को मजबूर होता है। इसकी चर्चा थोड़ी अजीब लग सकती है लेकिन क्या यह सोचने की बात नहीं है कि अंग्रेजों के जमाने में जिस तरह की शिकायत पुलिस से की जाती थी उससे भी खराब हालत आज की पुलिस ने जारी रखी है। हम इस बात की चर्चा इसलिए कर रहे हैं कि राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वैशाली के पातेपुर के पत्रकार कुंदन कुमार का मामला उठाया है। कुंदन कुमार के बारे में बताया गया है कि उन्होंने अपने वीडियो से क्षेत्र की बादल सड़क और विकास योजनाओं की पोल खोली थी तो स्थानीय विधायक व मंत्री के दबाव में पुलिस ने पत्रकार पर जुल्म ढाया। यह मंत्री हैं लखेन्द्र पासवान जो पातेपुर से भाजपा विधायक हैं। पत्रकार कुंदन कुमार का कहना है कि उन्हें 29 अगस्त को पातेपुर में पुलिस ने बेरहमी से पीटा और डीएसपी और थानेदार ने कट्टा रखकर जेल भेज दिया। ध्यान रहे कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस पार्टी को इमरजेंसी के लिए बदनाम तो करती है लेकिन खुद उसके अपने विधायक के बारे में जो शिकायत आई है, उस पर उसकी तरफ से कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है। आम लोगों को लगता है कि पत्रकार उनकी बात निडर होकर उठा सकते हैं लेकिन यहां विधायक तो क्या छोटे से छोटा नेता, जो सत्ताधारी दल से जुड़ा हो, भ्रष्टाचार की पोल खोलने वाले पत्रकार को किसी भी फर्जी केस में फंसाने की साजिश रच सकता है। अच्छी बात यह है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले में पहल करते हुए यह मुद्दा उठाया है मगर क्या मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस मामले में निष्पक्ष जांच कर कर दोषी मंत्री/विधायक और दूसरे अधिकारियों को दंडित करने की व्यवस्था करेंगे?

 

 

 

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