छ्पी-अनछपी: चुनाव आयोग के खिलाफ 23 दलों की चिट्ठी, पांडव सेना का सरगना गिरफ्तार

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। तेईस विपक्षी दलों ने चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया को एसआईआर और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर पत्र लिख कर विरोध जताया है। कई मर्डर केस में वांटेड पांडव सेना के सरगना संजय सिंह उर्फ संजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। मेडिकल दाखिले का इम्तिहान नीट यूजी को अगले साल से दो चरणों में कराया जा सकता है। 

और, अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता मिलती रहेगी। 

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार इंडिया गठबंधन के घटक दलों और एक निर्दलीय राज्यसभा सदस्य ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। पत्र पर आम आदमी पार्टी और डीएमके ने भी हस्ताक्षर किए है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आठ जून को हुई बैठक में 21 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सदस्य ने हिस्सा लिया था। बैठक में चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव संबंधी अन्य मुद्दों पर संयुक्त पत्र भेजने का निर्णय लिया गया था। अब 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सदस्य के हस्ताक्षर वाला संयुक्त पत्र मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के घटक दल श्योर यानी सॉलिडैरिटी, यूनिटी एंड रेजीलिएंस (एकजुटता, एकता और दृढ़ता) के सिद्धांतों पर मजबूती से कायम हैं। इस संयुक्त पत्र पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, वाम दल, आम आदमी पार्टी और डीएमके ने हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में निर्वाचन आयोग की भूमिका का उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि एसआईआर प्रक्रिया ने विभिन्न राज्यों के लोगों को किस प्रकार प्रभावित किया है।

पांडव सेना का सरगना गिरफ्तार

भास्कर के अनुसार पांडव सेना के सरगना संजय सिंह उर्फ संजय कुमार को एसटीएफ और पटना पुलिस ने बिहटा स्टेशन से गिरफ्तार किया। वह पत्नी पुष्पा कुमारी के साथ विक्रमशिला एक्सप्रेस से दिल्ली से पटना लौट रहा था। सोमवार रात करीब पौने दो बजे ट्रेन बिहटा स्टेशन पहुंची। पुलिस ने एसी कोच से उतारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुष्पा ने वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि पुलिस उनके पति को साथ ले गई है। उनके साथ अनहोनी हो सकती है। पुलिस एक साल पहले बिहटा में बरामद एके-47 मामले में उसे तलाश रही थी। इसी में वह वांटेड था। संजय धनरुआ थाना के नीमा गांव का रहने वाला है। उस पर बिहार -झारखंड में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, अपहरण, रंगदारी समेत 26 मामले दर्ज हैं। उसे दानापुर जेल भेज दिया गया है।

दो चरणों में हो सकता है नीट-यूजी

जागरण के अनुसार पेपर लीक के बाद मेडिकल के स्नातक कोर्सेज़ में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट-यूजी को फुलप्रूफ बनाने की कड़ी में नीट-यूजी की अगले साल से सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड में कराने का एलान पहले ही किया जा चुका है। इसके साथ ही परीक्षा को कोचिंग के जाल व नकल माफिया के नेटवर्क से बचाने के लिए, जेईई (ज्वाइंट एंट्रेंस एक्जाम) की तर्ज पर दो चरणों में कराने जैसे विकल्पों पर मंथन तेज हुआ है। इनमें पहला चरण प्रारंभिक यानी स्क्रीनिंग का होगा जबकि दूसरा चरण मुख्य होगा। मुख्य चरण की मेरिट के आधार पर ही छात्रों को दाखिला दिया जाएगा। कुल मिलाकर अगले साल से मेडिकल प्रवेश में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। वैसे भी पेपर लीक के बाद नीट यूजी को एक दिन में कराने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। 

सिपाही भर्ती परीक्षा में ब्लू टूथ, वॉकी टॉकी

जागरण के अनुसार सीवान जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सूरापुर स्थित आरएस पब्लिक स्कूल में 28 जून को आयोजित सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा में ब्लूटूथ और वाकीटाकी के जरिए नकल कराने वारले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। परीक्षा और उसके सहयोगी को पुलिस ने सिवान जंक्शन से गिरफ्तार कर लिया, जबकि इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड, सीआरपीएफ जवान अनीश कुमार उर्फ रोशन कुमार उर्फ फोट्टी फरार हो गया। पुलिस ने दोनों आरोपितों से दो दिनों तक पूछताछ के बाद मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक में माफ़िया की पत्नी गिरफ्तार

