छ्पी-अनछपी: अमेरिका बोला- ईरान समझौते के लिए तैयार, दरभंगा में बर्ड फ्लू
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान समझौते के लिए तैयार है मगर यह नहीं बताया कि यह समझौता क्या है। दरभंगा में कौवों की मौत के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के 7 जिलों में घुसपैठियों को बहुसंख्यक बताया।
और जानिएगा कि कैसे एक अमेरिकी पर्यटक से मुंबई में 400 मीटर की टैक्सी सर्विस के लिए 18 हज़ार रुपये किराया लिया गया।
पहली ख़बर
ईरान से तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि ईरान समझौते को तैयार है। हालांकि तेहरान ने कहा कि अगर वो धमकी देना बंद करें तो वार्ता हो सकती है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि मैं ये विश्वास से कह सकता हूं कि वो समझौता करना चाहते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या तेहरान को कोई समय सीमा दी गई है तो वह बोले, हां मैंने समय सीमा दी है, लेकिन केवल वो ही जानते हैं कि वह क्या थी।
इसराइल युद्ध के लिए उकसा रहा: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति हमें धमकी देना बंद करते हैं तो वार्ता हो सकती है। हम इसके लिए उतना ही तैयार हैं, जितना युद्ध के लिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी हमला मध्य पूर्व में एक बड़ी आग को भड़का सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसराइल, ट्रंप को युद्ध के लिए भड़का रहा है। उन्होंने कहा, हम पूर्व में हुए 12 दिन के युद्ध से भी ज्यादा तैयार हैं।
दरभंगा में बर्ड फ्लू
प्रभात ख़बर के अनुसार दरभंगा जिले में बर्ड फ्लू से सैकड़ों पक्षी की मौत हो गयी है. सरकारी स्तर से इसकी पुष्टि कर दिये जाने से प्रशासन एक्शन में आ गया है. नगर निगम क्षेत्र के रहमगंज भीगो में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) से अब तक 200 कौवों की मौत हो चुकी है. कौवों के शवों को दफना दिया गया है. भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बिहार सरकार को पत्र भेजकर दरभंगा में मिले कौवों के शवों में बर्ड फ्लू के वायरस की पुष्टि कर दी है.
अमित शाह का दावा- असम के सात जिलों में घुसपैठिए बहुसंख्यक
हिन्दुस्तान के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि कांग्रेस शासन में असम की जनसांख्यिकी में बदलाव आया। इससे राज्य के सात जिलों में घुसपैठिए बहुसंख्यक हो गए। शुक्रवार को करेनग चापारी में आयोजित 10वें मिसिंग युवा महोत्सव के समापन समारोह में उन्होंने ये बातें कहीं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार जनसांख्यिकी में बदलाव की प्रवृत्ति को खत्म करने का काम कर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में असम में घुसपैठियों की आबादी शून्य से बढ़कर 64 लाख हो गई और सात जिलों में घुसपैठिए बहुसंख्यक हो गए। उन्होंने लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने की अपील की, जिससे राज्य को घुसपैठ से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।
दो इंच ज़मीन के झगड़े में दो लोगों का मर्डर
भास्कर के अनुसार फतुहा थाना क्षेत्र के रसलपुर गांव में 2 इंच जमीन के विवाद में खूनी झड़प हो गई। विवाद श्रवण यादव और उनके सगे भाई राजकुमार यादव के बीच था। मारपीट के बाद राजकुमार के दो नाबालिग बेटों ने तीन-चार राउंड फायरिंग कर दी। एक गोली श्रवण यादव की पत्नी जयंती देवी के जबड़े में लगी। 50 साल की जयंती की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद भी दोनों नाबालिग फायरिंग करते रहे। एक गोली पड़ोसी देव सागर सिंह के सिर में लगी। इलाज के दौरान 51 साल के देव सागर की भी मौत हो गई। श्रवण का 24 साल का बेटा रंजन यादव जब पिस्टल छीनने पहुंचा तो उस पर भी गोली चला दी गई। उसके हाथ में गोली लगी। घटना शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे हुई। दो लोगों की हत्या और एक को घायल करने के बाद 14 से 16 साल के दोनों नाबालिग भाई पिस्टल घर में रखकर गांव से कुछ दूरी पर खेत में छिप गए। ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार, फतुहा एसडीपीओ-1 अवधेश कुमार और थानाध्यक्ष सदानंद साह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने नाबालिगों के घर से दो पिस्टल और एक तलवार बरामद की। आरोपी राजकुमार फरार हो गया। श्रवण यादव के बयान पर दोनों नाबालिग भतीजे, भाई राजकुमार समेत चार लोगों को नामजद किया गया है। ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने बताया कि एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है।
