बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई। विपक्ष ने ऐलान किया है की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा तक उनकी जंग जारी रहेगी। भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में अपने नागरिकों से बेहद सतर्कता बरतने की एडवाइजरी जारी की है।
और जानिएगा कि यह सलाह किसने दी कि भारत अगर चीन को हरा नहीं सकता तो उसके साथ जुड़ जाए?
पहली ख़बर
हाजीपुर से प्रभात ख़बर के अनुसार राघोपुर थाने के रामपुर श्यामचंद पंचायत में मंगलवार की देर शाम 7:30 बजे गंगा में नाव पलटने से 13 बच्चों की डूबने से मौत हो गयी. मृतकों में 10 बच्चियां थीं. नाव पर 20 से 25 लोग सवार थे. ये सभी श्राद्ध भोज खाने जा रहे थे. जानकारी के अनुसार, रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के पास सिंघेश्वर राय के यहां श्राद्ध भोज का आयोजन था. गांव के करीब 20 से 25 लोग, जिनमें अधिकांश युवक और बच्चे शामिल थे, एक छोटी नाव पर सवार होकर ढाब के उस पार भोज खाने के लिए जा रहे थे. नाव जैसे ही बीच ढाब में पहुंची, ओवरलोड होने के कारण अनियंत्रित होकर पलट गयी. नाव पलटते ही उस पर सवार सभी लोग गहरे पानी में डूब गये. इसकी जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े. स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाये बचाव कार्य शुरू किया. करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी को पानी से बाहर निकाला गया और आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर फतेहपुर पहुंचाया गया. अस्पताल पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गयी. डॉक्टरों ने जांच के बाद 13 लोगों को मृत घोषित कर दिया।
ज्ञानेश के इस्तीफे तक जंग जारी रखेगा विपक्ष
हिन्दुस्तान के अनुसार इंडिया गठबंधन ने मंगलवार को मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ी के मुद्दे पर लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया। विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, एसआईआर को रद्द करने और चुनाव प्रणाली को दुरुस्त करने तक आंदोलन जारी रहेगा। इंडिया गठबंधन, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के बाद मंगलवार को राहुल गांधी ने सभी नेताओं को अपने आवास पर चाय पर आमंत्रित किया। इस दौरान विपक्ष ने भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
प्रदर्शन कहां और कैसे हों? हाई कोर्ट का सवाल
बात करने खबर दी है कि दिल्ली में प्रदर्शनों के नियमन और सड़कों एवं कॉमर्शियल इलाकों में ट्रैफिक बंद न करने की मांग पर दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से उसका पक्ष पूछा। व्यापारियों, वेंडरों और वकीलों ने याचिका दायर कर प्रदर्शनों की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की मांग की है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच ने केंद्र व अन्य प्राधिकरणों के वकीलों से निर्देश लेने को कहा। वरिष्ठ वकील सचिन पुरी ने कोर्ट में में दावा किया कि हाल के दिनों में बैरिकेडिंग और प्रदर्शनों के चलते व्यापारियों को ₹2,000 करोड़ का नुकसान हुआ है। अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।
अमित शाह ने राहुल को भाजपा से सीख लेने को कहा
केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उन्हें चुनावों में लगातार मिल रही हार को लेकर आत्ममंथन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 2029 के आम चुनाव में लगातार चौथी हार के लिए तैयार रहना चाहिए। शाह ने कहा कि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति से जनता का विश्वास नहीं जीत सकती। गुजरात के निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्ष के एस आईआर पर सवाल उठाने को लेकर निशाना साधा। साथ ही भाजपा से सीखने की नसीहत दी।
भारतीयों को सऊदी अरब में सतर्कता बरतने के निर्देश
हिन्दुस्तान के अनुसार भारत ने मंगलवार को सऊदी में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी कि वे शांत रहें और खाड़ी देश में बदलती स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतें। भारतीय दूतावास ने अपने नवीनतम परामर्श में कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए सऊदी अरब में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों को शांत और सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही हवाई हमले की स्थिति में घरों के अंदर रहने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जारी किए गए निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। सऊदी अरब को यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
