बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। जामिया नगर हिंसा मामले में जहानाबाद के रहने वाले शरजील इमाम समेत 11 लोगों को निचली अदालत द्वारा उनके बरी करने के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट ने पलट दिया। इससे संबंधित खबर अहम जगह पर छपी है। पटना एम्स में न्यूरो और किडनी रोगियों के इलाज शुरू होने की खबर भी अहम है। उधर सहरसा कोर्ट में पेशी के लिए आए कैदी की हत्या की खबर भी पहले पेज पर है। यूपी के माफिया अतीक को उम्रकैद सुनाए जाने की खबर भी प्रमुखता से ली गई है।
जागरण की अहम सुर्खी है: शरजील इमाम, सफुरा व आसिफ समेत 11 को आरोप मुक्त करने का आदेश हाई कोर्ट ने पलटा। हिन्दुस्तान ने लिखा है: शरजील समेत 11 पर केस चलेगा। जामिया नगर हिंसा मामले में निचली अदालत से बरी हो चुके जवाहरलाल नेहरू (जेएनयू) विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शरजील इमाम, सफूरा जरगर और आसिफ इकबाल तन्हा सहित 11 लोगों को मंगलवार को उच्च न्यायालय से झटका लगा। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को आंशिक रूप से रद्द कर दिया। साथ ही आरोपियों के खिलाफ नए सिरे से आरोप तय करने का आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने कहा कि प्रथम दृष्टया इमाम, तन्हा और जरगर सहित 11 आरोपियों में से नौ के खिलाफ तो दंगा करने एवं अवैध रूप से एकत्र होने का आरोप बनता है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार से इनकार नहीं है, लेकिन यह पीठ अपने कर्तव्य को लेकर जागरूक है।
पटना एम्स में इलाज
जागरण की प्रमुख खबर है: पटना एम्स में हृदय, न्यूरो और किडनी रोगियों का इलाज शुरू। अख़बार लिखता है एम्स पटना में फैकल्टी के 76 प्रतिशत से अधिक पद भरने के बाद अब ह्रदय, न्यूरोलॉजी और किडनी विभाग पूरी तरह कार्य करने लगा है। हृदय विभाग में अब तक राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 120 से अधिक ओपन हार्ट सर्जरी हो चुकी है। यह जानकारी एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ गोपाल कृष्ण पाल ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर के गंभीर रोगियों के लिए 11 आईसीयू बेड की इमरजेंसी बहुत छोटी पड़ रही है। इसके लिए जल्द ही इमरजेंसी में आईसीयू और वार्ड में बेड बढ़ाने जा रहे हैं। इसके अलावा ओपीडी के सामने 100 आईसीयू बेड का अलग इमरजेंसी अस्पताल बनाना प्राथमिकता में है। हालांकि यहां अब तक एंडोक्राइनोलॉजी, इम्यूनो हेमेटोलॉजी और मेडिकल ऑंकोलॉजी विभाग के योग्य डॉक्टर नहीं मिल सके हैं। ये डॉक्टर शुगर, खून की कमी और कैंसर का इलाज करते हैं।
कोर्ट में मर्डर
सहरसा कोर्ट में पेशी को आए कैदी की हत्या की खबर सभी जगह है। सिविल कोर्ट परिसर में मंगलवार को एक बंदी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बनगांव थाने में दर्ज हत्या मामले के आरोपी मुरली बसंतपुर निवासी प्रभाकर कुमार को जेल से पुलिस पेशी के लिए कचहरी लेकर आयी थी। अपराह्न करीब 3.30 बजे सीजेएम-वन की अदालत में पेशी के बाद वापस जेल ले जाने के क्रम में बदमाशों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग की। वारदात को अंजाम देकर भागते बदमाशों में से एक आलोक कुमार को पुलिस व आम लोगों ने मिलकर दबोच लिया। उसके पास से पिस्टल और कारतूस बरामद हुआ है। सूचना मिलते ही एसपी लिपि सिंह मौके पर पहुंचीं और तहकीकात की। एसपी ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व उदय यदुवंशी की गोली मारकर बंदी प्रभाकर कुमार ने हत्या की थी। इसी मामले में पेशी के दौरान उदय रघुवंशी के छोटे भाई विवेक यदुवंशी ने अपने अन्य साथियों के साथ घटना को अंजाम दिया है।
लाइब्रेरियन की बहाली
जागरण की सबसे बड़ी खबर है: स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक में लाइब्रेरियन की होगी नियुक्ति: मंत्री। राज्य सरकार जल्द ही बड़े पैमाने पर लाइब्रेरियन यानी पुस्तकालय अध्यक्ष की नियुक्ति करेगी। इसके लिए राजभवन में नियम- परिणयम बनाए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। वे भाजपा के अरुण शंकर प्रसाद के तारांकित प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी। स्कूलों में नियुक्ति को लेकर कुछ आवेदक हाई कोर्ट चले गए। इससे प्रक्रिया ठहरी हुई है।
नाव चलाने का नियम बदला
