बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर सॉल्वर गैंग के घोटाले का पता चला है। भारत से घुसपैठियों को बाहर निकालने की मुहिम शुरू करने की तैयारी चल रही है। एक बार फिर अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने पलटवार किया है।
और, बिहार की 30 हज़ार महिला पुलिसकर्मी अब भी पुरुषों के लिए बने बॉडी प्रोटेक्टर के भरोसे।
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस ने परीक्षा में धांधली की कोशिश कर रहे सॉल्वर गैंग के 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें 12 खगड़िया से और तीन सहरसा से पकड़े गए हैं। सहरसा में मुख्यालय डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह के नेतृत्व में डीआईयू की टीम ने छापेमारी की। गिरफ्तार सॉल्वर ने पूछताछ में बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए एक अभ्यर्थी से 8 लाख रुपए में डील हुई थी। गिरोह की सेटिंग परीक्षा केंद्रों के बायोमेट्रिक कर्मियों से लेकर केंद्राधीक्षकों तक थी। गैंग का सरगना भागलपुर और गया से ऑपरेट कर रहा था। खगड़िया के सेंट जेवियर्स स्कूल के केंद्राधीक्षक ब्रजेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। राज्य भर में कदाचार और दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले 14 लोग पकड़े गए हैं। खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार सभी से पूछताछ हो रही है। सिपाही भर्ती परीक्षा में पूरे राज्य में 11 एफआईआर दर्ज की गई है। ब्लूटूथ डिवाइस से कदाचार के आरोप में दरभंगा में 7 परीक्षार्थी पकड़े गए। जमुई में विक्की कुमार को ब्लूटूथ के साथ गिरफ्तार किया गया। वह पटना जिला के पालीगंज का रहने वाला है। पुलिस किशनगंज, पटना, सहरसा, दरभंगा समेत सहित कई जिलों में छापेमारी कर पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
घुसपैठियों को निकालने के लिए चलेगा अभियान
जागरण की एक्सक्लूसिव ख़बर है कि देश को माओवादियों से मुक्त करने के बाद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह अब घुसपैठियों से मुक्त बनाने के मिशन में जुट गए हैं। बिहार, राजस्थान, गुजरात और त्रिपुरा के सीमावर्ती जिलों का दौरा करने के बाद शाह ने अब सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक बुलाई है। नौ जुलाई को दिल्ली में होने वाली बैठक में खुफिया ब्यूरो, रॉ, ईडी, एनआईए समेत सभी केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुख भी उपस्थित रहेंगे। पूरे देश में घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने व घुसपैठ से जुड़े पूरे इको-सिस्टम को ध्वस्त करने की रणनीति पर चर्चा होगी। सरकार घुसपैठ की समस्या से निजात दिलाने के लिए पहले ही उच्चाधिकार प्राप्त जनसांख्यिकी बदलाव समिति का गठन कर चुकी है। अखबार दावा करता है, “अवैध घुसपैठ की समस्या सिर्फ सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं है। एक बार घुसपैठ करने के बाद ये सीमावर्ती इलाकों से पूरे देश में पहुंच रहे हैं। खासतौर पर महानगरों और औद्योगिक शहरों इन्हें संगठित तरीके से पहुंचाया और बसाया जाता है।”
अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान का पलटवार
हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिका और ईरान ने लगातार दूसरे दिन रविवार को एक-दूसरे पर हवाई हमले किए। अमेरिका ने ईरान के 10 ठिकानों को निशाना बनाया। जवाब में ईरानी सेना ने भी खाड़ी देशों को स्थित अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान ने आठ अमेरिकी ठिकाने तबाह करने का दावा किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेताया कि ईरान के लिए बुरा समय आ सकता है। अमेरिकी सेना ने कहा कि ईरान के सैन्य निगरानी ढांचे, संचार प्रणालियों, हवाई रक्षा ठिकानों, ड्रोन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी हमलों के जवाब में रविवार तड़के ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्ट्स ने रविवार तड़के बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर फिर हमले किए। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि कुवैत में अल-असद एयर बेस को निशाना बनाया गया। कुवैती सेना ने कहा कि रविवार सुबह एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान के ड्रोन-मिसाइलों को रोक दिया।
बांग्लादेश से भागी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का दावा- इस साल लौटूंगी
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने इसी साल देश लौटने का ऐलान किया है। उन्हें बांग्लादेश में मौत की सजा सुनाई गई है। अगस्त 2024 में हुए तख्तापलट के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं। एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में शेख हसीना ने कहा कि मेरी वापसी में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का सवाल नहीं है। यह बांग्लादेश के लोगों के राजनीतिक अधिकारों, लोकतंत्र की बहाली, कानून के शासन और मुक्ति संग्राम की भावना से जुड़ा विषय है।
पूर्णिया में संपत्ति के लिए बेटे ने की मां-बाप की हत्या
