छ्पी-अनछपी: इराक में अमेरिकी जहाज़ गिरा- 6 फौजी मरे, शेयर बाजार का कंगाली हफ्ता
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। इराक में एक अमेरिकी सैन्य विमान गिरने से इसमें सवार सभी छह अमेरिकी सैनिक मारे गए। यह हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछले चार साल में सबसे बुरा साबित हुआ है।
और, जानिएगा कि एमडी के न रहने से बिहार में स्टूडेंट्स को सरकारी कर्ज़ मिलना ठप चल रहा है।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष 14वें दिन और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया। ईरान ने कई देशों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए, वहीं ईरान में क़ुद्स दिवस पर तेहरान स्थित फिरदौसी चौराहे पर आयोजित एक रैली पर इसरायल द्वारा हवाई हमले की खबर है। इराक में एक अमेरिकी सैन्य विमान गिर गया। इसमें सवार सभी छह अमेरिकी सैनिक मारे गए। इराक में ईरान समर्थित रेजिस्टेंस फोर्स ने इस विमान को मार गिराने का दावा किया, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इससे इन्कार करते हुए जांच की बात कही है। न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, कमांड ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इसरायल सैन्य अभियान का हिस्सा रहा बोइंग निर्मित केसी 135 सैन्य रिफ्यूलिंग विमान न तो हमले में और न ही फ्रेंडली फायर का शिकार हुआ है।
भारत के दो जहाज़ को होर्मुज से गुजरने की इजाज़त
पश्चिम एशिया संक्ट के बीच भारत के लिए राहत भरे संकेत सामने आए हैं। ईरान ने शुक्रवार देर शाम एलपीजी लदे दो भारतीय जहाजों को अपनी यात्रा पर आगे बढ़ने की अनुमति दे दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच एक दिन पहले हुई बातचीत तथा विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची के बीच लगातार चार दौर की टेलीफोन वार्ता के बाद ईरान ने संकेत दिया था कि भारतीय जहाजों को होर्मुज जलमार्ग से गुजरने की अनुमति मिल सकती है। नई दिल्ली में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से कहा कि भारत ईरान का मित्र है और दोनों देश समान हितों के लिए काम कर रहे हैं।
ट्रंप की टीम में खींचतान
हिन्दुस्तान के अनुसार ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के अंदर अलग-अलग राय सामने आ रही है। व्हाइट हाउस में खींचतान चल रही है कि युद्ध में जीत कब और कैसे घोषित की जाए। जबकि संघर्ष मध्यपूर्व के कई हिस्सों तक फैल चुका है। कुछ अधिकारी ट्रंप को चेतावनी दे रहे हैं कि अमेरिका और इसरायल के हमलों की वजह से पेट्रोल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे अमेरिका में राजनीतिक नुकसान हो सकता है। वहीं कुछ सख्त रुख वाले नेता चाहते हैं कि ईरान पर सैन्य दबाव जारी रखा जाए। ट्रेजरी विभाग और राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के अधिकारी ट्रंप को चेतावनी दे रहे हैं कि अगर तेल की कीमतों में बड़ा झटका लगा और पेट्रोल महंगा हुआ तो युद्ध के लिए घरेलू समर्थन जल्दी घट सकता है।
एक हफ्ते में शेयर बाजार में 20 लाख करोड़ का नुकसान
हिन्दुस्तान के अनुसार शेयर बाजारों में शुक्रवार को तीसरे दिन भारी गिरावट आई। सेंसेक्स 1,471 अंक लुढ़का तो निफ्टी ने 488 अंक का गोता लगाया। दोनों सूचकांकों में चार साल की यह सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। इस सप्ताह निवेशकों को 20 लाख करोड़ का नुकसान हो चुका है। सेंसेक्स गिरकर 74,564 पर तो निफ्टी 23,151 पर बंद हुआ। निफ्टी पहली बार सात अप्रैल 2025 के बाद 23,200 के नीचे आया। सेंसेक्स में इस हफ्ते 4,354.98 व निफ्टी 1,299.35 अंक गिरा है। इससे पहले एक सप्ताह में ऐसी गिरावट जून 2022 में देखी गई थी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए महाभियोग नोटिस
जागरण के अनुसार मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ विपक्षी दलों का बढ़ा टकराव महाभियोग तक आ पहुंचा है। तृणमूल कांग्रेस की अगुआई में शुक्रवार को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में महाभियोग का नोटिस दिया। इसमें विपक्षी दलों के करीब 193 सांसदों के हस्ताक्षर का दावा किया जा रहा है। इनमें करीब 130 सदस्य लोकसभा के और करीब 63 सदस्य राज्यसभा के हैं। जिन प्रमुख आरोपों को आधार बनाया गया है. उनमें मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे जाने व विपक्षी दलों के साथ भेदभाव जैसे आरोप शामिल हैं। तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत राय ने सीईसी को हटाने के लिए नोटिस देने की पुष्टि की।
