छ्पी-अनछपी: कांग्रेस दफ्तर पर बीजेपी की चढ़ाई, हर परिवार से एक महिला को 10 हज़ार देगी सरकार

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द के इस्तेमाल के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम पर चढ़ाई कर दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक परिवार से एक महिला को रोजगार के लिए ₹10000 देने की घोषणा की है जिसे लौटाने की जरूरत नहीं होगी। बिहार के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने कहा है कि बिहार में पाकिस्तान के आतंकवादी नहीं घुसे हैं। कप्तान हरमनप्रीत की हैट्रिक से भारत ने एशिया कप हॉकी में चीन को 4-3 से हरा दिया।

और, जनिएगा कि डॉलर के मुकाबले रुपया अपनी सबसे कमजोर हालत में है और $1 का ₹88 से अधिक मिल रहा है।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को दरभंगा में दो दिन पूर्व वोटर अधिकार यात्रा मार्ग में बने एक स्वागत मंच से अपशब्द कहे जाने की घटना के खिलाफ भाजपा ने पटना में शुक्रवार को कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम पर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा- कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई। दोनों ओर से पहले पत्थर और फिर लाठी-डंडे भी खूब चले। आधे घंटे तक सदाकत आश्रम और आसपास का क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील रहा। दरअसल, भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री संजय सरावगी और नितिन नवीन, विधायक संजीव चौरसिया और अरुण सिन्हा के नेतृत्व में साढ़े ग्यारह बजे कुर्जी से सदाकत आश्रम के लिए मार्च निकाला। यह देख कांग्रेस कार्यकर्ता भी आश्रम के बाहर आकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन के नजदीक पहुंचते ही दोनों पक्ष उग्र हो गये। भाजपा के प्रदर्शनकारी सदाकत आश्रम का गेट खोल अंदर घुस गये। आश्रम परिसर में खड़ी कई गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले। आधे घंटे तक स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी रही। पत्थर-लाठी के प्रहारों से दोनों पक्षों ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं के घायल होने के आरोप लगाए हैं। मामले को शांत करने के लिए पुलिस को सख्ती करनी पड़ी, जिसके बाद झड़प खत्म हुआ। इधर, दोनों पक्षों के आवेदन पर पाटलिपुत्र थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।

रोजगार के लिए परिवार की एक महिला को मिलेंगे 10 हज़ार

प्रभात खबर के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित राज्य कैबिनेट की विशेष बैठक में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार से किसी एक महिला को स्वरोजगार के लिए ₹10000 की शुरुआती सहायता दी जाएगी। रोजगार के लिए दी जाने वाली राशि वापस नहीं करनी है। राज्य में परिवारों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख है। इधर सीएम ने एक्स हैंडल पर लिखा कि हमारी सरकार ने कैबिनेट की बैठक में महिलाओं के रोजगार के लिए एक नई योजना को स्वीकृति दी है। सीएम ने लिखा कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को उनकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना है।

बिहार में नहीं घुसे आतंकवादी: एडीजी

भास्कर के अनुसार बिहार में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों के घुसने की खबरों के बीच पुलिस मुख्यालय ने बड़ा दावा किया है। एडीजी विधि व्यवस्था पंकज कुमार दराद ने कहा कि पाकिस्तान के तीन आतंकी हसनैन अली, आदिल हुसैन और मोहम्मद उस्मान नेपाल से आए लेकिन बिहार या भारत में नहीं घुसे बल्कि तीनों मलेशिया भाग गए। एडीजी दराद ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पहले आशंका व्यक्त की गई थी कि कुछ आतंकी नेपाल के रास्ते भारत में आने वाले हैं। उनका नाम साझा किया गया था। इसको देखते हुए सीमाएं इलाकों में तैनात सुरक्षा बल, एसएसबी, आईबी, स्पेशल ब्रांच, सीआईडी और जिला पुलिस सहित तमाम एजेंसियों के साथ ही सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को अलर्ट किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले तीन आतंकियों पर मोतीहारी पुलिस ने 50-50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। पूर्वी चंपारण एसपी स्वर्ण प्रभात ने इनाम घोषित करने के साथ सूचना देने के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किए हैं। उन्होंने आतंकियों के दिखने यह सूचना मिलने पर थाना या डायल 112 को सूचित करने की अपील की थी। मोतिहारी पुलिस ने तीनों का स्केच भी जारी किया था।

