छपी-अनछपी: यूपी में कटेगा 2.89 करोड़ वोटरों का नाम, सर्दी से कांपी सबकी ज़िंदगी

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में उत्तर प्रदेश में 2.89 करोड़ लोगों के नाम कटेंगे। लगातार पड़ रही सर्दी और कोहरे से जिंदगी का सफर थम गया है। भारत में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले को चिंताजनक बताया है।

और, जानिएगा कि पब्लिक प्लेस पर कबूतरों को दाना चुगाने पर ₹5000 का जुर्माना लगा।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की अंतिम तिथि शुक्रवार को समाप्त हो गई। मतदाता सूची में 15.44 करोड़ नाम हैं और इसमें से 2.89 करोड़ नाम काटे जाएंगे। दूसरी ओर 1.11 करोड़ वोटरों को नोटिस भेजा जाएगा। जिन 2.89 करोड़ वोटरों के नाम काटे जाएंगे, उनमें 1.26 करोड़ स्थानांतरित, 46 लाख मृत, 23.70 लाख डुप्लीकेट, 83.73 लाख अनुपस्थित और 9.57 लाख अन्य श्रेणी के मतदाता हैं। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप ने बताया कि 31 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी।

बिहार में सबसे ठंडा रहा पटना

भास्कर ने लिखा है कि पटना की सुबह शुक्रवार को घने कुहासे के साथ तेज ठंडी पछुआ हवा के साथ हुई। स्थिति यह रही कि सुबह नौ बजे तक 100 मीटर के आगे कुछ नहीं दिख रहा था। कुहासा और ठंडी हवाओं के प्रभाव के कारण पटना का अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया। इस कारण शुक्रवार को पटना राज्य में सबसे ठंडा शहर रहा। पटना का अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पटना में कोल्ड डे रहा। मौसम विभाग के अनुसार, कोल्ड डे में अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान का अंतर काफी कम हो जाता है। हालांकि सबौर और औरंगाबाद का न्यूनतम तापमान सबसे कम रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन सबौर का अधिकतम तापमान 21.4 और औरंगाबाद का न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार गयाजी, भागलपुर, वाल्मीकिनगर, छपरा, डेहरी, राजगीर और जहानाबाद में भी कोल्ड डे जैसी स्थिति रही।

ट्रेनें लेट, फ्लाइट्स कैंसिल

हिन्दुस्तान के अनुसार कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर विमान और ट्रेन परिचालन पर भी पड़ा है। राज्य में 21 विमान शुक्रवार को रद्द रहे। पटना आने-जाने वाले 10 विमानों को रद्द करना पड़ा। साथ ही कुल 41 विमानों का परिचालन विलंब से हुआ। वहीं, दरभंगा हवाई अड्डे की 11 उड़ानें रद्द रहीं। यहां से एक भी विमान का शुक्रवार को परिचालन नहीं हो पाया। दूसरी ओर, संपूर्ण क्रांति 12 घंटे के विलंब से पटना पहुंची। ट्रेनों की लेटलतीफी और विमानों के रद्द होने व देर से आने-जाने के कारण ठंड में यात्री परेशान रहे। पटना में दृश्यता 100 मीटर रहने के कारण कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई की एक-एक जोड़ी और दिल्ली आने-जाने वाले दो जोड़ी विमान रद्द रहे। जबकि पहली उड़ान 2 घंटे 33 मिनट की देरी से एयरपोर्ट पर उतरी। दरभंगा एयरपोर्ट पर शुक्रवार को दृश्यता काफी कम थी। इस कारण विमान सेवा पूरी तरह ठप रही।

म्यूल खाता वाले 13 साइबर ठग गिरफ्तार

प्रभात ख़बर के अनुसार पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत कई देशों से ऑनलाइन बेटिंग का पैसा भारत मंगवाकर उसे खपाने वाले एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह का बिहार पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. गर्दनीबाग पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े 13 शातिरों को गया, पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर और बेतिया से गिरफ्तार किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, कई बैंकों के लिए काम करने वाला लोन एजेंट और मेडिकल की तैयारी कर रहा एक छात्र भी शामिल है. शुक्रवार को एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह और सचिवालय एएसपी अनु कुमारी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरोह के पास मौजूद म्यूल (फर्जी) खातों में सिर्फ भारतीय मुद्रा में ही 55 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का प्रमाण मिला है. अगर इसमें क्रिप्टो करेंसी और विदेशी मुद्रा के जरिये हुए लेन-देन को जोड़ दिया जाए, तो यह रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच जाती है. जांच में यह भी सामने आया है कि यही गिरोह एटीएम मशीनों में ग्लू लगाकर कार्ड फंसाने और लोगों के खातों से रुपये निकालने की घटनाओं में भी शामिल रहा है.

