अब सिर्फ़ 45 दिनों में स्टार्टअप को मिल जाएगी मंजूरी, चीनी मिल के लिए होगा ‘इंवेस्टर्स मीट’

बिहार विधान परिषद् से सैयद जावेद हसन

बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा है कि अब सिर्फ 45 दिनों के अंदर स्टार्टअप प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। बिहार विधान परिषद् में मंगलवार को जदयू एमएलसी नीरज कुमार के एक सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री ने कहा कि पहले किसी स्टार्टअप को मंजूरी मिलने में एक साल का समय लग जाता था।
प्रश्नोत्तर काल के दौरान नीरज कुमार ने पूछा ‘उद्योग विभाग द्वारा कृषि और पशुपालन से जुड़े कितने स्टाटअप शुरू किए गए और उन्हें कितनी आर्थिक सहायता देकर काम शुरू कराया गया है?’
नीरज कुमार ने सरकार के इस जवाब पर चिंता व्यक्त की थी कि कृषि क्षेत्र में केवल 19 और पशुपालन क्षेत्र में केवल 3 यानी कुल 22 स्टार्टअप को ही उद्योग विभाग से मंजूरी मिली। उन्होंने कहा कि सरकार की स्टार्टअप नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए ताकि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवा लाभान्वित हो सकें।
इस दौरान भाजपा एमएलसी संजय पासवान ने कहा कि सरकार इस बात की जानकारी उपलब्ध कराए कि कहां-कहां स्टार्टअप की सुविधा प्रदान की जा रही है ताकि हम वहां उद्यमियों को भेज सकें।
इसपर उद्याग मंत्री ने कहा कि वे सूची माननीय सदस्य को उपलब्ध करा देंगे। उन्होंने कहा कि पटना के मौर्यलोक कम्पलेक्स में स्टार्टअप के तहत उद्यम शुरू किए गए हैं, उन्हें देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप नवीन आइडियाज पर आधारित उद्यम है।

बैंक में लोन के लिए लेन-देन होता है
भाजपा एमएलसी जनक राम ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार उद्यमिता योजना’ के तहत उद्योग विभाग से चयनित युवक-युवतियों को लोन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अति पिछड़ा वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के बेरोजगारों को उद्यम लगाने के लिए लोन उपलब्ध कराना चाहती है। लेकिन बैंक में लेन-देन होता है। इस वजह से कमजोर वर्ग के चयनित युवा लोन हासिल करने से वंचित रह जाते हैं।
जनक राम ने कहा कि उद्योग विभाग ने लोन के लिए 16 हजार युवाओं का चयन किया है। सरकार बताए कि इनमें से कितने युवाओ ंको लोन मिला?
सरकार की ओर से जवाब देते हुए उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार उद्यमिता योजना’ के लिए बैंक से लोन लेना ही नहीं है। यह बैंक का नहीं, बल्कि सरकार का अपना पैसा है। यह पैसा डीबीटी के माध्यम से चयनित युवाओं के खाते में भेज दिया जाता है। योजना के तहत 10 लाख रुपये का लोन मिलता है। इसमें से 5 लाख रुपया लौटाना ही नहीं है। पांच लाख रुपये की मूल राशि 7 वर्षों में लौटानी है। 10 लाख से ऊपर के लोन के लिए बैंक से पैसा लेने की जरूरत होती है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में कितने युवाओं के खाते में लोन राशि भेजी गई है वे माननीय सदस्य को उपलब्ध करा देंगे।

चीनी मिल के लिए होगा ‘इंवेस्टर्स मीट’
कांग्रेस एमएलसी डॉ. समीर कुमार सिंह ने सवाल किया कि क्या सरकार मुंगेर में ‘पूर्व की भांति किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए गन्ना की खेती कराने और चीनी मिल स्थापित करने का विचार रखती है ताकि हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर प्राप्त हो सके?’
जवाब में गन्ना उद्योग मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा कि गन्ना की खेती के लिए अब निजी क्षेत्र को प्रोत्याहित किया जाएगा। चौथे कृषि रोड मैप में गन्ना उद्योग को बढ़ावा दिया गया है। आने वाले दिनों में चीनी मिल लगाने के लिए ‘इंवेस्टर्स मीट’ का आयोजन किया जाएगा।
इसपर मुख्य सचेतक, विरोधी दल डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि एक तरफ बिहार में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। दूसरी तरफ सरकार निवेशकों को बुलाने की बात कह रही है। उन्होंने कहा कि सरकार मुंगेर जिले में अगले पांच वर्षों के दौरान एक भी चीनी मिल खोल कर दिखा दे।
गन्ना उद्योग मंत्री ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल आपराधिक घटनाओं से माहौल खराब नहीं होता, साम्प्रदायिक घटनाओं से भी माहौल खराब होता है।

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