छ्पी-अनछपी: घुसपैठियों को चुन-चुन कर बाहर करेंगे शाह, सूदखोरों पर होगी सख़्ती

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि घुसपैठियों को चुन-चुन कर बाहर करेंगे। बिहार में सूदखोरों से निजात दिलाने के लिए सरकार सख्ती करेगी। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने माना है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता सरमा के भाषणों में विभाजनकारी प्रवृत्ति नजर आती है। 

और, जानिएगा कि अचानक इस्तीफा देकर चर्चा में रहे पूर्व उओ राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दाढ़ी वालों से डर लगने की बात कही।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरे देश को घुसपैठियों से मुक्त करना सिर्फ एक चुनावी वादा नहीं, बल्कि मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प है। एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुन कर देश से बाहर भेजेंगे। सीमांचल से जल्द ही इस अभियान की शुरुआत होगी। उन्होंने दो टूक कहा कि पूरे सीमांचल को घुसपैठिये से मुक्त करने के बाद देशभर से इन्हें बाहर करेंगे। अमित शाह अपने तीन दिवसीय बिहार दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा से सटे अररिया के सिकटी में बॉर्डर आउट पोस्ट लेटी व इंदरवा का उद्घाटन करने के बाद सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों को संबोधित कर रहे थे। गृह मंत्री ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उठाया गया घुसपैठिये का मुद्दा कोई चुनावी वादा नहीं था। लेकिन, बिहार की जनता ने विकास के साथ-साथ घुसपैठ के मुद्दे पर भी अपनी मुहर लगाई थी। लिहाजा अब घुसपैठियों को बाहर निकालने का काम शुरू करना है। केवल मतदाता सूची से नाम हटाना घुसपैठ से मुक्ति नहीं है, बल्कि एक-एक को चिह्नित कर देश से बाहर निकालना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण और घुसपैठ से होने वाला जनसांख्यिकी बदलाव किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल तीनों के लिए बहुत खतरनाक होता है। ये राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी बहुत बड़ी चुनौती हैं। मोदी सरकार इसका स्थायी समाधन करेगी। देश की सीमा के 10 किमी के अंदर के सभी अवैध अतिक्रमण को सबसे पहले हटाया जाएगा।

सूदखोरों से निजात दिलाने के लिए सरकार सख्ती करेगी

बिहार में अब अवैध सूदखोरों पर शिकंजा कसा जायेगा और गुंडों से वसूली पर लगाम लगेगी. प्रभात ख़बर के अनुसार इस संबंध में सरकार ने कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके तहत सूक्ष्म वित्त संस्थाओं (माइक्रो फाइनांस कंपनियों) को बिहार में ऋण देने से पहले राज्य सरकार के वित्त विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. भारतीय रिजर्व बैंक से लाइसेंस लेने के बाद भी राज्य स्तर पर पंजीकरण कराना आवश्यक होगा. इसे लेकर गुरुवार को विधानसभा में बिहार सूक्ष्म वित्त संस्थाएं (धन उधार विनियमन एवं प्रपीड़क कार्रवाई निवारण) विधेयक 2026 प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया. इनके अनुसार सूद की मार से आत्महत्या को मजबूर लोगों व पीड़ितों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए पटना हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से हर जिले में विशेष कोर्ट बनेंगे. इनकी अध्यक्षता प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी करेंगे. कानून का उल्लंघन कर ऋण देने पर तीन वर्ष तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिया जा सकेगा. शुक्रवार को यह विधेयक विधान परिषद में पेश होगा.

असम के हाइकोर्ट ने माना- हिमंता की बातें विभाजनकारी

भास्कर के अनुसार गुवाहाटी हाई कोर्ट ने गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कथित रूप से बार-बार नफरत भरे भाषण देने के आरोप में नोटिस जारी किया। सीजे आशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने सरमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिकाओं के समूह पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। कोर्ट ने सरमा के साथ केंद्र और असम सरकार से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई अप्रैल में होगी। कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने बताया कि 27 जनवरी को सरमा ने एक सार्वजनिक भाषण में कहा कि 4 से 5 लाख मियां मतदाताओं को मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा और हेमंत बिस्वा सरमा और भाजपा सीधेतौर पर मियां समुदाय के खिलाफ हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उद्धृत भाषणों में विभाजनकारी प्रवृत्ति नजर आती है। याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस, असमिया विद्वान हिरन गोहेन और भाकपा (मार्क्सवादी) शामिल हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए उन्हें हाई कोर्ट जाने को कहा था।

सौहार्द कमजोर करने वाला कंटेंट, द केरला स्टोरी 2 की रिलीज पर कोर्ट की रोक

फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2-गोज बियॉन्ड’ की रिलीज पर गुरुवार को केरल हाईकोर्ट ने 13 दिन की अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा, ‘जिस कंटेंट से असहमति या वैमनस्य पैदा होने, कानून-व्यवस्था बिगड़ने या सामाजिक सौहार्द कमजोर होने की आशंका हो, वह अनुच्छेद 19(1) (ए) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में नहीं आ सकता।’ फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होनी थी। जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने फिल्म की रिलीज को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने कहा, लगता है कि फिल्म को प्रमाण पत्र देते समय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने विचार नहीं किया। फिल्म से सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो, इससे जुड़े दिशा निर्देशों का ध्यान नहीं रखा। कानून की अवहेलना के चलते कोर्ट के हस्तक्षेप की जरूरत पैदा हुई।