400 मीटर की टैक्सी यात्रा, किराया 18 हज़ार
जागरण ने लिखा है कि मुंबई से सामने आई एक शर्मनाक घटना ने में पता चला है कि अमेरिकी महिला पर्यटक के साथ टैक्सी चालक ने ऐसा छल किया कि 400 मीटर का सफर सीधे 18 हजार रुपये में तब्दील हो गया। सोचिए 400 मीटर का सफर। जितनी दूरी में आम इंसान दो बार सड़क पार कर ले। उतने रास्ते के लिए आप कितना किराया देंगे? 50 रुपये ? 80 रुपये? या सौ? मगर अमेरिका से आई एक महिला पर्यटक के लिए यही मामूली दूरी बन गई दुनिया की सबसे महंगी टैक्सी राइड पूरे 18 हजार रुपये। घटना छत्रपति महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की है। अमेरिकी पर्यटक को पास ही पांच सितारा होटल जाना था जिसकी दूरी महज 400 मीटर थी। मगर टैक्सी चालक देशराज यादव ने पहले करीब 20 मिनट अंधेरी की गलियों में घुमाया। उसी इलाके में वापस लाकर होटल छोड़ा और थमा दिया 200 डॉलर यानी करीब 18,000 रुपये का बिल। ठगी का शिकार हुई पर्यटक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी दी। अब मुंबई पुलिस ने उस टैक्सी चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
कुछ और सुर्खियां:
- पूर्वी चंपारण के छोड़ा दोनों में नशे में एंबुलेंस चालक ने 6 लोगों को कुचला, छात्र की मौत
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी- क्यूबा को तेल बेचने वाले देशों पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया जाएगा
- रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोने की कीमत ₹14000 प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत ₹20000 प्रति किलोग्राम लुढ़क गई
- बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा में 13 लाख 17846 परीक्षार्थी
- पटना सिटी में 80 लाख की प्रतिबंधित कफ सिरप ज़ब्त
- मुजफ्फरपुर के देवरिया कोठी में पुल की रेलिंग तोड़ नहर में गिरी कार, जेई दो लोगों की मौत
- गया जिले के बाराचट्टी में वेस्टेज गोला फटने से एक किशोर की मौत
- मुजफ्फरपुर के गेस्ट हाउस में फंदे से लटका मिला बंगाल के व्यवसाई और पुत्र का शौक
- डॉलर के मुकाबले में रुपए ने अपने सबसे निचले स्तर को छुआ, 1 डॉलर का हुआ 92.02 रुपया
अनछपी: मुज़फ्फरपुर में बेटा नहीं होने को वजह बताकर एक महिला की हत्या कर उसकी लाश नदी के किनारे नाले में फेंक दिया। यह ख़बर आज छ्पी है और इसपर कहीं कोई चिंता नहीं नज़र आती। क्या यह विकसित हो रहे बिहार और भारत की पहचान हो सकती है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगतार बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नारे लगाते हैं। वह मुस्लिम महिलाओं के हालात पर चिंतित रहते हैं। दूसरी ओर, हमारे समाज में बेटा नहीं होने की वजह से औरतों को मार दिया जाता है। यह कोई अकेली घटना नहीं है और औरतों की जान लेने के लिए कई सामाजिक कुरीति जिम्मेदार हैं। हम आए दिन डायन होने के आरोप में महिलाओं की हत्या की खबर भी पढ़ते रहते हैं। सरकार के प्रचार माध्यमों में बेटा बेटी में अंतर न करने और महिलाओं को प्रताड़ित न करने की बात बस घोषणाओं तक सीमित है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बिहार में महिलाओं के उत्थान के लिए बहुत सारे काम करने का दावा करते हैं। नीतीश कुमार अपने दावे में सही साबित हो सकते हैं लेकिन कम से कम इन दो मुद्दों पर उन्हें नाकाम माना जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कभी ऐसे मुद्दों पर बोलते हुए नहीं सुना गया या अगर उन्होंने ऐसी कोई बात कही है तो उसका कहीं अता पता नहीं चलता। सामाजिक स्तर पर भी इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं दिखता है। जब ऐसी कोई घटना होती है तो सरकार और प्रशासन के लोग कानून व्यवस्था की बात करते हैं लेकिन इसकी रोकथाम नहीं हो पाती है। इसलिए सरकार और समाज को ऐसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा और इसकी रोकथाम के लिए विशेष प्रयास करना चाहिए।
180 total views
