छ्पी-अनछपी: तेजस्वी बोले- माई-बहनों को 14 जनवरी 30 हजार दे देंगे, ललन सिंह पर एफआईआर
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी प्रसाद यादव ने ऐलान किया है कि सरकार बनने पर माई-बहन योजना के तहत महिलाओं के खाते में 14 जनवरी को एकमुश्त ₹30000 दे दिए जाएंगे। जदयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पर वोटरों को डराने धमकाने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। दरभंगा के गौड़ा बौराम सीट से वीआईपी ने अपने उम्मीदवार संतोष सहनी को राजद के अफजल अली खान के पक्ष में बैठाने का फैसला किया है। पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार थम गया है और वोटिंग कल होगी।
और, जानिएगा कि कैसे बीमा कंपनियों ने चुपके से प्रीमियम महंगा कर दिया है।
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार राजद नेता तेजस्वी यादव ने पहले फेज (121 सीटों) के प्रचार के अंतिम दिन एनडीए की घोषणाओं के जवाब में महागठबंधन की तरफ से नई घोषणाएं कीं। प्रचार के लिए पटना से निकलने के पहले सुबह में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बन रही है। तेजस्वी ने नीतीश सरकार द्वारा जीविका से जुड़ी हर महिला को दिए जा रहे 10 हजार रुपये के काउंटर में कहा, “2026 की 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन पूरे 12 महीने की ‘माई-बहिन मान योजना’ की राशि 30,000 रुपए सभी माता- बहनों के खाते में डाल देंगे।” इस तरह पूरे 5 साल के कार्यकाल में हर महिला को 1.5 लाख रुपए देंगे। तेजस्वी ने कहा- किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली दी जाएगी। पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग 70 किमी के दायरे में की जाएगी।
ललन सिंह पर भड़काऊ भाषण के मामले में एफआईआर
जागरण के अनुसार मोकामा विधानसभा में अब राजनीतिक बयानबाजी ने नया मोड़ ले लिया है। विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और मतदाताओं को डराने और धमकाने के आरोप में मोकामा थाना में बुद्धा कालोनी थाना क्षेत्र निवासी (केंद्रीय मंत्री) जदयू नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अंचलाधिकारी मोकामा के लिखित आवेदन पर यह कार्रवाई की गई। अंचल अधिकारी द्वारा थाने में दिए गए आवेदन में बताया गया है की वीडियो व्यूइंग टीम (वीवीटी), मोकामा विधानसभा क्षेत्र द्वारा प्राप्त फुटेज के माध्यम से यह संज्ञान में आया कि 3 नवंबर की शाम करीब 4:00 बजे प्रखंड थाना मोकामा के पास ललन सिंह ने अपने सार्वजनिक भाषण में ऐसे वक्तव्य दिए जो मतदाताओं को डराने और धमकाने के उद्देश्य से प्रतीत होते हैं।
गौड़ा बौराम सीट से वीआईपी ने आरजेडी को समर्थन दिया
प्रभात खबर के अनुसार वीआइपी ने मंगलवार को गौड़ाबौराम सीट से अपने प्रत्याशी संतोष सहनी को वापस ले लिया है. पार्टी ने सहयोगी दल राजद के प्रत्याशी मोहम्मद अफजल अली खान को समर्थन देने की घोषणा की है. मंगलवार को दरभंगा में वीआइपी प्रमुख मुकेश सहनी ने यह घोषणा की. संतोष सहनी उनके भाई हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुकेश, सहनी ने कहा कि शुरुआती दौर में इस सीट से राजद व वीआइपी दोनों के प्रत्याशियों ने नामांकन किया था. कई बार प्रत्याशी को समझाने का गया, लेकिन वह नहीं माने। अंततः वीआइपी के प्रत्याशी संतोष सहनी ने बड़ा दिल दिखाया. वह राजद प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी लड़ाई से हट गये. मुकेश सहनी कहा कि अगर दोनों मैदान में रहते, तो इसका लाभ एनडीए को मिलता. उन्होंने कहा कि यह किसी एक विधायक को विजयी है. बनाने की नहीं, महागठबंधन की सरकार बनाने की लड़ाई है. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से राजद प्रत्याशी का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अन्य क्षेत्रों में भी अगर यह स्थिति है, तो एक प्रत्याशी ऐसे ही बड़ा दिल दिखाएं.