प्रभात खबर के अनुसार महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीइटी)-2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में बिहार एसटीएफ और महाराष्ट्र के ठाणे जिले की भिवंडी पुलिस ने सोमवार देर रात परीक्षा माफिया व मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी उसके अगमकुआं के गांधी नगर आरएन सिंह पार्क स्थित घर से की गयी. दरअसल, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि परीक्षा माफिया बिजेंद्र गुप्ता अपनी बेटी के जन्मदिन पर अपने घर जरूर आयेगा. लेकिन, बिजेंद्र को इसकी भनक लग गयी और वह फरार हो गया. पुलिस उसके घर पहुंची और काफी देर तक इंतजार किया. लेकिन जब वह नहीं आया, तो पुलिस ने उसकी पत्नी सुमन कुमारी को गिरफ्तार कर लिया. महाराष्ट्र पुलिस उसे अपने साथ भिवंडी ले गयी और मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां उसे छह जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. छापेमारी के दौरान बिहार एसटीएफ ने उसके फ्लैट से मोबाइल फोन, लैपटॉप व अन्य दस्तावेज को भी जब्त किया. जिसे महाराष्ट्र पुलिस को जांच करने के लिए सौंप दिया गया है. पेपर लीक मामले में सुमन को मिला कर चार गिरफ्तारी हो चुकी है. बिजेंद्र मूल रूप से समस्तीपुर के विद्यापति नगर के शेरपर गांव का रहने वाला है.

अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता मिलती रहेगी

भास्कर के अनुसार अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता मिलती रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को झटका देते हुए बर्थराइट सिटीजनशिप (जन्म के आधार पर नागरिकता) पर उनके आदेश को खारिज कर दिया है। इसमें कहा गया था कि अमेरिका में अवैध रूप से या अस्थायी तौर पर रह रहे लोगों के यहां जन्मे बच्चे अमेरिकी नागरिक नहीं होंगे। कोर्ट ने कहा कि अमेरिका में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति अमेरिकी नागरिक है। 6-3 के फैसले में चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि नागरिकता सिर्फ कानूनी दर्जा नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों की बुनियाद है। यह अमेरिका में बराबरी का अधिकार देती है। राष्ट्रपति ट्रम्प के ये प्रतिबंध कई निचली अदालतों में पहले ही रोके जा चुके थे और लागू नहीं हो पाए थे। अगर आदेश लागू होता तो हर साल अमेरिका में जन्म लेने वाले ढाई लाख बच्चे प्रभावित होते। बता दें कि ट्रम्प ने यह आदेश अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन (20 जनवरी 2025) साइन किया था और इसे उनकी सरकार की व्यापक इमिग्रेशन सख्ती का हिस्सा बताया गया। रिपोर्ट के मुताबिक आदेश नहीं लागू होने से ग्रीन कार्ड की कतार में फंसे 10 लाख से ज्यादा भारतीयों को बड़ी राहत मिली है।

कुछ और सुर्खियां:

  • जनरल धीरज सेठ भारत के 31 में आर्मी के बने
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बात की, कहा- होर्मुज में हो बेरोकटोक आवाजाही
  • भोजपुर मुठभेड़ पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, हाईकोर्ट जाने को कहा
  • पटना जिले के चैनपुर के अपग्रेडेड हाई स्कूल के हेड मास्टर को ₹50000 घूस लेते गिरफ्तार किया गया

अनछपी: बिहार में इस समय दो तरह के घोटाले-फर्ज़ीवाड़े की जांच चल रही है और उसमें होने वाली गिरफ्तारियों से हर दिन चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। लेकिन असली चौंकाने वाली बात यह है कि इन गुनहगारों के जो राजनीतिक आका हैं, अब तक उनमें से किसी के ऊपर हाथ नहीं डाला गया है। यह चाहे टेंडर घोटाले से चर्चित रिशु श्री का मामला हो या बिहार से महाराष्ट्र तक पेपर लीक करने वाले गिरोह के सरगनाओं का। बिहार में अगर विपक्ष जिंदा होता तो आज इन दोनों मामलों में बड़ा आंदोलन हो रहा होता और इस बात की चर्चा जरूर होती कि आखिर ऐसे घोटाले के पीछे जो नेता हैं, उनका हिसाब कब होगा। विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले जन सुराज पार्टी के सुत्रधार प्रशांत किशोर ने कुछ राजनेताओं पर जरूर सीधे सवाल किए थे लेकिन सबको मालूम है कि चुनाव के बाद कैसे उनके तेवर ढीले हो गए और अब तो लगता है कि उन्हें इन घोटालों के मामले में कोई खास बात नहीं कहनी है। बिहार की राजनीति ने स्वर्गीय सुशील मोदी और नीतीश कुमार के बतौर विपक्षी नेता आंदोलन को देखा है और लालू राबड़ी को सत्ता से हटाने में उनके संघर्ष को कौन नहीं जानता है। ऐसी कोई कोशिश इस समय बिहार के विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की ओर से नहीं दिखाई देती। हैरत तो यह है कि वामपंथी दलों से भी जो मैदानी संघर्ष की उम्मीद की जाती थी वह भी नजर नहीं आता। कांग्रेस पार्टी तो केवल टिकट बंटवारे के वक्त अपने झगड़ों के लिए ही चर्चा में नजर आती है। ऐसे में इस समय घपला घोटाला को संरक्षण देने वाले नेताओं की चांदी है और बिहार की जनता लहूलुहान है। 

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