छ्पी-अनछपी: एनडीए में सीटों पर रूठा-रूठी, महागठबंधन में सिंबल बंटवारा

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। सीट शेयरिंग फार्मूला के बाद एनडीए में घमासान मचा हुआ है। महागठबंधन में अभी सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है लेकिन घटक दलों ने सिंबल बांटना शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को रघुनाथपुर से आरजेडी का टिकट मिला है। जैसलमेर में बस में आग लगी- 20 लोग जिंदा जले।

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हालांकि एनडीए में सीट शेयरिंग फार्मूला तय हो गया है और सभी पार्टियों को सीटों की संख्या बता दी गई है लेकिन अब वहां रूठा-रूठी का दौर चल रहा है। यहां तक कि नीतीश कुमार काफी गुस्से में बताये जा रहे हैं।  एनडीए के दो घटक दल के नेता जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा साफ तौर पर नाराज देखी जा सकते हैं। कम से कम नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी के गुस्से की वजह चिराग पासवान को मिली सीटों की संख्या और विधानसभा क्षेत्र हैं। जदयूू में यह राय पायी जा रही है कि भाजपा ने इकतरफा तौर पर विधानसभा क्षेत्र चिराग पासवान को दिये हैं।

भाजपा की पहली लिस्ट में 71 उम्मीदवार, 19 के टिकट कटे

प्रभात खबर ने लिखा है कि विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 71 विधानसभा सीटों के लिए पहली सूची मंगलवार को जारी कर दी। पार्टी ने वरिष्ठ नेता और विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव, मंत्री मोतीलाल व पूर्व मंत्री रामप्रीत पासवान समेत 11 विधायकों का टिकट काट दिया है, जबकि कुल 19 सीटों पर नये उम्मीदवार उतारे हैं। करीब 15 साल से सरकार में मंत्री रहे मंगल पांडेय को पहली बार विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया गया है। उन्हें सीवान सदर की सीट से पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया गया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुंगेर जिले की तारापुर की सीट से भाजपा के उम्मीदवार होंगे। वह एक बार 2010 में खगड़िया जिले की परबत्ता सीट से विधायक चुने गये थे। वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा अपनी पारंपरिक सीट लखीसराय से फिर भाग्य आजमायेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव दानापुर से उम्मीदवार होंगे। दरभंगा जिले की गौड़ाबौराम से विधायक स्वर्णा सिंह की जगह उनके पति सुजीत कुमार को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तर्किशोर प्रसाद कटिहार और रेणु देवी बेतिया से इस बार भी टिकट पाने में सफल रही हैं।

महागठबंधन में सीट बंटवारा नहीं, लेकिन सिंबल बंट रहे

महागठबंधन में सीट साझेदारी पर मंगलवार की देर शाम तक अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। दिल्ली से बिहार के कांग्रेस नेताओं के लौटने के बाद बुधवार को सीट साझेदारी की घोषणा हो सकती है। इधर भले ही महागठबंधन में सीटों का बंटवारा नहीं हुआ हो लेकिन सभी घटक दल सिंबल बांटने में जुट गए हैं। मंगलवार की देर शाम तक राजद ने सीट साझेदारी में फंसी दो-तीन सीटों को छोड़कर सभी सीटों पर अपने तय उम्मीदवारों को सिंबल जारी कर दिये हैं, हालांकि पार्टी ने अभी तक यह औपचारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया है कि किन सीटों पर सीट साझेदारी नहीं हो सकी है। सूत्रों के मुताबिक दूसरे चरण के लिए भी सिंबल बांटने की कवायद शुरू कर दी है। मंगलवार को चयनित उम्मीदवारों को बुलाकर सिंबल दिये गये हैं। यह कवायद देर रात तक जारी रही। सूत्रों के अनुसार राजद ने 50 से अधिक अपने सिटिंग विधायकों को सिंबल जारी कर दिये हैं। जिन लोगों को सिंबल जारी किया गया है, उनको सोशल मीडिया से दूर रहने के लिए कहा गया है।