जागरण के अनुसार पूर्णिया जिले में संपत्ति और जमीन के लालच में एक जगह बेटे ने अपने ही वृद्ध माता-पिता की जान ले ली, तो वहीं दूसरी घटना में महज दस कट्ठा जमीन के लिए दो छोटे भाइयों ने अपने सगे बढ़े भाई को खंभे से बांधकर तलवार से गोदकर हत्या कर दी। पहली घटना कला केनगर भ्राना क्षेत्र के झुन्नी पंचायत के वार्ड आठ की है। यहां 65 वर्षीय गुलर ऋषि और उनकी 50 वर्षीय पत्नी मुनिया देवी का शव घर में फंदे से लटकता मिला। इस दोहरे हत्याकांड का आरोप उनके बड़े बेटे मनोज ऋषि और उसकी पत्नी फूल देवी पर लगा है। मृतक दंपती की बेटी चंपा देवी और अन्य स्वजन के अनुसार, मनोज ऋषि अपने बूढ़े माता-पिता का भरण-पोषण नहीं करता था। दोनों गांव में मांगकर या अपनी बेटी के घर जाकर खाते थे। चंपा देवी अपने माता-पिता को अपने साथ ले जाना चाहती थी, लेकिन मनोज इसका विरोध करता था।
दूसरी घटना बनमनखी थाना क्षेत्र के धरहरा चकला भुनाई पंचायत के वार्ड नंवर सात की है। यहां दस कट्ठा जमीन के विवाद में सुशील शर्मा की उनके ही दो छोटे भाइयों, वकील शार्मा और वावुल शर्मा ने हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि वाबुल शर्मा पिछले 10 वर्षों सेघर से लापता था। हाल ही में लौटने के बाद उसने वकील शर्मा के साथ मिलकर जमीन में हिस्सेदारी की मांग शुरू कर दी। इसको लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ने बड़े भाई सुशील शर्मा के साथ पहले मारपीट की, फिर उसे वास के खंभे से बांध दिया। इसके बाद दोनों ने तलवार और चाकू से गोदकर उसकी नृशंस हत्या कर दी। जब सुशील की पत्नी उसे बचाने दौड़ी तो आरोपितों ने उस पर भी जानलेवा हमला किया।
बिहार की महिला पुलिसकर्मी अब भी पुरुषों के लिए बने बॉडी प्रोटेक्टर के भरोसे
प्रभात ख़बर की ख़ास ख़बर में बताया गया है कि देश में सबसे अधिक महिला पुलिस बल देकर बिहार ने महिला सशक्तीकरण की एक नयी और गौरवमयी परिभाषा गढ़ी है. लेकिन, सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि यह सशक्तीकरण फाइलों से आगे बढ़कर ग्राउंड रियलिटी में सहज नहीं हो पाया है. देश में सबसे ज्यादा महिला पुलिसकर्मियों वाले बिहार में “पुलिस दीदियां” आज भी पुरुषों के शारीरिक ढांचे के हिसाब से बने भारी हेलमेट, ढीले बॉडी प्रोटेक्टर और भारी-भरकम राइफलों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं. हालांकि, सशस्त्र सीमा बल में महिला कर्मियों के शारीरिक गठन के हिसाब से अलग बॉडी प्रोटेक्टर आ चुके हैं. महिला सिपाहियों ने माना कि जो सुरक्षा कवच और हेलमेट उनके खुद के शरीर पर फिट नहीं बैठते, उन्हें पहनकर वे दूसरों की सुरक्षा कैसे करेंगी?
कुछ और सुर्खियां:
- आयरलैंड ने भारत को दूसरे टी 20 क्रिकेट मैच में भी हराया, सीरीज जीती
- झारखंड में कल से शुरू होगा वोटर लिस्ट का विशेष गहन परीक्षण- एसआईआर
- यूरोप में हीटवेव का जबरदस्त कर फ्रांस में एक हफ्ते में एक हज़ार लोगों की मौत
- पश्चिम बंगाल में पहली भाजपा सरकार आज विधानसभा में पेश कर सकती है यूनिफॉर्म सिविल कोड का मसौदा
अनछपी: भारत में एक्स मुस्लिम के नाम पर और उनके ज़रिए क्या क्या खुराफात होती है इसका एक बेहद खतरनाक उदाहरण हमें मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों को ज़हर देकर मारने की साज़िश के तौर पर मिला है। मुंबई पुलिस ने मुहर्रम के जुलूस के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों को नुक्सान पहुंचाने की इस साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुणे निवासी 39 वर्षीय फैयाज प्रेमजी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह कथित एक्स मुस्लिम दर्द निवारक और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानेवाली दवा बताकर जिंक फास्फाइड से भरे कैप्सूल लोगों में बांट रहा था। समय रहते कार्रवाई कर पुलिस ने उसके पास से 14,900 जहरीले कैप्सूल बरामद कर लिए। बाद में छापेमारी में 50 किलोग्राम जिंक फास्फाइड और अतिरिक्त 30 हजार खाली कैप्सूल भी जब्त किए गए। बताया गया कि बायकुला क्षेत्र में मुहर्रम जुलूस के दौरान गश्त कर रही पुलिस टीम को एक व्यक्ति संदिग्ध ढंग से कैप्सूल बनता दिखाई दिया था। कुछ घंटे बाद सलमान नाम के एक नौजवान के कैप्सूल खाने के बाद उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचने पर मामला गंभीर हो गया। जांच में पता चला कि तब तक 11 लोग और बीमार हो चुके थे हालांकि सभी की हालत खतरे से बाहर थी। पूछताछ में इस बदमाश ने स्वीकार किया कि वह जुलूस को निशाना बनाना चाहता था। पुलिस के अनुसार, उसने 15 दिन मुंबई में रहकर लगभग एक-एक ग्राम जिंक फास्फाइड भरकर कैप्सूल तैयार किए। खाली कैप्सूल आनलाइन मंगाए गए थे, जबकि जहरीला रसायन उसने अपने पेंट कारोबार के लिए खरीदे आने का दावा किया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या आरोपित अकेला था या उसके साथ और लोग भी शामिल थे। इस बदमाश के कई वीडियो इंटरव्यू सामने आए हैं जिसमें वह खुद को एक्स मुस्लिम बता रहा है। ऐसे लोगों से न केवल मुस्लिम समाज को बल्कि के सभी समाजों को बचने-बचाने की जरूरत है। इस मामले में पुलिस की तत्परता की तारीफ की जानी चाहिए।
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