भारत ने एशिया कप हॉकी में चीन को हराया

 

रुपये में भारी गिरावट, 1$=₹88

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बढ़ते तनाव के बीच रुपया शुक्रवार को 51 पैसे की भारी गिरावट के साथ पहली बार 88.09 पर बंद हुआ। यह रुपये का अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। रुपया 10 फरवरी 2025 को कारोबार के दौरान 87.95 प्रति डॉलर पर पहुंचा था। वहीं पांच अगस्त 2025 को रुपया, डॉलर के मुकाबले 87.88 पर बंद हुआ था। जानकारों के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप के सत्ता में आने के बाद रुपया अपने पड़ोसी देशों की मुद्राओं के मुकाबले सबसे ज्यादा 4.2 फीसदी की मार झेल चुका है। उनके अनुसार रुपये की गिरावट से निर्यातकों को थोड़ी राहत मिल सकती है। इससे उनका घाटा काफी हद तक कम हो जाएगा।

कुछ और सुर्खियां:

  • एसआईआर पर 1 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में फिर होगी सुनवाई
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मेटा और गूगल क्लाउड के साथ हाथ मिलाया
  • रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का कार्यकारी निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी गई
  • बिहार में एसआईआर के दौरान 11.36 लाख नए मतदाताओं ने दिया आवेदन
  • नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन की पढ़ाई फिर शुरू होगी, यूजीसी से मिली मंजूरी
  • यूक्रेन पर रूस ने 600 ड्रोन दागे, 30 की गई जान

अनछपी: भारत में कथित घुसपैठियों के बारे में भारतीय जनता पार्टी मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाती है लेकिन जब यह कहा जाता है कि पिछले 11 साल से सरकार चल रही भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए तो इसका कोई ठोस जवाब देने के बदले इस पर कोई विवाद खड़ा कर दिया जाता है। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विवादित बयान भी आते रहता है। अब टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के सवालों से गिरी भारतीय जनता पार्टी ने उनकी एक बात को मुद्दा बनाकर एक बार फिर असली सवाल का जवाब देने से बचने की कोशिश की है। बिहार में तो 20 साल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार चल रही है और इसे भाजपा का सहयोग मिल रहा है, फिर भी प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह यहां घुसपैठियों की चर्चा कर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यह सवाल बिल्कुल जायज है कि जब 11 साल से सीमाओं की रक्षा का मामला श्री मोदी और श्री शाह पर है और बिहार में भी उनकी ही सरकार चल रही है तो आखिर वह यह जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते जिसे आरोप वह लगाते हैं? महुआ मोइत्रा ने कहा कि वह बार-बार घुसपतियों की बात कर रहे हैं लेकिन भारत की सुरक्षा पांच बलों द्वारा की जाती है और यह सीधे तौर पर गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लाल किले से खड़े होकर प्रधानमंत्री मोदी ने खुद कहा कि घुसपैठियों डेमोग्राफी बदल रहे हैं लेकिन जब वह यह कह रहे थे तब उनके गृह मंत्री आगे की पंक्ति में खड़े होकर मुस्कुरा रहे थे। लेकिन इसके अलावा महुआ मोइत्रा ने यह भी कह दिया कि बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने में विफल रहने के लिए अमित शाह का सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए। महुआ मोइत्रा को इस तरह का बयान देने से बचना चाहिए क्योंकि उनका असली मुद्दा ऐसे बयानों से भटक जाता है। फिर भी जरूरी है कि महुआ मोइत्रा ने जो सवाल उठाए हैं उसका जवाब भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दें। इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी सवाल पूछा जाना चाहिए हालांकि लोगों को उनके होशो हवास पर उतना भरोसा नहीं रह गया है।

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