भाकपा माले ने सूची जारी करने के बाद वापस ली

हिन्दुस्तान के अनुसार महागठबंधन में सीटों के बंटवारे में देर होता देख भाकपा (माले) ने मंगलवार अपराह्न 18 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए। हालांकि, कुछ ही देर बाद पार्टी ने सूची वापस भी ले ली और इसे साझा प्रेस कांफ्रेंस में जारी करने की बात कही। भाकपा माले के छह उम्मीदवारों ने मंगलवार को नामांकन भी दाखिल कर दिया। इनमें पालीगंज से संदीप सौरभ, अरवल से महानंद सिंह, आरा से कयामुद्दीन अंसारी, दरौली से सत्यदेव राम, जीरादेई से अमरजीत कुशवाहा और दरौंदा से अमरनाथ यादव शामिल रहे।

चुनाव बुलेटिन

  • पहले चरण के लिए 175 उम्मीदवारों से अधिक ने किया नामांकन, जेडीयू से बिजेंद्र प्रसाद यादव और उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल
  • भाजपा में पटना से नंदकिशोर यादव और अरुण सिंह का पत्ता कटा, कुल 11 विधायकों को नहीं दिया गया टिकट
  • पाटलिपुत्र के पूर्व सांसद रामकृपाल यादव को दानापुर से बनाया गया भाजपा का उम्मीदवार
  • उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भागलपुर के तारापुर से होंगे भाजपा के उम्मीदवार
  • स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे सिवान से होंगे भाजपा के उम्मीदवार
  • बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह ने मोकामा से जदयू के टिकट पर भरा नामांकन का पर्चा
  • जीतन राम मांझी ने अपनी समधिन और बहू समेत 6 लोगों को टिकट दिए
  • भाजपा नेता अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित चौबे भागलपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे
  • वोटिंग के दिन से 5 दिन पहले मिलेगी मतदाता पर्ची

जैसलमेर में बस में आग लगी- 20 लोग जिंदा जले

भास्कर के अनुसार जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर चलती एसी स्लीपर बस में आग लग गई। बस में 40 यात्री सवार थे। 20 जिंदा जल गए। 16 झुलस गए। 4 ने कूदकर जान बचाई। बस जैसलमेर से दोपहर 3:15 बजे जोधपुर के लिए निकली थी। 12 किमी दूर थईयात गांव के पास पिछले हिस्से में आग लगी। बस रुकती, उससे पहले ही यात्री कूदने लगे। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि आग के बाद गेट लॉक हो गया। अंदर लोग जलते रहे और बाहर लोग बेबस खड़े रहे। बस में पटाखे लोड थे, जिससे आग तेजी से फैली। से प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल पहुंचे 16 लोग 70% झुलस चुके थे। जब तक आग पर काबू पाया गया तो बस का ऊपरी हिस्सा खाक हो चुका था। सीटों में सिर्फ लोहा बचा था। प्रथमदृष्टया एसी में शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है। घटनास्थल के पास ही मिलिट्री स्टेशन है। लपटें देखकर जवान पहुंचे और यात्रियों को अस्पताल भेजा गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है।

15 अरब डॉलर से भारत का सबसे बड़ा हब बनाएगा गूगल

जागरण के अनुसार गूगल अगले पांच सालों के दौरान भारत में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) हब स्थापित करने के लिए 15 अरब डालर का निवेश करेगा। इस निवेश में अदाणी समूह के साथ साझेदारी में देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर बनाना भी शामिल है। यह एआई हब आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बनाया जाएगा। इसमें एक गीगावाट का डेटा सेंटर परिसर, बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत और एक फाइबर आप्टिक नेटवर्क शामिल होगा। औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए गूगल क्लाउड के सीईओ थामस कुरियन ने कहा, “यह अमेरिका के बाहर दुनिया में कहीं भी हमारा सबसे बड़ा एआई हब होगा, जिसमें हम निवेश करने जा रहे हैं।” यह घोषणा गूगल द्वारा आयोजित भारत एआइ शक्ति कार्यक्रम के दौरान की गई।