पंजाब और यूपी में गैस सिलिंडर की लाइन में लगे दो बुज़ुर्गों की मौत
गैस सिलेंडरों को लेकर घबराहट के बीच पंजाब और उत्तर प्रदेश में दो बुजुर्गों की जान चली गई। दोनों बुजुर्ग सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़े थे। घंटों इंतजार के बाद हृदयाघात से उन्होंने दम तोड़ दिया। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में गढ़ी खानखाना निवासी शाहनवाज ने बताया कि उनके पिता मुख्तार अंसारी (75 वर्ष) सुबह छह बजे ही स्थानीय एजेंसी में लाइन में लग गए थे। तीन घंटे तक खड़े रहने के बाद अचानक वह गश खाकर जमीन पर गिर पड़े। लोग उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वहीं पंजाब के बरनाला में शैहना निवासी भूषण कुमार मित्तल (66 वर्ष) शुक्रवार सुबह आठ सिलेंडर लेने गए थे। दो घंटे इंतजार के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही पलों में उन्होंने दम तोड़ दिया। हृदयाघात से जान जाने की आशंका है।
सरकारी लापरवाही से 40 हज़ार स्टूडेंट्स को कर्ज नहीं मिल रहा
भास्कर के अनुसार इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे बिहार के 40,808 विद्यार्थियों के भविष्य पर ‘प्रशासनिक लापरवाही’ की तलवार लटक गई है। राज्य सरकार के शिक्षा वित्त निगम में पिछले ढाई महीने से प्रबंध निदेशक का पद खाली होने के कारण स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का पैसा कॉलेजों को ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि कॉलेजों ने फीस जमा करने के लिपुत्र 15 दिन की मोहलत दी है। सके बाद छात्रों का नाम काटे जाने का खतरा पैदा हो गया है। निगम से पैसा नहीं मिलने के कारण शैक्षणिक सत्र 2025-26 की फीस अटकी हुई है। कई बड़े संस्थानों ने साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर बकाया राशि नहीं मिली, तो वे छात्रों को कॉलेज से बाहर कर देंगे।
कुछ और सुर्खियां:
- ईमेल से मिली बिहार विधानसभा को बम से उड़ने की धमकी
- जबलपुर कारखाना से एके-47 चोरी कर बेचने के मामले रिटायर्ड फौजी समेत पांच को दस-दस साल की सजा
- डॉलर के मुकाबले 92.30 के नए निचले स्तर पर रुपया
अनछपी: ईरान पर अमेरिका और इसरायल के हमले को 14 दिन बीत गए लेकिन यह समझना मुश्किल ही रहा कि भारत की नीति क्या है? हो सकता है यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की मांग हो लेकिन यह सोचकर हैरत होती है कि जिस इसराइल ने ईरान के सबसे बड़े नेता को मारने और पूरे देश को तबाह करने में अपनी भूमिका निभाई है उसके प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना अच्छा दोस्त बताते हैं और इस हमले से ठीक कुछ दिनों पहले वहां जाकर उसकी तारीफ कर रहे थे। एक तरफ हत्यारे इसरायल की प्रशंसा और दूसरी तरफ ईरान से मदद की उम्मीद रखना कैसे राजनीति और कूटनीति का हिस्सा हो सकती है, इसे समझने में न जाने कितना वक्त लगेगा। यह वैसा ही है जैसे किसी हत्यारे को गले लगाया जाए और उसने जिसकी हत्या की हो उसके शोक में भी पहुंचा जाया जाए। आज की राजनीति और कूटनीति में नैतिकता का कोई स्थान नहीं है, यह तो आसानी से समझा जा सकता है। भारत के एक अधिकारी ने आयतुल्लाह अली ख़ामेनई की हत्या के बाद शोक संदेश तो लिखा लेकिन उसमें इस हत्या की कोई निंदा नहीं की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तक ख़ामेनई की हत्या पर शोक नहीं प्रकट कर सके हैं। जिन दो देशों यानी इसराइल और अमेरिका ने इस हत्या में भूमिका निभाई है, भारत उनकी निंदा नहीं कर सका है। लेकिन जब तेल और गैस वाले अपने जहाजों के लिए रास्ता मांगने की बारी आई तो विदेश मंत्री एस जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के नेताओं से बातचीत की। ऐसा नहीं है कि ईरान भारत की इस भूमिका से अनजान है लेकिन उसके साथ मजबूरी यह है कि वह इस समय इस पर विरोध दर्ज नहीं कर सकता। यह भी हो सकता है की अंदरूनी तौर पर ईरान भारत से इस मामले में मदद की उम्मीद कर रहा हो, इसलिए वह अब तक दोस्ती निभाए जा रहा है। ऐसे में एक सवाल जरूर पूछा जा रहा है कि आखिर भारत जब अमेरिका और इसराइल की अमानवीय सैनिक कार्रवाइयों का विरोध नहीं कर सकता है तो वह विश्व गुरु कैसे बन सकता है।
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