भारत अगर चीन को हरा नहीं सकता तो उसके साथ जुड़ जाए
भारत को चीनी निवेश और कंपनियों के साथ उत्पादन साझेदारी के लिए दरवाजे खुले रखने चाहिए। भास्कर के अनुसार कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर उदय कोटक ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 में यह राय रखी। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक व्यापारिक रिश्तों व अमेरिका से जुड़ी चुनौतियों के बीच ‘भारत को निवेश के लिए पश्चिम से आगे भी देखना होगा। उन्होंने घरेलू और चीनी कंपनियों के संयुक्त उद्यमों को देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने का एक रास्ता बताया। उन्होंने चीन की उस रणनीति का उदाहरण दिया, जिसमें उसने वर्षों पहले अमेरिकी कंपनियों के साथ साझेदारी की थी। भारत भी चीनी कंपनियों के साथ मिलकर घरेलू उत्पादन बढ़ाने की संभावनाएं तलाश सकता है।
कुछ और सुर्खियां:
- ₹2000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मरचेंट डिस्काउंट रेट लगाने का फैसला दिवाली तक टाला गया
- एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयरलाइंस ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद के लिए उड़ानें रद्द कीं
- बिहार स्टेट स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के पूर्व सचिव परमेश्वर राम सहित 30 लोगों के खिलाफ पेपर लीक मामले में आरोप गठित
- जहानाबाद (अब अरवल) के करपी में 1996 में हुई चार लोगों की सामूहिक हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट से 13 लोगों को मिली उम्र कैद की सजा हाईकोर्ट में खत्म
- इस्लामी स्कॉलर मौलाना अबू नसर फारूक का इंतकाल
- तमिलनाडु से राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन मंत्री पद से इस्तीफा दिया
- राजगीर में हुए रणजी ट्रॉफी मैच में उत्तर प्रदेश ने बिहार को एक पारी और 267 रनों से हराया
अनछपी: वोटर लिस्ट बनाने में धांधली के खिलाफ भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर पिछले दिनों तेज़ हुए आंदोलन के बाद एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हमारी चर्चा में नहीं है जो दरअसल चुनाव आयोग के अपने ही फैसले के बारे में है। वोटर लिस्ट के कथित विशेष गहन पुनरीक्षण या एसआईआर की वजह से पश्चिम बंगाल और दूसरे कई राज्यों में ऐसे लाखों वोटरों के नाम काट दिए गए जिनके पास सभी जरूरी कागजात थे लेकिन उन्हें लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के नाम पर वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया। इधर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जब आंदोलन तेज हुआ और उनके इस्तीफे की विपक्ष की मांग अंतरराष्ट्रीय समाचार का हिस्सा बन गया तो चुनाव आयोग ने लोगों के नाम जोड़ने के लिए विशेष दिशा निर्देश जारी किए। यानी पहले चुनाव आयोग ने बेतहाशा लोगों के नाम काटे और अब वह उनके नाम जोड़ने का अभियान चलाने की बात कह रहा है। सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर वैध वोटरों का नाम लिस्ट से हटा दिया गया जिससे चुनाव प्रभावित हुआ तो उन चुनावों की मान्यता क्यों ना रद्द की जाए? पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने 27 लाख ऐसे लोगों के नाम काट दिए जिनकी वजह लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी बताई गई और उनके लिए ट्रिब्युनल्स बनाए गए। उन ट्रिब्युनल्स ने सही वक्त पर सुनवाई नहीं की और बेहद अफ़सोसनाक बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने यह बेहद गैरजिम्मेदाराना बयान दिया कि अगर इस बार वोट नहीं डाल पाए तो क्या हुआ, अगली बार तो दे सकते हैं। अगर पश्चिम बंगाल की बात की जाए तो दरअसल चुनाव आयोग और अदालत की इस तरह की हरकतों की वजह से वहां लोकतंत्र की हत्या हुई और एक ऐसी सरकार बनाई गई जिसमें 27 लाख वैध वोटरों को अपना वोट ही नहीं देने दिया गया। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव भी अब यही सवाल पूछ रहे हैं कि चुनाव आयोग अपने पुराने फैसले वापस क्यों ले रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अगर उस समय सही थे तो अब अपने फैसले से पीछे क्यों हट रहे हैं? यही सवाल सोशल मीडिया से आगे बढ़कर तेजस्वी यादव और दूसरे विपक्षी नेताओं को जनता के सामने उठाना चाहिए क्योंकि आखिरकार उन्हें भी तो पता चले कि उनकी सरकार सही वोटों से बनी है या फर्जीवाड़ा करके बनाई गई है।
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