कुछ और सुर्खियां:

  • दिल्ली से पटना का हवाई किराया ₹31000 रुपए के पार
  • राजगढ़ थाने में तैनात दारोगा गुमला निवासी सुमन तिर्की ने की खुदकुशी
  • सीवान की दरौली विधानसभा क्षेत्र से नामांकन का पर्चा भरने गए भाकपा-माले के प्रत्याशी सत्यदेव राम को हिरासत में लिया गया
  • हिंद महासागर के द्विपीय देश मेडागास्कर में तख्ता पलट के बाद सेना ने सत्ता की बागडोर अपने हाथों में ली
  • महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 6 करोड़ के इनामी नक्सली भूपति ने 60 दूसरे नक्सलियों के साथ सरेंडर किया

अनछपी: एनडीए ने वैसे तो बिहार चुनाव के लिए सीट शेयरिंग फार्मूला घोषित कर यह जताने की कोशिश की है कि इस मामले में उसने बाज़ी मार ली है लेकिन जिस तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा नाराज बताए जा रहे हैं वह एनडीए में वोट ट्रांसफर में एक बड़ी समस्या पैदा कर सकता है। खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चिराग पासवान को दी गई कुछ सीटों को लेकर काफी नाराज हैं। उधर उपेंद्र कुशवाहा ने तो साफ तौर पर अपने कार्यकर्ताओं से कह दिया कि एनडीए के दूसरे घटक दलों के उम्मीदवारों के नामांकन समझ में वह न जाएं। इसी तरह जीतन राम मांझी ने चिराग पासवान को मिला दो सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की बात कही है। जाहिर इन सब का असर वोट ट्रांसफर पर पड़ेगा और जब ऐसा होगा तो यह इकतरफ़ा नहीं होगा बल्कि उनके उम्मीदवारों को भी चिराग पासवान के समर्थकों का वोट ट्रांसफर नहीं हो पाएगा। आमतौर पर एनडीए के बारे में यह दावा किया जाता है कि इसके घटक दल के नेता अपनी अपनी जाति के और अपने दूसरे समर्थकों के वोट साझा उम्मीदवारों को ट्रांसफर करने में कामयाब होते हैं। लेकिन इस बार जिस तरह उठा पटक और रूठा-रूठी का दौर चल रहा है उससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा बताया जा रहा है। इस वजह से यह शक पैदा हो गया है कि जहां दूसरे घटक दल का नेता उम्मीदवार बनेगा वहां एनडीए के कार्यकर्ता और समर्थक उसके साथ खड़े होंगे या नहीं। इस बात को समझने के लिए राजनीतिक विश्लेषक 2024 के लोकसभा चुनाव में काराकाट सीट से उपेंद्र कुशवाहा की हार का उदाहरण दे रहे हैं। करकट सीट से उपेंद्र कुशवाहा एनडीए के उम्मीदवार थे लेकिन भोजपुरी गायक पवन सिंह के वहां से निर्दलीय उम्मीदवार बनने के बाद वोट ट्रांसफर जबरदस्त तरीके से प्रभावित हुआ था। इसीलिए इस बार भारतीय जनता पार्टी ने पवन सिंह को मनाने की पूरी कोशिश की और ऐसा लगता है कि वह इसमें कामयाब भी है। काराकर सीट की कहानी यह है कि पवन सिंह के निर्दलीय उम्मीदवार खड़े होने से जहां राजपूत वोट उपेंद्र कुशवाहा को ट्रांसफर नहीं हो सके वहीं उपेंद्र कुशवाहा के समर्थकों ने आसपास की सीटों पर अपना वोट एनडीए को न देकर इंडिया/महागठबंधन के उम्मीदवारों को ट्रांसफर कर दिया। यही वजह है कि माना गया कि शाहाबाद में एनडीए को हार मिली और यहां तक कि आरा सीट से पूर्व मंत्री व केंद्र में पूर्व गृह सचिव आरके सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव हार गए।

 

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