छपी-अनछपी: वक़्फ़ बिल का विरोध सदन से सड़क तक, राहुल बोले, “मुझे बोलने नहीं देते”

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। वक़्फ़ संशोधन बिल के खिलाफ एक तरफ जहां बिहार विधानसभा में प्रदर्शन किया गया वहीं पटना के गर्दनीबाग में महाधरना दिया गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि लोकसभा अध्यक्ष उन्हें बोलने नहीं दे रहे। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ महादेव ऐप घोटाले में सीबीआई ने छापा मारा है। हाई कोर्ट जज के रेप संबंधी टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट ने अमानवीय बताया है।

और, जानिएगा कि घूमने के लिए दुनिया का दूसरा सबसे सुरक्षित देश यूएई है तो पहले देश कौन है?

भास्कर के अनुसार ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना फजलुर रहीम मुजद्दीदी ने कहा कि केंद्र सरकार को समर्थन दे रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान समेत सभी धर्म निरपेक्ष दल वक़्फ़ संशोधन विधेयक का विरोध करें। यह मुसलमान की भावना से जुड़ा मामला है। केंद्र सरकार को सहयोग करने वाली पार्टियां इस बिल का समर्थन करती हैं तो हमारा समर्थन उन दलों को नहीं होगा। उन्होंने नीतीश कुमार से कहा आपको कुछ मुस्लिम नेता और बुद्धिजीवी गुमराह कर रहे हैं। इस विधेयक को अपने स्तर से देखें। बुधवार को संशोधन विधेयक के खिलाफ गर्दनीबाग में आयोजित धरने में उन्होंने कहा, रमजान का आखिरी जुमा 28 मार्च को है। उस दिन काली पट्टी पहनकर इसका विरोध करें। जमात इस्लामी हिंद के अमीर सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा जो राजनीतिक दल इस विधेयक का समर्थन करेगा वह धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा, आप अपने एमपी एमएलए से पूछें कि उनकी मंशा क्या है। उन्हें जवाबदेह बनाएं। बोर्ड के प्रवक्ता कासिम रसूल इलियास ने कहा, केंद्र सरकार हमारे धैर्य की परीक्षा ना ले। इमारत शरिया के अमीर फैसल रहमानी ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा वक़्फ़ संपत्ति पर कब्जा करना है या दूसरे को कब्जा कराने के लिए रास्ता बनाना है।

लालू, तेजस्वी और पीके भी पहुंचे धरना में

धरना में शामिल राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ वक़्फ़ संशोधन विधायक लाया गया है। उसकी वापसी के लिए आपके साथ खड़े हैं और खड़े रहेंगे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि यह कानूनसम्मत नहीं है। जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर भी इस धरने में पहुंचे। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने भी इस विधेयक का विरोध किया और धरना दे रहे लोगों के लिए अपने समर्थन का ऐलान किया।

विधानसभा में वक़्फ़ संशोधन बिल का भारी विरोध

एकजुट विपक्ष ने वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ विधानसभा में भारी हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि वक़्फ़ संशोधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जवाब दें। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू की जाए। वेल में जमे सदस्यों ने कुर्सी उठा ली। रिपोर्टर्स टेबल उलटने की कोशिश की। विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने सदस्यों को शांत करने का हर संभव प्रयास किया। कार्यवाही शुरू होते ही राजद, कांग्रेस, भाकपा माले आदि विपक्षी दलों के सदस्यों ने वक़्फ़ संशोधन बिल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसे वापस लेने की मांग की। सब बारी-बारी से वेल में आ गए। सभी अपने हाथों में नारे लिखी तख्तियां भी लिए थे।

राहुल बोले, “मुझे बोलने नहीं दे रहे”

प्रभात खबर के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से कहा कि वह नियमों और सदन की मर्यादा के अनुरूप आचरण करें जिसको लेकर कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सदन को अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है और उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा। राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, “लोकसभा अध्यक्ष ने मेरे बारे में कुछ बोला। जब मैं खड़ा हुआ तो वह उठकर चले गए और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। जब भी मैं सदन में बोलने के लिए खड़ा होता हूं तो बोलते नहीं दिया जाता जबकि यह परंपरा रही है कि नेता प्रतिपक्ष खड़ा हो तो उसे बोलने दिया जाए। मैंने कुछ नहीं किया है। मैं तो शांति से बैठा था।” इस बीच लोकसभा के उप नेता गौरव गोगोई पार्टी, महासचिव केसी वेणुगोपाल और लोकसभा में पार्टी के सचेतक मणिकम टैगोर सहित कांग्रेस के करीब 70 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और राहुल को सदन में बोलने का मौका न दिए जाने का मुद्दा उठाया।

भूपेश बघेल के घर पर सीबीआई का छापा

भास्कर के अनुसार 6000 करोड़ के महादेव सट्टेबाजी अप घोटाले में सीबीआई ने बुधवार को पहली बड़ी कार्रवाई की। छत्तीसगढ़, भोपाल, दिल्ली और कोलकाता के साथ ठिकानों पर छापे मारे। रायपुर,भिलाई में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दो ओएसडी मनीष बंछोर व आशीष वर्मा, बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया के यहां पहुंची। उधर भूपेश बघेल ने सीबीआई की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। उन्होंने कहा, सब भाजपा सरकार की सोची समझी साजिश है, मैं डरने वाला नहीं हूं।