अफगानिस्तान का दावा- 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे

हिन्दुस्तान की ख़बर है कि अफगानिस्तान ने गुरुवार को पाकिस्तान पर पलटवार किया। साथ ही दावा किया कि उसने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। इनमें 23 के शव बरामद किए गए हैं जबकि कई बंदी बना लिए गए हैं। यह भी दावा किया कि उसने 17 पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना द्वारा बार-बार किए जा रहे उल्लंघनों के जवाब में पाक सैन्य ठिकानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर आक्रामक अभियान शुरू किए गए हैं। 

जगदीप धनखड़ को दाढ़ी वालों से डर लगता है

राजस्थान के शहर चुरु से भास्कर की ख़बर है कि पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का गुरुवार को सादुलपुर पहुंचने पर सांसद राहुल कस्वां के आवास पर कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने स्वागत किया। इस मौके पर धनखड़ ने कहा कि उनका पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां से कई वर्षों पुराना आत्मीय संबंध रहा है। वे पूर्व सांसद कस्वां और कमला कस्वां के स्वास्थ्य की जानकारी लेने विशेष रूप से सादुलपुर पहुंचे हैं। कस्वां हमेशा उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहे हैं, इसलिए उनका हाल-चाल जानने पहुंचा हूं। स्वागत के दौरान एक युवक ने जब गुलदस्ता भेंट किया तो धनखड़ ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुझे दाढ़ी वालों से डर लगता है, जिस पर उपस्थित लोग ठहाके लगाकर हंसने लगे। राजनीतिक गलियारों में अब इस बात के कई तरह के मतलब निकाले जा रहे हैं।

कुछ और सुर्खियां:

  • बिहार में प्राइवेट कॉलेज वग़ैरा की फीस राज्य सरकार तय करेगी
  • बिहार के 595 गांव में एक भी आयुष्मान कार्ड नहीं
  • बुकिंग के 48 घंटे के अंदर एयर टिकट रद्द करने पर अब नहीं लगेगा कोई चार्ज
  • इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 करोड़ फॉलोअर बने, दुनिया के पहले ऐसे नेता, ट्रंप से दो गुना ज्यादा
  • कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज भारत के दौरे पर पहुंचेंगे

अनछपी: पिछले कुछ दिनों से सीमांचल के इलाके में घुसपैठ की चर्चा अखबारों में बहुत ज्यादा हो रही है और इसकी वजह है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उसे इलाके में होने वाला दौरा। अब अमित शाह का ताजा बयान आया है कि घुसपैठियों को चुन चुन कर सीमा के पार भेजा जाएगा। उनके बयान में यह बात भी शामिल है कि डेमोग्राफी चेंज पर भी उनका ध्यान है, यानी वह यह बात घुमा कर कह रहे हैं कि सीमांचल में रहने वाले मुसलमानों में घुसपैठिए शामिल हैं। अमित शाह को इस बात की बहुत चिंता है कि इसकी वजह से देश में रक्षा संबंधी समस्या भी हो सकती है और यह संस्कृति, इतिहास और भूगोल तीनों के लिए बहुत खतरनाक होता है। दरअसल इस तरह की बातें अमित शाह ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी कही थीं और निर्वाचन आयोग ने जो मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया था, यानी एसआईआर, उसमें भी घुसपैठियों की चर्चा थी। यह और बात है कि पूरा एसआईआर हो गया और किसी घुसपैठिए को निकाले जाने की खबर अब तक नहीं आई। एक और दिलचस्प बात यह है कि सीमांचल के जिले तो सीधे किसी विदेशी सीमा से नहीं जुड़े हैं लेकिन उत्तर बिहार के सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण सीधे तौर पर नेपाल के बॉर्डर से जुड़े हैं लेकिन घुसपैठियों को रोकने की बैठक इस इलाके में नहीं हुई है। इसकी वजह यह है कि मौजूदा केंद्र सरकार की नजर में घुसपैठियों केवल मुसलमान होता है, कोई हिन्दू नहीं। सबको पता है कि नेपाल और बिहार के बीच रोटी बेटी का नाता है और यहां की शादियां सीमा के पार होती रहती हैं। अमित शाह के बयानों के बीच यह बात भी ध्यान रखने की है कि इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बेहद कमजोर साबित हुए हैं क्योंकि उन्होंने कभी नहीं यह माना कि बिहार में घुसपैठ है लेकिन अब वह खुद इतने लाचार हैं कि कुछ बोल नहीं पा रहे और जो उनके नेता हैं, उनका झुकाव भी भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के करीब है इसलिए इस पर डबल इंजन की सरकार चल रहे जनता दल यूनाइटेड की तरफ से कोई आपत्ति नहीं की जा रही है। बहरहाल अमित शाह को अब बयान देने के बजाय एक्शन में दिखना चाहिए और उनसे यह उम्मीद की जानी चाहिए की जो काम वह 2014 के बाद से चल रही मोदी सरकार के दौरान नहीं कर सके, अब शायद अगले कुछ वर्षों में कर लें। 

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