ट्रायल में रोहतासगढ़ रोपवे ध्वस्त

भास्कर के अनुसार कैमूर पहाड़ी पर रोहतासगढ़ किला एवं रोहितेश्वर धाम पर जाने के लिए बना रोपवे शुरू होने से पहले ध्वस्त हो गया। इसके पांच में से दो पिलर ट्रायल के दौरान ध्वस्त हो गए। वायर टूट गया। चार ट्रालियां गिर गईं। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। डीएम ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता खुर्शीद ने बताया कि सबसे टॉप टावर पर ट्रायल रन चल रहा था। लोड बढ़ाने के क्रम में घटना हुई। मामले की जांच करने कोलकाता से एक्सपर्ट टीम आ रही है। शनिवार को इसकी जांच होगी।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले चिंताजनक: भारत

प्रभात ख़बर के अनुसार भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले पर कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी शत्रुता गंभीर चिंता का विषय है. इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रमों पर भारत की पैनी नजर है. वहीं, बांग्लादेश की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान की स्वदेश वापसी पर भारत की पहली प्रतिक्रिया सामने आयी है. विदेश मंत्रालय ने रहमान की वापसी पर कहा है कि भारत बांग्लादेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करता है. इस घटनाक्रम को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए.

कबूतर को दाना चुगाने पर जुर्माना लगा

जागरण के अनुसार कबूतरों को सार्वजनिक स्थानों पर दाना खिलाने को अपराध मानते हुए कोर्ट ने सजा सुनाई है। ये संभवतः देश में अपनी तरह का पहला मामला है। मुंबई की एक अदालत ने ये कहते हुए दोषी पर 5000 रुपये का अर्थदंड लगाया कि कबूतरों की वजह से जानलेवा संक्रमण फैलने का खतरा है। ये आदेश ऐसे समय में आया है, जब बृहन्मुंबई नगर निगम ने जन समस्या और स्वास्थ्य खतरे का हवाला देते हुए शहर के विभिन्न स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

कुछ और सुर्खियां:

  • केरल के तिरुअनंतपुरम नगर निगम में भाजपा को पहली बार मिला मेयर का पद, 101 वार्डों में से 50 पर जीत, एक निर्दलीय पार्षद का मिला समर्थन
  • बिहार के वैभव सूर्यवंशी और कमलेश कुमार समेत देश के 20 नौनिहाल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित
  • बिहार में नसों को मैटरनिटी लीव जिले से ही मिल जाया करेगा
  • कनाडा में टोरंटो विश्वविद्यालय के इस केरबोरो परिसर के पास 20 वर्षीय भारतीय छात्र की गोली हत्या
  • मसाला विज्ञापन मामले में बॉलीवुड स्टार सलमान खान के हस्ताक्षर की फोरेंसिक जांच और कोर्ट में हाजिर होने का आदेश

अनछपी: हिंदी के अखबारों के पटना संस्करण में क्रिसमस के मौके पर हिंदुत्ववादी संगठनों या उनके नाम पर असामाजिक तत्वों द्वारा ईसाई समुदाय और उनके धर्म स्थलों पर हमले की खबरों की कवरेज बिल्कुल नजर नहीं आई या अगर कहीं छपी होगी तो उसका पता नहीं चलता। दूसरी तरफ बांग्लादेश में हिंदुओं पर होने वाले अत्याचार की खबर को बहुत ही प्रमुखता से छापा जा रहा है। हिंदी अखबारों में खबरों को कैसे दबाया और उभारा जाता है यह इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। इससे होता यह है कि जो लोग अभी नफरत के जहर से नहीं भरे हैं उनको भी यह पता नहीं चल पाता कि दरअसल कौन कहां कैसा ज़ुल्म कर रहा है। कोई घटना पाकिस्तान में हो या भारत में हो तो हिंदी के अखबारों में इसकी कवरेज खुद भारत में अल्पसंख्यकों पर होने वाली हिंसा के तुलना में बहुत ज्यादा दिखती है। उदाहरण के लिए बिहार के नवादा जिले में और उड़ीसा में एक मुस्लिम युवक की मॉब लिंचिंग की खबरें हिंदी अखबारों में दबा दी गई हैं। दूसरी तरफ बीबीसी हिंदी ने लिखा है कि भारत में क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान कई जगहों पर जश्न मना रहे लोगों के साथ ज़्यादती और हमलों की ख़बरें आईं। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल समेत कई जगहों से ऐसी ख़बरें आईं जिनकी भारतीय मीडिया में तो चर्चा हुई ही लेकिन साथ ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी इसकी कवरेज हुई। बीबीसी ने भारतीय मीडिया की तो चर्चा की लेकिन शायद यह या तो अंग्रेजी और गैर हिंदी क्षेत्रीय भाषा का मीडिया है या सोशल मीडिया है। कई जानकारों और मानवाधिकार संगठनों ने ऐसी घटनाओं पर चिंता जताई। साथ ही उन्होंने भारत में ‘ईसाई समुदाय पर ख़तरे’ के मद्देनज़र भारत सरकार से उन्हें सुरक्षा देने की मांग भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिसमस के मौक़े पर 25 दिसंबर की सुबह सभी देशवासियों को बधाई दी थी और सुबह वो दिल्ली स्थित एक चर्च में पहुंचे थे। हिंदी मीडिया के ऐसे दोहरे चरित्र से हिंदी पत्रकारिता को ही नुकसान पहुंचता है।

 

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