पहले चरण के लिए वोटिंग कल, 18 जिले- 121 सीट
हिन्दुस्तान के अनुसार 10 अक्तूबर को नामांकन के साथ शुरू हुए बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार का शोर मंगलवार की शाम थम गया। बिहार के 18 जिलों के 121 विधानसभा क्षेत्रों में गुरुवार (6 नवंबर) को वोट पड़ेंगे। इस चरण में 3.75 करोड़ से अधिक मतदाता 1314 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गये हैं। पहले चरण के मतदान को लेकर 18 जिलों में 45341 केंद्र बनाये गये हैं। इन केंद्रों पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था रहेगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर सशस्त्र बल की तैनाती होगी। साथ ही शत प्रतिशत बूथों पर वेबकास्टिंग होगी। इसकी मदद से चुनाव आयोग मुख्यालय से बूथों की ऑनलाइन निगरानी रख सकेगा।
कैसे कहां टक्कर
- 25 सीटों पर भाजपा-राजद में सीधी लड़ाई
- 12 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस में टक्कर
- 34 सीटों पर जदयू-राजद में सीधा संघर्ष
- 11 सीटों पर जदयू और कांग्रेस आमने-सामने
- 01 सीट कुशेश्वरस्थान पर वीआईपी का सिंबल रद्द होने से जदयू का निर्दलीय से मुकाबला
- 12 सीटों पर लोजपा (रा) की राजद से भिड़ंत, मढ़ौरा में लोजपा (रा) प्रत्याशी का नामांकन रद्द
- दो सीटों पर रालोमो की राजद से दो-दो हाथ
- भाकपा माले : जदयू से सात, भाजपा से पांच और लोजपा (रा) से दो सीटों पर होगी सीधी लड़ाई
- वीआईपी : चार में से तीन सीट पर भाजपा, एक सीट पर जदयू से मुकाबला
- आईआईपी : एक पर जदयू, एक पर भाजपा से आमने-सामने
- माकपा : एक पर भाजपा, दो पर जदयू से टक्कर
- सीपीआई : एक सीट पर भाजपा से जाेर-आजमाइश
बीमा कंपनियों ने चुपके से बढ़ा दिया प्रीमियम
जीएसटी काउंसिल ने सितंबर में स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर 18 प्रतिशत के जीएसटी को शून्य कर दिया था, लेकिन ग्राहकों को उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। अधिकांश बीमा कंपनियों ने कुल प्रीमियम बीते वर्ष के मुकाबले बढ़ा दिया। यह बढ़ोतरी 10 से लेकर करीब 37 प्रतिशत तक है। वाहन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की गई है। टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम में बीते वर्ष के मुकाबले करीब 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। ‘हिन्दुस्तान’ ने स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम में की गई बढ़ोतरी को लेकर एक बीमा पॉलिसी के पूरे ब्यौरे के साथ टाटा एआईजी को ई-मेल किया, जिसमें कंपनी से पूछा गया कि बीते वर्ष एक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी का प्रीमियम 30,107 रुपये था, जिसमें 18 प्रतिशत जीएसटी यानी 4592 रुपये शामिल था। बीते 22 सितंबर से सरकार ने जीएसटी को हटा दिया है तो अब प्रीमियम 25,515 रुपये होना चाहिए, लेकिन कंपनी 34,899 रुपये मांग रही है।
कुछ और सुर्खियां:
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में यात्री ट्रेन ने मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मारी, आठ लोगों की मौत
- वोटर लिस्ट के एसआईआर का दूसरा चरण पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों में शुरू
- जाने माने उद्योगपति और हिंदूजा ग्रुप के अध्यक्ष गोपीचंद हिंदुजा का 85 साल की उम्र में लंदन में निधन
- पूर्णिया के जाने-माने व्यवसायी नवीन कुशवाहा उनकी पत्नी कंचनमाला सिंह और बेटी तनु प्रिया की संदेहास्पद स्थिति में मौत
अनछपी: बिहार विधानसभा चुनाव में दरभंगा ज़िले की गौड़ा बौराम सीट सबसे चर्चित सीटों में से एक साबित हो सकती है। महागठबंधन में जिन सीटों पर फ्रेंडली फाइट की बात की जा रही थी उनमें यह एक महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है क्योंकि यहां से वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के भाई संतोष सहनी उम्मीदवार थे जबकि राजद ने यहां से अफजल अली खान को टिकट दिया था। कायदे से तो महागठबंधन में इस तरह की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए थी लेकिन बाद में राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने मुकेश सहनी के दबाव में अफजल अली खान से उम्मीदवारी वापस लेने की बात की थी लेकिन अफजल इसके लिए तैयार नहीं हुए। दरअसल तेजस्वी यादव ने यह बात तब कही जब चुनाव आयोग से नाम वापस लेने की तारीख़ निकल चुकी थी और ऐसे में वह चाह कर भी अफ़ज़ल अली खान से सिंबल वापस नहीं ले सकते थे। तेजस्वी ने अफजल अली खान से बैठने की अपील भी की और उनके लिए अच्छा सोचने का वादा भी किया लेकिन बात नहीं बन पा रही थी। उधर मुकेश सहनी यह बात साफ तौर पर समझ रहे थे कि अगर अफजल अली खान मैदान में डटे रहे तो उनके भाई की जीत नहीं हो सकती है। यही नहीं उन्हें शायद यह भी लगा होगा कि इसका मुसलमानों के बीच गलत संदेश जाएगा क्योंकि पहले ही मुकेश सहनी की इस बात के लिए आलोचना की जा चुकी है कि उन्होंने एक मुसलमान को भी टिकट नहीं दिया जबकि उन्हें 15 सीटें मिली हैं। अब मुकेश सहनी ने यह ऐलान तो कर दिया कि वीआईपी अपने उम्मीदवार को वहां से बैठने के लिए कह चुकी है लेकिन क्या यह कदम देर आयद दुरुस्त आयद में गिना जाएगा? इसका पता तो 14 नवंबर को चल पाएगा जब रिजल्ट सामने आएगा। गौड़ा बौराम सीट 2008 में परिसीमन के बाद बना था और यहां पहला चुनाव 2010 में जनता दल यूनाइटेड के इजहार अहमद ने जीता था। 2020 में वीआईपी की स्वर्णा सिंह ने अफजल अली खान को लगभग 7000 वोटों से हराया था। तब अफजल अली राजद के ही उम्मीदवार थे। वैसे दिलचस्प बात यह है कि मैदान में रह गए प्रमुख उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी के सुजीत कुमार सिंह को एआईएमआईएम के अख्तर शहंशाह और जन सुराज पार्टी के इफ्तिखार आलम द्वारा काटे गए वोटों से मदद मिल सकती है।
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