रेप के बारे में जज का बयान अमानवीय: सुप्रीम कोर्ट

जागरण के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के बारे में इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले में की गई टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें संवेदनशील व अमानवीय करार दिया है और उन पर रोक लगा दी है। मामले पर स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहे सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और हाई कोर्ट में पक्षकार आरोपियों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 15 अप्रैल तय करते हुए अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सुनवाई में मदद करने का आग्रह किया है।

घूमने के लिए यूएई दूसरा सबसे सुरक्षित देश

हिन्दुस्तान के अनुसार नई जगह पर अनजाने लोगों के बीच सुरक्षा सबसे अहम है। ऐसे में यूरोपीय देश एंडोरा में बेफिक्र होकर घूमा जा सकता है क्योंकि यह दुनिया में सबसे सुरक्षित जगह है। क्राउडसोर्स डाटा प्लेटफॉर्म नंबियो ने दुनिया के सबसे सुरक्षित और असुरक्षित 146 देशों की सूची जारी की है। इसमें भारत 66वें पायदान पर है। भारत को अमेरिका और ब्रिटेन से ज्यादा सुरक्षित माना गया है। यूएई दूसरे और कतर तीसरे स्थान पर है जबकि ताइवान का चौथा और ओमान का पांचवा स्थान है। इसके अलावा खाड़ी देश, पूर्वी एशिया के देशों ने भी सुरक्षा के लिहाज से बेहतर रैंक अर्जित की।

कुछ और सुर्खियां:

  • यूपीआई से भुगतान सेवा डेढ़ घंटे तक बाधित रही
  • नोट मिलने के मामले से चर्चित जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर घटनास्थल को सील किया गया
  • पटना सिटी स्थित तख्तश्री हरिमंदिर की प्रबंधक कमेटी का बजट 47 करोड़
  • घूस लेने में गिरफ्तार एनएचएआई के जीएम सस्पेंड किए गए
  • आज से 29 मार्च तक हड़ताल पर रहेंगे बिहार के डॉक्टर
  • समाजवादी पार्टी के सांसद सुमन के घर पर करणी सेवा का हमला

अनछपी: यूएससीआईआरएफ यानी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के अमेरिकी आयोग की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते भेदभाव और हमलों से धार्मिक स्वतंत्रता की स्थितियां और बुरी हुई हैं। यह अमेरिका के संघीय सरकार का आयोग है। इस आयोग ने अमेरिकी सरकार से सिफारिश की है कि विकास यादव और ‘रॉ’ जैसे व्यक्तियों और संस्थानों पर प्रतिबंध लगाए क्योंकि यह स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन के दोषी हैं। इसके साथ ही आयोग ने सिफारिश की है कि भारत को विशेष चिंता वाला देश घोषित कर देना चाहिए। इसमें आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा द्वारा बीते वर्ष लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ घृणित बयानबाजी के साथ गलत सूचनाएं दी गईं। इस आयोग की रिपोर्ट हर साल आती है और अक्सर भारत में अल्पसंख्यकों की खराब स्थिति का जिक्र होता है और हर बार की तरह इस बार भी भारत सरकार ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि आयोग की रिपोर्ट में क्या कहा गया इसकी खबर तो कम दी गई या नहीं दी गई लेकिन भारत के विरोध की खबर जरूर अच्छे से प्रकाशित हुई है। भारत की ओर से कहा गया कि यूएससीआईआरएफ को ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय घोषित किए जाने की जरूरत है। विदेश मंत्रालय कोविड-19 से दिल्ली दंगे और नागरिक संशोधन विधेयक (सीएए) और धार्मिक स्वतंत्रता तक इसकी रिपोर्ट खारिज कर चुका है। विदेश मंत्रालय के लिए ऐसी रिपोर्ट को खारिज करना रूटीन सी बात है लेकिन सरकार के लिए शायद बेहतर यह होता कि वह भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति को बेहतर करने की कोशिश करती। भारत सरकार और भारतीय समाज को भी यह सोचने की जरूरत है कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हेट स्पीच देने का आरोप क्यों लगता है। यह आरोप केवल अमेरिकी आयोग द्वारा नहीं लगाया गया बल्कि भारत के अंदर भी व्यापक पैमाने पर लग चुका है। एक ओर मीडिया में जहां अमेरिकी आयोग की खबर या तो नहीं छपी या अंडरप्ले की गई वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति के उस बयान को काफी अच्छी कवरेज मिली है जिसमें उन्होंने भारत की चुनाव प्रणाली की तारीफ की है। दूसरी ओर भारत के चुनाव आयोग की विपक्ष आलोचना करता है और ईवीएम से मतदान को भी सवालों के घेरे में खड़ा करता है। भारत में अमेरिका का उदाहरण दिया जाता है की कैसे वहां बैलट पेपर पर चुनाव होता है लेकिन अमेरिका से भारत का उदाहरण सामने आया है। एक ही देश से आई दो खबरों को कैसे हाइलाइट और अंडरप्ले किया जाता है यह इसका बेहतरीन उदाहरण है।

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