हिन्दुस्तान की पहली खबर है: निकायों को मिला नाव परिचालन का जिम्मा। प्रदेश में नौका परिचालन के 138 साल पुराने कानून को खत्म कर दिया गया है। इसके तहत राज्य सरकार ने नाव परिचालन प्रबंधन की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों को दी है। अब राज्य की नदियों और जल निकायों में नौका परिचालन स्थानीय निकायों के माध्यम से होगा। विधानसभा में मंगलवार को इसके लिए बिहार नौकाघाट बंदोबस्ती एवं प्रबंधन विधेयक 2023 पर मुहर लग गयी। इस विधेयक पर मुहर लगते ही बंगाल फेरी अधिनियम, 1885 खत्म हो गया।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मोदी का निशाना
जागरण की दूसरी सबसे बड़ी खबर है: एक मंच पर आ रहे भ्रष्टाचार में लिप्त चेहरे। हिन्दुस्तान की दूसरी सबसे बड़ी खबर की भी यही है: भाजपा सत्ता में आती है तो भ्रष्टाचार भागता है: मोदी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए मंगलवार को कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त नेता एक साथ, एक मंच पर आ रहे हैं। कुछ दलों ने मिलकर ‘भ्रष्टाचारी’ बचाओ अभियान छेड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि जब भाजपा सत्ता में आती है तो भ्रष्टाचार भागता है। उन्होंने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय के विस्तार का लोकार्पण करते हुए ये आरोप लगाए।
अतीक को उम्रकैद
जागरण समेत सभी अखबारों में यह खबर प्रमुखता से ली गई है: हत्या के गवाह के अपहरण में अतीक को मिली उम्रकैद। भास्कर ने लिखा है: अतीक को उम्र कैद, फैसला सुन कोर्ट में गश खाकर गिरा। यूपी के उमेश पाल अपहरण कांड में मंगलवार को एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट ने माफिया अतीक अहमद समेत तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सात आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला ने मामले के 10 आरोपितों में से पूर्व सांसद अतीक अहमद, अधिवक्ता खान सौलत हनीफ और दिनेश पासी को दोषी करार दिया। वहीं अतीक के भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ समेत सात आरोपितों को दोषमुक्त करार दे दिया।
कुछ और सुर्खियां
- जहानाबाद में चेकिंग के दौरान बाइक नहीं रोकने पर पुलिस ने युवक को मारी गोली
- मंत्रियों को हर महीने ₹65000 वेतन और ₹70000 क्षेत्रीय भत्ता
- राज्य में प्रजनन दर घटकर 2.9 पर आया, दो तक लाने का लक्ष्य: नीतीश
- पैन और आधार को 30 जून तक जोड़ सकेंगे
- बोले उपेंद्र- जदयू को रोकने वालों के साथ होगी दोस्ती
- राहुल बोले- तय समय पर खाली करूंगा बंगला
- पटना से हटिया के बीच अप्रैल में चलेगी बिहार की पहली वंदे भारत ट्रेन
- आदेश: सरकारी अस्पतालों में बाहर का एक्सरे मान्य नहीं
- रामनवमी: पटना में डाक बंगला से जंक्शन तक आज रात 8:00 बजे से नहीं चलेंगे वाहन, 4 लाख से अधिक भक्तों करेंगे दर्शन और पूजन
- बीपीएससी 67वीं पीटी पास 937 छात्राओं को मिली 4.68 करोड की प्रोत्साहन राशि
- अब पीएफ पर मिलेगा 8 दशमलव 15% ब्याज
- 4 दिन पहले 29000 हेक्टेयर फसल होने से बर्बाद, फिर बारिश का अलर्ट
अनछपी: जहानाबाद में वाहन चेकिंग के दौरान युवक को हेलमेट न दिखाने के कारण भागने में गोली मारने की घटना बेहद निंदनीय और गंभीर है। आरोप है कि युवक ने जब भागने की कोशिश की तो करीब 4 किलोमीटर दूर तक खदेड़ कर उसे गोली मारी गई जो उसकी पीठ पर लग गई और युवक की हालत गंभीर है। हमारे समाज में हेलमेट लगाकर बाइक चलाने की आदत अब तक नहीं पड़ी है। ऐसा नहीं है कि सभी लोग बिना हेलमेट के बाइक चलाते हैं। लेकिन हेलमेट चेकिंग के नाम पर पुलिस की यह हरकत कहीं से सही नहीं कही जा सकती है। ऐसा लगता है कि पुलिस ने उस युवक के भागने को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया और पुलिस के मानदंडों का ख्याल किए बगैर उसे खदेड़ा और उस पर गोली चलाई। सवाल यह भी है कि जब पुलिस वाला उसके पीछे भाग रहा था तो बाकी के पुलिस अधिकारी क्या कर रहे थे? क्या उनकी जिम्मेदारी अपने साथी को रोकने की नहीं थी? पुलिस शायद इस बात के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं है कि किसी का हेलमेट नहीं पहनना उसे इतना बड़ा अपराधी नहीं बनाता कि उसे गोली मार दी जाए। यह भी सही है कि कई बार बाइक चलाने वाले पुलिस को चकमा देने के लिए इस तरह की हरकत करते हैं लेकिन इसके बावजूद गोली चलाने जैसी कार्रवाई बिल्कुल गैर जरूरी और निंदनीय है। अच्छी बात यह है कि गोली चलाने वाले पुलिसकर्मी को हिरासत में ले लिया गया है और उम्मीद की जाती है कि कानून के मुताबिक उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
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